रिक्रूटमेंट एजेंसी [Recruitment Agency] क्या है? और कैसे शुरू करें |

Recruitment Agency के शाब्दिक अर्थ की बात करें तो इसका मतलब भर्ती एजेंसी से लगाया जा सकता है। इसी भर्ती एजेंसी को कई अन्य नामों जैसे जॉब कंसल्टेंसी, स्टाफिंग सर्विसेज फर्म, एचआर कंसल्टेंसी इत्यादि के नाम से भी जाना जाता है।

जैसा की हम सब जानते हैं की भारत जनसँख्या के मामले में एक विशाल देश है इसलिए यहाँ प्रत्येक साल लाखों लोग अपनी पढाई पूरी करके रोजगार के लिए तैयार हो जाते हैं लेकिन इसके बावजूद भी भारत में बेरोजगारी की दर बहुत अधिक है।

यही कारण है की यहाँ किसी भी कंपनी, संस्थान इत्यादि में नौकरी पाने के लिए उम्म्मीद्वारों को काफी सब्र मेहनत करने की आवश्यकता होती है। दूसरी तरफ वे कम्पनियां, फैक्ट्री, संगठन, संस्थान होते हैं जिन्हें अलग अलग पदों के लिए योग्य उम्मीदवारों की आवश्यकता होती है एक Recruitment Agency इन दोनों के बीच मध्यस्थता के तौर पर कार्य करती है।

जैसा की हम बता ही चुके हैं की भारत जनसँख्या के मामले में पूरे विश्व में दूसरा सबसे बड़ा देश है इसलिए मानव पूँजी या मानव संसाधन भारत की सबसे बड़ी सम्पति है। योग्य भारतीय प्रोफेशनल और कामगार प्रतिस्पर्धी दरों पर काम करने के लिए भारत में उपलब्ध हैं ये आबादी देश में या देश के बाहर प्रतिस्पर्धी दरों पर काम करने के लिए तैयार बैठी है।

ऐसे में यदि कोई उद्यमी खुद की Recruitment Agency खोलकर इस तरह की आबादी को टारगेट करके उन्हें भारत से बाहर की देशों में काम करने के लिए भेजता है तो यह उसके लिए काफी लाभकारी व्यवसाय हो सकता है। इसलिए आज हम इस लेख के माध्यम से इसी विषय पर विस्तृत जानकारी देने का प्रयत्न कर रहे हैं। लेकिन उससे पहले यह जान लेते हैं की रिक्रूटमेंट एजेंसी होता क्या है?

Recruitment Agency Kaise shuru kare
Recruitment Agency Kaise shuru kare

रिक्रूटमेंट एजेंसी क्या है ( What is Recruitment Agency in Hindi):  

रिक्रूटमेंट एजेंसी नौकरी ढूँढने वालों और नौकरी देने वालों के बीच मध्यस्थता के तौर पर कार्य करने वाली निकाय है। कहने का आशय यह है की एक भर्ती एजेंसी ऐसे संगठनों जो किसी पद के लिए योग्य उम्मीदवार ढूंढ रहे होते हैं, और ऐसे योग्य उम्मीदवार जो नौकरी ढूंढ रहे होते हैं के बीच मध्यस्थता करके दोनों की आवश्यकताओं को पूर्ण करना है।

Recruitment Agency की मध्यस्थता से कंपनी को योग्य उम्मीदवार मिल जाते हैं और योग्य उम्मीदवारों को उनकी योग्यता के मुताबिक नौकरी मिल जाती है। एक भर्ती एजेंसी का कार्य किसी पद के लिए सबसे योग्य उम्मीदवार को ढूंढना होता है, जैसा नौकरी देने वाली कंपनी चाहती है। यही कारण है की जब भी किसी व्यवसायिक संगठन को त्वरित कर्मचारियों की आवश्यकता होती है वे भर्ती एजेंसीयों की सहायता से अपने कार्यबल का विस्तार कर पाने में सक्षम हो पाते हैं।

रिक्रूटमेंट एजेंसी की आवश्यकता और कार्य

किसी भी व्यवसायिक संगठन को सफलतापूर्वक चलाने के लिए कार्यबल अर्थात कर्मचारियों की आवश्यकता तो होती ही होती है। और यदि व्यवसायिक संगठन खुद योग्य उम्मीदवारों को ढूँढने का काम करें तो यह प्रक्रिया उनके लिए काफी थकाने वाली हो सकती है। इसलिए व्यवसायिक संगठन ऐसे कामों के लिए Recruitment Agency की मदद लेते हैं।

व्यवसायिक संगठनों के लिए भर्ती एजेंसीयों को योग्य उम्मीदवार उम्मीदवार ढूँढने का यह काम देना उन्हें थकान और तनाव से मुक्त रखने में मदद करता है इसके अलावा इस तरह की एजेंसीयां सभी उम्मीदवारों के प्रभावी तौर पर बैकग्राउंड इत्यादि चेक करती हैं और यह भी सुनिश्चित करती है की किसी भी पद के लिए सबसे योग्य उम्मीदवार व्यवसायिक संगठन को मिले।

अब सवाल यह उठता है की भर्ती एजेंसी काम कैसे करती हैं? तो सबसे पहले भर्ती एजेंसी को किसी व्यवसायिक संगठन के साथ जुड़ना होता है और जब वह व्यवसायिक संगठन विभिन्न पदों पर रिक्तियाँ निकालता है, तब Recruitment Agency अपने मौजूदा डाटाबेस से सही उम्मीदवारों का मिलान करके उन्हें फ़ोन कॉल करके उस संगठन में इंटरव्यू के लिए भेजना होता है।

यदि भर्ती एजेंसी के ,मौजूदा डाटाबेस से कोई मिलान नहीं हो पा रहा है तो भर्ती एजेंसी ऑनलाइन अन्य स्रोतों के माध्यम से योग्य उम्मीदवार ढूँढने का प्रयत्न कर सकती है। और जिनकी डिटेल उस दी गई रिक्तियों से मिल गई उन्हें फ़ोन कॉल करके उस व्यवसायिक संगठन में इंटरव्यू के लिए भेज सकती है।

जहाँ तक भर्ती एजेंसी की कमाई का सवाल है आम तौर पर कोई भी सफल भर्ती करा देने पर जिस व्यवसायिक संगठन में भर्ती एजेंसी ने भर्ती कराई हो वह भर्ती एजेंसी को पैसे देता है। लेकिन कई बार देखा गया है की भर्ती एजेंसीयाँ उम्मीदवारों का चयन होने के बाद उनसे भी पैसे लेती हैं।

रिक्रूटमेंट एजेंसी कैसे शुरू करें (How to Start a Recruitment Agency in Hindi):

Recruitment Agency Business एक ऐसा व्यवसाय है जिसे बेहद कम निवेश के साथ आसानी से शुरू किया जा सकता है लेकिन इसके लिए उपयुक्त लोकेशन का होना अति आवश्यक है। उपयुक्त लोकेशन से अभिप्राय एक ऐसी जगह से है जहाँ से उद्यमी व्यवसायिक संगठनों और जॉब ढूँढने वाले लोगों से आसानी से संपर्क कर सके।

वह इसलिए क्योंकि व्यवसायिक संगठनों से उद्यमी को हफ्ते या कई बार हर रोज भी मिलने या मीटिंग करने की आवश्यकता हो सकती है। तो आइये जानते हैं की कैसे कोई इच्छुक व्यक्ति खुद की भर्ती एजेंसी शुरू कर सकता है।

1. ऑफिस किराये पर लें

जैसा की हम उपर्युक्त वाक्यों में भी बता चुके हैं की Recruitment Agency किसी ऐसे इलाके में ही शुरू की जानी चाहिए जहाँ व्यवसायिक संगठनों की भरमार हो । कहने का आशय यह है की इस तरह के इस व्यवसाय को उद्यमी केवल शहरों में ही शुरू कर सकता है और इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए उद्यमी को बहुत अधिक पैसे निवेश करने की आवश्यकता नहीं होती है।

लेकिन उद्यमी को एक ऑफिस की आवश्यकता अवश्य होती है जहाँ से उद्यमी या उसके प्रतिनिधि उम्मीदवारों को फ़ोन कॉल कर सकें, उनका डाटाबेस बना सकें और जरुरत पड़ने पर उम्मीदवारों को अपने ऑफिस में बुला सकें। उद्यमी कोई भी बनी बनाई दुकान किराये पर लेकर उसमें फर्निशिंग इत्यादि का काम करवाकर उसे ऑफिस की शक्ल प्रदान कर सकता है।    

2. आवश्यक लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन लें

Recruitment Agency शुरू करने के लिए उद्यमी को निम्नलिखित लाइसेंस और पंजीकरणों की आवश्यकता हो सकती है।

  • उद्यमी अपने व्यवसाय को वन पर्सन कंपनी, प्रोप्राइटरशिप या फिर प्राइवेट लिमिटेड कंपनी में से किसी एक संगठन स्वरूप के तहत रजिस्टर कर सकता है।
  • उद्यमी को जीएसटी रजिस्ट्रेशन की आवश्यकता होती है।
  • व्यवसाय के नाम से पैन कार्ड और बैंक में चालू खाता खोलने की आवश्यकता हो सकती है।
  • रेगुलेशन एजेंट (RA) लाइसेंस की आवश्यकता हो सकती है वह भी तब जब उद्यमी बाहर देशों के व्यवसायिक संगठनों मैनपावर प्रदान करता है।     

3. व्यवसायिक संगठनों से संपर्क करें

अब जब उद्यमी द्वारा सभी कार्य पूर्ण कर लिए गए हों तो अब Recruitment Agency के लिए काम लाना उद्यमी का परम दायित्व है। इसके लिए उद्यमी को विभिन्न व्यवसायिक संगठनों से संपर्क करना होगा और उन्हें अपने व्यवसाय के बारे में बताकर उनके लिए योग्य उम्मीदवार ढूँढने की इच्छा व्यक्त करनी होगी। आम तौर पर व्यवसायिक संगठनों द्वारा इस तरह का काम भर्ती एजेंसीयों को आसानी से दे दिया जाता है, क्योंकि इसमें व्यवसायिक संगठन सफल उम्मीदवार की भर्ती होने पर ही भर्ती एजेंसी को भुगतान करते हैं।

इसलिए हो सकता है की किसी एक व्यवसायिक संगठन से एक नहीं बल्कि कई भर्ती एजेंसी जुड़ी हुई हों। जब व्यवसायिक संगठन उस भर्ती एजेंसी के साथ काम करना स्वीकार कर देते हैं तो जब भी उन्हें अपने संगठन में कार्यबल की आवश्यकता होती है वे ईमेल या मेसेज इत्यादि के माध्यम से उस भर्ती के बारे में भर्ती एजेंसी को सूचित कर देते हैं।    

4. योग्य उम्मीदवार ढूंढें और कमाई करें

अब जब व्यवसायिक संगठन से Recruitment Agency के पास भर्ती की सूचना आ जाती है तो उसके बाद भर्ती एजेंसी का प्रयास योग्य उम्मीदवार ढूँढने का होता है। योग्य उम्मीदवार ढूँढने के लिए एजेंसी सबसे पहले अपमे मौजूदा डाटा बेस का इस्तेमाल करती है उसके बाद ऑनलाइन अन्य स्रोतों और रेफरल का भी इस्तेमाल करती है।

ऑनलाइन स्रोतों की बात करें तो इनमें प्रचलित जॉब वेबसाइट के माध्यम से कैंडिडेट प्रोफाइल चेक करना होता है इसके लिए वर्तमान में इन प्रचलित वेबसाइट ने मेम्बरशिप प्रोग्राम शुरू किये हैं। जो Recruitment Agency और कंपनी के ह्यूमन रिसोर्स डिपार्टमेंट के लिए काफी फायदेमंद साबित हो रहे हैं। जैसे नौकरीडॉटकॉम इत्यादि ऐसे वेबसाइट हैं जो भर्ती एजेंसीयों को उनका मंथली/इयरली सब्सक्रिप्शन बेच रहे हैं और यह सब्सक्रिप्शन खरीद के उन्हें कैंडिडेट प्रोफाइल इत्यादि देखने का एक्सेस मिल जाता है। 

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