पेस्ट कण्ट्रोल बिजनेस कैसे शुरू करें. Pest Control Business Plan in Hindi.

जब भी कोई Pest Control Business की बात करता है तो हमारे मष्तिष्क में स्वत: ही कार्यालयों घरों में कीट नियंत्रण के लिए किये जाने वाले उपचार की तस्वीर सामने आ जाती है । और आम तौर पर हम इसे यही तक सीमित समझते हैं लेकिन क्या आप जानते हैं की कीट नियंत्रण व्यापार की सीमा सिर्फ घरों और कार्यालयों में ही कीट नियंत्रण करने तक सीमित नहीं है। बल्कि जिस प्रकार घरों, कार्यालयों में दीमक, कॉकरोच, मच्छर इत्यादि कीट नुकसानदेह होते हैं। वैसे ही ऐसे अनेकों कीट हैं जो कृषि की फसलों को नुकसान पहुंचाते हैं इसलिए कृषि क्षेत्र में भी कीट नियंत्रण के लिए Pest Control का इस्तेमाल किया जाता है।

कहने का आशय यह है की कीट नियंत्रण शब्द से ही स्पष्ट हो जाता है की इस तरह के व्यवसाय का उद्देश्य अपने ग्राहकों को कीट नियंत्रण करने की सेवा देना है। इस तरह के व्यवसाय का उद्देश्य घरों, कार्यालयों और कृषि को नुकसान पहुँचाने वाले कीटों का नियंत्रण करने का होता है। जैसा की हम सब जानते हैं की लकड़ी या दीवारों पर दीमक उनकी संरचना को कमजोर कर देता है इसी प्रकार ऐसे भी कई कीट होते हैं जो कृषि फसलों को नुकसान पहुंचाते हैं इसलिए इन पर नियंत्रण करना अत्यंत आवश्यक हो जाता है। जिस उद्यमी द्वारा अपने ग्राहकों को इस तरह की सर्विस प्रदान की जाती है उसके द्वारा किया जाने वाला यह बिजनेस ही Pest Control Business कहलाता है।

समझने वाली बात यह है की प्रकृत्ति प्रदत्त ऐसे बहुत सारे अवांछित जीव कीट पतंगे होते हैं जो निजी संरचनाओं, आधुनिक स्थलों, शहरी क्षेत्रों, घरों इत्यादि में अपना घर बना लेते हैं। कोई किराने के सामान को नुकसान पहुँचाने के लिए उत्तरदायी होता है। तो कुछ ऐसे कीट होते हैं जो बुनियादी लकड़ी, संरचना अन्य सामान को भी नुकसान पहुंचाते हैं और अनेकों कीट पतंगे गिरते स्वास्थ्य और बीमारी का भी कारण बनते हैं। यही कारण है मनुष्य स्वच्छता, कचरा नियंत्रण में सुधार, पर्यावरण में बदलाव विरोधी एजेंटों, विकास नियंत्रकों, कीटनाशकों इत्यादि का इस्तेमाल करके इन पर नियंत्रण करने की कोशिश करता है।

pest control business plan in hindi

कीट नियंत्रण का महत्व (Importance of Pest Control):

भारत की यदि हम बात करें तो Pest Control Business लाखों कुशल एवं अकुशल श्रमिकों को रोजगार प्रदान करता है। और यदि कीट नियंत्रण की यदि हम बात करें तो इसका आशय विनाशकारी, खतरनाक, नुकसानदेह जीवों या कीटों को नियंत्रित करने या फिर कम करने से लगाया जा सकता है। बागवानी, कृषि, ऑफिस कार्यालयों में पेस्ट कण्ट्रोल बड़ी अहम् भूमिका निभाता है। एक बागवानी करने वाला माली जब उसके द्वारा उगाये गए पौधों को कीटों द्वारा नुकसान पहुंचाते हुए देखता है तो वह उस कीट संक्रमण को कम करने के लिए हर वो मुमकिन प्रयास करता है जो वह कर सकता है। इसमें रासायनिक और जैविक कीटनाशकों का इस्तेमाल से लेकर अन्य विकल्प जैसे कि एकीकृत कीट प्रबंधन (आईपीएम), पर्यावरण नियंत्रण, चिपचिपा जाल, अच्छी व्यक्तिगत स्वच्छता, इत्यादि बहुत सारी प्रक्रियाएं शामिल हैं । पर्यावरण के अनुकूल कीट नियंत्रण में जैविक कीट नियंत्रण तकनीक शामिल हैं, यह वह तकनीक होती है जिसमें नुकसानदेह जीवों को नियंत्रित करने के लिए अन्य जीवों का सहारा लिया जाता है। जैसे यदि किसी घर में चूहे अधिक हों गए हों तो वे उनका नियंत्रण करने के लिए घर में बिल्ली पाल सकते हैं। Pest Control कृषि के क्षेत्र में बड़ी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है क्योंकि विभिन्न प्रकार के कीट कृषि फसलों को काफी नुकसान पहुंचा सकते हैं। यहाँ तक की शहरी क्षेत्रों और आधुनिक डेस्टिनेशन पर भी इनके नुकसान बहुत अधिक हो सकते हैं। विनाशकारी, खतरनाक और नुकसानदेह कीट आवास सम्पतियों और कृषि के लिए बेहद खतरनाक हैं इसलिए ये देश की अर्थव्यवस्था के लिए भी एक खतरा हैं। और Pest Control के माध्यम से इन खतरों को कम करने में मदद मिलती है।

कीट नियंत्रण की अनेकों विधियाँ (Pest Control Methods):          

कीट नियंत्रण यानिकी Pest Control की कुछ प्रमुख विधियाँ इस प्रकार से हैं।

  1. प्राचीन कीट नियंत्रण विधि- प्राचीन समय में कीट नियंत्रण करने की यह विधि जानवरों से ही सम्बंधित है पहले यदि खेतों में चूहे इत्यादि की संख्या अधिक हो जाती थी तो लोग उस क्षेत्र में बिल्ली छोड़ दिया करते थे। ताकि बिल्लियाँ चूहों की संख्या को कम करे और उनके द्वारा किये जाने वाले नुकसान से बचा जा सके। यह विधि पेशेवर कीट नियंत्रण की सस्ते विकल्पों में से एक है।
  2. कीट नियंत्रण की जैविक विधि- Pest Control की यह एक ऐसी विधि है जो पर्यावरण को नुकसान पहुँचाये बिना कीटों की आबादी को कम करने में सक्षम है। इस तकनीक में कीटों को मारने के लिए ऐसे बैक्टीरिया का इस्तेमाल किया जाता है जो मनुष्य के लिए सुरक्षित हो। जैसे पानी में मच्छर एवं अन्य कीटों को नियंत्रित करने के लिए बैक्टीरिया का इस्तेमाल किया जाता है। इस विधि का उद्देश्य प्रकृति के दुसरे पहलुओं को प्रभावित किये बिना ही विनाशकारी और खतरनाक प्रजाति के कीटों का नियंत्रण करना है। 
  3. कीट नियंत्रण की यांत्रिक विधि- इस पद्यति में कीट नियंत्रण करने के लिए मशीनरी और उपकरणों का इस्तेमाल किया जाता है इन मशीनरी और उपकरणों का उद्देश्य किसी क्षेत्र विशेष में उनके प्रचार प्रसार को कम करना होता है। इस प्रक्रिया में उस स्थान विशेष से उन सबको बाहर कर दिया जाता है जो कीटों के प्रसार के लिए जिम्मेदार हो सकते हैं ।
  4. जहरीले चारे की विधि – कीट नियंत्रण के लिए जहरीले आहार का उपयोग करना शामिल है यह विधि आम तौर पर घरों इत्यादि से चूहों की संख्या को कम करने के लिए उन्हें किसी खाने के पदार्थ में जहर देना शामिल है। यद्यपि यह तकनीक प्रभावी तो है लेकिन इसके खतरनाक परिणाम भी हो सकते हैं।  
  5. खेतों में आग लगाने की विधि – खेतों में आग लगाने की यह विधि Pest Control यानिकी कीट नियंत्रण का एक पारम्परिक तरीका है। इस विधि में कीट नियंत्रण करने के लिए फसल के बाद पूरे खेत को आग लगा दी जाती है जिसमें कीट और उनके अंडे सब कुछ जल जाते हैं।     
  6. कीटनाशक विधि – यह कीट नियंत्रण की सबसे प्रभावी और प्रचलित विधि है इसे कोई भी आसानी से कर सकता है । वह इसलिए क्योंकि इस तरह के ये कीटनाशक स्प्रे के रूप में भी मौजूद होते हैं जिनका छिड़काव करना बेहद आसान होता है। यद्यपि कीटनाशकों में कुछ पदार्थ पर्यावरण के लिए हानिकारक भी हो सकते हैं।

भारत में पेस्ट कण्ट्रोल बिजनेस कैसे शुरू करें (How to Start Pest Control Business in India):

Pest Control Business शुरू करना किसी भी उद्यमी के लिए लाभकारी हो सकता है क्योंकि वर्तमान में मनुष्य बड़े सलीके एवं साफ़ सफाई से रहना पसंद करता है और उसे किसी भी प्रकार के कीट को अपने आस पास देखना काफी असहज हो जाता है। यही कारण है की शहरी क्षेत्रों में ऑफिस, घर, गोदामों इत्यादि में बड़े पैमाने पर पेस्ट कण्ट्रोल की मांग रहती है। वहीँ ग्रामीण इलाकों में खेतों, गोदामों इत्यादि में भी पेस्ट कण्ट्रोल की आवश्यकता हो सकती है। तो आइये जानते हैं की कैसे कोई इच्छुक उद्यमी खुद का पेस्ट कण्ट्रोल बिजनेस शुरू कर सकता है।

1. पेस्ट कण्ट्रोल सर्विस का निर्धारण करें

जो उद्यमी खुद का Pest Control Business शुरू करने के लिए इच्छुक है उसे सबसे पहले अपने व्यवसाय द्वारा दी जाने वाली सर्विस का निर्धारण करना होगा। और यह भी सोचना होगा की उसे उन सर्विसेज को प्रदान करने में किन किन चुनौतियों का सामना करने की आवश्यकता हो सकती है। कहने का आशय यह है की उद्यमी यह तय करना होगा की वह आवासीय परिसरों को अपनी सर्विस प्रदान करेगा, कमर्शियल बिल्डिंग और कार्यालयों को अपनी सर्विस प्रदान करेगा या कृषि क्षेत्र से जुड़े किसानों और अन्य उद्यमियों को अपनी सर्विस प्रदान करेगा। इसके अलावा वह किस प्रकार की सर्विस को अपनी स्पेशलिटी बनाने की योजना बना रहा है जैसे दीमक नियंत्रण, मच्छर नियंत्रण, कृतंक नियंत्रण, कृषि फसलों को नुकसान पहुँचाने वाले कीटों पर नियंत्रण शामिल है।    

2. प्रशिक्षण और कौशल प्राप्त करें (Get Training on Pest Control )

Pest Control Business शुरू करने की ओर उठाया जाने वाला यह सबसे महत्वपूर्ण कदम हो सकता है जी हाँ चूँकि इस तरह का यह व्यवसाय खतरनाक और नुकसान पहुँचाने वाले कीटनाशकों से जुड़ा हुआ है। इसलिए इस तरह का व्यवसाय शुरू करने से पहले उद्यमी के पास इस क्षेत्र से सम्बंधित उचित ज्ञान और कौशल होना अति आवश्यक है। वर्तमान में इस तरह का व्यवसाय शुरू करने के लिए भारत सरकार ने उचित प्रशिक्षण लाइसेंस प्राप्त करना अनिवार्य कर दिया है यानिकी जिस व्यक्ति को कीटनाशकों की अच्छी जानकारी होगी और उसके पास प्रशिक्षण प्राप्त करने का प्रमाणपत्र होगा सिर्फ उन्हीं को Pest Control Business करने के लिए लाइसेंस प्रदान किया जायेगा।

इसलिए इच्छुक उद्यमी चाहे तो भारत सरकार की अधिकृत वेबसाइट पर जाकर खुद को प्रशिक्षण के लिए पंजीकृत कर सकता है यदि प्रशिक्षण पूर्ण हो जाता है और सरकार द्वारा ऐसा प्रमाण पत्र जारी किया जाता है जिसके माध्यम से उद्यमी बिना लाइसेंस के भी इस तरह का यह बिजनेस शुरू कर सकता है, तो उद्यमी ऐसा प्रमाण पत्र पाकर बिना लाइसेंस के भी इसे शुरू कर सकता है।     

3. आवश्यक लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन प्राप्त करें

उद्यमी चाहे तो अपने Pest Control Business को प्रोप्राइटरशिप या वन पर्सन कंपनी के तौर पर रजिस्टर करके यह बिजनेस शुरू कर सकता है। लेकिन उचित प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद भी उद्यमी को पेस्ट कण्ट्रोल व्यवसाय के लिए लाइसेंस की आवश्यकता होती है इसके कुछ अपवाद हैं जिनका जिक्र हम ऊपर कर चुके हैं। इसके लिए उद्यमी इस विभाग के डिप्टी कमिश्नर के कार्यालय में जाकर इस लाइसेंस के लिए अप्लाई कर सकता है लेकिन अप्लाई करने के लिए भी कुछ पात्रता मापदंड निर्धारित हैं इसलिए सबसे पहले उद्यमी को वह पात्र है या नहीं चेक करने की आवश्यकता होगी।  और उसके बाद ही वह इस तरह के लाइसेंस के लिए आवेदन कर पाने में सक्षम होगा।    

4. उपयुक्त कीटनाशक और मशीनरी खरीदें

जब उद्यमी को वैधानिक रूप से Pest Control Business शुरू करने की इजाजत मिल जाती है तो उसके बाद उद्यमी को अपने व्यवसाय से सम्बंधित कार्यों को निबटाने के लिए विभिन्न मशीनरी, उपकरण और कीटनाशक, रसायन इत्यादि की आवश्यकता हो सकती है।हालांकि आवश्यक मशीनरी, उपकरण और केमिकल उद्यमी द्वारा दी जाने वाली सर्विस के प्रकार पर निर्भर करती है।

  • उद्यमी को अपनी सर्विस प्रदान करने के लिए वाहन और ट्रक की आवश्यकता हो सकती है।
  • विभिन्न कीटनाशक और रसायनों की आवश्यकता हो सकती है।
  • सुरक्षा उपकरणों जैसे दस्ताने, जूते, लम्बे आस्तीन की पेन्ट, श्वासयंत्र की आवश्यकता हो सकती है।
  • विभिन्न स्प्रे मशीन, जाल, पिंजरे इत्यादि की भी आवश्यकता हो सकती है।      

5. टारगेट कस्टमर के साथ संपर्क साधें

Pest Control Business की सफलता के लिए बेहद जरुरी हो जाता है की उद्यमी को अपने टारगेट ग्राहकों की पहचान करना, यदि उद्यमी कमर्शियल बिल्डिंग में अपनी सेवा देने की योजना बना रहा है तो उसके टारगेट ग्राहकों के तौर पर कम्पनियां और उनके कार्यालय रहने वाले हैं। इसके अलावा यदि उद्यमी आवसीय क्षेत्रों में सर्विस देने की योजना बना रहा है तो ध्यान रहे उच्च आय वर्ग के लोग उसके टारगेट कस्टमर  की लिस्ट में शामिल हो सकते हैं। यदि उद्यमी कृषि फसलों पर लगने वाले कीट नियंत्रण की योजना बना रहा है तो किसान और अनाज के गोदाम मालिक उसके टारगेट ग्राहक के तौर पर सामने आ सकते हैं। इसलिए उद्यमी के लिए अपने टारगेट ग्राहक से संपर्क स्थापित करना अति आवश्यक हो जाता है।   

6. सर्विस प्रदान करें और कमायें (Provide Pest Control Service to Customer)  

जब उद्यमी को उसका पहला ग्राहक मिल जाता है तो उद्यमी को चाहिए की वह उसे ग्राहक के तौर पर नहीं बल्कि अपने व्यवसाय को बढ़ाने में सहायक एक व्यक्ति के तौर पर कंसीडर करे । क्योंकि ध्यान रहे यदि आपका पहला ग्राहक ही आपकी Pest Control Service से संतुष्ट नहीं हो पाया तो आपके लिए उस व्यवसाय को आगे बढ़ाना अति मुश्किल हो जायेगा। और यदि आपका पहला ग्राहक आपके द्वारा दी गई सर्विस से संतुष्ट हो गया तो वह आपके लिए आपके मार्केटिंग मेम्बर के तौर पर कार्य करेगा और आपको अन्य ग्राहक दिलाने में भी मददगार साबित होगा।

अन्य लेख भी पढ़ें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *