पेपर कप बनाने का बिजनेस कैसे शुरू करें? Paper Cup Making Business in Hindi.

Paper Cup की यदि हम बात करें तो यह खाद्य श्रेणी में उपयोग में लाये जाने वाले डिस्पोजेबल आइटम में एक बेहद ही प्रमुख एवं बड़े पैमाने पर इस्तेमाल की जाने वाली आइटम है । और डिस्पोजेबल खाद्य सर्विस उत्पादों को इस्तेमाल में लाने का प्रमुख उद्देश्य सार्वजनिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देना ही था। जैसा की हम सब अच्छी तरह से जानते हैं की हमारे देश भारत में बीते कुछ वर्षों से प्लास्टिक से बने डिस्पोजेबल कप का इस्तेमाल भारी मात्रा में किया जा रहा था। चूँकि प्लास्टिक हमारे आस पास के पर्यावरण को दूषित करता है और इसका प्रकृति पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है इसी के चलते सरकार ने इनकी बिक्री इत्यादि पर प्रतिबंध लगा दिया था। और प्लास्टिक से निर्मित कप के बदले पेपर से निर्मित कपों का इस्तेमाल करने की सलाह दी थी वह इसलिए क्योंकि पेपर कप मिटटी में आसानी से नष्ट हो जाते हैं इसलिए ये पर्यावरण को दूषित भी नहीं करते हैं। इस बीसवीं शताब्दी में पर्यावरण को होने वाले खतरे को देखते हुए वैश्विक स्तर पर विभिन्न राष्ट्रों ने पर्यावरण संरक्षण के लिए मजबूत प्रयास किये हैं और उन्हीं प्रयासों की बदौलत Paper Cup नामक इस उत्पाद की भी उत्पति हुई है। पेपर से निर्मित कप के अन्य सामग्री से निर्मित कप की तुलना में अनेकों फायदे हैं। चूँकि इन्हें देखने में सुन्दर, स्टाइलिश, एवं खाद्य जनित संक्रमणों को कम करने के लिए बनाया जाता है इसलिए ये दुनियाभर में काफी प्रचलित हो रहे हैं। Paper cup को खाद्य ग्रेड कच्चे माल का इस्तेमाल करके बड़े ही आसान प्रक्रिया के तहत बनाया जाता है और इस प्रक्रिया से किसी प्रकार का कोई कचरा भी पैदा नहीं होता और इन्हें रीसायकल करना भी बेहद आसान होता है। इनका इस्तेमाल सभी प्रकार की पार्टियों, फंक्शन, पिकनिक अवसरों, शादी – विवाह के अवसरों, चैट, चाय, भोजन इत्यादि के लिए बड़े पैमाने पर किया जाता है। पेपर कप की विशेषता यह है की इनमें अपने मनमुताबिक कस्टम डिजाईन आसानी से की जा सकती है इसलिए कम्पनियां अपनी मार्केटिंग के लिए भी इन पर लोगों डिजाईन इत्यादि करना पसंद करती हैं। चूँकि ये बाजार में एक विस्तृत श्रृंखला डिजाईन, बनावट, रंग एवं आकार में उपलब्ध होते हैं इसलिए ये खुबसूरत, स्टाइलिश एवं शानदार भी होते हैं। इसलिए Paper Cup Manufacturing Business शुरु करन एक शानदार विचार हो सकता है।

Paper cup manufacturing business in hindi
Paper cup manufacturing business in Hindi

मार्किट परिदृश्य (Paper Cup market outlook)

आज के इस वैश्विक दौर में सबसे पहले यह पहचानना आवश्यक होता है की पेपर उत्पादों की वैश्विक मांग एवं सप्लाई क्या है। जहाँ तक Paper Cup की बात है वैश्विक स्तर पर जितनी इसकी मांग है उत्पादन उससे कहीं कम है और जैसे जैसे लोगों की जागरूकता इको फ्रेंडली उत्पादों के प्रति बढ़ रही है इनकी मांग और भी अधिक हो रही है। यही कारण है की भारत में भी विविध आकार प्रकार के पेपर कप बनाये जा रहे हैं और इन्हें इंडिया में मार्किट किया जा रहा है। यही कारण है की इस व्यवसाय को भारत में संभावनाओं से भरा हुआ व्यापार माना जा रहा है। और वर्तमान में इस तरह का यह व्यवसाय शुरू करके उपभोक्ताओं की जरूरतों को पूरा करने की कोशिश की जा सकती है। ग्राहकों को प्रभावी एवं गुणवत्तायुक्त फूग ग्रेड उत्पाद प्रदान करने के लिए रणीनीति विकसित करना एक अच्छा कदम हो सकता है। पेपर कप के बिजनेस से होने वाली कमाई इस बात पर निर्भर करती है की लोग इनका इस्तेमाल किन किन अवसरों पर और कब कब करते हैं। चूँकि यह उपयोग में आसान होने के साथ साथ स्वच्छ एवं पर्यावरण के अनुकूल होते हैं इसलिए इनका इस्तेमाल लगभग सभी लोगों द्वारा किया जाता है। यही कारण है की पेपर कप के मामले में प्रति व्यक्ति खपत में काफी इजाफा हुआ है और आगे भी इसमें बढ़ोत्तरी होने की संभावना है। जैसा की हम सब अच्छी तरह से जानते हैं की Paper Cup दैनिक उपभोग की वस्तु है यही कारण है की इनकी मार्केटिंग करने में कोई समस्या नहीं होती। या यूँ कहें इस तरह के उत्पाद को बहुत अधिक मार्केटिंग की आवश्यकता नहीं होती है क्योंकि उपभोक्ता पेपर कप के इस्तेमाल के फायदों के बारे में अच्छी तरह से जानते हैं। और इसके विनिर्माण के लिए कच्चा माल भी आसानी से उपलब्ध हो जाता है।  

पेपर कप बनाने का बिजनेस कैसे शुरू करें ? (How to Start a Paper Cup Business)

Paper Cup Plate Manufacturing Business शुरू करने में सबसे महंगी एवं प्रमुख चीज जो होती है वह होती है पेपर कप बनाने के इस्तेमाल में लायी जाने वाली मशीन । मशीन के अलावा उद्यमी को इस बारे में भी संशय रहता है की उसे कौन कौन से लाइसेंस एवं रजिस्ट्रेशन की आवश्यकता हो सकती है। इन्ही सब बातों को ध्यान में रखते हुए आगे हम यही जानने का प्रयत्न करेंगे की इस तरह का व्यवसाय शुरू करने के लिए कौन कौन से जरुरी कदम उठाये जा सकते हैं।

1. मार्किट रिसर्च

यद्यपि इसमें कोई दो राय नहीं की paper Cup की आवश्यकता लगभग हर भौगौलिक क्षेत्र में देखी गई है। यह एक ऐसा उत्पाद है जिसका इस्तेमाल ग्रामीण एवं शहरी भारत दोनों में बड़े पैमाने पर किया जाता है। लेकिन चूँकि शुरूआती दौर में उद्यमी अपने फैक्ट्री द्वारा उत्पादित उत्पाद को अधिक दूर तक बाज़ारों में भेजने में नाकाम हो सकता है। इसलिए उद्यमी को लोकल मार्किट रिसर्च करना बेहद आवश्यक हो जाता है। ध्यान रहे शुरूआती दौर में उद्यमी उस स्थानीय क्षेत्र में स्थित चाय की दुकानों, होटल ढाबों, जनरल स्टोर, सुपर मार्किट इत्यादि स्थानों पर अपने उत्पाद बेच सकता है। इसलिए उद्यमी को यह जानकारी जुटानी होगी की उस एरिया विशेष में पहले से कोई इस तरह का व्यवसाय तो नहीं कर रहा है। और उस स्थान विशेष में लोग किन किन अवसरों पर Paper Cup इत्यादि का इस्तेमाल करना पसंद करते हैं । और किस प्रकार के कप की मांग उस एरिया विशेष में अधिक है जब उद्यमी को इन सब बातों की जानकारी हो जाएगी उसी के आधार पर वह उस एरिया में इस उत्पाद की मांग एवं सप्लाई का आकलन करने में सक्षम हो पायेगा ।      

2. बिजनेस प्लान बनायें ( Create a Business plan for Paper Cup making)

जब उद्यमी इस बात का पता लगाने में सफल हो जाता है की उस एरिया विशेष में किस प्रकार के Paper Cup की मांग अधिक है। उसके बाद उद्यमी का अगला कदम अपने व्यवसाय की योजना बनाने का होना चाहिए। बिजनेस प्लान को व्यवसाय का रोड मैप भी कह सकते हैं क्योंकि इसमें व्यवसाय से जुड़ी हर एक बात का लिखित तौर पर विवरण होता है। इसमें न सिर्फ वर्तमान का बल्कि भविष्य में बिजनेस किस ओर बढेगा और एक लक्ष्य तक उसे पहुँचाने के लिए क्या क्या करना पड़ेगा इत्यादि सभी बातों का उल्लेख होता है। यह दस्तावेज निवेशकों को आकर्षित करने एवं बैंक से ऋण प्रदान करने में भी मददगार साबित होता है। एक प्रभावी बिजनेस प्लान बनाने के लिए अनेकों कदम उठाने की आवश्यकता हो सकती है। तो आइये जानते हैं की एक व्यवहारिक बिजनेस प्लान कैसे बनायें?      

3. वित्त का प्रबंध करें

अब चूँकि Paper Cup Manufacturing Business शुरू करने वाले व्यक्ति द्वारा बिजनेस प्लान तैयार कर लिया होगा तो उसे उसके प्रोजेक्ट पर आने वाली अनुमानित लागत का भी अंदाजा हो गया होगा। अब यदि उद्यमी के पास प्रोजेक्ट को शुरू करने में आने वाली लागत के बराबर वित्त की व्यवस्था है तब तो ठीक है। लेकिन यदि नहीं है तो उद्यमी को इसके लिए वित्त की व्यवस्था करनी होगी ताकि वह सफलतापूर्वक अपने व्यवसाय को शुरू कर सके। उद्यमी के पास वित्त प्रबंध के लिए अनेकों अनौपचारिक एवं औपचारिक स्रोत उपलब्ध होते हैं। जहाँ तक अनौपचारिक स्रोतों की बात है इनमें परिवार के किसी सदस्य से उधार लेना, दोस्त, रिश्तेदारों इत्यादि से उधार लेना इत्यादि शामिल है। और औपचारिक स्रोतों में बैंक, फाइनेंसर एवं अन्य वित्तीय संस्थानों से ऋण लेना शामिल है उद्यमी किसी भी स्रोत के माध्यम से वित्त का प्रबंध कर सकता है। लेकिन उससे पहले उद्यमी को सरकारी सब्सिडी ऋण के बारे में भी अवश्य पता करना चाहिए क्योंकि इस तरह के व्यापारों एवं उद्यमिता को प्रोत्साहित करने के लिए केंद्र एवं राज्य सरकारें सब्सिडी ऋण प्रदान करवाती हैं।      

4. जगह या दुकान किराये पर लें

Paper Cup Manufacturing Business शुरू करने के लिए उद्यमी को एक ऐसी जगह की आवश्यकता होती है जहाँ से वह अपने व्यवसाय को संचालित कर सके। हालांकि ऐसे व्यवसाय जो प्रदूषण पैदा करते हों उन्हें आबादी से दूर ही स्थापित किया जाना बेहद जरुरी है। लेकिन पेपर कप बनाने के लिए जिस मशीन का इस्तेमाल किया जाता है वह बहुत विशाल न होकर छोटी ही होती है जिसे किसी छोटे कमरे में भी आसानी से इनस्टॉल किया जा सकता है। लेकिन चूँकि उद्यमी को कार्य वाली जगह के अलावा तैयार पेपर कप को स्टोर करने के लिए जगह, कच्चे माल को स्टोर करने के लिए जगह और एक छोटा सा ऑफिस भी स्थापित करने की आवश्यकता हो सकती है। इसलिए उद्यमी को कम से कम 500-600 Square Feet जगह की आवश्यकता हो सकती है। जगह या बना बनाया ढांचा किराये पर लेते वक्त लीज या रेंट एग्रीमेंट अवश्य कर लें क्योंकि यह दस्तावेज पता प्रमाण के तौर पर इस्तेमाल में लाया जा सकता है। यदि इस जगह पर कमर्शियल विद्युत् कनेक्शन एवं पानी का कनेक्शन नहीं है तो उद्यमी को इनके लिए आवेदन करना चाहिए। और ध्यान रहे जगह या दुकान सड़क के किनारे पर होनी चाहिए और सड़क चौड़ी जहाँ हर प्रकार का वाहन आसानी से आ जा सके होनी चाहिए।         

5. आवश्यक लाइसेंस एवं रजिस्ट्रेशन (License for Paper Cup Making Business)

शुरूआती दौर में उद्यमी चाहे तो अपने व्यवसाय को रजिस्ट्रार ऑफ़ कम्पनीज में प्रोप्राइटरशिप के तहत रजिस्टर कर सकता है। वह इसलिए क्योंकि इस तरह का रजिस्ट्रेशन करने में उद्यमी को बहुत सारी औपचारिकतायें पूर्ण करने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी और वह इसे ऑनलाइन भी आसानी से पूर्ण कर सकता है। इसके अलावा जीएसटी रजिस्ट्रेशन भी ऑनलाइन आसानी से अप्लाई किया जा सकता है। उद्यमी को स्थानीय प्राधिकरण जैसे नगर निगम इत्यादि से ट्रेड लाइसेंस की भी आवश्यकता हो सकती है। और यदि उद्यमी चाहता है की उसके द्वारा उत्पादित Paper Cup को सरकारी एजेंसीयां भी खरीदें तो उसे अपने व्यवसाय को उद्योग आधार में भी रजिस्ट्रेशन कराने की आवश्यकता होती है। और एमएसएमई डाटा बैंक में भी अपने व्यवसाय को रजिस्टर कराना पड़ता है। इसका फायदा यह होता है की यदि सरकारी एजेंसीयों को पेपर कप की आवश्यकता होगी और वे इसके लिए टेंडर जारी करती हैं तो उद्यमी एमएसएमई के तहत आरक्षित कोटे के अंतर्गत आवेदन कर सकता है।       

6. मशीनरी, उपकरण एवं कच्चा माल खरीदें

Paper Cup Manufacturing Business में मशीनरी के तौर पर पेपर कप बनाने वाली आटोमेटिक मशीन इस्तेमाल में लायी जा सकती है।  जिसकी कीमत 6 लाख से 15 लाख के बीच कुछ भी हो सकती है ध्यान रहे मशीन की कीमत उसकी उत्पादन क्षमता के आधार पर अलग अलग हो सकती है। जो मशीन प्रति घंटे अधिक पेपर कप का उत्पादन करने का सामर्थ्य रखती है उसकी कीमत अधिक, और जो मशीन कम उत्पादन करती है उसकी कीमत कम हो सकती है। मशीनरी एवं उपकरणों की संक्षिप्त लिस्ट कुछ इस प्रकार से है।

  • आटोमेटिक पेपर कप बनाने वाली मशीन।
  • विभिन्न डाई एवं मोल्ड।
  • ऑफिस उपकरण जैसे कंप्यूटर, प्रिंटर, टेलीफोन इत्यादि।

मशीनरी के सप्लायर उद्यमी ऑनलाइन एवं ऑफलाइन दोनों तरीके से ढूंढ सकता है। और कुछ प्रमुख कच्चे माल की लिस्ट इस प्रकार से है।   

  • विशेष तरह का पाली कोटेड पेपर।
  • प्रिंटिंग केमिकल और डाई ।
  • बॉटम रील पेपर।
  • पैकेजिंग सामग्री जैसे पीपी कवर और कार्टन बॉक्स।

यहाँ पर ध्यान देने वाली बात यह है की यदि उद्यमी प्रिंटिंग केमिकल और डाई का इस्तेमाल नहीं करना चाहता तो बाजार में पहले से प्रिंटेड पेपर आते हैं जिनका इस्तेमाल Paper Cup बनाने के लिए किया जा सकता है।

7. कर्मचारी नियुक्त करें

हालांकि कितने कर्मचारियों की नियुक्ति उद्यमी के Paper Cup Manufacturing Business के लिए उपयुक्त रहेगी वह इस बात पर निर्भर करेगा की उद्यमी की प्लांट की उत्पादन क्षमता क्या है। अर्थात जितना बड़ा प्लांट होगा उसमें उतने अधिक कर्मचारियों को नियुक्त करने की आवश्यकता होगी।  लेकिन इस प्रकार के एक औसतन प्लांट में उद्यमी को पांच छह कर्मचारियों की नियुक्ति तो करनी ही होगी। इनमें एक मेनेजर जिसे प्रोडक्शन और मार्केटिंग दोनों की जिम्मेदारी दी जा सकती है। दो मशीन ऑपरेटर जिनका काम अलग अलग समय में या फिर एक के छुट्टी जाने पर मशीन ऑपरेट करने का होना चाहिए। पेपर कप की चेकिंग एवं पैकेजिंग के लिए महिला कर्मचारियों को भी नियुक्त किया जा सकता है। इसके लिए दो अकुशल महिलाएं पर्याप्त होंगी इन सबके अलावा एक ऑफिस असिस्टेंट की भी आवश्यकता होगी। Paper Cup बनाने के काम के लिए उद्यमी को कोई अनुभवी एवं कुशल श्रमिकों की कोई आवश्यकता नहीं है इसलिए उद्यमी को श्रमिक कम दरों पर भी आसानी से मिल सकती हैं।         

8. निर्माण कार्य शुरू करें (Start Paper Cup manufacturing Process)

जहाँ तक Paper Cup के निर्माण कार्य की बात है पेपर कप बनाने की आटोमेटिक मशीन को ऑपरेट करना बेहद आसान काम है इसलिए इसे कोई भी व्यक्ति केवल कुछ मिनटों या घंटों के प्रशिक्षण के बाद आसानी से समझ सकता है। जहाँ तक आटोमेटिक पेपर कप बनाने वाली मशीन की बात है इसमें पेपर कप का निर्माण तीन स्टेज में होता है पहली प्रक्रिया में कप की साइड वाल को आकार दिया जाता है और उसे अगली स्टेज के लिए भेज दिया जाता है। बॉटम पेपर का ट्रांसमिशन करके उसे कप के बॉटम का आकार दिया जाता है और उसके बाद साइड वाल एवं बॉटम को मिल्य जाता है। और कप के उपरी हिस्से को मोड़ा जाता है । कुल मिलाकर देखें तो इस प्रक्रिया में प्रीहीटिंग, कर्लिंग बॉटम, रोलेटिंग, कर्लिंग रिम इत्यादि बहुत सारी प्रक्रियाएं शामिल हैं जिसके पश्चात Paper Cup का निर्माण हो पाता है।

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