कार ड्राइविंग स्कूल कैसे शुरू करें? 8 Simple Steps to Start Car Driving School.

जैसा की आप सब अच्छी तरह से जानते हैं की एक Car Driving School में इच्छुक ग्राहकों को कार चलाना सीखाई जाती है । वर्तमान जीवनशैली में वाहनों का अहम् योगदान है वाहनों के माध्यम से ही मनुष्य प्रतिदिन दशकों, सैकड़ों किलोमीटर की दूरी तय कर पाने में सक्षम हो पाता है। लोगों के जीवनस्तर में हो रहे सुधार इस ओर स्पष्ट तौर पर इशारा कर रहे होते हैं की धीरे धीरे लोगों की आय में भी वृद्धि हो रही है। और इसमें कोई दो राय नहीं की जब मनुष्य की आय में बढ़ोत्तरी होती है तो वह अपने जीवन को सहज एवं सरल बनाने के लिए प्रयासरत भी होता है।

कहने का आशय यह है की जो व्यक्ति पहले सार्वजनिक वाहनों या पैदल ही अपने कार्यस्थल पर पहुँचता था। उसकी आय में वृद्धि होने के कारण वह मोटरसाइकिल से ऑफिस जाने लगा और जब उसका थोड़ा स्टेटस एवं कमाई फिर बढ़ गई तो अब उसने कार लेने की सोची। लेकिन चूँकि कार तो उसे चलानी आती नहीं थी इसलिए पहले उसने यही सोचा की किसी Car Driving School से पहले कार चलानी सीख ली जाय उसे बाद कार लूँगा।

जी हाँ कार ड्राइविंग स्कूल के ग्राहकों में कुछ ग्राहक ऐसे होते हैं तो कुछ ऐसे भी होते हैं जिनके घरों में पहले से कारें उपलब्ध होती हैं । लेकिन उनके माता पिता या बड़े बुजुर्ग उन्हें वे कार चलाने के लिए नहीं देते क्योंकि वे जानते हैं की इसमें बहुत बड़ा जोखिम हो सकता है । यही कारण है ऐसे माता पिता या बड़े बुजुर्ग अपने बच्चों को Car Driving School में कार चलाना सीखने के लिए भेजते हैं ।

क्योंकि वह कार जिसके माध्यम से ड्राइविंग स्कूल लोगों को कार चलाने का प्रशिक्षण देते हैं उसे प्रशिक्षण देने के लिए ही तैयार किया जाता है जिसके चलते उस कार में ब्रेक इत्यादि दो जगह लगाये जाते हैं। एक प्रशिक्षक की सीट के नीचे और दूसरा ड्राइविंग सीट के नीचे। यह इसलिए किया जाता है ताकि प्रशिक्षण लेने वाले व्यक्ति से कोई गलती हो जाय तो प्रशिक्षक ब्रेक लगाकर कार को रोक सके।

driving school kaise start kare
Car Driving School

कार ड्राइविंग स्कूल व्यापार क्या है? (What is Car Driving School Business)

 Car Driving School से हमारा अभिप्राय एक ऐसे संस्थान से है जो अपने ग्राहकों को कार चलाना सीखते हैं। आम तौर पर इनके द्वारा प्रतिदिन 1-2 घंटे का प्रशिक्षण दिया जाता है और यह प्रशिक्षण 15-20 दिनों के लिए निर्धारित होता है हालांकि अलग अलग ड्राइविंग स्कूलों द्वारा अलग अलग फीस निर्धारित होती है।

लेकिन आम तौर इस तरह के ये स्कूल 15-20 दिनों के 3500-5000 रूपये तक की फीस वसूलते हैं। इसलिए एक ऐसा व्यवसाय जिसमें उद्यमी अपने ग्राहकों को कार चलाने का प्रशिक्षण प्रदान करता है और इसके बदले में उनसे फीस वसूलता है इसी को Car Driving School Business कहा जाता है। कुछ ड्राइविंग स्कूल प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके लोगों को ड्राइविंग लाइसेंस इत्यादि प्राप्त करने में भी मदद करते हैं।

कार ड्राइविंग स्कूल बिजनेस कैसे शुरू करें? (How to Start a Car Driving School Business)

Car Driving School Business शुरू करने के लिए बहुत सारी बातों को ध्यान में रखने की आवश्यकता होती है। इसलिए जब भी कोई व्यक्ति इस तरह का व्यवसाय शुरू करने की सोच रहा हो उसे अनेकों बिन्दुओं पर विचार करने की आवश्यकता हो सकती है। जैसे वह कौन सी जगह होगी जहाँ से वह यह बिजनेस शुरू करेगा? ड्राइविंग स्कूल खोलने में कितना खर्चा आयेगा? क्या उस एरिया में पहले से कोई ड्राइविंग स्कूल संचालित हैं?

यदि है तो उनके द्वारा क्या क्या सुविधाएँ ऑफर की जा रही हैं? और शुरूआती दौर में उसे कितने वाहन एवं कर्मचारियों की आवश्यकता होगी? इसके अलावा इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए किन किन लाइसेंस एवं पंजीकरण की आवश्यकता हो सकती है। इत्यादि बातों पर भी उद्यमी को ध्यान देने की आवश्यकता होती है। तो आइये जानते हैं की कैसे कोई व्यक्ति खुद का कार ड्राइविंग स्कूल बिजनेस शुरू कर सकता है।

1. मार्किट रिसर्च करें :   

Car Driving School Business शुरू करने से पहले उद्यमी के लिए बेहद जरुरी हो जाता है की जिस एरिया में वह खुद का व्यवसाय शुरू करना चाहता हो वहाँ पर मार्किट रिसर्च शुरू करे। इसके लिए उद्यमी को उस एरिया विशेष में उपलब्ध कार वाहनों की संख्या इत्यादि का भी पता लगाने की आवश्यकता हो सकती है। क्योंकि ध्यान रहे जिस एरिया में लोगों के पास कारें होंगी ही नहीं या फिर उनकी इतनी कमाई ही नहीं होगी की वे कार खरीद सकें तो वहां पर कार सीखने वाले लोगों को ढूंढना किसी चुनौती से कम नहीं होगा।

और जिस एरिया में लोगों के पास कारें होंगी वहां पर कार सीखने वाले लोग अपने आप ही उद्यमी के कार्यालय में इस बारे में जानकारी लेने आयेंगे। इसके अलावा उद्यमी को उस एरिया में प्रतिस्पर्धा का पता लगाने के लिए यह जानकारी भी जुटाना अति आवश्यक है की उस एरिया में पहले से कोई कार ड्राइविंग स्कूल चल रहा है या नहीं।

यदि हाँ तो वे स्कूल कौन कौन से हैं ? और उन स्कूल द्वारा क्या क्या सर्विस किस दर पर ऑफर की जा रही हैं। इत्यादि का भी पता लगाने की आवश्यकता होती है। इन प्रश्नों के आकलन करके ही उद्यमी अपनी बिजनेस योजना को अधिक व्यवहारिक बना पाने में सफल हो पायेगा।

2. ऑफिस इत्यादि किराये पर लें

Car Driving School बिजनेस के लिए लोकेशन का चयन करते समय एक बात का ध्यान अवश्य रखना चाहिए की इसमें उद्यमी को कार सीखने के इच्छुक व्यक्तियों को उनके घर से ही पिक करना होता है। और घर पर ही छोड़ना भी होता है इसलिए यदि उद्यमी का ऑफिस किसी स्थानीय रिहायशी बाजार में उपलब्ध होगा तो उसे यह काम करने में बड़ी आसानी होगी ।

चूँकि उद्यमी को इस बिजनेस के लिए दो तीन या इससे भी अधिक कारें खरीदने की आवश्यकता हो सकती है इसलिए जहाँ उद्यमी इस तरह का यह बिजनेस स्थापित करने की सोच रहा हो वहां पर उचित पार्किंग व्यवस्था का होना भी नितांत आवश्यक है। उद्यमी को केवल ऑफिस के लिए ही नहीं एक क्लासरूम के लिए भी जगह की आवश्यकता होगी जो यदि ऑफिस से आत्ताच हो तो बेहद अच्छा रहता है ।  जगह या दुकान किराये पर लेते वक्त रेंट या लीज एग्रीमेंट बनाना न भूलें।

3. वित्त का प्रबंध करें

वित्त का प्रबंध करने से पहले उद्यमी को एक Car Driving School खोलने में कितना खर्चा आ सकता है इस बारे में जानकारी होना अत्यंत आवश्यक है। इसके लिए उद्यमी चाहे तो किसी बिजनेस कंसलटेंट से अपनी व्यवसाय की प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार कर सकता है जो न सिर्फ इस व्यवसाय को शुरू करने में आने वाले खर्चों का ब्यौरा देगी बल्कि आने वाले समय में उद्यमी को बैंक ऋण इत्यादि दिलाने में भी सहायक हो सकती है। चूँकि इसमें उद्यमी को कारें भी खरीदनी होती हैं और ड्राइविंग इंस्ट्रक्टर की भी नियुक्ति करनी होती है।

इसलिए इस बिजनेस में 10-15 लाख या इससे भी अधिक खर्चा आ सकता है यह 10-15 लाख खर्चा तब संभव है जब उद्यमी मात्र दो पुराने वाहन खरीदकर इस तरह का यह व्यवसाय शुरू करे। यदि उद्यमी वाहनों की संख्या एवं नए वाहन खरीदने की योजना बना रहा हो तो फिर यह खर्चा और भी अधिक बढ़ सकता है। इसलिए उद्यमी के लिए अपने व्यक्तिगत बचत से इतने सारे पैसों का प्रबंध कर पाना मुश्किल होगा। इसलिए उसे हो सकता है की बैंक या अन्य वित्तीय संस्थानों से ऋण लेने की आवश्यकता हो।        

5. लाइसेंस एवं रजिस्ट्रेशन (License for Car Driving School Business):

Car Driving School Business शुरू करने के लिए वित्त का प्रबंध करने के पश्चात उद्यमी का अगलाकदम इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए आवश्यक लाइसेंस एवं पंजीकरण के बारे में जानकारी जुटाकर उन्हें प्राप्त करने का होना चाहिए। उद्यमी चाहे तो अपने व्यवसाय को प्रोप्राइटरशिप के तहत रजिस्टर कर सकता है वह इसलिए क्योंकि इसके तहत रजिस्ट्रेशन इत्यादि करने के लिए बहुत सारी औपचारिकताओं की आवश्यकता नहीं होती है ।

और उद्यमी बिना किसी सरकारी कार्यालय के चक्कर लगाये हुए इस रजिस्ट्रेशन को ऑनलाइन कर सकता है। भारत में छोटे उद्यमी अधिकतर इसी तरह का बिजनेस रजिस्ट्रेशन कराते हैं ।

इसके अलावा उद्यमी को टैक्स रजिस्ट्रेशन, बैंक में चालू खाता इत्यादि खोलने की भी आवश्यकता हो सकती है। और चूँकि इसमें उद्यमी लोगों को कार चलाना सीखा रहा होता है इसलिए उद्यमी को आरटीओ ऑफिस से ड्राइविंग इंस्ट्रक्टर लाइसेंस लेने की भी आवश्यकता होती है। आरटीओ ऑफिस से यह लाइसेंस प्राप्त करने के बाद ही उद्यमी Car Driving School व्यवसाय शुरू करने के लिए पात्र हो पाता है।     

6. वाहन खरीदें और आरटीओ में रजिस्टर करें

हालांकि यह जरुरी नहीं है की उद्यमी अपने व्यवसाय को शुरू करने के लिए नए ही वाहन ख़रीदे यदि उद्यमी का बजट कम है तो वह पुराने वाहन भी सस्ते दामों में खरीदकर उनमें मॉडिफिकेशन कराके यह बिजनेस शुरू कर सकता है। आम तौर पर अधिकतर Car Driving School Business शुरू करने वाले उद्यमी ऐसा ही करते हैं। लेकिन पुराने वाहन खरीदते समय उस वाहन का पिछला रिकॉर्ड, पूरे दस्तावेज, एवं कहीं वह प्रदूषण इत्यादि की वजह से प्रतिबंधित तो नहीं है सभी डिटेल्स चेक करके ही लेना चाहिए।

चूँकि उद्यमी इसे व्यवसाय के लिए ले रहा हो तो इनका आरटीओ में कमर्शियल रजिस्ट्रेशन ही आवश्यक है यदि ऐसा नहीं है तो उद्यमी यह प्रक्रिया बाद में भी कर सकता है। पुराने वाहन खरीदने की स्थिति में उद्यमी को सभी वाहनों की ओनरशिप सम्बंधित आरटीओ ऑफिस में जाकर अपने नाम पर ट्रान्सफर करनी होगी।

जबकि नए वाहन खरीदने पर कार एजेंसी ही आरटीओ इत्यादि से समबन्धित सभी कार्यवाहियां खुद करती हैं । ध्यान रहे वाहनों का आरटीओ में रजिस्ट्रेशन के अलावा वाहनों का इंश्योरेंस, पोल्ल्युशन, परमिट इत्यादि भी समय समय पर रिन्यू किया जाना अति आवश्यक होता है।       

7. स्टाफ की नियुक्ति करें (Appoint Staff for Car Driving School):

Car Driving School को केवल एक कार से संचालित करना फायदेमंद नहीं है बल्कि उद्यमी को दो या फिर इससे अधिक कारों को काम पर लगाने की आवश्यकता हो सकती है। इसके लिए उद्यमी को कार चलाना सिखाने का प्रशिक्षण देने वाले प्रशिक्षणकर्ताओं की नियुक्ति करनी अति आवश्यक हो जाती है।

वैसे तो उद्यमी किसी भी ड्राईवर जिसे कार अच्छी तरह से चलानी आती हो की नियुक्ति कर सकता है लेकिन यदि उद्यमी का बजट थोड़ा अधिक है और वह चाहता है की उसके ग्राहक उसके ड्राईवर इत्यादि से परेशान न हों तो वह अनुभवी प्रशिक्षकों की नियुक्ति कर सकता है। उद्यमी को वाहनों की संख्या, एक्टिव ग्राहकों की संख्या, प्रशिक्षण के समय इत्यादि के मुताबिक ही स्टाफ की नियुक्ति करनी चाहिए।    

8. विज्ञापन करें और कमायें

हालांकि यदि आपके Car Driving School के बारे में कोई निष्पक्ष व्यक्ति अपने मुहँ से तारीफ करता है और बिना किसी स्वार्थ के अपने जानने वाले लोगों को आपके स्कूल से कार चलाना सीखने की सलाह देता है। तो इससे ख़ुशी की बात शायद ही कुछ और है वह इसलिए क्योंकि आज भी किसी निष्पक्ष व्यक्ति के मुहँ से की गई तारीफ बहुत सारे लोगों को प्रभावित करने में कामयाब हो जाती है।

लेकिन चूँकि आज का युग इन्टरनेट का युग है इसलिए लोगों को जो भी सेवा या उत्पाद खरीदना होता है वे एक बार इन्टरनेट के माध्यम से इस बारे में जानकारी प्राप्त करने की कोशिश अवश्य करते हैं। इसलिए उद्यमी को चाहिए की वह अपने Car Driving School की एक वेबसाइट बनाये और इसे हर प्लेटफोर्म पर प्रमोट करे। वह यह काम विभिन्न सोशल मीडिया वेबसाइट के अलावा गूगल एड, सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन इत्यादि के माध्यम से भी कर सकता है।

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