शुरू करें खुद का आयात निर्यात बिजनेस। Import Export Business Plan in Hindi.

आज के वैश्वीकरण के युग में, Import Export की महत्वता, बहुत अधिक बढ़ गई है। आज यदि किसी देश में, किसी वस्तु या खाद्य का उत्पादन, नहीं होता है। तो वह देश उस विशेष वस्तु, या खाद्य का, उत्पादन करने वाले देश से, आयात कर सकता है। ठीक इस के उलट, यदि किसी देश में किसी वस्तु, या खाद्य पदार्थ का उत्पादन, उसकी उपयोगिता से अधिक हो जाता है। तो वह देश, उस विशेष वस्तु या खाद्य को, बाहरी देशों की ओर निर्यात कर सकता है। हालांकि इसमें ध्यान देने वाली बात यह है की, अंतराष्ट्रीय देशों के बीच, व्यापार को फॉरेन ट्रेड पालिसी, विनियमित करती है। इसमें सारी शर्ते, जैसे  किस देश से क्या क्या वस्तुएं, आयात या निर्यात की जा सकती हैं? और कौन सी वस्तुएं प्रतिबंधित हैं। और उन पर उत्पाद शुल्क इत्यादि क्या रहेंगे। इत्यादि सभी बातें निहित होती हैं।

शायद यही कारण है की, एक आम व्यापारी को Import Export की प्रक्रिया, काफी जटिल, और समय लेने वाली लगती है। लेकिन इसके बावजूद, बहुत सारे लोग इन्टरनेट पर, इस बात को ढूंढ रहे होते हैं, की वे इस तरह का यह, आयात निर्यात बिजनेस, कैसे शुरू कर सकते हैं। लेकिन इससे पहले की, हम इस बिजनेस के बारे में, आगे कुछ जानकारी दें। पाठकगणों को बता देना चाहेंगे की, फॉरेन ट्रेड पालिसी समय और परिस्थिति के हिसाब से, बदलती रहती है। हो सकता है, जिस देश से आज हम सामान, या वस्तुएं मँगवा सकते हैं। आने वाले समय में, सरकार वहाँ से आयात को प्रतिबंधित कर दे, या कर इत्यादि में इतनी बढ़ोत्तरी कर दे, की कोई व्यक्ति वहाँ से वस्तुएं मंगाना ही न चाहे।

दूसरी तरफ जिस देश से, आज हम वस्तुएं या सामान नहीं मंगा सकते, हो सकता है आने वाले समय में, फॉरेन ट्रेड पालिसी, इस बात की इजाजत दे दे। कहने का आशय यह है की, Import Export Business शुरू करने के, इच्छुक उद्यमी को, इन सब बातों की, अच्छी तरह से जानकारी होना, नितांत आवश्यक है।

Import Export Business in India

आयात निर्यात क्या है? (What is Import Export in Hindi):

आयात निर्यात व्यवसाय की, यदि हम बात करें तो, यह एक ऐसी कंपनी है। जो घरेलू और विदेशी कम्पनियों के बीच, माल और वस्तुओं का, व्यापार करने की सुविधा, प्रदान करती है। दूसरे शब्दों में, Import Export इकाई को हम, एक ऐसी कंपनी कह सकते हैं। जो विभिन्न देशों से, सामान का आयात करके, उसे घरेलू बाजार में बेचती है। बाहर देशों से सामान खरीदकर, उसे घरेलु बाजार में बेचने की प्रक्रिया, आयात कहलाती है। और ठीक इसके उलट, घरेलु सामान को, विदेशी बाज़ारों में बेचने की प्रक्रिया, निर्यात कहलाती है।

उपर्युक्त परिभाषा से स्पष्ट है की, आयात निर्यात बिजनेस में, उद्यमी बाहरी देशों से सामान मंगाकर, उसे घरेलु बाजार में बेचता है। और घरेलु वस्तुओं और सामान को, विदेशी बाज़ारों में बेचता है।

आयात निर्यात बिजनेस में अवसर

हालांकि सिर्फ भारत में ही नहीं, अपितु सम्पूर्ण दुनिया में, Import Export Business सबसे प्रसिद्ध, एवं प्रचलित व्यवसायों में से एक है। और यह भी देखने को मिला है की, उत्पादों के निर्यात के मामले में, हर देश का अपना, अद्वितीय बिक्री प्रस्ताव होता है। आयात निर्यात व्यापार के माध्यम से, व्यापार में संतुलन, बनाये रखा जा सकता है। वैश्विक स्तर पर, लोगों की आवश्यकताओं की पूर्ति, भी की जा सकती है। मान लीजिये, किसी देश में चावल नहीं होता, और किसी एक देश में चावल, बहुत अधिक मात्रा में होता है। तो ऐसी स्थिति में, जहाँ चावल बहुत अधिक मात्रा में होता है। वह देश, जहाँ चावल नहीं होता है, उसे चावल निर्यात कर सकता है।

यही नियम, अन्य वस्तुओं पर भी लागू होता है। कहने का आशय यह है की, कोई भी ऐसा राष्ट्र, या देश नहीं है। जहाँ हर चीज का उत्पादन, उनकी आवश्यकता के अनुसार होता हो। इसलिए आयात निर्यात व्यापार, उन राष्ट्रों की आवश्यकताओं की पूर्ति में भी, सहायक होता है। और जहाँ से निर्यात हो रहा होता है, उस देश को विदेशी पूँजी भी, मिल रही होती है। हमारा देश भारत भी, कई तरह के उत्पादनों में अग्रणी है। इनमें कोकोनट, सिरेमिक टाइल, अनाज और दालें, कॉफ़ी, चमड़े के आइटम इत्यादि प्रमुख हैं।

जिनका बाहरी देशों की ओर, बड़ी मात्रा में निर्यात किया जाता है। इसके अलावा, बहुत सारे ऐसे भी आइटम, जैसे इलेक्ट्रॉनिक खिलौने, मशीनरी, उर्वरक, शीशा इत्यादि ऐसी वस्तुएं हैं, जिनका आयात किया जाता है। Import Export Business शुरू कर रहे उद्यमी को, इस बात की पूरी जानकारी होनी चाहिए की, हमारा देश किन किन वस्तुओं या सामान, का आयात करता है। और किन किन वस्तुओं एवं सामान का, निर्यात करता है।

आयात निर्यात व्यापार कैसे शुरू करें? (How to Start an Import Export Business in India): 

आयात निर्यात व्यापार, शुरू करने में थोड़ी बहुत जटिलताएँ तो अवश्य हैं। लेकिन इस तरह का यह व्यवसाय, बेहद प्रसिद्ध व्यवसायों की लिस्ट में शामिल है। चूँकि यह अन्य देशों को, सामान बेचने और वहाँ से सामान मँगाने, से जुड़ा हुआ बिजनेस है। इसलिए इसे फॉरेन ट्रेड पालिसी के तहत, विनियमित किया गया है। यह विदेशी व्यापार निति, समय और परिस्थितियों के आधार पर, बदलती रहती हैं। वह इसलिए, क्योंकि, अन्य देशों के साथ व्यापारिक राजनैतिक सम्बन्ध, घरेलु मांग एवं उत्पादन, इत्यादि बातें, इसे प्रभावित करती रहती हैं।

मान लीजिये, अभी कोई ऐसी वस्तु है। जिसका उत्पादन अपने देश भारत में, बहुत अधिक होता है। और आज उसे बड़ी मात्रा में, निर्यात किया जा सकता है। लेकिन अगले दस वर्षों के बाद, उसका उत्पादन घट जाता है, और वह वस्तु, देश के लोगों के लिए भी जरुरी है। तो सरकार को उस वस्तु के निर्यात पर, प्रतिबंध लगाना ही होगा। ताकि घरेलू मांग को, सबसे पहले पूरा किया जाय। तो आइये जानते हैं की, कैसे कोई इच्छुक व्यक्ति, खुद का Import Export Business शुरू कर सकता है।

1. उत्पाद का चयन करें (Select Product for Import Export):

तकनिकी रूप से बात करें तो, Import Export व्यवसाय शुरू करने के लिए, उत्पाद का चयन, सबसे महत्वपूर्ण मानदंड है। क्योंकि, यदि उद्यमी आयात निर्यात व्यापार को, शुरू करने के लिए अच्छे उत्पादों का, चयन करता है तो, उसके व्यवसाय में सफलता पाने की, संभावना अधिक हो जाती है। उत्पाद का चयन करने के लिए, उद्यमी को, बहुत सारी बातों पर, रिसर्च करने की आवश्यकता होती है। लेकिन जो सबसे प्रमुख बात, उत्पाद चयन के लिए होती है, वह यह की घरेलु बाजार में, ऐसी कौन सी वस्तु है, जिसकी माँग तो बहुत ज्यादा है, लेकिन सप्लाई या उत्पादन बेहद कम। जिस उत्पाद की माँग, घरेलु बाजार में अधिक, और सप्लाई कम है, उद्यमी उसका बाहर देशों से, आयात करके, घरेलु बाजार में बेच सकता है। लेकिन ध्यान रहे, वह वस्तु प्रतिबंधित या गैर क़ानूनी, नहीं होनी चाहिए।

ठीक इसी प्रकार, एक ऐसे वस्तु, जिसकी घरेलु बाजार में सप्लाई, या उत्पादन, अधिक है, और मांग कम है। उस वस्तु को उद्यमी, बाहरी देशों की ओर, निर्यात कर सकता है। इसलिए Import Export Business शुरू करने के लिए, सबसे पहले उद्यमी को, उत्पाद का चयन करना चाहिए।      

2. ऑफिस का प्रबंध करें

Import Export Business शुरू करने के लिए, उद्यमी को एक ऑफिस, और गोदाम या दुकान, इत्यादि का प्रबंध करना होगा। ऑफिस का प्रबंध, उद्यमी किसी भी स्थानीय मार्किट में, कर सकता है। और जरुरी नहीं है की, शुरूआती दौर में, उद्यमी ऑफिस को बड़ा ही रखे। बल्कि छोटे से ऑफिस, जिसमें तीन से चार कर्मचारी, आसानी से काम कर सकें, उद्यमी इस तरह का ऑफिस, स्थापित करके भी, यह बिजनेस शुरू कर सकता है। लेकिन उद्यमी को, गोदाम और दुकान के लिए भी, जगह लेनी होगी, जहाँ से वह अपने ग्राहकों को सामान बेच सके। या निर्यात किये जाने योग्य सामान को, एअरपोर्ट या बन्दरगाहों तक, पहुंचा सके।   

3. आवश्यक लाइसेंस और पंजीकरण प्राप्त करें (Required License for Import Export Business):

खुद का Import Export Business शुरू करने के लिए, उद्यमी को, अनेकों औपचारिकताएं पूर्ण करने की, आवश्यकता हो सकती है।

  • कंपनी का नाम सर्च, और उस नाम को रजिस्टर करने की आवश्यकता, हो सकती है।
  • उद्यमी को, अपने व्यवसाय को प्रोप्राइटरशिप, वन पर्सन कंपनी, प्राइवेट लिमिटेड कंपनी, इत्यादि में से, किसी एक के तहत, रजिस्टर कराने की आवश्यकता होती है ।
  • जीएसटी रजिस्ट्रेशन, पैन और व्यवसाय के नाम से, बैंक में चालू खाता खोलने की, आवश्यकता हो सकती है।
  • स्थानीय प्राधिकरण नगर निगम, इत्यादि से शॉप्स एंड एस्टाब्लिश्मेंट रजिस्ट्रेशन, कराने की आवश्यकता हो सकती है।
  • आयात निर्यात के लिए, इम्पोर्ट एक्सपोर्ट कोड की आवश्यकता होती है।
  • एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल से, रजिस्ट्रेशन कम मेम्बरशिप सर्टिफिकेट की, आवश्यकता हो सकती है।
  • अपने उद्यम को एमएसएमई के तहत, रजिस्ट्रेशन करने के लिए, उद्यम रजिस्ट्रेशन की आवश्यकता हो सकती है।    

4. उत्पाद का सप्लायर या खरीदार चयन करें

अब जब उद्यमी ने, Import Export Business शुरू करने के लिए, सभी प्रक्रियाएं पूर्ण कर ली हों। तो अब उसका अगला कदम, जिस उत्पाद का उसने चयन किया हो, उसका सप्लायर या खरीदार, ढूँढने का होना चाहिए। यदि उद्यमी, किसी वस्तु का, निर्यात करना चाहता है। तो उसे उस वस्तु की उपलब्धता, सुनिश्चित करने के लिए, घरेलु सप्लायर ढूंढना होगा। जो उसे, उसके व्यवसायिक स्थल में आकर,  डिलीवरी दे जायेगा। और यदि उद्यमी ने, बाहरी देशों से किसी वस्तु का, आयात कर लिया है तो, उसके लिए उद्यमी को, घरेलु बाजार में खरीदार ढूंढना होगा।

बहुत सारी ऐसी एजेंसी, या कंसल्टेंसी भी भारत में, मौजूद हैं। जो आयात निर्यात से जुड़े उद्यमियों को, सप्लायर/खरीदार ढूँढने की, तकनीकों से अवगत कराने के लिए, प्रशिक्षण प्रदान करते हैं। उद्यमी चाहे तो, इस तरह के प्रशिक्षण भी प्राप्त कर सकता है।    

5. आयात निर्यात शुरू करें। ( Start Import Export Process):

Import Export शुरू करने के लिए, उद्यमी को Freight Forwarder की भी, आवश्यकता होती है। यह वह कंपनी होती है, जो उद्यमी के माल या सामान को, बाहरी देशों तक भेजती है। और बाहरी देशों से देश में लाती है। कहने का आशय यह है की, उद्यमी को, एक ऐसी कंपनी के साथ, टाई अप करने की आवश्यकता होती है। जो उसके उत्पादों को, उसके ग्राहकों तक पहुँचाये। उद्यमी उन उत्पादों का, निर्यात कर सकता है, जो यहाँ पर अधिक मात्रा में, उत्पादित की जाती हों। और उन उत्पादों को, आयात कर सकता है, जिनकी यहाँ पर अधिक मांग हो।  

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