ट्रेवल एजेंसी बिजनेस कैसे शुरू करें? How to Start Travel Agency in India.

विश्व से लाखों करोड़ों लोग हर वर्ष भारत भ्रमण पर आते हैं, इसलिए भारत में भी Travel Agency नामक यह व्यापार शुरू करना काफी फायदेमंद हो सकता है । टूर एंड टूरिज्म इंडस्ट्री विश्व में एक बहुत बड़ी इंडस्ट्री है जो सम्पूर्ण विश्व में कुल रोजगार का लगभग 6-7% रोजगार पैदा करती है ।  और भारत में ही नहीं अपितु वैश्विक स्तर पर 14% की वार्षिक ग्रोथ के साथ लगातार आगे बढ़ रही है। वैसे देखा जाय तो हम लगातार सुनते आ रहे हैं की ख़ुशी की कोई कीमत नहीं होती, और इसे कहीं से ख़रीदा नहीं जा सकता। लेकिन वर्तमान परिदृश्य में ट्रेवल के माध्यम से मनुष्य अपनी खुशियाँ खरीदने की कोशिश करता है। यही कारण है की भारत में ही नहीं अपितु पूरे विश्व में आज टूर एंड टूरिज्म इंडस्ट्री अधिकतम ऊंचाई पर पहुँच चुकी है। और यात्रा करना हर किसी व्यक्ति के जीवन का प्रमुख हिस्सा बन गया है। आज सिर्फ लोग व्यक्तिगत कारणों जैसे मनबहलाव एवं खुशियों के लिए ही घूमना फिरना या यात्रा करना पसंद नहीं करते, अपितु अनेकों व्यवसायिक कारणों के चलते भी यात्रा करना एक मजबूरी भी बन गई है। इसलिए इस परिदृश्य में किसी भी व्यक्ति के लिए खुद की Travel Agency खोलना बेहद लाभकारी हो सकता है। यदि आप भी ट्रेवल प्लान करना अच्छी तरह से जानते हैं और यह करने में आपको आनंद की अनुभूति होती है और जिन दोस्तों, पारिवारिक सदस्यों के लिए आपने ट्रेवल प्लान किया हो वे आपकी तारीफ़ करते हैं। तो फिर तो आपको बिना ज्यादा कुछ सोचते हुए खुद का Travel Agency Business शुरू करने के बारे में विचार करना चाहिए।

Travel agency business in hindi

ट्रेवल एजेंसी क्या है (What is Travel Agency in Hindi):

Travel Agency प्राइवेट पर्यटन क्षेत्र के सबसे महत्वपूर्ण संगठनों में से एक है। यह किसी भी देश में टूरिज्म को विकसित एवं बढ़ावा देने की प्रक्रिया में अहम् योगदान अदा करते हैं। इसलिए एक ट्रेवल एजेंसी वह है जो अपने ग्राहकों के लिए यात्रा की टिकटों जैसे हवाई, रेल, सड़क एवं समुद्र परिवहन इत्यादि का प्रबंध करती हैं। ये सिर्फ टिकटों का ही नहीं अपितु यात्रा करने में सहायक दस्तावेज जैसे पासपोर्ट, वीजा इत्यादि का प्रबंध कराने में भी सक्षम होती हैं। और यात्रा में होने वाले जोखिमों से सुरक्षा के चलते बीमा इत्यादि से लेकर यात्रा के दौरान आवास, मनोरंजन इत्यादि की भी व्यवस्था करती हैं। इसलिए संक्षेप में एक ऐसी एजेंसी जो यात्रियों के लिए परिवहन, आवास, टूर, ट्रिप्स इत्यादि बेचने एवं प्रबंध करने में संलिप्त हो, ट्रेवल एजेंसी कहलाती है।

ट्रेवल एजेंसी कैसे शुरू करें (How to start a Travel Agency in India)

जैसा की हम उपर्युक्त वाक्य में बात कर चुके हैं की Travel Agency बिजनेस शुरू करना उनके लिए बेहद लाभकारी एवं आनंद महसूस कराने वाला हो सकता है। जिन लोगों को दुसरे का ट्रेवल प्लान करने में खुशी मिलती हो, और वह यह काम प्रभावी ढंग से कर भी पाते हों। वे लोग इस तरह का व्यापार शुरू करके अपने शौक को अवसर में बदल सकते हैं। तो आइये जानते हैं की कैसे कोई व्यक्ति भारत में खुद की ट्रेवल एजेंसी का व्यापार शुरू कर सकता है ।

1. संचालित करने की जगह का निर्णय लें

Travel Agency नामक यह बिजनेस को उद्यमी दो तरीकों से शुरू कर सकता है, वैसे यदि उद्यमी को ट्रेवल इंडस्ट्री की बहुत अधिक जानकारी नहीं है और वह इस क्षेत्र में अनुभव प्राप्त करना चाहता है। तो उसे सर्वप्रथम कोई ऐसी ट्रेवल एजेंसी ढूंढनी होगी जिसके साथ वह बिजनेस शुरू करके न सिर्फ अपनी घर बैठे कमाई कर सकेगा बल्कि इस इंडस्ट्री की उचित जानकारी भी प्राप्त कर पायेगा। और चूँकि इस तरह के व्यवसाय को घर से भी आसानी से शुरू किया जा सकता है इसलिए उद्यमी ऑफिस के किराये, बिजली बिल जैसे इत्यादि खर्चों से बच जायेगा और वह बेहद कम निवेश के साथ किसी और ट्रेवल एजेंसी के साथ इस तरह का बिजनेस शुरू करने में कामयाब हो पायेगा। लेकिन ध्यान रहे घर से इस तरह का व्यवसाय शुरू करने के लिए उद्यमी के पास लैपटॉप, मोबाइल, इन्टरनेट कनेक्शन इत्यादि होना अति आवश्यक है। इस व्यवसायिक मॉडल में उद्यमी किसी अन्य Travel Agency के उत्पादों को बेचकर कमीशन के माध्यम से अपनी कमाई कर रहा होता है। इसलिए सर्वप्रथम उद्यमी को यही निर्णय लेना होगा की वह इस तरह के बिजनेस को किस जगह अर्थात घर से या फिर किसी किराये के ऑफिस से कहाँ से शुरू करना चाहता है।

2. इन्वेटमेंट के बारे में जानें (Investment to start Travel Agency)

किसी भी बिजनेस को शुरू करने से पहले उसकी Start up Cost के बारे में जानना अति आवश्यक होता है, ताकि उद्यमी इस बात का निर्णय ले पाए की समय या आर्थिक उपलब्धता के आधार पर उसे वह बिजनेस अभी शुरू करना चाहिए या नहीं। जहाँ तक Travel Agency Business का सवाल है इसमें आने वाली लागत इस बात पर निर्भर करती है की उद्यमी इसे अपने घर से शुरू करता है या फिर ऑफिस किराये पर लेकर। जहाँ इस तरह का बिजनेस घर से शुरू करने के लिए उसे कंप्यूटर, इन्टरनेट कनेक्शन, मोबाइल फ़ोन इत्यादि की आवश्यकता होती है। और यदि किसी व्यक्ति के पास ये तीनों चीजें पहले से मौजूद हों तो उसके लिए इस व्यवसाय को शुरू करने में आने वाली लागत और भी कम हो सकती है। लेकिन यदि उद्यमी बाहर ऑफिस किराये पर लेकर इस तरह का व्यवसाय शुरू करना चाहता है तो उसे ऑफिस का किराया, बिजली, पानी, स्टेशनरी इत्यादि का बिल एवं कम से कम एक ऑफिस अटेंडेंट का वेतन देने की भी आवश्यकता हो सकती है। इसलिए ध्यान रहे व्यवसाय को शुरू करने में आने वाली लागत एजेंसी के बिजनेस मॉडल, आकार इत्यादि पर निर्भर करती है। आने वाली लागत का अच्छे से एवं बारीकी से विश्लेषण कर लेना अति आवश्यक है क्योंकि उसके बाद ही उद्यमी इस बात का निर्णय ले पाने में सफल हो पायेगा की इस समय Travel Agency खोलना उसकी आर्थिक स्थिति के आधार पर उचित है या फिर नहीं।       

3. फ्रैंचाइज़ी या स्वयं की एजेंसी

उद्यमी के पास स्वयं का ट्रेवल एजेंसी का व्यापार घर से एवं बाहर ऑफिस किराये पर लेकर दोनों तरीके के विकल्प मौजूद तो है ही। लेकिन इसके अलावा यदि उद्यमी चाहता है की उसे किसी प्रसिद्ध Travel Agency द्वारा वर्षों की अथक मेहनत के बादबनाई गई उसकी शाख का फायदा मिले। अर्थात ग्राहकों की आधी शंकाएं प्रसिद्द ट्रेवल एजेंसी के नाम सुनते ही हल हो जाएँ, तो वह किसी प्रसिद्ध ट्रेवल एजेंसी की फ्रैंचाइज़ी के लिए भी आवेदन कर सकता है। ध्यान रहे फ्रैंचाइज़ी लेने के कुछ फायदे होते हैं तो कुछ नुकसान भी होते हैं फ्रैंचाइज़ी लेने का जो सबसे बड़ा फायदा होता है वह यह होता है की उद्यमी किसी प्रसिद्ध कंपनी द्वारा बनाई गई उसकी शाख का फायदा ले सकता है। अर्थात वह किसी प्रसिद्ध कंपनी के ब्रांड नाम के तहत अपनी सर्विस एवं उत्पाद लोगों को बेच सकता है चूँकि वह कंपनी प्रसिद्ध होती है और लोग उसे पहले से जानते हैं इसलिए उद्यमी को बहुत आक्रामक मार्केटिंग करने की भी आवश्यकता नहीं होती है। और प्रमुख नुकसान यह है की उद्यमी को फ्रेंचाइज़र के साथ प्रॉफिट का हिस्सा शेयर करना होता है। फ्रेंचाइज़र फ्रैंचाइज़ी को उत्पाद या सर्विस का प्रशिक्षण इत्यादि भी प्रदान करते हैं। इसलिए उद्यमी चाहे तो Travel Agency की फ्रैंचाइज़ी लेने के बारे में भी विचार कर सकता है ।       

4. ट्रेवल एजेंसी की जिम्मेदारी जानना (Know duties of Travel Agency)

जैसा की हम ट्रेवल एजेंसी की परिभाषा के दौरान भी इसके दायित्वों के बारे में संक्षेप में बात कर चुके हैं और सच्चाई भी यही है की Travel Agency भले ही कहीं से भी शुरू हो रही हो। लेकिन उद्यमी को इसमें  सफल होने के लिए अपने दायित्वों के बारे में अच्छी तरह से पता होना चाहिए। उद्यमी को सिर्फ हवाई यात्रा का ही नहीं अपितु जल, थल सभी प्रकार की यात्रा का अच्छी तरह से ज्ञान होना नितांत आवश्यक है। उद्यमी को न सिर्फ अपने ग्राहकों को विभिन्न टिकट जैसे क्रूज, हवाई, रेल, बस, होटल बुकिंग करनी होती है बल्कि पासपोर्ट वीजा इत्यादि दिलाने में भी ग्राहकों की सहायता करनी होती है। इसलिए उद्यमी को इन सब प्रक्रियाओं के बारे में अच्छी तरह से जानकारी होना नितांत आवश्यक है। इतना ही नहीं उद्यमी को अपने ग्राहकों की ट्रेवल सम्बन्धी हर आवश्यकता जैसे एअरपोर्ट से होटल तक का परिवहन, ट्रेवल बीमा, इवेंट प्लानिंग, कांफ्रेंस, बिजनेस मीटिंग इत्यादि सभी गतिविधियों का उचित प्रबंध करने की आवश्यकता हो सकती है।   

5. टारगेट ग्राहकों को जानें

किसी भी बिजनेस की सफलता के लिए अपने टारगेट ग्राहकों अर्थात टारगेट मार्किट को पहचानना बेहद जरुरी है। क्योंकि जब तक उद्यमी को पता नहीं होगा की किस प्रकार के लोग उसके उत्पाद या सेवा को खरीदने वाले हैं और उसके द्वारा बेचे जाने वाली सर्विस या उत्पाद किस प्रकार के लोगों की मदद करने में सक्षम है। तब तक वह उन्हें अपनी सर्विस या उत्पाद के प्रति आकर्षित करने के मार्ग ही नहीं तलाश पायेगा। जहाँ तक  Travel Agency की बात है इसमें उद्यमी विभिन्न श्रेणी के लोगों को टारगेट कर सकता है या फिर किसी एक श्रेणी के लोगों को ही अपनी सर्विस प्रदान करके उसमें विशिष्टता हासिल कर सकता है। इन श्रेणियों में पढाई के लिए विदेश जाने वाले छात्र, अपने व्यवसाय या नौकरी के दायित्वों को पूरा करने के लिए विदेश जाने वाले लोग, छुट्टियों में घुमने के लिए विदेश जाने वाले लोग इत्यादि शामिल हैं। वैसे देखा जाय तो एक ट्रेवल एजेंसी को कॉर्पोरेट इकाइयों से भी बड़े पैमाने पर काम मिल सकता है जहाँ बड़ी कम्पनियों में उनके खुद के कर्मचारियों अधिकारियों की यात्रा का प्रबंध करने, उनके लिए होटल, हवाई जहाज इत्यादि टिकटें बुक करने के लिए एक अलग सा विभाग नियुक्त होता है। वहीँ छोटी कम्पनियां इस काम को बाहरी Travel Agency द्वारा ही कराती हैं। इसलिए उद्यमी इन्हें टारगेट करके भी अपनी सर्विस, प्रोडक्ट की तरफ आकर्षित कर सकता है।          

6. प्रभावी बिजनेस प्लान बनाइये

देखिये यदि उद्यमी ने स्वयं की Travel Agency शुरू की है तो इसके शुरू करने के पीछे कुछ न कुछ कारण अवश्य होंगे । वैसे देखा जाय तो किसी भी उद्यमी का एक बिजनेस को शुरू करने के पीछे मुख्य कारण लाभ प्राप्त करना, यानिकी अपने आपको आर्थिक तौर पर मजबूत बनाना होता है। ताकि वह इस दुनिया में उपलब्ध सभी प्रकार के सांसारिक सुखों का उपभोग कर सके। इसलिए बिना बिजनेस प्लान के कोई भी बिजनेस उस भटकते हुए पथिक की तरह होता है जिसे खुद पता नहीं होता है की उसे जाना कहाँ है, जिस कारण उसकी यात्रा हमेशा ही अधूरी रहती है। चूँकि बिजनेस प्लान में बिजनेस से सम्बंधित सभी बातों का बारीकी से उल्लेखन होता है और उसमें व्यापार के लक्ष्य ही नहीं अपितु अनुमानित लागत, कमाई के स्रोत, एवं अनुमानित कमाई इत्यादि सभी बाते उल्लेखित होती हैं। इसलिए इसे बिजनेस का रोडमैप कहा जाय तो इसमें कोई अतिश्योक्ति नहीं होगी।     

7. बिजनेस को रजिस्टर करें (Register your Travel Agency)

उद्यमी भारत में अपनी Travel Agency को कम्पनीज अधिनियम के तहत विभिन्न बिजनेस एंटिटी में से किसी एक के तहत आसानी से रजिस्टर कर सकता है। शुरूआती दौर में उद्यमी चाहे तो लिमिटेड लायबिलिटी कंपनी या one पर्सन कंपनी के तौर पर अपने व्यापार को रजिस्टर कर सकता है। आम तौर पर देखा गया है की भारत में ट्रेवल एजेंसी का बिजनेस करने वाले उद्यमी अपने व्यापार को प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के तौर पर रजिस्टर कराते हैं। कंपनी इनकारपोरेशन के अलावा उद्यमी को टैक्स रजिस्ट्रेशन, बिजनेस के नाम से पैन कार्ड, चालू बैंक खाता इत्यादि की भी आवश्यकता होती है।    

8. पंजीकृत IATA Agent बनें

वैसे देखा जाय तो जब एक बार उद्यमी द्वारा अपने Travel Agency Business को वैधानिक स्वरूप प्रदान कर दिया जाता है। तो उसके बाद टूर या टूरिज्म मंत्रालय में अपने बिजनेस को अलग से रजिस्टर या पंजीकृत कराने की अनिवार्यता तो नहीं होती है। लेकिन जिस ट्रेवल एजेंसी को भारत सरकार के समबन्धित विभाग द्वारा मान्यता प्रदान की जाती है उस एजेंसी की शाख ग्राहकों एवं निवेशकों, शेयर होल्डरों इत्यादि के बीच बढ़ जाती है। क्योंकि वे अच्छी तरह जानते हैं की सम्बंधित विभाग उस एजेंसी की तभी अपनी मान्यता या स्वीकृति प्रदान करेगा, जब वह एजेंसी सरकार द्वारा निर्धारित अनेकों मानकों एवं मापदंडों को पूरा करेगी। इसलिए उद्यमी चाहे तो अपने बिजनेस को टूर एवं टूरिज्म से सम्बंधित मंत्रालय या विभाग में भी रजिस्टर करा सकता है। इसके अलावा उद्यमी The International Air Transport Association की सदस्यता ग्रहण करने के लिए भी अप्लाई कर सकता है। इससे उद्यमी के बिजनेस को वैश्विक स्तर पर पहचान मिलने की उम्मीद की जा सकती है।        

9. विज्ञापन करके अपनी सर्विस बेचें

हालांकि इसमें कोई दो राय नहीं की सिर्फ आकर्षक ऑफिस बना लेना और रजिस्टर करा देना ही Travel Agency को सफलतापूर्वक संचालित करने के लिए पर्याप्त नहीं है। यदि उद्यमी चाहता है की उसके पास अधिक से अधिक ग्राहक उसकी सेवाओं को ग्रहण करने के लिए आयें, तो इसके लिए उद्यमी को अपने टारगेट ग्राहकों तक मार्केटिंग के अनेकों तरीकों को अपनाकर पहुँच बनानी होगी। वर्तमान में देश एवं विदेश की एक बहुत बड़ी आबादी इन्टरनेट के माध्यम से ही अपने ट्रेवल प्लान करती है। इसलिए उद्यमी को अपने बिजनेस की ऑनलाइन उपस्थिति बनाना एवं उसमें नियमित तौर पर कंटेंट पब्लिश करने की आवश्यकता हो सकती है। इसके अलावा उद्यमी सोशल मीडिया, यूट्यूब चैनल में विडियो पब्लिश करके भी ग्राहकों तक पहुँच बना सकता है। गूगल ऐड के माध्यम से अपने टारगेट ग्राहकों तक पहुँचना या ऐसे लोगों तक पहुँचना जो इस बारे में इन्टरनेट पर सर्च कर रहे हों एक बेहतरीन तरीका हो सकता है।

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