फोटोकॉपी का व्यापार कैसे शुरू करें? How to Open a Photocopy Shop In India.

Photocopy Shop नामक इस व्यापार का महत्व इसलिए बहुत अधिक बढ़ गया है क्योंकि वर्तमान में हमें विभिन्न कार्यों को निबटाने के लिए अपने दस्तावेजों के प्रति की आवश्यकता समय समय पर पड़ती रहती है।  कहने का अभिप्राय यह है की आज मनुष्य की जीवनशैली ऐसी हो गई है की पहले के मुकाबले आज हर तरह के दस्तावेज चाहे वह व्यक्तिगत जानकारी से सम्बंधित पहचान प्रमाण पत्र हो, पता प्रमाण पत्र हो या फिर कोई कौशल योग्यता से सम्बंधित कोई दस्तावेज जैसे शैक्षणिक प्रमाण पत्र, किसी कोर्स इत्यादि पूरा किया जाने का प्रमाण पत्र चाहे कुछ भी हो इनकी महत्वता काफी बढ़ गई है । यही कारण है की मनुष्य जीवन में दस्तावेजों की फोटोकॉपी कराने की आवश्यकता बार बार होती रहती है। मनुष्य को व्यक्तिगत जीवन में तो इसकी आवश्यकता होती ही है इसके अलावा उसकी प्रोफेशनल जीवन में दस्तावेजों की कहीं अधिक आवश्यकता होती है। इसलिए इन्हीं सब बातों के मद्देनजर आज हम हमारे इस लेख के माध्यम से Photocopy Shop कैसे खोलें? के विषय में विस्तृत जानकारी देने का प्रयत्न कर रहे हैं। तो आइये इससे पहले की हम इस विषय पर जानें सबसे पहले यही जान लेते हैं की इस तरह का यह बिजनेस होता क्या है ।

photocopy shop business plan in hindi

Photocopy Shop क्या है?

वैसे देखा जाय तो आज हमारे पास अपनी जानकारियां एवं दस्तावेजों को ऑनलाइन सुरक्षित रूप से स्टोर करने के लिए अनेकों स्टोरेज डिवाइस एवं कंप्यूटर उपलब्ध हैं। जहाँ हम इन्हें डिजिटल स्वरूप में सुरक्षित तरीके से रख सकते हैं। लेकिन इन सबके बावजूद कार्यालयों इत्यादि को बड़े पैमाने पर फोटोकॉपी कराने की आवश्यकता होती है। क्योंकि उन्हें ऑडिट इत्यादि के मद्देनजर साभी दस्तावेजों की फाइलिंग करने की आवश्यकता होती है। यद्यपि आज के परिदृश्य में हम आम तौर पर देखते हैं की जिन दुकानों में फोटोकॉपी की सर्विस अपने ग्राहकों को दी जाती है। वे दुकानें अपने ग्राहकों को लेमिनेशन, बुक बाइंडिंग जैसी अतिरिक्त सर्विस भी प्रदान करती है। वह इसलिए क्योंकि ये दोनों गतिविधियाँ भी इसी से सम्बंधित हैं। इसलिए एक ऐसी दुकान या स्थान जो अपने ग्राहकों की आवश्यकता के अनुसार किसी एक दस्तावेज की अनेक कॉपीयां बनाने का कार्य करती हैं उन्हें Photocopy Shop कहा जा सकता है। बुक बाइंडिंग, लेमिनेशन जैसी गतिविधियों को भी आम तौर पर ऐसे उद्यमियों द्वारा अपने ग्राहकों की आवश्यकता के अनुसार किया जाता है । जहाँ तक बुक बाइंडिंग का सवाल है इसमें किसी लूज या खुले पेपर को एकत्रित करके उसको किताब के तौर पर एकत्रित किया जाता है और फिर बुक बाइंडिंग मशीन की मदद से उसे किताब की शक्ल दी जाती है। और लेमिनेशन नामक इस गतिविधि में किसी पेपर को पानी इत्यादि से बचाने के लिए उसके ऊपर प्लास्टिक का एक आवरण चढ़ा दिया जाता है। चूँकि एक Photocopy Shop में इन तीनों गतिविधियों को मशीनों की मदद से बेहद आसान एवं सहज तरीके से किया जा सकता है इसलिए उद्यमी चाहे तो फोटोकॉपी के साथ साथ इन दो तरह की सर्विस अपने ग्राहकों को देकर पैसे की कमाई कर सकता है।

फोटोकॉपी की दुकान कैसे शुरू करें (How to Start a Photocopy Shop Business in India)

हालांकि देखा जाय तो Photocopy Shop का जो बिजनेस मॉडल होता है वह बिलकुल सरल एवं स्पष्ट होता है। की उद्यमी को किसी भीड़ भाड़ वाली स्थानीय मार्किट में दुकान किराये पर लेने की आवश्यकता होती है। और वहां के स्थानीय नियमों के मुताबिक ट्रेड लाइसेंस इत्यादि लेकर अपने बिजनेस का श्रीगणेश करना होता है। इसमें कोई दो राय नहीं है की यदि उद्यमी फोटोकॉपी के साथ बुक बाइंडिंग एवं लेमिनेशन जैसी फैसिलिटी भी अपने ग्राहकों को देने का विचार बना रहा हो तो उसे। फोटोकॉपी मशीन के साथ साथ बाइंडिंग मशीन एवं लेमिनेशन मशीन की भी आवश्यकता होगी। इसके अलावा अपने ग्राहकों को बिना किसी व्यवधान के सर्विस प्रदान करने के लिए उद्यमी को जनरेटर भी खरीदने की आवश्यकता होती है। पैन ड्राइव, मोबाइल फ़ोन इत्यादि डिवाइस के माध्यम से फोटोकॉपी करने के लिए कंप्यूटर, प्रिंटर इत्यादि की भी आवश्यकता होती है। Photocopy Shop नामक यह बिजनेस शुरू करने के लिए उद्यमी को बेहद कम जगह की आवश्यकता होती है यहाँ तक की उद्यमी एक 8×8 कमरे से भी इस बिजनेस का कुशल संचालन कर सकता है। हालांकि आगे इस लेख में हम इस व्यवसाय को शुरू करने की स्टेप बाई स्टेप प्रक्रिया के बारे जानने का प्रयत्न कर रहे हैं।

1. एरिया में मांग का पता लगायें

Photocopy Shop शुरू करने के इच्छुक उद्यमी को सर्वप्रथम जिस एरिया विशेष में वह यह बिजनेस करने का विचार कर रहा हो वहां पर इस बात की रिसर्च करनी चाहिए की वहाँ पर इसकी कितनी मांग है। हालांकि सटीक एवं प्रत्यक्ष तौर पर इस बात का पता लगाना थोड़ा कठिन है लेकिन इसके बावजूद उद्यमी को कोशिश यही करनी चाहिए की यदि वह यह काम शुरू करता है तो उसके पास कितने ग्राहक आ सकते हैं। इस बात का पता करने के लिए उद्यमी पहले से मौजूद फोटोकॉपी दुकानों पर नज़र बनाये रख सकता है और सीधे उस उद्यमी से इस बारे में बात भी कर सकता है। हालांकि यदि उद्यमी जिस एरिया में अपनी Photocopy Shop खोलने का विचार बना रहा है यदि वह किसी स्कूल, कॉलेज, तहसील, कोर्ट, सचिवालय इत्यादि के नज़दीक है तो इस बात की पूरी संभावना है की उस एरिया में फोटोकॉपी इत्यादि की माँग काफी अधिक है। आम तौर पर लोग यही मानते हैं की कोई भी बिजनेस वहां पर अच्छा चलता है जहाँ पर उसकी प्रतिस्पर्धा न हो। जबकि यह सत्य नहीं है वर्तमान में लगभग हर तरह के बिजनेस में घोर प्रतिस्पर्धा है। इसलिए जिस एरिया विशेष में उद्यमी अपना व्यापार शुरू करना चाहता है यदि वहाँ पहले से कोई इस तरह की दुकान मौजूद है तो उद्यमी को पता लगाना होगा की क्या वह उद्यमी ग्राहकों की मांग को पूर्ण कर पाने में समर्थ है। अर्थात यदि उस एरिया में सप्लाई से अधिक मांग है तो उद्यमी के लिए यह एक अच्छा संकेत है। इसके अलावा यदि ऐसा नहीं है तो उद्यमी को पहले से मौजूद दुकान वाले की कमजोरियों एवं मजबूतियों का पता करना होगा । ताकि वह इन बातों का इस्तेमाल प्रतिस्पर्धा रणनीति बनाने के लिए कर सके।

2. चयनित एरिया में जगह का प्रबंध करें

Photocopy Shop खोलने के इच्छुक व्यक्ति ने यदि एरिया का अच्छे से विश्लेषण कर लिया हो तो अब उसका अगला कदम उस एरिया में जगह का प्रबंध करने का होना चाहिए। आम तौर पर इस स्थिति में दुकान या जगह खुद न खरीदकर किराये पर लेना आदर्श माना जाता है। इसलिए यदि उद्यमी द्वारा इस बात का आकलन कर लिया गया हो की उस एरिया विशेष में उसकी प्रतिदिन की कम से कम कितनी कमाई हो जाएगी तो उसके बाद वह दुकान किराये पर लेने के लिए आगे बढ़ सकता है। दुकान किराये पर लेते वक्त मकान मालिक से रेंट एग्रीमेंट या लीज एग्रीमेंट अवश्य बनवा लें। यह सब इसलिए जरुरी है ताकि भविष्य में उद्यमी इसे अपने व्यापार के पता प्रमाण के तौर पर इस्तेमाल में ला सके।

3. जरुरी लाइसेंस एवं रजिस्ट्रेशन करें (Photocopy Shop License and Registration)

चयनित एरिया में दुकान का प्रबंध करने के बाद उद्यमी को एक बार स्थानीय नियमों इत्यादि के बारे में भी पता कर लेना चाहिए। हालांकि छोटे स्तर पर Photocopy Shop Business शुरू करने के लिए किस भी प्रकार के लाइसेंस एवं पंजीकरण की अनिवार्यता नहीं है। लेकिन उद्यमी को स्थानीय प्राधिकरण से ट्रेड लाइसेंस, शॉप एंड एस्टाब्लिश्मेंट एक्ट के तहत रजिस्ट्रेशन, टैक्स रजिस्ट्रेशन इत्यादि की आवश्यकता हो सकती है। इसलिए उद्यमी को चाहिए की वह इस बात का अवश्य पता लगाये की उस एरिया में उसे खुद का फोटोकॉपी बिजनेस शुरू करने के लिए किन किन लाइसेंस एवं रजिस्ट्रेशन की आवश्यकता हो सकती है।

4. फोटोकॉपी मशीन इत्यादि के लिए कोटेशन

उद्यमी का अब अगला कदम अपने व्यापार में इस्तेमाल में लायी जाने वाली आवश्यक मशीनरी एवं उपकरण जैसे फोटोकॉपी मशीन, बुक बाइंडिंग मशीन, लेमिनेशन मशीन एवं कच्चा माल जैसे पेपर रिम, स्पाइरल, गोंद, लेमिनेशन पेपर इत्यादि के लिए कोटेशन मंगाने का होना चाहिए। हालांकि उद्यमी चाहे तो किसी स्थानीय सप्लायर या फिर जिस भी कंपनी की फोटोकॉपी मशीन उद्यमी अपनी Photocopy Shop के लिए खरीदना चाहता है उस कंपनी के सेल्स विभाग या फिर ऑथोराईज्ड डीलर से संपर्क कर सकता है। हालांकि वर्तमान में भारत में अनेकों कम्पनियों की फोटोकॉपी मशीन बाजार में उपलब्ध हैं जिनमें Cannon, Xerox, Ricoh इत्यादि शामिल हैं। उद्यमी अपनी आवश्यकतानुसार किसी भी क्षमता एवं कंपनी का चयन कर सकता है। हालांकि उद्यमी को कोशिश करनी चाहिए की यदि कोई ऐसा सप्लायर मिल जाता है जो तीनों मशीनें अर्थात फोटोकॉपी करने वाली, बुक बाइंडिंग करने वाली और लेमिनेशन करने वाली मशीन को एक साथ प्रदान कर सके। उद्यमी को कम से कम तीन कोटेशन को मंगवाकर फिर उनका कीमत, क्षमता, फीचर एवं अन्य बातों के आधार पर तुलना करके इस बात का निर्णय लेना चाहिए की उसके Photocopy Shop के लिए कौन सी मशीन उपयुक्त रहेगी। उद्यमी को जिन मशीनरी एवं कच्चे माल की आवश्यकता हो सकती है उसकी लिस्ट निम्न है।

  • फोटोकॉपी मशीन
  • बुक बाइंडिंग मशीन
  • लेमिनेशन मशीन
  • कंप्यूटर
  • कलर प्रिंटर  

कच्चा माल

  • कार्ट्रिज
  • विभिन्न साइज़ के पेपर रिम
  • स्पाइरल
  • गोंद
  • थर्मल बाइंडिंग कवर
  • पीबीसी बाइंडिंग शीट
  • रेक्सीन बाइंडिंग कवर
  • लेमिनेशन शीट

इसके अलावा Photocopy Shop शुरू करने वाले उद्यमी को इस बात का भी विशेष ध्यान रखना चाहिए की जिस समय वह सप्लायर इत्यादि से विभिन्न मशीनों की कोटेशन मंगा रहा हो। उसे उनकी बात को भी ध्यान से सुनना चाहिए क्योंकि उन्हें मशीन में इस्तेमाल में लाये जाने वाले कच्चे माल एवं सहउपकरणों की ज्यादा जानकारी होती है। इसलिए ऐसा भी हो सकता है की जो लिस्ट हमने दी है इसके अलावा भी कोई अन्य उपकरण एवं कच्चे माल की आवश्यकता भी उद्यमी को हो।  

5. मशीनरी एवं कच्चा माल खरीदें (Purchase Machinery & Raw Material for Photocopy Shop)

यदि उद्यमी द्वारा उपर्युक्त बताई गई सभी प्रक्रियाएं पूर्ण कर ली हों और कोटेशन मंगवाकर सप्लायर इत्यादि का भी चयन कर लिया हो तो अब उद्यमी का अगला कदम अपने Photocopy Shop व्यापार के लिए मशीनरी एवं कच्चा माल खरीदने का होना चाहिए। यद्यपि बाजार में हर क्षमता एवं हर कीमत पर फोटोकॉपी मशीन एवं अन्य मशीन आसानी से उपलब्ध हैं। इसलिए उद्यमी को चाहिए की कोटेशन के मुताबिक उसके पास वित्त की उचित व्यवस्था होना बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि यदि ऐसा नहीं है तो उद्यमी अब भी चाहे तो खरीदी जाने वाली मशीनरी इत्यादि में फेरबदल करके कम बजट में भी यह बिजनेस शुरू कर सकता है। हालांकि इस तरह की मशीनों को संचालित करना काफी आसान होता है और उद्यमी चाहे तो सप्लायर से उन मशीनों को संचालित करने की यूट्यूब विडियो इत्यादि का लिंक भी मांग सकता है। या फिर उन्हें अपनी दुकान में मशीनों को इनस्टॉल करने के दौरान भी कंपनी के प्रतिनिधि से इन्हें संचालित करने का प्रशिक्षण ले सकता है। बहुत सारी कम्पनियों या कार्यालयों में बुक बाइंडिंग एवं फोटोकॉपी काफी बड़े पैमाने पर होती है। इसलिए Photocopy Shop Business करने वाले उद्यमी को इनके संपर्क में भी लगातार रहना चाहिए और इन्हें औरों के मुकाबले सस्ती दरों पर अपनी सेवा मुहैया करानी चाहिए। 

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