सब्जियों का निर्यात बिजनेस कैसे शुरू करें। 7 Steps to Start Vegetable Export Business In India.

वैसे कुछ सब्जियाँ जल्दी ख़राब होने वाली होती हैं तो क्या ऐसे में Vegetable Export करना सुरक्षित है जी हाँ यह बिलकुल सुरक्षित हो सकता है यदि इन्हें इनके अनुकूल वाहनों जिनमें तापमान को मेन्टेन करने की सुविधा उपलब्ध हो उनके माध्यम से परिवहन किया जाय। विदेशी बाज़ारों में फ्रोजेन सब्जियों, आचार, मशरूम इत्यादि की मांग लगातार बढती जा रही है यही कारण है की इन दिनों वैश्विक स्तर पर सब्जियों का व्यापार सबसे तेज और आकर्षक उद्योगों में से एक माना जाता है। सब्जियों की वैश्विक बाजार में उच्च माँग के कारण निर्यात में बड़े निवेश के अवसर की गुंजाइश है।

एक आंकड़े के मुताबिक भारत को भिन्डी और अदरक का सबसे बड़ा उत्पादक देश माना जाता है जबकि बैंगन, गोभी, प्याज, आलू, फूलगोभी, इत्यादि के उत्पादन में भारत दूसरे स्थान पर खड़ा है। इसलिए भारत में Vegetable Export Business शुरू करना किसी भी इच्छुक उद्यमी के लिए लाभकारी हो सकता है। सब्जियों के उत्पादन के लिए भारत की जलवायु काफी उपयुक्त मानी जाती है और भौगौलिक रूप से भारत जापान, मलेशिया, कोरिया, मध्य पूर्व जैसे देशों में सब्जियों का निर्यात आसानी से कर सकता है । हालांकि इसमें कोई दो राय नहीं की Vegetable Export बिजनेस करने वाले प्रमोटर को विदेशी बाज़ारों और उनकी माँग की  पर्याप्त मात्रा में जानकारी होनी चाहिए।

यदि आप किसी ऐसे क्षेत्र में निवास करते हैं जहाँ पर फल सब्जी इत्यादि अच्छी मात्रा में पैदा होते हैं तो आप इन्हें निर्यात करने के व्यवसाय को शुरू करने के बारे में विचार कर सकते हैं। इस लेख में आगे हम इसी विषय पर बात करने वाले हैं की कैसे कोई इच्छुक व्यक्ति खुद का सब्जियों को निर्यात करने का व्यवसाय शुरू कर सकता है। लेकिन उससे पहले जान लेते हैं की इस तरह का यह व्यवसाय होता क्या है।

Steps to start Vegetable export Business

विषय वस्तु

सब्जियों का निर्यात क्या है (What is Vegetable Export in Hindi):

भारत सब्जियों के उत्पादन में विश्व में अग्रणी स्थान रखता है और सब्जियों की मांग पूरे वैश्विक बाजार में निरंतर बनी रहती है। इसी मांग को ध्यान में रखकर जब किसी उद्यमी द्वारा सब्जी के उत्पादकों से सब्जी खरीदकर उसे वैधानिक तौर पर बाहरी देशों के बाज़ारों की ओर निर्यात किया जाता है तो इस तरह का यह व्यापार Vegetable Export Business कहलाता है। हालांकि समय, परिस्थिति, उत्पादन के आधार पर सरकार इस बात का निर्णय लेती रहती है की कौन सी सब्जी बाहरी देशों को निर्यात की जा सकती है और कौन सी नहीं। क्योंकि सरकार की पहली प्राथमिकता घरेलू बाजार में उपलब्ध माँग की आपूर्ति करना होता है।

फल सब्जियों के निर्यात में संभावनाएं

भारत की जलवायु विविधता से परिपूर्ण है यही कारण है की यह ताजे फल और सब्जियों की लगभग सभी किस्मों की उपलब्धता को सुनिश्चित करती है। भारत फलों और सब्जी के उत्पादन में दुनिया में चीन के बाद दुसरे स्थान पर है। राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड के द्वारा प्रकाशित एक डाटा के अनुसार वित्त वर्ष 2015-16 के दौरान हमारे देश भारत में 90.2 मिलियन मीट्रिक टन फलों और 169.1 मिलियन मीट्रिक टन सब्जियों का उत्पादन हुआ था। फलों को लगभग 6.3 मिलियन हेक्टेयर क्षेत्रफल में उगाया गया था जबकि सब्जियों को 10.1 मिलियन हेक्टेयर क्षेत्रफल में उगाया गया था।

भारत में Vegetable Export शुरू करना इसलिए भी फायदेमंद हो सकता है क्योंकि भले ही भारत का स्थान फलों और सब्जी के उत्पादन में दूसरा हो लेकिन कुछ ऐसी सब्जियाँ जैसे अदरक और भिन्डी के उत्पादन में भारत का प्रथम स्थान है इसके अलावा केले, पपीते, आम इत्यादि के उत्पादन में भी भारत पहले स्थान पर है। फलों और सब्जी का विशाल उत्पादन भारत को निर्यात के लिए बेहतरीन अवसर प्रदान करता है एक आंकड़े मुताबिक वर्ष 2019-20 में भारत ने 9182.88 करोड़ रुपयों का फल और सब्जियों का निर्यात किया।

इसमें 4832.81 करोड़ रूपये फलों और 4350.13 करोड़ रूपये सब्जियों का निर्यात हुआ था देश से निर्यात किये गए फलों में प्रमुख तौर पर अंगूर, अनार, आम, केले, संतरे इत्यादि थे और सब्जियों में प्याज, मिश्रित सब्जियाँ, आलू, टमाटर और हरी मिर्च इत्यादि थी। भारत ने प्रमुख तौर पर Vegetable Export बांग्लादेश, यूएई, नीदरलैंड, नेपाल, मलेशिया, यूके, श्रीलंका, ओमान और कतर  इत्यादि देशों को किया था। भारत में अत्याधुनिक कोल्ड चेन इंफ्रास्ट्रक्चर, गुणवत्ता आश्वासन और समवर्ती विकास के कारण फलों और सब्जियों की स्वीकृति वैश्विक बाज़ारों में बढ़ रही है।

सब्जियों और फलों का निर्यात बिजनेस कैसे शुरू करें ( How to Start Vegetable Export Business)

सब्जियों और फलों का निर्यात बिजनेस शुरू करने के लिए उद्यमी को सर्वप्रथम एक ऐसा स्थान चुनने की आवश्यकता होती है जिस क्षेत्र में सब्जियों की पैदावार अधिक होती हो। क्योंकि यदि उद्यमी ऐसे क्षेत्र से Vegetable Export Business शुरू करेगा जिस क्षेत्र में सब्जियों और फलों का उत्पादन अधिक होता हो तो वह सीधे किसानों से सब्जियों और फलों को खरीद सकता है। हालांकि फलों और सब्जियों को निर्यात करने में काफी जटिलताएँ होती हैं क्योंकि यदि इन्हें इनके अनुकूल वातावरण नहीं मिला तो ये खराब हो सकती हैं बहुत सारे फल एवं सब्जियाँ ऐसी होती हैं जिन्हें यदि उचित तापमान के माध्यम से ट्रांसपोर्ट नहीं किया गया तो वे रास्ते में ही ख़राब हो सकते हैं।

हालांकि भारत में कोल्ड चेन इंफ्रास्ट्रक्चर के बढ़ने के कारण अब इनके ख़राब होने का डर कम हो गया है। तो आइये जानते हैं की कैसे कोई इच्छुक उद्यमी खुद का सब्जियों और फलों का निर्यात बिजनेस शुरू कर सकता है।

1. स्थानीय क्षेत्र में रिसर्च करें

Vegetable Export Business शुरू करने वाले उद्यमी को सर्वप्रथम जिस क्षेत्र में वह इस तरह का यह बिजनेस शुरू करना चाहता है वहां पर विभिन्न बातों को लेकर रिसर्च करनी चाहिए। लेकिन जो सबसे बड़ी बात पर विश्लेषण करने की आवश्यकता होती है वह यह है की उस क्षेत्र विशेष में सब्जियों और फलों का कितना उत्पादन होता है। दूसरी सबसे महत्वपूर्ण बात यह है की जहाँ से वह इस तरह का यह व्यवसाय शुरू करना चाहता है वहां से बन्दरगाह या एअरपोर्ट की दूरी क्या है?

क्योंकि बाहरी देशों के बाजार में सब्जियाँ और फल भेजने के लिए उद्यमी को सबसे पहले अपने उत्पादों को बंदरगाह या एअरपोर्ट पर भेजना होगा, यदि इनकी दूरी अधिक हो तो इन्हें परिवहन करने में बहुत अधिक खर्चा आएगा, जिससे उद्यमी को प्रतिस्पर्धा मूल्य पर सब्जियाँ और फल बेचना मुश्किल हो सकता है। इसके अलावा उस क्षेत्र में फ्रेट फारवर्डर की उपलब्धता, कोल्ड चेन की उपलब्धता इत्यादि बातों पर भी रिसर्च करना जरुरी हो जाता है।     

2. सप्लायर का चयन करें (Choose supplier for Vegetable Export)

यदि जिस क्षेत्र में उद्यमी खुद का Vegetable Export Business करने की सोच रहा है वहां पर सब्जियों का उत्पादन अच्छा है तो उद्यमी को सप्लायर मिलने में कोई परेशानी नहीं होगी। यहाँ तक की उद्यमी चाहे तो सीधे किसानों या सब्जियों के उत्पादकों से भी सब्जियाँ खरीद सकता है। लेकिन इसके बावजूद भी उद्यमी को एक या एक से अधिक विश्वसनीय सप्लायर का चुनाव करना होता है जो नियमित तौर पर उद्यमी को सब्जियों और फलों की आपूर्ति कर सकें। चूँकि हमारा देश भारत में सब्जियों और फलों के उत्पादन में दूसरा सबसे बड़ा देश है इसलिए इस तरह के सप्लायर मिलने में कोई दिक्कत नहीं होती हैं भारत के हर क्षेत्र में इनके सप्लायर आसानी से मिल जाते हैं। स्थानीय सब्जी मंडी भी सप्लायर इत्यादि ढूँढने का एक अच्छा स्थान हो सकता है।     

3. कोल्ड स्टोरेज, गोदाम और ऑफिस का निर्माण करें

जैसा की हम पहले भी बता चुके हैं की अनेकों सब्जियाँ और फल ऐसे होते हैं जो बड़ी जल्दी ख़राब हो जाते हैं यहाँ तक की कुछ तो ट्रांसपोर्ट के दौरान भी ख़राब हो सकते हैं इसलिए इनको ट्रांसपोर्ट करने के लिए भी विशेष वाहनों जिनमें ठण्ड को मेन्टेन किया जा सके की आवश्यकता हो सकती है। इसके अलावा कभी कभी Vegetable Export करने वाले उद्यमी को सब्जियों और फलों को स्टोर करने की भी आवश्यकता हो सकती है। इसके लिए उद्यमी को कोल्ड स्टोरेज स्थापित करना होगा जहाँ वह इन्हें स्टोर करके रख सके और आर्डर मिलने पर विदेशों बाज़ारों में भेज सके। इसके अलावा विभिन्न कार्यों को निष्पादित करने के लिए उद्यमी को खुद का ऑफिस भी स्थापित करने की आवश्यकता होगी जहाँ से वह सभी लेखांकन इत्यादि के कार्यों को पूर्ण कर सके।   

4. आवश्यक लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन प्राप्त करें

Vegetable Export Business शुरू करने के लिए उद्यमी को निम्नलिखित लाइसेंस और पंजीकरण की आवश्यकता हो सकती है।

  • शुरूआती दौर में उद्यमी अपने व्यवसाय क प्रोप्राइटरशिप या वन पर्सन कंपनी के तौर पर रजिस्टर कर सकता है। और बाद में जब टर्नओवर इत्यादि बढ़ जाए तो इसको प्राइवेट लिमिटेड कंपनी में बदल सकता है।
  • जीएसटी रजिस्ट्रेशन के साथ साथ पैन और व्यवसाय के नाम से बैंक में चालू खाता।
  • स्थानीय प्राधिकरण से ट्रेड या शॉप्स एंड एस्टाब्लिश्मेंट रजिस्ट्रेशन ।
  • सबसे महत्वपूर्ण इस व्यवसाय में इम्पोर्ट एक्सपोर्ट कोड रजिस्ट्रेशन होता है। जिसकी जानकारी  उद्यमी डायरेक्टरेट जनरल ऑफ़ फॉरेन ट्रेड की अधिकारिक वेबसाइट से ले सकता है। क्योंकि इसी रजिस्ट्रेशन के बाद उद्यमी आयात निर्यात करने के लिए पात्र माना जाता है।
  • सरकारी योजनाओं का फायदा लेने और अपने व्यवसाय को एमएसएमई के तौर पर रजिस्टर करने के लिए उद्यमी उद्यम रजिस्ट्रेशन भी कर सकता है।
  • व्यवसाय को पहचान दिलाने के लिए खुद का ब्रांड और इसकी सुरक्षा के लिए ट्रेडमार्क रजिस्ट्रेशन की आवश्यकता हो सकती है।     

5. ग्राहकों को ढूंढें (Find Customer for your vegetable)

Vegetable Export व्यवसाय के लिए भी ग्राहकों को ढूंढना सबसे महत्वपूर्ण चरणों में से एक है। अब सवाल यह उठता है की कोई भारत में बैठकर बाहरी देशों में ग्राहक कैसे ढूंढ सकता है। इसके लिए उद्यमी को सबसे पहले उन देशों की लिस्ट तैयार करनी होगी जो भारत से सबसे अधिक मात्रा में सब्जियाँ और फल खरीदते हैं। जब उद्यमी इस बात का पता करने में सक्षम हो जाता है की भारत से सब्जियों का निर्यात किन किन देशों को किया जाता है तो उसके बाद वह उन देशों में अपने ग्राहक ढूँढने की कोशिश कर सकता है। आज इन्टरनेट ने पूरी दुनिया की दूरियाँ ख़त्म कर दी हैं इसलिए बाहर देशों में ग्राहक ढूँढने के लिए उद्यमी इन्टरनेट की मदद ले सकता है। इसके अलावा उद्यमी को उन देशों में अपने प्रतिद्वन्दी और उनकी कीमतों का भी पता लगाने की आवश्यकता होती है।      

6. विदेशी बाज़ारों में अपने एजेंट, डिस्ट्रीब्यूटर, डीलर नियुक्त करें (Appoint Distributors for Vegetable Export)

Vegetable Export Business को सफल बनाने के लिए और प्रक्रिया को बेहद आसान बनाने के लिए उद्यमी चाहे तो विदेशी बाज़ारों में अपने एजेंट, डीलर, डिस्ट्रीब्यूटर इत्यादि नियुक्त कर सकता है। उद्यमी इन्हें कमीशन ऑफर कर सकता है एक विश्वसनीय एजेंट या डीलर नियुक्त करने के लिए उद्यमी उन देशों के कंसलटेंट या फिर चैम्बर ऑफ़ कॉमर्स की भी मदद ले सकता है।   

7. पैकिंग और शिपिंग कंपनी से टाई अप करें

जब उद्यमी बाहरी देशों की ओर Vegetable Export करेगा तो उसे उन्हें अच्छे ढंग से पैकिंग और शिपिंग करने की आवश्यकता होगी। इसके लिए उद्यमी किसी पैकिंग और शिपिंग कंपनी से टाई अप कर सकता है। इसमें नियुक्त की गई पैकिंग और शिपिंग कम्पनी उद्यमी की तरफ से सभी कार्य करेगी जो उसे सब्जियों और फलों की निर्धारित विदेशी बाज़ारों तक पहुँचाने के लिए करना चाहिए। निर्यात कारोबार का यह अंतिम चरण होता है जिसमें उद्यमी ग्राहकों या डीलर के आर्डर के मुताबिक सब्जियों को पैकिंग और लेबलिंग करके भेजता है। उद्यमी किसी शिपिंग कम्पनी या फ्रेट फारवर्डर को यह काम करने की जिम्मेदारी सौंप सकता है। 

FAQ/प्रश्नोत्तर

  1. प्रश्न – क्या सब्जी को निर्यात करने के लिए IEC Code जरुरी है?

    उत्तर – जी हाँ, देश में किसी भी वस्तु का आयात निर्यात करने के लिए इम्पोर्ट एक्सपोर्ट कोड होना अनिवार्य है।

  2. प्रश्न – IEC Code के लिए अप्लाई कैसे करें?

    उत्तर – इम्पोर्ट एक्सपोर्ट कोड के लिए डायरेक्टरेट जनरल ऑफ़ फॉरेन ट्रेड की अधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से आवेदन किया जा सकता है।

  3. प्रश्न – Vegetable Export के लिए फ्रेट फारवर्डर की आवश्यकता क्यों होती है?

    उत्तर – बन्दरगाहों या एअरपोर्ट पर सभी प्रक्रियाओं को पूर्ण करने और आपकी सब्जी को सुरक्षित तौर पर दुसरे देशों में भेजने के लिए फ्रेट फारवर्डर या शिपिंग कंपनी को नियुक्त करने की आवश्यकता होती है।

  4. प्रश्न – निर्यात करने के लिए सब्जी कहाँ से खरीदें?

    उत्तर – सब्जी सीधे किसानों से या फिर स्थानीय सब्जी मंडियों से आसानी से खरीदी जा सकती है।

  5. प्रश्न – क्या सब्जी को परिवहन करने के लिए विशेष कुलिंग वाले वाहनों की आवश्यकता अनिवार्य है?

    उत्तर – यह इस बात पर निर्भर करता है की उद्यमी कौन सी सब्जी निर्यात कर रहा है। जैसे आलू, प्याज इत्यादि कुछ ऐसी सब्जियां जो जल्दी सडती नहीं है। तो इन्हें कम दूरी पर सामान्य वाहनों से भी ट्रांसपोर्ट किया जा सकता है। लेकिन सड़ने, गलने वाली सब्जियों के लिए ट्रांसपोर्ट के विशेष इंतजाम करने होते हैं।  

अन्य लेख भी पढ़ें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *