रेडीमेड गारमेंट बिजनेस कैसे शुरू करें? Readymade Garment Business in Hindi.

Readymade Garment Business मनुष्य की अति आवश्यक वस्तु कपड़ों से जुड़ा होने के कारण बेहद ही फायदेमंद व्यापार हो सकता है। अपने तन ढकने को लेकर यानिकी कपड़ों को लेकर मनुष्य प्राचीनकाल से ही बड़ा सजग रहा है। यही कारण है की पहले भी और आज भी लोग पहनावे को देखते हुए किसी व्यक्ति की सम्पन्नता एवं विपन्नता का अनुमान लगा लेते हैं। यद्यपि प्राचीनकाल में या कुछ दो तीन दशक पहले तक रेडीमेड गारमेंट का इतना चलन अपने देश भारत में नहीं था। वह शायद इसलिए क्योंकि उस समय अधिकतर लोग दर्जी से अपनी नाप देकर कपड़े सिलाते थे और उस समय फैशन इत्यादि के प्रति भी लोगों की कम ही जागरूकता थी वह इसलिए क्योंकि आज जितने संचार के माध्यम उस ज़माने में नहीं थे।

लेकिन आज भारत जैसे जनाधिक्य वाले देश में अधिकतर लोग Readymade Garment पहनना पसंद करते हैं क्योंकि हर आयु वर्ग के लिए बाजार में हर कीमत के कपड़े पहले से उपलब्ध हैं। हालांकि कपड़ों का व्यापार कोई नया व्यापार नहीं है बल्कि यह सबसे पुराना एवं प्रचलित व्यापार है जो समय के साथ गतिशील होता रहा है। इसलिए ऐसे लोग जिनका फैशन एवं कपड़ों की गुणवत्ता इत्यादि को लेकर विशेष झुकाव रहा है उनके लिए स्वयं का Readymade Garment Business शुरू करना लाभकारी हो सकता है।

और वर्तमान में दिन प्रतिदिन फैशन एवं लोगों की पसंद में हो रहे बदलाव के कारण रेडीमेड गारमेंट कारोबार के चलने की संभावना और बढ़ गई है । हर आयु वर्ग एवं स्त्री पुरुष दोनों के पहने जाने वाले रेडीमेड कपड़ों की बाजार में अच्छी बिक्री देखी जा सकती है। यही कारण है की इस तरह के व्यापार की ओर पढ़ा लिखा युवा वर्ग का ध्यान भी आकर्षित हो रहा है। लेकिन जैसा की हम सबको विदित है की कोई भी कार्य करने से पहले किसी भी व्यक्ति को उसकी पूर्ण जानकारी जुटा लेना अति आवश्यक है इसलिए इस लेख में हम इसके बारे में विस्तृत जानकारी देने का प्रयत्न कर रहे हैं।

Readymade Garment Business Plan Hindi
Readymade Garment Business Plan Hindi

रेडीमेड गारमेंट का व्यापार क्या है (What is Readymade Garment Business)

Readymade Garment की यदि हम बात करें तो इस श्रेणी में उन कपड़ों को रखा जाता है जो बाजार में तैयार वस्त्र के रूप में उपलब्ध हैं अर्थात इन्हें बाजार से खरीदकर सीधे पहना जा सकता है। जबकि ऐसे कपड़े जो तैयार नहीं होते हैं उन्हें खरीदकर सिलने के लिए दर्जी को देना पड़ता है तब वह उन्हें पहनने लायक बनाता है। इस तरह के ये कपड़े अनेकों प्रकार के कपड़े एवं धागे से निर्मित होते हैं इन कपड़ों की विशेषताएं इनके निर्माण में उपयोग में लाये जाने वाले फाइबर पर निर्भर करती है। एक ऐसा व्यापारी जो बने बनाये कपड़े अर्थात रेडीमेड गारमेंट बेच रहा हो उसके द्वारा किया जाने वाला व्यापार रेडीमेड गारमेंट व्यापार कहलाता है । अब वह यह कपड़े स्वयं की फैक्ट्री में तैयार कर रहा हो या फिर थोक विक्रेताओं से खरीदकर बेच रहा हो दोनों स्थिति में व्यापार का स्वरूप एक ही रहेगा।

रेडीमेड गारमेंट बिकने की संभावना

विभिन्न प्रकार के कपड़ों से भिन्न भिन्न तरह के Readymade Garment का निर्माण आसानी से किया जा सकता है। और चूँकि इसकी मांग ग्रामीण एवं शहरी दोनों क्षेत्रों में होती है इसलिए इसकी मार्केटिंग करने में भी ज्यादा दिक्कतें नहीं आती हैं। बढ़ते शहरीकरण के चलते रेडीमेड गारमेंट की मांग दिनोंदिन बढती जा रही है। यही कारण है की वर्तमान में इस तरह के ये वस्त्र हमारे दैनिक जीवन का एक हिस्सा बन गए हैं, कपड़े राष्ट्र, राज्य या किसी क्षेत्र विशेष की संस्कृति का भी प्रतीक होते हैं यही कारण है की हर राष्ट्र, राज्य, क्षेत्र इत्यादि की कपड़े पहनने की अपनी शैली है जो जो उनकी संस्कृति एवं स्टेटस का प्रतीक भी है।

चूँकि फैशन में लगातार परिवर्तन होता रहता है यही कारण है की रेडीमेड गारमेंट उद्योग हमेशा गतिशील बना रहता है और यह निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है जो वर्तमान में भारतीय अर्थव्यवस्था में एक विशेष स्थान रखती है। भारतीय अर्थव्यवस्था में यह औद्योगिक उत्पादन, रोजगार सृजन एवं विदेशी मुद्रा अर्जित करने जैसे महत्वपूर्ण योगदान देती है। भारत का रेडीमेड गारमेंट उद्योग के लिए बाहरी देशों के बाजार भी लाभदायक माने जाते हैं इसलिए इनका निर्यात करना भी बेहद लाभकारी सिद्ध हो सकता है। कहने का आशय यह है की Readymade Garment की मांग घरेलू बाजार में तो है ही है लेकिन इन कपड़ों का निर्यात करके भी उद्यमी अपने व्यापार को बहुत आगे तक ले जा सकता है।

रेडीमेड गारमेंट बिजनेस कैसे शुरू करें (How to Start Readymade Garment Business)

Readymade Garment Business शुरू करना बेहद ही आसान प्रक्रिया है हालांकि यदि उद्यमी स्वयं फैशन इंडस्ट्री से जुड़ा हुआ हो तो उसके लिए यह काम करना और भी आसान हो जाता है। लेकिन आम तौर पर यदि हम रेडीमेड गारमेंट का व्यापार शुरू करने की प्रक्रिया की बात करेंगे तो हम जानेंगे की किसी थोक विक्रेता से खरीदकर या स्वयं की फैक्ट्री में रेडीमेड गारमेंट का निर्माण करके इन्हें बेचना ही इस व्यापार का प्रमुख लक्ष्य है। लेकिन इसके बावजूद उद्यमी को इस तरह का यह व्यापार शुरू करने के लिए अनेकों कदम उठाने की आवश्यकता हो सकती है ताकि व्यापार की असफलता की संभावनाओं को काफी हद तक कम किया जा सके।  

1. व्यापार के बारे में जानें (Know about Readymade Garment Business)

जैसा की हम पहले भी बता चुके हैं की वर्तमान में कपड़ों को संस्कृति एवं स्टेटस के प्रतीक के तौर पर देखा जाता है इसलिए लोग कपड़ों के पहनावे के प्रति काफी जागरूक हो गए हैं। लकिन चूँकि यह फैशन से सम्बंधित एक रिटेल व्यवसाय है इसलिए किसी भी उद्यमी को Readymade Garment Business शुरू करने से पहले उसकी उपयुक्त एवं सही जानकारी होनी नितांत आवश्यक है। इसलिए इस तरह का व्यापार शुरू करने का इच्छुक व्यक्ति चाहे तो फैशन डिजाइनिंग में कोई कोर्स या फिर पहले से उपलब्ध किसी रिटेल गारमेंट स्टोर से प्रशिक्षण प्राप्त कर सकता है। इन मार्गों से हासिल की गई जानकारी उद्यमी को इस व्यवसाय को संचालित करने में आने वाली शुरूआती बाधाओं को दूर करने में सहायक होंगी। इसलिए इससे पहले की उद्यमी कपड़े बेचना शुरू करे उसे कपड़ों, स्टाइल एवं रीसेंट ट्रेंड की जानकारी का होना नितांत आवश्यक है।     

2. कपड़ों की श्रेणी चुनें

अब यदि उद्यमी को फैशन, स्टाइल, कपड़ों की विशेष जानकारी हो गई हो तो अब अगला कदम कपड़ों की श्रेणी का चुनाव का होना चाहिए। हालांकि छोटे क्षेत्रों में उद्यमी चाहे तो अपनी Readymade Garment Business का हिस्सा हर श्रेणी के कपड़ों को बना सकता है। लेकिन शहरों में जहाँ पर ग्राहकों के अधिक आने की संभावना हो वहां पर हर श्रेणी के कपड़ों को मैनेज कर पाना कठिन हो सकता है और ग्राहकों के लिए भी कंफ्यूजन हो सकता है । जैसा की हम सबको विदित है की गारमेंट का मतलब बहुत सारी वस्तुओं से होता है जिन्हें किसी भी उद्यमी के लिए एक ही दुकान में रख पाना एवं प्रबंधित करना मुश्किल हो सकता है। इसलिए उद्यमी को शांति से इस बारे में विचार करना चाहिए की वह किस किस श्रेणी के कपड़ों को अपने व्यापार का हिस्सा बनाएगा। कपड़ों की कुछ प्रमुख श्रेणियाँ निम्नलिखित हैं।

  • एथिनिक एवं भारतीय कपड़े जैसे साड़ी, सलवार, सूट, कुरता, पजामा इत्यादि
  • बच्चों के फैशनेबल कपड़े
  • पुरुषों के कपड़े जैसे सूट, शर्ट, ट्राउजर , जैकेट इत्यादि
  • महिलाओं के फॉर्मल एवं अन्फोर्मल कपड़े जैसे स्कर्ट, जीन्स, टी शर्ट, सूट, सलवार इत्यादि
  • स्पोर्ट्सवियर जैसे जर्सी, स्विमसूट, फूटबाल शोर्ट, जिम ड्रेस इत्यादि.
  • शादी में पहने जाने वाले कपड़े जैसे साड़ी, लहंगा, शेरवानी इत्यादि
  • कास्टयूम कपड़े जैसे स्टेज शो में पहने जाने वाले कपड़े, डांस कास्टयूम, करैक्टर कास्टयूम इत्यादि
  • मैटरनिटी clothes      

3. टारगेट मार्किट की पहचान करें (Identify the target Market)

ध्यान रहे किसी भी व्यवसाय को शुरू करने से पहले जो सबसे महत्वपूर्ण कार्य होता है वह होता है अपने टारगेट ग्राहकों की पहचान करना। अर्थात उद्यमी को इस बात का पता लगाना होता है की उसके उत्पाद या सेवा को खरीदने वाले कौन लोग होंगे। कहने का आशय यह है की यदि उद्यमी द्वारा महिलाओं को टारगेट रखकर बिजनेस करने की योजना हो तो उसे महिलाओं के कपड़ों कहस तौर पर आने व्यापार का हिस्सा बनाना होगा। यद्यपि वर्तमान में सिर्फ महिलाएं ही नहीं अपितु पुरुष भी फैशन एवं पहनावे के प्रति काफी सजग हो गए हैं इसलिए उद्यमी महिला एवं पुरुष दोनों को ही अपने टारगेट ग्राहक के रूप में देख सकता है।

लेकिन अब बात आती है जिस एरिया में उद्यमी स्वयं का Readymade Garment Business शुरू करने की सोच रहा हो वहां पर किस आय वर्ग के लोग अधिक निवास करते हैं अर्थात उस एरिया में निवास करने वाले बहुसंख्यक लोग किसी इनकम ग्रुप के हैं। और उनकी खर्च करने की क्षमता क्या होगी क्योंकि Low Income Group लोगों की खर्च करने की क्षमता भी कम होगी इसलिए वे महंगे वस्त्र खरीदना पसंद नहीं करेंगे। जबकि धनी एवं सम्पन्न लोग अपने स्टेटस के मुताबिक सस्ते वस्त्र खरीदना पसंद नहीं करेंगे।  इसलिए उद्यमी को इस बात का पता करना अति आवश्यक है की उस एरिया विशेष में बहुसंख्यक आबादी किस इनकम ग्रुप से सम्बंधित है ताकि उद्यमी उसी के अनुसार विभिन्न कपड़ों को अपनी Readymade Garment Business का हिस्सा बना सके।       

4. सही लोकेशन का चुनाव करें

इसमें कोई दो राय नहीं की हर व्यवसाय खास तौर पर रिटेल व्यवसायों के लिए एक अच्छी लोकेशन का होना कितना महत्वपूर्ण हो जाता है। किसी भीड़ भाड़ वाले बाजार में मुख्य मार्ग जहाँ पर आपके स्टोर को दूर से भी लोग आसानी से देख सकें के चलने की संभावना बेहद अधिक हो जाती है। यद्यपि उद्यमी चाहे तो किस प्रसिद्ध माल में भी अपना Readymade garment Business शुरू कर सकता है लेकिन यहाँ पर स्टोर खोलने के लिए निवेश की आवश्यकता तो अधिक होती ही है साथ में प्रतिस्पर्धा भी काफी देखने को मिलती है। कम निवेश के साथ इस तरह का बिजनेस शुरू करने के लिए उद्यमी को किसी स्थानीय बाजार में कोई दुकान किराये पर लेनी होगी। या कपड़े बिक्री के लिए किसी प्रसिद्ध बाजार में यह दुकान किराये पर मिल जाती है तो उद्यमी के लिए और फायदेमंद हो सकता है।       

5. फण्ड की व्यवस्था करें (Arrange Fund for Readymade Garment Business)

उद्यमी चाहे कोई भी व्यवसाय शुरू करना चाहे लेकिन उसे शुरू करने के लिए उसे धन की आवश्यकता तो होती ही होती है। हाँ यह अलग बात है की किसी व्यवसाय को शुरू करने के लिए बेहद कम निवेश तो किसी व्यवसाय को शुरू करने के लिए बेहद अधिक निवेश की आवश्यकता होती है। जहाँ तक बात Readymade Garment Business की है इसमें होने वाला निवेश इस बात पर निर्भर करता है की उद्यमी के बिजनेस का आकार क्या रहेगा? और वह इस बिजनेस को किस लोकेशन पर किस इनकम ग्रुप को टारगेट रखकर शुरू करना चाहता है? क्योंकि ध्यान रहे यदि टारगेट कस्टमर में उच्च इनकम वाले लोग हैं तो उद्यमी को अपना स्टोर किसी माल या साफ़ सुथरी या फिर किसी फेमस मार्किट में खोलने की आवश्यकता हो सकती है। और बिजनेस को शुरू करने में आने वाला खर्चा बेहद अधिक हो सकता है।

इसलिए उद्यमी को एक ऐसा बिजनेस प्लान तैयार करने की आवश्यकता हो सकती है जिसे पढ़कर निवेशक उस व्यापार में निवेश करने को ततैयार हो जाएँ। या फिर उद्यमी चाहे तो बैंक ऋण इत्यादि की मदद से भी वित्त की व्यवस्था कर सकता है।      

6. स्थानीय नियम कानूनों का पता करें

यद्यपि छोटे स्तर पर Readymade Garment Business शुरू करने के लिए किसी प्रकार के लाइसेंस एवं रजिस्ट्रेशन की अनिवार्यता नहीं है। लेकिन यदि उद्यमी का टर्नओवर जीएसटी में दी गई छूट से अधिक होता है तो उसके बाद जीएसटी रजिस्ट्रेशन अनिवार्य हो जाता है। इसके अलावा उद्यमी को अन्य स्थानीय नियम एवं कानूनों के बारे में पता करना चाहिए की कहीं कोई अन्य लाइसेंस एवं रजिस्ट्रेशन की तो उसे आवश्यकता नहीं है।  

7. सप्लायर का चुनाव करें

देखिये वैसे तो Readymade Garment Business शुरू करने के उद्यमी के पास दो विकल्प हैं इनमें पहला विकल्प किसी थोक विक्रेता से कपड़े खरीदकर उन्हें अपनी दुकान के माध्यम से बेचकर कमाई करने का है। और दूसरा विकल्प यह है की उद्यमी खुद की फैक्ट्री में कपड़ों का निर्माण करे और फिर इन्हें अपने आउटलेट के माध्यम से ग्राहकों को बेचे। यद्यपि शुरूआती दौर में कम बजट से इस व्यापार को शुरू करने के लिए पहला विकल्प ही उचित है इसलिए उद्यमी को उस एरिया में एक्टिव कपड़ों के थोक विक्रेता से संपर्क करना चाहिए। किसी भी एरिया में केवल एक सप्लायर तो होगा नहीं इसलिए उद्यमी को कम से कम तीन सप्लायर से कोटेशन मंगाकर उनका तुलनात्मक विश्लेषण करने के पश्चात ही सप्लायर का चुनाव करना चाहिए।    

8. अपने व्यापार को प्रमोट करें

अब यदि उद्यमी द्वारा सभी कार्य पूर्ण करके स्वयं का Readymade Garment Business स्थापित कर लिया गया हो तो अब अपने व्यापार की पहुँच उस एरिया में स्थित अधिक से अधिक लोगों तक पहुँचाने की होनी चाहिए। वह अपने व्यापार को उस एरिया में अधिक से अधिक लोगों तक कैसे पहुंचाएगा इसके लिए उद्यमी को एक प्रभावी मार्केटिंग रणनीति बनाने की आवश्यकता हो सकती है।  हालांकि यहाँ पर हम कुछ विचार रख रहे हैं जिन्हें अपनाकर उद्यमी अपने व्यापार को प्रमोट कर सकता है।

  • उद्यमी को अपनी ब्रांड आइडेंटिटी बनानी होगी जिसे लोग आसानी से याद रख सकें।
  • बिजनेस शुरू होने के प्रथम सपताह में लोगों को डिस्काउंट एवं कुछ फ्री उपकरण खरीदारी पर अवश्य दें।
  • पुराने माल खास तौर पर मौसमी कपड़ों को बेमौसम में बेचने की कोशिश न करें।
  • अपने बिजनेस के नाम से एक आकर्षक वेबसाइट बनायें और उसमें जरुरी जानकारी एवं संपर्क सूत्र उल्लेखित करें।
  • सोशल मीडिया जैसे फेसबुक, इन्स्टाग्राम, ट्विटर इत्यादि पर डेली डील के बारे में नियमित रूप से पोस्ट कर सकते हैं।
  • ग्राहकों द्वारा दिए गए सकारात्मक विचारों को अपनी वेबसाइट पर अवश्य प्रकाशित करें ताकि अन्य लोग इससे प्रभावित हो सकें।
  • स्थानीय क्षेत्र में हफ्ते के ऑफर सम्बन्धी पम्फलेट पोस्टर इत्यादि जरुर वितरित करें।
  • नियमित ग्राहकों को बनाये रखने के लिए डिस्काउंट योजनायें चलायें।
  • उद्यमी चाहे तो अपने Readymade Garment Business को मार्केटिंग के पारम्परिक तरीकों जैसे स्थानीय समाचार पत्र में विज्ञापन, रेडियो में विज्ञापन, केबल में विज्ञापन इत्यादि तरीके अपना सकता है।   

वस्त्रों के विज्ञान और परिधान निर्माण से सम्बंधित सही एवं सटीक जानकारी पाने के लिए आप या तो इस किताब को खरीद सकते हैं । या फिर यह किताब भी आपके बड़े काम आ सकती है। ये दोनों किताबें हिंदी में हैं। इसलिए इनसे आप बड़ी सरल एवं सहज भाषा में रेडीमेड गारमेंट बिजनेस या फिर वस्त्र निर्माण व्यवसाय को समझ सकते हैं।

अन्य लेख भी पढ़ें    

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *