थीम और प्लगइन बेचने के बिजनेस के बारे में बात करना इसलिए जरुरी हो जाता है, क्योंकि वर्तमान में बहुत सारे कंटेंट मैनेजमेंट साईट वर्डप्रेस, जुमला, द्रुपल, मजेंटो इत्यादि बिना कोडिंग के वेबसाइट बनाने में मदद प्रदान करते हैं। यानिकी इन CMS की मदद से कोई ऐसा व्यक्ति जिसे प्रोग्रामिंग या कोडिंग भाषा की जानकारी नहीं है वह भी ड्रैग ड्राप करके आसानी से वेबसाइट बना सकता है।

लेकिन किसी भी कंटेंट मैनेजमेंट साईट के माध्यम से वेबसाइट बनाने के लिए आपको थीम और बहुत सारे प्लगइन इंस्टाल करने की आवश्यकता होती है। हालांकि सभी CMS प्लेटफोर्म पर लगभग सभी लोकप्रिय थीम और प्लगइन का फ्री वर्जन भी मौजूद है। लेकिन फ्री वर्जन आपको कुछ जरुरी सुविधाओं से वंचित कर देता है जो आपकी वेबसाइट के लिए जरुरी हो सकती हैं ।

Theme plugin bechne ka business

ऐसे में लोगों को इनका प्रीमियम वर्जन खरीदना ही होता है। ऐसे में यदि आप एक प्रोग्रामर या कोडिंग भाषा के जानकार हैं तो आपके लिए थीम और प्लगइन बेचने का बिजनेस शुरू करना काफी लाभकारी हो सकता है। इससे पहले की हम इस बिजनेस को शुरू करने की प्रक्रिया को समझें पहले यही जान लेते हैं की थीम और प्लगइन होते क्या हैं।

थीम होती क्या है ?

वर्डप्रेस या अन्य CMS में एक थीम एक फोल्डर होता है जिसके माध्यम से आप अपनी वेबसाइट का लेआउट, डिजाईन, रंग, टाइपोग्राफी इत्यादि बदल सकते हैं। यह किसी प्रोग्रामर या कोडिंग भाषा को जानने वाले वेब डेवलपर द्वारा बनायीं जाती है जिसे आम तौर पर Zipped फोल्डर के तौर पर रखा जाता है और इसके अन्दर थीम से जुड़ी अन्य ग्रुप फाइलें भी मौजूद रहती हैं।

कहने का आशय यह है की थीम को आपकी वेबसाइट के स्वरूप में बड़े पैमाने पर बदलाव करने के लिए बनाया जाता है। इसके माध्यम से आप अपनी वेबसाइट का डिज़ाइन, लेआउट, रंग, नेविगेशन से लेकर उसका पूरा स्वरूप बदल सकते हैं।

प्लगइन क्या होता है

किसी वेब डेवलपर या प्रोग्रामर द्वारा प्लगइन का निर्माण किसी एक विशेष समस्या का समाधान करने के लिए किया जाता है। कहने का आशय यह है की जहाँ थीम आपके वेबसाइट के समग्र स्वरूप को बदलने में सक्षम है, वहीँ प्लगइन आपकी वेबसाइट में कोई नई सुविधा, विशेषता या फंक्शन को जोड़ता है। Contact Form 7 इसका एक अच्छा उदाहरण है जिसको इंस्टाल करके आप अपनी वेबसाइट में कस्टमाइज किये जा सकने वाले फॉर्म तैयार कर सकते हैं।

जबकि कुछ ऐसे प्लगइन भी होते हैं जो टूल्स और फंक्शन का पूरा एक बंडल प्रदान करते हैं Jetpack इसका एक अच्छा उदाहरण है।

थीम और प्लगइन बेचना लाभकारी कैसे हो सकता है?

यदि आप एक वेब डेवलपर या प्रोग्रामर हैं तो स्वाभाविक है की आपने वर्डप्रेस के साथ काम किया होगा। लेकिन यदि आपको दुनिया के सबसे लोकप्रिय CMS WordPress के साथ काम करने का लम्बा अनुभव है, तो आपने देखा होगा की लोगों को अपनी वेबसाइट को अपने मनमुताबिक और यूजर फ्रेंडली बनाने के लिए किस प्रकार के थीम और प्लगइन की आवश्यकता होती है ।

वर्डप्रेस पर थीम और प्लगइन बेचने के बिजनेस को सफल बनाने के लिए मूल मन्त्र यह है की यहाँ पर आपको लोगों की समस्या के बारे में पता होना चाहिए, जिसके लिए लोग पैसे खर्च करने से भी झिझके नहीं। जब आप लोगों की समस्या को समझेंगे तभी आप उस समस्या को हल करते हुए थीम और प्लगइन का निर्माण कर पाएँगे और आपके थीम और प्लगइन के बिकने की संभावना अधिक होगी।

सिर्फ वर्डप्रेस ही नहीं बल्कि अन्य CMS के उपयोगकर्ताओं को भी आप अपने द्वारा विकसित किये गए थीम और प्लगइन बेच सकते हैं। थीम और प्लगइन डेवलपर के लिए बहुत विशाल बाज़ार पहले से उपलब्ध है। सबसे लोकप्रिय CMS वर्डप्रेस का इस्तेमाल तो सिर्फ व्यक्तिगत व्यक्ति ही नहीं बल्कि छोटी बड़ी कंपनियाँ भी करती हैं।

हालांकि यह कहना गलत होगा की इस तरह के बिजनेस में बिलकुल भी प्रतिस्पर्धा नहीं है। बल्कि सच्चाई यह है की यह बाज़ार भी प्रतिस्पर्धी है, लेकिन यदि आप लोगों की समस्या को ध्यान में रखकर कोई थीम या प्लगइन बनाते है तो उसके लोकप्रिय होने की संभावना अधिक है। और लोकप्रिय थीम और प्लगइन को खरीदने में लोग पैसे खर्चा करने से भी नहीं कतराते हैं।

थीम और प्लगइन बेचने का बिजनेस कैसे शुरू करें   

थीम और प्लगइन बनाना या इन्हें लिखना हर किसी के बस की बात नहीं है । इन्हें सिर्फ वही लिख सकता है जिसे कोडिंग भाषा का ज्ञान हो । वह कोई प्रोग्रामर या वेब डेवलपर हो सकता है। इसलिए यदि आप कोई प्रोग्रामर और वेब डेवलपर हैं तो आपको खुद का थीम और प्लगइन बेचने का बिजनेस शुरू करने के लिए कई आवश्यक कदम उठाने की आवश्यकता हो सकती है।

1. थीम के लिए Niche और डिजाईन का चुनाव करें

यदि आप भीड़ से कुछ अलग करना चाहते हैं तो आपको जिस Niche के लिए थीम और प्लगइन बनाना है आपको उस Niche का चुनाव करना होगा। जैसे आप चाहें तो ई कॉमर्स, बैंकिंग, हेल्थ इत्यादि Niche में से किसी एक चुनाव कर सकते हैं। यह इसलिए जरुरी हो जाता है क्योंकि इस तरह की थीम और प्लगइन एक विशेष क्षेत्र की समस्याओं को ध्यान में रखकर ही बनायीं जाती हैं इसलिए इनके बिक्री होने की संभावना अधिक होती है।

नया थीम और प्लगइन पर काम करने से पहले यह जान लेना भी जरुरी है की लोग उस विशेष क्षेत्र को लेकर क्या सर्च कर रहे हैं । इसके लिए आप चाहें तो गूगल ट्रेंड इत्यादि जैसे फ्री टूल्स का भी इस्तेमाल कर सकते हैं।

2. अपनी थीम को विकसित करें

एक बार जब आप Niche का चुनाव कर लेते हैं तो उसके बाद आपको थीम के डिजाईन को आउटलाइन कर देना चाहिए, लेकिन इसमें लोकप्रिय CMS द्वारा निर्देशित कोडिंग नियमों का पालन किया जाना अनिवार्य है। वर्तमान में लगभग सभी इन्टरनेट उपयोगकर्ताओं के पास स्मार्टफ़ोन उपलब्ध है, इसलिए थीम का डिजाईन रेस्पोंसिव या प्राथमिक तौर पर मोबाइल को ध्यान में रखकर बनाया जाना चाहिए।  

अपनी थीम को डिजाईन करते समय और विकसित करते समय आपको इसके कई तत्वों जैसे फोंट, छवि आकार, मेनू  इत्यादि पर विशेष तौर पर ध्यान देने की आवश्यकता होगी। आपको ऐसे तत्वों को प्राथमिकता देनी होगी जो मोबाइल में भी अच्छे ढंग से कार्य करें।

3. CMS coding की बेस्ट प्रैक्टिस का अनुसरण करें   

लोकप्रिय CMS विशेष तौर पर वर्डप्रेस की कोडिंग प्रथाओं का ज्ञान आपको एक बेहतरीन थीम और प्लगइन डेवलपर बनने में मददगार साबित हो सकता है। आम तौर पर वर्डप्रेस डेवलपर को PHP, HTML, JAvascript, CSS का गहराई से ज्ञान होना आवश्यक है क्योंकि वर्डप्रेस फ्रेमवर्क के साथ काम करने के लिए ये जरुरी हैं।

इसके अलावा वर्डप्रेस या अन्य CMS समय समय पर अपडेट रिलीज करते रहते हैं। और एक अच्छे थीम और प्लगइन डेवलपर को इनके अपडेट के साथ अनुकूलन बनाये रखने के लिए सर्वोत्तम प्रथाओं का इस्तेमाल करना होगा।

4. थीम प्लगइन में उचित टेम्पलेट जोड़ें

दुनिया के जितने भी प्रसिद्ध CMS हैं विशेष तौर पर वर्डप्रेस एक विशिष्ट थीम टेम्पलेट पदानुक्रम के बारे विस्तृत तौर पर बताता है। इसमें यह बताया जाता है की थीम के टेम्पलेट को किस तरह से नाम दिया जाना चाहिए की उन्हें पोस्ट और पेज पर आसानी से लागू किया जा सके।

एक थीम डेवलपर के तौर पर आपको यह सुनिश्चित करना होता है की आपके द्वारा विकसित थीम में सही टेम्पलेट शामिल हों, जिससे थीम को खरीदकर उपयोग करने वाले उपयोगकर्ताओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो। आपकी थीम वर्डप्रेस के सभी लोकप्रिय प्लगइन के साथ काम करने में सक्षम होनी चाहिए, लेकिन आपको थीम ब्लॉट से बचना होगा।

5. यूजर फ्रेंडली थीम आप्शन पेज बनाएँ

जब आप थीम बना लेते हैं तो उसके बाद आपको एक थीम आप्शन का एक पेज भी बनाना होता है, जो उन उपयोगकर्ताओं के लिए होता है जो आपकी थीम को डाउनलोड करके अपनी वेबसाइट पर इस्तेमाल करने वाले हैं।

इसमें आसान से विकल्प रखें यही वह पेज होगा जिसके माध्यम से यूजर इस बात का निर्णय ले पाएगा की उसे आपकी थीम का कौन सा फंक्शन अपनी वेबसाइट पर लागू करना है और कौन सा नहीं। यदि आपने इस पेज को जटिल बनाया तो परेशानी आपको ही होगी क्योंकि यूजर बार बार इसके लिए टिकट जनरेट करेंगे।

6. थीम डॉक्यूमेंटेशन स्पष्ट होनी चाहिए

कोई भी यूजर आपकी थीम को बिना उसके बारे में जाने नहीं खरीदेगा। थीम डॉक्यूमेंटेशन एक ऐसा विवरण होता है जो किसी यूजर को थीम के बारे में जानने में मदद करता है। थीम डॉक्यूमेंटेशन न सिर्फ यूजर को थीम के बारे में अवगत कराने में मदद करती हैं, बल्कि यह थीम को CMS में सबमिट करने में भी मदद करती है। यानिकी थीम डॉक्यूमेंटेशन से जहाँ यूजर उसे खरीदने का निर्णय ले पाएगा वहीँ वर्डप्रेस इत्यादि विख्यात CMS में आप अपनी थीम को सबमिट भी कर पाएँगे।

7. अपनी थीम के लिए मार्किटप्लेस का चुनाव करें

आप वर्डप्रेस में अपनी थीम को सबमिट तो कर सकते हैं, लेकिन इसके माध्यम से यूजर केवल आपकी थीम का फ्री वर्जन उपयोग में ला पाएंगे। यदि आप उन्हें प्रीमियम वर्जन बेचना चाहते हैं तो इसके लिए या तो आपको खुद की वेबसाइट बनानी होगी जिसके माध्यम से कोई भी यूजर ऑनलाइन पेमेंट करके आपकी थीम का प्रीमियम वर्जन डाउनलोड कर सके। या फिर आपको अपनी थीम के लिए एक मार्किटप्लेस चुनना होगा। थीमफारेस्ट मार्किटप्लेस का एक अच्छा उदाहरण है।

8. कीमत निर्धारित करें और बेचें

अब जब आपने थीम बना ली हो और उसके लिए मार्किटप्लेस का भी चुनाव कर लिया हो तो अब उसके लिए आपको कीमत का निर्धारण करना होगा। कीमत निर्धारित करते समय प्रतिस्पर्धा का भी आकलन अवश्य कर लें। आम तौर पर थीम डेवेलपर अपनी थीम की कीमात डॉलर में निर्धारित करते हैं, ताकि इसे दुनिया में कोई भी खरीद सके। आप भी अपने थीम की कीमत प्रतिवर्ष $30 से $59 तक कुछ भी रख सकते हैं। थीम और प्लगइन की लोकप्रियता के साथ आपकी बिक्री भी बढती जाएगी।

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