भारत में ऐसी कोई भी कंपनी जिसे शुरू हुए 7 साल से कम और उसका वार्षिक टर्नओवर 25 करोड़ से कम हो तो उसे Startup Company की संज्ञा दी जाती है। हालांकि स्टार्टअप की यह परिभाषा कितनी सटीक है, इसका अंदाजा आपको आगे इस लेख को पढ़ते ही चल जाएगा। लेकिन आम बोलचाल की भाषा में हर नयी कंपनी चाहे वह किसी पुराने आईडिया पर ही क्यों न आधारित हो, एक Startup Company है।

जबकि स्टार्टअप भी एक नई फसल उगाने की तरह है, यदि आपने इसे शुरू करने के लिए ढंग से बीज बोया होगा, उसका पालन पोषण सही ढंग से किया होगा और परिस्थितियाँ आपके अनुकूल होंगी, तो आपको आपकी मेहनत का फल अवश्य मिलेगा। बहुत सारे लोग जिनके दिमाग में Startup Company शुरू करने के लिए नए नए विचार होंगे, लेकिन फिर भी वे ये जानना चाहते हैं की वे भारत में खुद का स्टार्टअप कैसे शुरू कर सकते हैं।

startup company kya hai

ऐसे लोगों को बताना चाहेंगे की आगे इस लेख में हम इसी बात को केंद्र में रखकर चर्चा करने वाले हैं की कैसे कोई इच्छुक उद्यमी भारत में खुद की Startup Company शुरू कर सकता है। लेकिन उससे पहले हम एक बार यह समझने का प्रयत्न करेंगे की स्टार्टअप होते क्या हैं।

Startup Company क्या है

वैसे देखा जाय तो Startup Company की कई परिभाषाएं हो सकती हैं, लेकिन एक सर्वमान्य परिभाषा यह है की एक स्टार्टअप कंपनी वह नई कंपनी होती है, जिसे किसी अनोखे उत्पाद या सेवा को बाजार में उतारने के लिए बनाया गया हो। इस परिभाषा से स्पष्ट है की स्टार्टअप में इनोवेशन का समावेश अवश्य होना चाहिए, अन्यथा उसे स्टार्टअप कहना उचित नहीं होगा।

Startup Company की संरचना मौजूदा उत्पादों एवं सेवाओं की कमियों को दूर करके उन्हें नए तरीके से बाजार में उतारने के लिए की जाती है। इसलिए यह जरुरी नहीं है की कोई नए उत्पाद या सेवा विकसित करने वाली कंपनी ही स्टार्टअप कहलाएगी। बल्कि एक ऐसी कंपनी जो उस उत्पाद या सेवा में थोड़ा बहुत बदलाव करके नई तकनीक का इस्तेमाल करके उसे बाजार में उतारती है, तो उसे भी स्टार्टअप कहा जाएगा।

अब सवाल यह उठता है की कंपनी को कब तक Startup Company कहा जाय, तो भारत में एक ऐसी कंपनी जिसे शुरू हुए 7 वर्षों से कम का समय हुआ हो, और उस कंपनी का टर्नओवर 25 करोड़ से कम हो, उसे स्टार्टअप कहा जाता है।

इसलिए एक ऐसी कंपनी जिसे किसी व्यक्ति या व्यक्तियों के एक समूह ने किसी उत्पाद या सेवा में बदलाव या विकसित करके शुरू किया हो, और उसे संचालित किये हुए 7 वर्षों से कम का समय हुआ हो। और उस कंपनी का सालाना टर्नओवर 25 करोड़ रूपये (250 Million) से अधिक न हो, को Startup Company कह सकते हैं।

यहाँ पर ध्यान देने वाली बात यह है की हर देश की अर्थव्यवस्था ने स्टार्टअप की अलग अलग परिभाषा दी है। इसलिए स्टार्टअप की कोई एक निश्चित परिभाषा देना कठिन है, जहाँ भारत ने 7 वर्षों को बेंचमार्क माना है, वही यूरोप में इसे 10 वर्ष निर्धारित किया गया है। 

खुद की Startup Company कैसे शुरू करें

हमारा देश भारत युवाओं का देश है, इसलिए यहाँ पर सपने देखने वालों की कोई कमी नहीं है। लेकिन सच्चाई यह है की सपने देखने वालों की एक लम्बी तादात होने के बावजूद, करने का जोखिम लेने वालों की संख्या यहाँ बेहद कम है। इसलिए यदि आप भी सिर्फ सपने देखने वालों की भीड़ में शामिल हैं, तो यह लेख शायद आपके लिए नहीं है। यह लेख उनके लिए है जो सपने भी देखते हैं, उन्हें पूरा करने के लिए प्रयासरत भी रहते हैं ।

कहने का आशय यह है की यदि आप खुद की Startup Company शुरू करना चाहते हैं, लेकिन आप समझ नहीं पा रहे हैं की आप यह कैसे कर सकते हैं, तो हमारा यह लेख आपके लिए उपयोगी सिद्ध हो सकता है।

1. इनोवेटिव बिजनेस आईडिया का चुनाव करें

हर बिजनेस की सफलता इस बात पर निर्भर करती है, की वह दूसरों से कितना अलग है। अर्थात यदि बिजनेस आईडिया इनोवेटिव हो तो Startup Company की सफलता की अधिक संभावना होती है। आप सोच सकते हैं की टाटा, रिलायंस जैसी कंपनी भी कभी स्टार्टअप थी। और यदि आप इन सभी सफल बिजनेस और इनके संस्थापकों पर एक नजर डालेंगे, तो इन सबमें आपको एक समान बात नजर आएगी की उन्होंने लोगों की आवश्यकताओं को समझकर उनका हल बाजार में बेचा।  

इसलिए यदि आप खुद भी Startup Company शुरू करना चाहते हैं, तो सबसे पहले आपको लोगों की आवश्यकताओं और समस्याओं को समझना होगा। ताकि आप उनकी समस्याओं आवश्यकताओं का हल लेकर बाजार में उतर सकें। इसके अलावा आप चाहें तो खुद की समस्या को मद्देनज़र रखकर भी उसका हल बेचने के लिए बाजार में आ सकते हैं। ध्यान रहे स्टार्टअप की नीव एक इनोवेटिव सोल्यूशन पर ही टिकी होती है।     

2. आईडिया को वेलिडेट करें

अब यदि आपने लोगों की समस्या को समझते हुए उसका कोई इनोवेटिव हल ढूंढ लिया हो, तो अब Startup Company शुरू करने के लिए उस इनोवेटिव सोल्यूशन को वेलिडेट करने का समय आ गया है। आपका वह इनोवेटिव आईडिया मार्किट में कैसा परफॉर्म करेगा, इसके लिए आपको मार्किट रिसर्च करनी होगी। मार्किट रिसर्च करने के लिए आप निम्नलिखित टिप्स को अपना सकते हैं।

  • आप चाहें तो अपने उत्पाद या इनोवेटिव आईडिया का एक लेआउट तैयार कर सकते हैं, इसमें विशेषताएं, उपयोग, टार्गेटेड ऑडियंस, लाभ इत्यादि सब कुछ शामिल होना चाहिए।
  • प्रतिस्पर्धा का आकलन करने के लिए इन्टरनेट की मदद से उसी प्रकार के उत्पाद या सेवा को ढूँढने की कोशिश करें।
  • यदि आपको आपके जैसे विशेषता, गुण, उपयोग वाले उत्पाद और सेवा इन्टरनेट पर मिलते हैं, तो आपका उत्पाद या सेवा उससे कैसे अलग होगी, के लिए उसके हर पहलू की जाँच करें।
  • उत्पाद या सेवा को ग्राहकों के मुताबिक बनाने के लिए उनके रिव्यु प्राप्त करें ताकि लांच से पहले ही आप उसमें जरुरी बदलाव कर पायें।      

3. प्रोडक्ट या सर्विस का विश्लेषण करें

आपका किसी समस्या से एनकाउंटर हुआ, जैसे आप इनस्टाग्राम से कोई विडियो डाउनलोड करना चाहते थे, लेकिन आप यह नहीं कर पाए। आपने सोचा की ऐसा चाहने वाला कोई मैं अकेला तो होऊंगा नहीं, तो आपने उस समस्या से निजात दिलाने के लिए एक एप्प विकसित की। लेकिन आपको यह पता कैसे चलेगा की जो एप्प आपने बनाई है इस समस्या को हल करने का बेस्ट विकल्प यही है। इसके लिए आपको अपने प्रोडक्ट या सर्विस का विश्लेषण करना होगा।

इसलिए यदि आप चाहते हैं की शुरू होने के बाद भी आपकी Startup Company बढ़िया चलती रहे, तो आपको चेक करना होगा की आपका प्रोडक्ट लोगों को क्या प्रदान करने वाला है? और क्या जो आपका प्रोडक्ट लोगों को देगा, वह मार्किट में पहले से उपलब्ध है या नहीं? इसलिए एक Startup Company के लिए यह बेहद जरुरी हो जाता है की वह जो भी लोगों को बेच रही हो, वह मौजूदा प्रोडक्ट या सर्विस से भिन्न होना चाहिए, और यह भिन्नता उसमें लाएगी इनोवेशन। हमेशा इनोवेटिव आईडिया को ही तवज्जो दीजिये।

इसके अलावा अपने प्रोडक्ट या सर्विस का विश्लेषण करने के लिए स्वयं से यह प्रश्न पूछिए की क्या वास्तव में बाजार को आपके प्रोडक्ट या सर्विस की जरुरत है? इसका जवाब भी आपको लगों से और बाजार से ही मिलेगा। और अंत में अपने आप से यह भी पूछिए की जो आप कर रहे हैं आप उसका आनंद तो ले रहे हैं? कहीं ऐसा तो नहीं, जो आप कर रहे हैं आपको बोझ लग रहा हो। जो आज आप कर रहे हैं यदि आपको यह बोझ लग रहा है तो यकीन मानिए भविष्य में आप अपनी Startup Company का बोझ नहीं उठा पाएँगे।               

4. एक प्रभावी बिजनेस प्लान तैयार करें

जब आप खुद की Startup Company शुरू कर रहे होते हैं तो इस प्रक्रिया में बिजनेस प्लान बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। बिजनेस प्लान की यदि हम बात करें तो यह एक लिखित दस्तावेज होता है, जिसमें उस बिजनेस के सभी आवश्यक पहलू जैसे लक्ष्य, रणनीति, समय सीमा, लाभ, हानि, अनुमानित खर्चा, कमाई इत्यादि शामिल होता है।

  • एक प्रभावी बिजनेस प्लान के कुछ आवश्यक तत्वों में निम्नलिखित शामिल हैं।
  • बिजनेस का संक्षिप्त सारांश जिसमें व्यवसाय के सभी महत्वपूर्ण बिंदु शामिल हों।
  • बिजनेस का अवलोकन जैसे लोकेशन, बिजनेस का प्रकार प्रकृति, क़ानूनी संरचना साधन और बहुत कुछ।
  • बिजनेस ऑपरेशन का प्रॉपर प्लान।
  • बाजार का विस्तृत विश्लेषण।
  • प्रोडक्ट और सर्विस की डिटेल्स।
  • बाजार में उपलब्ध प्रतिस्पर्धा का विश्लेषण।
  • प्रबंधन टीम की पूरी जानकारी।
  • फाइनेंसियल प्लान।
  • भविष्य के लक्ष्य एवं पूर्वानुमान।     

5. Startup Company के नाम पर विचार करें

हालांकि उद्यमी जो खुद की Startup Company शुरू करने के बारे में सोचते हैं, उन्हें लगता है की कंपनी का नाम चयन करना तो सबसे आसान कामों में से एक है। जबकि ऐसा नहीं है, कंपनी का नाम चयन करना भी चुनौतीपूर्ण टास्क है। नीचे कुछ टिप्स दिए जा रहे हैं जिन्हें अपनाकर नाम चयन करने में आसानी हो सकती है।

  • कंपनी का नाम ऐसा होना चाहिए जो आपके बिजनेस से मेल खाता हो।
  • नाम का चयन करते समय कीवर्ड का विशेष ध्यान रखें।
  • नाम ऐसा होना चाहिए जिसे कहने और समझने में आसानी हो, और जल्दी से याद किया जा सके।
  • लम्बे नामों से बचें और नाम के पीछे के मनोविज्ञान को समझने का प्रयत्न करें।     

6. सह संस्थापक ढूंढें

चूँकि आप किसी नए आईडिया पर अपना सब कुछ निवेश करने को तैयार रहते हैं, इसलिए आपको भी नहीं पता होता की भविष्य में आपकी Startup Company लाभ कमा पाएगी या नहीं। ऐसे में यदि आप कोई पार्टनर ढूंढ लें तो आपके सारे जोखिम आधे आधे हो जाते हैं। हाँ यह अलग बात है की जब कंपनी लाभ कमाने लग जाती है तो प्रॉफिट भी आधा आधा ही हो जाता है। लेकिन कभी कभी दो लोगों के काम करने की शैली अनुभव इत्यादि कमाल करते हैं और Startup Company को सफलता की बुलंदियों तक पहुंचा देते हैं।

ऐसे में प्रश्न यह आता है की अपने स्टार्टअप के लिए अच्छा पार्टनर कैसे ढूंढें? वैसे आप चाहें तो अपने आस पास उपलब्ध लोगों का जायजा ले सकते हैं? क्या कोई ऐसा है जिसके विचार आपसे मिलते हैं और जिसकी रूचि बिजनेस में है। इसके अलावा जिस पर आप विश्वास कर सकें, उसके पास वह कौशल हो जो आपको आपके Startup Company के पार्टनर के तौर पर चाहिए , ईमानदार हो और पर्सनालिटी अच्छी हो इत्यादि।      

7. अपने स्टार्टअप को रजिस्टर करें

जब आप अपनी Startup Company के लिए पार्टनर या सह संस्थापक ढूंढ लेते हैं तो अगला स्टेप स्टार्टअप को रजिस्टर करने का होना चाहिए । आप पार्टनरशिप फर्म के तौर पर इसे रजिस्टर करा सकते हैं। इसके अलावा आपको टैक्स रजिस्ट्रेशन के तौर पर जीएसटी रजिस्ट्रेशन, लोकल अथॉरिटी जैसे नगर निगम, नगर पालिका रजिस्ट्रेशन विभिन्न प्रकार की एनओसी इत्यादि की आवश्यकता हो सकती है।

हालांकि लाइसेंस एवं रजिस्ट्रेशन की लिस्ट आपके द्वारा किये जाने वाले व्यवसाय के प्रकार, प्रकृति, दायरे इत्यादि पर निर्भर करेगी। 

8. अपनी टीम बनाएँ

कंपनी का अर्थ ही साथ मिलकर काम करना है, और एक अच्छी टीम किसी भी कंपनी को फर्श से अर्श तक पहुंचा सकती है, इसमें कोई दो राय नहीं है। यदि आप एक सफल Startup Company चलाना चाहते हैं तो आपको एक अच्छी टीम बनानी होगी। अच्छी टीम बनाने के लिए आपको उन लोगों को ढूंढना होगा जो वास्तव में कुछ बदलना चाहते हैं। एक अध्यन के मुताबिक 60% स्टार्टअप को इसलिए असफल होना पड़ता है क्योंकि उनमें टीम अच्छी नहीं थी।

इसलिए यदि आप चाहते हैं की आपकी Startup Company उस 60% में शामिल न हो, तो आपको ऐसे लोगों को ढूंढना ही होगा जो दुनिया बदलना चाहते हैं। क्योंकि आपकी ड्रीम टीम ही आपको सफलता के शिखर तक पहुँचाने में सबसे बड़ा योगदान देगी।      

9. Startup Company के लिए फण्ड रेज करें

एक आंकड़े के मुताबिक 90% Startup Company उनके शुरू होने के 5 सालों के भीतर ही बंद हो जाती हैं। और इनमें अधिकतर ऐसी कम्पनियाँ होती हैं जो फण्ड की कमी के चलते बंद हो जाती हैं। इसलिए स्टार्टअप रुपी बस को चलाने के लिए पैसे रुपी ईधन की आवश्यकता बार बार होती है। यही कारण है की किसी भी स्टार्टअप के लिए फंड रेज करना तो महत्वपूर्ण है ही, बल्कि उस फण्ड का स्मार्ट तरीके से इस्तेमाल करना भी अति आवश्यक है।

प्राप्त किये गए धन को उन चीजों पर स्मार्ट तरीके से खर्च किया जान चाहिए जो आपके व्यवसाय की तरक्की में मदद करें। आप विभिन्न स्रोतों जैसे सेल्फ फंडिंग, एंजेल इन्वेस्टर, बैंक लोन, सरकारी योजनाओं के तहत लोन इत्यादि लेकर अपने व्यवसाय को वित्त पोषित कर सकते हैं।      

10. वेबसाइट, ब्रांडिंग और लांच करें

वर्तमान में किसी भी व्यवसाय की डिजिटली उपलब्धता अत्यंत आवश्यक है, इसलिए अपने बिजनेस को डिजिटली उपलब्ध कराने के लिए व्यवसाय के नाम की वेबसाइट अवश्य बनाएँ। इसके लिए आप किसी वेब डेवलपर या डिजिटल मार्केटिंग कंपनी की मदद ले सकते हैं या फिर अपनी Startup Company में आईटी की टीम भी नियुक्त कर सकते हैं। ब्रांडिंग के लिए आपको अपने व्यवसाय को एक यूनिक पहचान देनी होगी यह एक लोगो भी हो सकता है और इसका ट्रेडमार्क रजिस्ट्रेशन किया जाना चाहिए।

ताकि आपके लोगो इत्यादि की अन्य कोई कॉपी न कर सकें और आपके ब्रांड को किसी प्रकार की हानि नहीं पहुंचा सके।  

11. अपने स्टार्टअप को आगे बढ़ाएं

अपनी Startup Company को बढ़ाने के लिए आपको तरह तरह के प्रयास करने की आवश्यकता होती है। वर्तमान में अधिक से अधिक ग्राहकों तक पहुँच बनाने के लिए आप अपने सोशल मीडिया पेज, एडवरटाइजिंग और मार्केटिंग तकनीक का इस्तेमाल कर सकते हैं। आप लोगों को ईमेल भेजकर, अपने स्टार्टअप के बारे में ब्लॉग लिखवाकर, सोशल नेटवर्क का उपयोग करके, गूगल एड का इस्तेमाल करके अपनी बिक्री बढ़ाने का प्रयत्न कर सकते हैं।

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