चप्पल बनाने का बिजनेस कैसे शुरू करें? How to Start Slippers Manufacturing Business.

चप्पल से तो आप सभी अच्छी तरह से अवगत होंगे यदि हाँ तो Slippers Manufacturing में कितनी संभावनाएं हैं इस बात से भी शायद आप अनभिज्ञ नहीं होंगे । वह इसलिए क्योंकि आप अपने घर में भी प्रत्येक सदस्य के पास कम से कम एक जोड़ी चप्पल तो अवश्य देखते होंगे, ऐसे में आपके दिमाग में यह प्रश्न अवश्य कौंधता होगा की जिस तरह चप्पल की आवश्यकता मुझे और मेरे परिवार को होती है।

उसी तरह अन्य लोगों को भी इसकी आवश्यकता अवश्य होती होगी, जी हाँ आपका सोचना बिलकुल सही है। चप्पल दैनिक इस्तेमाल में लायी जाने वाली एक ऐसी वस्तु है जिसकी आवश्यकता बच्चे से लेकर बूढों तक सभी को होती है। और यहाँ पर एक बात और भी स्पष्ट कर देना बेहद जरुरी है की जहाँ पहले चप्पल का इस्तेमाल घर से बाहर निकलते वक्त ही होता था वर्तमान में घर के अंदरूनी हिस्से में चलने के लिए भी चप्पलों का इस्तेमाल किया जाने लगा है, जिससे पहले के मुकाबले इनकी मांग में काफी वृद्धि हो गई है।

ऐसे में किसी भी इच्छुक व्यक्ति के लिए Slippers Manufacturing Business शुरू करना लाभकारी हो सकता है। इसलिए आज हम हमारे इस लेख में चप्पल बनाने के बिजनेस के बारे में उपयुक्त जानकारी देने का प्रयत्न करेंगे, लेकिन उससे पहले जान लेते हैं की इस तरह का यह व्यवसाय है क्या?

Slippers Manufacturing Business

चप्पल बनाने का बिजनेस क्या है? (What is Slippers manufacturing Business):

जैसा की हम सब अच्छी तरह से जानते हैं की पाँव मनुष्य शरीर का एक अभिन्न अंग है और जब कोई मनुष्य नंगे पैर सड़क पर चलता है तो उसे कांटे, पत्थर इत्यादि से पैरों को नुकसान या चोट लगने का खतरा होता है। इसी खतरे को कम करने के लिए लोगों द्वारा पांवों में चप्पल पहनी जाती हैं ताकि उनके पैर पत्थर की ठोकरों, सड़क पर मौजूद काँटों इत्यादि से सुरक्षित रह सकें।

जहाँ तक चप्पल की बात है ये पाँव के आकार की एक पट्टी होती है जिसके उपरी तरफ एक फीता लगा होता है जिसे अंगूठे के माध्यम से पहनने पर वह पैर पर फिट हो जाता है। लेकिन वर्तमान में चप्पल का इस्तेमाल पैरों ठन्डी, गर्मीं इत्यादि से बचाने के लिए भी किया जाता है, यही कारण है की घर के अंदर भी इनका इस्तेमाल किया जाता है। इन चप्पलों को आम तौर पर रबर की पट्टी से बनाया जाता है हालांकि वर्तमान में प्लास्टिक की पट्टियों से भी चप्पलों का निर्माण शुरू हो गया है।

लेकिन Slippers Manufacturing में अधिकतर रबर की पट्टी का ही इस्तेमाल किया जाता है क्योंकि रबर से निर्मित चप्पल अधिक प्रचलित और लोकप्रिय हैं और इनका टिकाऊपन और चलने की क्षमता भी अधिक होती है। इसलिए जब किसी इच्छुक उद्यमी द्वारा व्यवसायिक तौर पर चप्पल बनाने का काम किया जाता है तो उसके द्वारा किया जाने वाला यह कार्य ही Slippers manufacturing Business कहलाता है।

चप्पलों की बिक्री संभाव्यता  

चप्पल की यदि हम बात करें तो यह एक ऐसी वस्तु जिसका इस्तेमाल लगभग हर घर में किया जाता है इसलिए समाज के हर वर्ग द्वारा बड़े पैमाने पर चप्पल या हवाई चप्पल को उपयोग में लाया जाता है। यद्यपि Slippers Manufacturing Business करने वाली कम्पनियां और उद्यमी पहले से विद्यमान हैं लेकिन इस उत्पाद की मांग इतनी अधिक है की और भी अनेकों इकाइयाँ इस बिजनेस से लाभ प्राप्त कर सकती हैं।

और दूसरी बात एक यह भी है की जो कम्पनियां और उद्यमी चप्पल का निर्माण कर रहे होते हैं वे अन्य फुटवियर जैसे जूते, सैंडल का भी निर्माण कर रहे होते हैं जिससे वे अपने उत्पाद में विशिष्टता नहीं ला पाते। इसलिए यदि कोई इच्छुक उद्यमी केवल चप्पल बनाने के बिजनेस में विशिष्टता हासिल करता है, और अच्छी गुणवत्तायुक्त एवं टिकाऊ चप्पल अपने ग्राहकों को उचित दामों में बेचता है तो वह इस व्यवसाय से काफी लाभ प्राप्त कर सकता है।

हालांकि जैसा की हम सब अच्छी तरह से जानते हैं की चप्पल की आवश्यकता प्रत्येक बच्चे, युवा, बूढ़े सभी को है इसलिए यह जरुरी नहीं है की यह उत्पाद सिर्फ शहरी इलाकों में ही बिकेगा बल्कि अर्धशहरी और ग्रामीण क्षेत्र भी इसके बड़े उपभोक्ता हैं। लेकिन उन्हें अपने Slippers Manufacturing Business या उत्पाद के बारे में बताने के लिए उद्यमी को स्थानीय समाचार पत्रों, केबल टीवी चैनलों, कियोस्क, बैनर, होर्डिंग्स, सोशल मीडिया, गूगल एड इत्यादि के माध्यम से विज्ञापन करने की आवश्यकता हो सकती है।

चप्पल बनाने का बिजनेस कैसे शुरू करें? (How to Start Slippers Manufacturing Business):

वैसे देखा जाय तो Slippers Manufacturing Business एक ऐसा व्यवसाय है जिसे मैन्युअल मशीनों की मदद से बेहद कम निवेश यहाँ तक 50-80 हज़ार रूपये निवेश करके शुरू किया जा सकता है। क्योंकि इन मशीन के माध्यम से उद्यमी आवश्यकतानुसार स्ट्रिप कटिंग, फीते लगाने के लिए छेद इत्यादि आसानी से कर सकता है जबकि फीतों को उद्यमी को बने बनाये कच्चे माल के तौर पर खरीदना होता है।

हालांकि चप्पल बनाने वाली मशीन अधिक उत्पादन क्षमता के साथ आटोमेटिक भी आती हैं लेकिन शुरूआती दौर में कोई भी बिजनेस छोटे निवेश के साथ ही शुरू किया जाना उचित होता है। और जब उद्यमी को लगे की उसका उत्पाद काफी बिक सकता है तो वह अपनी इकाई की उत्पादन क्षमता को बढ़ाने के लिए मशीनरी इत्यादि में बदलाव कर सकता है। तो आइये जानते हैं की कैसे कोई व्यक्ति खुद का चप्पल बनाने का बिजनेस शुरू कर सकता है।

1. जमीन और बिल्डिंग का प्रबंध करें

जैसा की हम उपर्युक्त वाक्य में भी बता चुके हैं की वर्तमान में Slippers Manufacturing Business शुरू करना बेहद आसान हो गया है, क्योंकि रबर की पट्टी कटिंग करने की और उन पर छेद करने की बेहद छोटी छोटी मशीनें आने लगी हैं। इन छोटी मशीनों का फायदा यह है की इन्हें इनस्टॉल करने के लिए बहुत अधिक जगह की आवश्यकता भी नहीं होती है।

इसलिए इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए उद्यमी चाहे तो कोई एक छोटी सी दुकान 100-200 Square feet किराये पर ले सकता है लेकिन ध्यान रहे उसका रेंट एग्रीमेंट इत्यादि बनवाना आवश्यक है। क्योंकि विभिन्न प्रकार के लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन में इस दस्तावेज को पता प्रमाण के तौर पर इस्तेमाल में लाया जा सकता है।     

2. वित्त का प्रबंध करें

यदि उद्यमी मैन्युअल मशीन के माध्यम से ही Slippers Manufacturing Business शुरू करना चाहता है तो उसे बहुत अधिक वित्त का प्रबंध करने की आवश्यकता नहीं है। वह 50से 80 हज़ार रुपयों में इस तरह के इस व्यवसाय को शुरू कर सकता है क्योंकि Slipper Making मैन्युअल मशीन की कीमत 25 हज़ार रुपयों से शुरू हो जाती है।

इसलिए मशीनरी, कच्चा माल और लगभग एक महीने का किराया का प्रबंध 50 से 80 हज़ार रुपयों में आसानी से हो सकता है। यदि उद्यमी बड़ी उत्पादन क्षमता का प्लांट स्थापित करने की योजना बना रहा है तो फिर उसे बड़े मात्रा में निवेश करने की आवश्यकता होगी। उद्यमी बैंक ऋण या अपनी व्यक्तिगत बचत के माध्यम से वित्त का प्रबंध कर सकता है।      

3. लाइसेंस और पंजीकरण प्राप्त करें  

बिलकुल छोटे स्तर पर यानिकी कुटीर उद्योग के तौर पर Slippers manufacturing Business शुरू करने के लिए किसी प्रकार के लाइसेंस और पंजीकरण की अनिवार्यता नहीं है। लेकिन यदि उद्यमी अपने उत्पाद को खुद का ब्रांड नाम देना चाहता है तो उसे निम्नलिखित लाइसेंस और पंजीकरण की आवश्यकता हो सकती है।

  • व्यवसाय को रजिस्ट्रार ऑफ़ कम्पनीज में रजिस्टर कराना।
  • टैक्स रजिस्ट्रेशन जैसे जीएसटी रजिस्ट्रेशन।
  • व्यवसाय के नाम से बैंक में चालू खाता।
  • फैक्ट्री और ट्रेड लाइसेंस।
  • उद्यम पोर्टल रजिस्ट्रेशन।
  • ट्रेडमार्क रजिस्ट्रेशन।
  • BIS सर्टिफिकेशन ।  

4. मशीनरी और कच्चा माल खरीदें

Slippers Manufacturing Business में इस्तेमाल होने वाले प्रमुख मशीनरी और उपकरणों की लिस्ट इस प्रकार से है।

  • मोटर, स्टैंड, टेबल क्लच टाइप के साथ फ्लेट बेड स्युइंग मशीन
  • ड्रिलिंग मशीन
  • कंबाइंड फिनिशिंग मशीन
  • स्टेपलिंग मशीन
  • प्लास्टिक लास्ट
  • विभिन्न आकार और शेप की कटिंग डाई
  • अन्य हैण्ड टूल्स और उपकरण

जहाँ तक आवश्यक कच्चे माल की बात है इसके लिए रबर शीट और स्लिपर स्ट्रैप्स(फीतों) की आवश्यकता होती है। और सहायक कच्चे माल के तौर पर पैकिंग सामग्री भी चाहिए होती है। उद्यमी कच्चे माल को उन्हीं सप्लायर या विक्रेता से खरीद सकता है जिनसे वह मशीनरी खरीद रहा हो। ध्यान रहे कच्चे माल की क्वालिटी जितनी बढ़िया होगी उससे चप्पल का निर्माण भी उतना ही बढ़िया होगा।    

5. चप्पल निर्माण शुरू करें  

Slippers Manufacturing Process में सबसे पहले आवश्यक रंग की रबर शीट को ले लिया जाता है उसके बाद उस रबर शीट को मशीन में बने मोल्ड के नीचे रख दिया जाता है। और मशीन को गरम करने के लिए चालू कर दिया जाता है उसके थोड़ी देर बाद मशीन के नीचे लगी रबर शीट में मोल्ड के माध्यम से दबाव बनाया जाता है ताकि वह रबर शीट के मोल्ड के आकार के मुताबिक कट जाय।

इस Slippers Manufacturing प्रक्रिया में जो मशीन में मोल्ड होते हैं वे चप्पल की आकृति के ही होते हैं इसलिए दबाव पड़ने पर रबर शीट चप्पल का आकार ले लेती है। उसके बाद ड्रिलिंग मशीन इत्यादि के माध्यम से इस रबर शीट पर स्ट्रैप्स के मुताबिक छेद कर दिए जाते हैं आम तौर पर तीन छेद किये जाते हैं। लेकिन कई चप्पलें ऐसी होती हैं जिन पर उनके स्ट्रैप्स के डिजाईन के मुताबिक पांच छेद भी किये जाते हैं।

Slippers बनाने की प्रक्रिया में उसके बाद फिनिशिंग मशीन के माध्यम से इनकी फिनिशिंग करके इन पर स्ट्रैप्स पहना लिए जाते हैं। और क्वालिटी चेक करने के बाद इन्हें बेचने के लिए पैक कर दिया जाता है।

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