आटा चक्की का बिजनेस कैसे शुरू करें? Steps to Start own Flour Mill In India.

वर्तमान में Flour Mill यानिकी आटा चक्की शुरू करना बेहद ही फायदेमंद व्यापार हो सकता है क्योंकि आज विद्युत् एवं ईधन से चलने वाली आटा चक्की कुछ ही घंटों में क्विंटल अनाज पीसने का सामर्थ्य रखती हैं । जबकी प्राचीन भारत में ग्रामीण इलाके पूर्ण रूप से कृषि पर निर्भर थे तब यहाँ पर लोग अपना अनाज पीसने के लिए पनचक्की एवं पत्थर से बनी एक ऐसी चक्की जिसे हाथों से घुमाया जाता था और दो पत्थरों के बीच अनाज को पीसा जाता था । पनचक्की पानी से चलती थी तो वहीँ इसका छोटा रूप लोगों के घरों में ही देखा जा सकता था जिस पर एक हैंडल लगा होता था और अनाज पीसने के लिए इस हैंडल को गोल गोल घुमाना होता था। पनचक्की की अनाज पीसने की क्षमता हस्तचालित चक्की से कही अधिक हुआ करती थी। लेकिन आज बिजली एवं ईधन से चलने वाली मशीनों की अनाज पीसने की क्षमता पारम्परिक मशीनों की तुलना में कई गुना अधिक है। इसलिए आज के समय में पारम्परिक तरीके पूर्ण रूप से लुप्त हो गए हैं। जहाँ तक Flour Mill Business का सवाल है इस तरह का यह काम शुरू करके उद्यमी न सिर्फ आटा बल्कि सभी प्रकार के अनाज जैसे चना, चावल, मडुवा, ज्वार, बाजरा एवं मसाले जैसे हल्दी, मिर्च, धनिया इत्यादि भी पीसकर पैसे कमा सकता है। इसलिए आज हम हमारे इस लेख के माध्यम से इस व्यवसाय को शुरू करने की प्रक्रिया इत्यादि के बारे में विस्तार से जानने का प्रयत्न करेंगे।

flour mill business in hindi

आटा चक्की क्या है (What is Flour Mill in Hindi):

हो सकता है की आज के बच्चे जो शहरों में रह रहे हैं शायद उनका काम कभी आटा चक्की में पड़ा ही न हो इसलिए मुमकिन है की उन्हें पता ही न हो की आटा चक्की होती क्या है?। वह इसलिए क्योंकि शहरों में लोग आम तौर पर पैकेजिंग आटा ही खरीदते हैं और मसाले मैदा, बेसन, सूजी इत्यादि भी सब बने बनाये बाजार में उपलब्ध होते हैं। जबकि ग्रामीण इलाकों जहाँ कृषि एवं कृषि से सम्बंधित गतिविधियों पर ही आजीविका चलती है। वहाँ पर गेहूं, चावल, चना, मसाले इत्यादि सब कुछ पिसाने का रिवाज है। इसलिए ऐसी जगहों पर Flour Mill Business शुरू करना लाभकारी हो सकता है । आम तौर पर आटे के उत्पादन के लिए Durum Wheat का इस्तेमाल किया जाता है जिसमें ग्लूटेन नामक प्रोटीन का अवयव जो आटे में थोड़ा बहुत लचीलापन पैदा करने में समर्थ होता है बहुत अधिक पाया जाता है। और एक आंकड़े के मुताबिक भारत में 90% से अधिक उत्पादन इसी गेहूँ का होता है। कहने का आशय यह है की एक ऐसा स्थान जहाँ पर लोग गेहूं, दाल, चावल इत्यादि पिसाने ले जाते हैं उसे आटा चक्की या फ्लोर मिल कहा जा सकता है। हालांकि बहुत सारे आटा चक्की का व्यापार करने वाले उद्यमी ऐसे भी होते हैं जो कच्चा माल जैसे गेहूं इत्यादि खरीदकर उसे पीसकर खुद की ब्रांडिंग के तहत भी बेचते हैं।

आटा चक्की का व्यापार क्यों करें (Why to Start Flour Mill)

कोई भी व्यक्ति जब बिजनेस करने की सोचता है तो उसके मष्तिष्क में यह भी प्रश्न अवश्य आता है की वह जो व्यापार शुरू करने जा रहा है वह चलेगा या फिर नहीं । और आम तौर पर इस सवाल का जवाब उसे तब मिल जाता है जब वह उस बिजनेस में उपलब्ध अवसरों एवं संभावनाओं को जान लेता है। भोजन मनुष्य की अत्यंत आवश्यक आवश्यकताओं में से एक है अर्थात भोजन के बिना किसी भी मनुष्य का जीवित रहना लगभग असम्भव है। और बात हम यदि आटे की करें तो इसे आम तौर पर रोटी, पूरी, नान, पराठा इत्यादि बनाने में तो इस्तेमाल में लाया ही जाता है। साथ में अलग अलग राज्यों में इसका उपयोग अलग अलग खाद्य सामग्री तैयार करने के लिए किया जाता है। बेसन, मैदा, मसलों इत्यादि का इस्तेमाल भी जगजाहिर है। Flour Mill Business को शुरू करने का जो सबसे बड़ा फायदा है वह यह है की इसे बेहद कम निवेश के साथ ग्रामीण इलाकों से प्रमुखता से शुरू किया जा सकता है। और शहरी इलाकों की तुलना में इस बिजनेस के सफल होने की संभावना ग्रामीण इलाकों में ही रहती है क्योंकि यहाँ उद्यमी को अपने बिजनेस के लिए कच्चा माल आसान एवं सरकार द्वारा निर्धारित अनाज की कीमतों पर उपलब्ध हो जाता है। इसलिए ऐसे लोग जो ग्रामीण भारत से सम्बन्ध रखते हों और एक ऐसे एरिया से सम्बन्ध रखते हों जहाँ पर गेहूं, चावल इत्यादि अनाज भारी मात्रा में पैदा होता हो। उनके लिए Flour Mill Business शुरू करना कमाई की दृष्टी से लाभकारी हो सकता है।

आटा चक्की कैसे शुरू करें? (How to Start Flour Mill Business in Hindi):

यद्यपि आटा चक्की बिजनेस शुरू करना बेहद जटिल कार्य इसलिए नहीं है क्योंकि शुरूआती दौर में यदि उद्यमी सिर्फ ऐसे लोगों को टारगेट कर रहा है जो अपने खाने के लिए गेहूं चक्की से पिसाते हैं। तो उद्यमी को आटा चक्की मशीन खरीदने की आवश्यकता होती है और उसे अपने घर के किसी कमरे या अलग से कहीं पर छोटी सी दुकान किराये पर लेने की आवश्यकता होती है। जहाँ से वह अपने Flour Mill Business को संचालित कर सके। लेकिन यदि उद्यमी उपर्युक्त दर्शाए गए ग्राहकों के अलावा अपनी खुद की ब्रांड के तहत भी आटा इत्यादि बेचने की सोच रहा है तो उसे इसे शुरू करने के लिए बहुत सारे अन्य कदम उठाने की भी आवश्यकता होगी। हम इसी बात के मद्देनजर इस व्यापार को शुरू करने की स्टेप बाई स्टेप जानकारी देने का प्रयत्न कर रहे हैं। तो आइये जानते हैं की किसी भी व्यक्ति को आटा चक्की का व्यापार शुरू करने के लिए कौन कौन से जरुरी कदम उठाने की आवश्यकता हो सकती है।

1. लोकेशन का चुनाव एवं विश्लेषण

यद्यपि देखा जाय तो ग्रामीण भारत की कोई भी ऐसी लोकेशन जहाँ अनाजों का उत्पादन विशेषकर गेहूँ का पर्याप्त मात्रा में किया जाता हो वह Flour Mill Business के लिए आदर्श लोकेशन है। लेकिन कच्चे माल की उचित दरों पर उपलब्धता के अलावा उद्यमी को लोकेशन का चयन करने में और भी अनेकों विश्लेषण करने की आवश्यकता होती है। इनमें प्रमुख तौर पर उस एरिया विशेष में रहने वाले लोगों की खानपान की आदतों, आटा खरीदारी के समय आदतों, आटे की कीमत एवं गुणवत्ता इत्यादि विषयों को लेकर बेहद गहरा एवं सटीक विश्लेषण करने की आवश्यकता होती है। खानपान की आदतों से अभिप्राय यह है की उस एरिया में लोग अधिक रोटी खाना पसंद करते हैं या फिर चावल या फिर दोनों। और जब वे आटा खरीदने दुकान पर जाते हैं तो वे दुकानदार को आटे की कीमत, क्वालिटी इत्यादि के बारे में क्या कहते हैं। इसके अलावा जब वे लोग अपना गेहूँ पिसाने के लिए आटा चक्की पर जाते हैं तो वे उस चक्की वाले से क्या अपेक्षा रखते हैं। इत्यादि उस लोकेशन से जुड़ी जानकारी जब उद्यमी को हो जाती है तो वह इस बात का निर्णय आसानी से ले सकता है की उसे उस एरिया विशेष में Flour Mill Business शुरू करना चाहिए या फिर नहीं। ध्यान रहे ऐसी लोकेशन जहाँ गेहूं इत्यादि की पैदावार अच्छी रहती हो वहाँ कच्चा माल आसानी से तो मिल ही जायेगा साथ में यहाँ पर लोग खुद के गेहूं को आटा चक्की में पिसवाने के लिए ले जाते हैं न की बाजार का आटा खरीदते हैं। इसलिए उद्यमी पिसाई एवं अपने ब्रांड के तहत आटा बेचकर भी पैसे कमा सकता है।          

2. चयनित लोकेशन पर जगह का चयन

जिस लोकेशन का चयन उद्यमी ने अपने Flour Mill Business के लिए किया है यदि उद्यमी का घर भी उसी एरिया में स्थित है और उद्यमी के घर में कोई कमरा खाली है। तो वह इसे अपने व्यापार के इस्तेमाल में ला सकता है क्योंकि आटा चक्की के इस व्यापार के लिए आम तौर पर 18×15 वर्ग फुट का कमरा पर्याप्त रहता है। हालांकि यदि उद्यमी के पास घर में इससे भी छोटा कमरा है तो शुरूआती दिनों में उद्यमी खर्चा कम करने के उद्देश्य से इसी को काम में ला सकता है। लेकिन यदि खुद की जगह नहीं है तो फिर उद्यमी को जगह किराये पर लेने की आवश्यकता होती है। तब उद्यमी को जगह किराये पर लेते वक्त कोई समझौता नहीं करना चाहिए और कम से कम 18×15 वर्ग फुट जगह होनी चाहिए। जिसमें मशीन का इंस्टालेशन, गेहूं के बोरे, आटे के कट्टे इत्यादि रखने के लिए पर्याप्त जगह मौजूद हो ।      

3.बिजनेस की योजना एवं प्रोजेक्ट रिपोर्ट

बिजनेस की योजना बनाते वक्त उद्यमी को न सिर्फ इस व्यवसाय में आने वाले अनुमानित खर्चे का ब्यौरा देने की आवश्यकता होती है । बल्कि अपनाई जाने वाली मशीनरी, तकनीक, उत्पादन क्षमता, बिजनेस के लक्ष्य, उन्हें एक समयावधि में पाने के तरीके, संभावित कमाई इत्यादि सभी कुछ शामिल रहता है। प्रोजेक्ट रिपोर्ट भी बिजनेस का अहम् हिस्सा होता है और हालांकि इस तरह के कम निवेश के साथ बिजनेस शुरू करने वाले उद्यमियों को लगता है की इतना पैसा तो वे खुद की बचत या फिर अपने पारिवारिक सदस्यों से कर्जा लेकर भी इस बिजनेस में लगा सकते हैं। इसलिए उन्हें प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनाने की क्या आवश्यकता होगी। प्रोजेक्ट रिपोर्ट केवल बैंक या अन्य वित्तीय संस्थान से ऋण लेने के लिए जरुरी नहीं है बल्कि उद्यमी को उसके व्यापार में आने वाले अनुमानित खर्चे एवं अनुमानित कमाई का ब्यौरा देने के लिए भी जरुरी है। इसलिए यदि उद्यमी Flour Mill Business को अगले स्तर तक ले जाने के बारे में विचार कर रहा है तो उसे पूर्ण रूप से एक बिजनेस प्लान तैयार करना चाहिए जिसका एक हिस्सा प्रोजेक्ट रिपोर्ट भी होगी।      

4. पैसों का प्रबंध (Arrange Money for Flour Mill)

यद्यपि हम पहले भी बता चुके हैं की Flour Mill का यह व्यापार बेहद कम निवेश के साथ भी आसानी से शुरू किया जा सकता है। लेकिन यदि उद्यमी शुरुआत में ही अपने ब्रांड के तहत आटा इत्यादि बेचने की योजना बना रहा है। तो उसे कुछ अधिक पैसे खर्च करने की आवश्यकता हो सकती है। जहाँ तक मशीन का सवाल है यद्यपि इसकी कीमत अनाज पीसने की कैपेसिटी के आधार पर अंतरित हो सकती है। लेकिन आम तौर पर आटा चक्की के लिए जो मशीनें प्रचलन में हैं वे 25 से 50 हज़ार रूपये तक की कीमत में आसानी से मिल जाएँगी । इसके अलावा उद्यमी को किराया और कच्चा माल खरीदने के लिए भी पैसों की आवश्यकता हो सकती है। हालांकि बड़े स्तर पर इस तरह का बिजनेस शुरू करने के लिए उद्यमी को एक से अधिक आटा चक्की मशीन की आवश्यकता हो सकती है। इसलिए यह पूरी तरह उद्यमी पर निर्भर करता है की वह अपने Flour Mill Business को किस स्तर पर शुरू करना चाहता है। और उसे उसी के अनुसार अपने व्यापार के लिए पैसों का प्रबंध करना होगा यद्यपि यह सब विचार उद्यमी को बिजनेस प्लान बनाने से पहले करना होगा। ताकि बिजनेस प्लान के प्रोजेक्ट रिपोर्ट भाग में इसका पूर्ण विवरण पहले ही उल्लेखित किया जा सके और उद्यमी उसी योजना के तहत पैसों का प्रबंध भी कर सके।      

5. लाइसेंस एवं रजिस्ट्रेशन(License and Registration for Flour Mill)

कुटीर उद्योग के तौर पर इस तरह का यह बिजनेस करने के लिए किसी प्रकार के लाइसेंस एवं रजिस्ट्रेशन की अनिवार्यता नहीं है। लेकिन फिर भी उद्यमी को स्थानीय स्तर पर इस बारे में अवश्य पता कर लेना चाहिए। यदि उद्यमी स्वयं के ब्रांड के तहत आटा इत्यादि बेचने की योजना बना रहा है तो उसे विभिन्न प्रकार के लाइसेंस एवं रजिस्ट्रेशन की आश्यकता हो सकती है। Flour Mill शुरू करने के लिए उद्यमी को अपने व्यापार का नाम रजिस्टर कराने की आवश्यकता हो सकती है ताकि अन्य कोई उस नाम से एक ही तरह का बिजनेस न कर सके। नाम रजिस्ट्रेशन के अलावा टैक्स रजिस्ट्रेशन यानिकी जीएसटी रजिस्ट्रेशन की भी आवश्यकता हो सकती है। और चूँकि यह खाद्य से जुड़ा हुआ बिजनेस है इसलिए उद्यमी को फ़ूड लाइसेंस लेने की भी नितांत आवश्यकता होगी। इन सबके अलावा स्थानीय प्राधिकरण जैसे नगर निगम, नगर पालिका इत्यादि से भी ट्रेड लाइसेंस लेने की आवश्यकता हो सकती है।       

6. मशीनरी एवं उपकरणों की खरीदारी

अब जब Flour Mill Business शुरू करने के इच्छुक व्यक्ति ने सभी प्रक्रियाएं पूर्ण कर ली हों तो अब उसका अगला एकदम उस बिजनेस में उपयोग में लायी जाने वाली मशीनरी एवं उपकरणों की खरीदारी का होना चाहिए। वैसे देखा जाय तो मशीनरी एवं उपकरणों के नाम पर इस तरह का यह बिजनेस शुरू करने के लिए उद्यमी को प्रमुख तौर पर आटा चक्की मशीन की आवश्यकता होती है। जैसा की हम पहले भी बता चुके हैं की इनकी कीमत इनकी प्रति घंटा पीसने की क्षमता के मुताबिक अलग अलग होती है। जिस मशीन की प्रति घंटा पीसने की क्षमता अधिक होगी कोई दो राय नहीं की उसकी कीमत भी अधिक होगी। इसलिए उद्यमी को चाहिए की वह कम से कम तीन विक्रेताओं से एक ही मशीन की कोटेशन मंगाए। और फिर उसका तुलनात्मक अंतर करके इस बात का निर्णय लें की आपके लिए कौन सा सप्लायर या विक्रेता उपयुक्त रहेगा।     

7. बिजली फिटिंग एवं मशीन इंस्टालेशन

चूँकि वर्तमान में बिजली से चलने वाली आटा चक्की मशीनें काफी प्रचलित हैं इसलिए उद्यमी का मशीनरी इत्यादि खरीदने के बाद अगला एवं अंतिम कदम बिजली फिटिंग एवं खरीदी गई मशीन का इंस्टालेशन का होना चाहिए। Flour Mill Business में यह प्रक्रिया सबसे अंत में करनी इसलिए आवश्यक होती है ताकि मशीन की सेटिंग एवं इंस्टालेशन के आधार पर ही इलेक्ट्रिफिकेशन हो पाए। ध्यान रहे यह कार्य उद्यमी को खुद या किसी ऐसे व्यक्ति जिसे आटा चक्की मशीन की जानकारी न हो उससे नहीं कराना चाहिए। बल्कि हो सके तो जिस सप्लायर या विक्रेता से मशीन खरीदी हो उसी से मशीन इंस्टालेशन के लिए कहना चाहिए। और उनकी सलाह के मुताबिक कमरे में इलेक्ट्रिफिकेशन करना चाहिए। 

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