मोबाइल शॉप बिजनेस कैसे शुरू करें? Mobile Shop Business Plan in Hindi.

वर्तमान में हमारे देश भारतवर्ष में भी Mobile Shop यानिकी मोबाइल की दुकानों में वृद्धि होती जा रही है। इनकी वृद्धि का मूल कारण दूर सुदूर इलाकों तक मोबाइल फ़ोन के नेटवर्क की उपलब्धता है। यही कारण है की आज भारत में भी लगभग प्रत्येक घर में कम से कम एक मोबाइल फ़ोन तो अवश्य है। जैसा की हम सबको विदित है की मोबाइल फ़ोन वर्तमान में मानव जीवनशैली की बेहद अहम् वस्तु बन गया है। जिस तरह से यह मनुष्य जीवनशैली में इस्तेमाल में लाया जा रहा है उसे देखकर कहा जा सकता है की बहुत सारे लोग ऐसे हैं जिन्हें इसकी लत लग चुकी है। अर्थात उनके हिसाब से मोबाइल फ़ोन के बिना जीवन बेहद जटिल लग सकता है जो की सत्य भी है । आज का मोबाइल यानिकी स्मार्टफ़ोन मनुष्य जीवन में सिर्फ फ़ोन का ही भूमिका अदा नहीं करता है बल्कि आज मोबाइल फ़ोन के माध्यम से व्यक्ति अपनी जेब में पूरा विश्व लेके घूम रहा है इसमें कोई दो राय नहीं है। क्योंकि इस उपकरण के माध्यम से व्यक्ति अपने सगे सम्बन्धियों, जानने वालों से बात तो कर ही सकता है। साथ में बैंकिंग, ऑनलाइन शॉपिंग, बिलों का भुगतान, इन्टरनेट सर्फिंग, कहीं जाते वक्त जीपीएस ऑन करके रास्तों का पता लगाना इत्यादि सभी गतिविधियों को अंजाम दे सकता है। इसलिए ज्यों ज्यों मोबाइल फ़ोन नामक इस उपकरण के इस्तेमाल मानव जीवन में बढ़ते जा रहे हैं। वैसे वैसे इस उपकरण पर मनुष्य की निर्भरता भी बढती जा रही है। आज आलम यह है की यदि हमारे मोबाइल में थोड़ा बहुत भी खराबी आ जाती है तो चिंता की लकीरें हमारे माथे पर साफ़ देखी जा सकती हैं । मोबाइल के खराब होने की स्थिति में मनुष्य उसे रिपेयरिंग कराने या नया मोबाइल खरीदने के लिए मजबूर हो जाता है। मनुष्य की इसी मजबूरी के चलते Mobile Shop एवं मोबाइल रिपेयरिंग बिजनेस की उत्पति होती है।

Mobile Shop business in hindi

मोबाइल शॉप का व्यापार क्या है  (What is Mobile Shop Business)

वैसे देखा जाय तो एक Mobile Shop क्या होती है इसकी जानकारी लगभग हर व्यक्ति को होगी लेकिन चूँकि यहाँ पर हम इस व्यापार के बारे में जानकारी देने का प्रयत्न कर रहे हैं। तो हमारा यह व्यापार क्या होता है? के बारे में बताने का भी दायित्व होता है। इसलिए एक ऐसा स्थान या दुकान जहाँ से ग्राहक विभिन्न कम्पनियों के या किसी एक कंपनी के मोबाइल खरीद सकता है को मोबाइल शॉप कहा जा सकता है। वर्तमान म देखा गया है की एक मोबाइल की दुकान खोलकर उद्यमी न केवल नए मोबाइल बेच रहा होता है। बल्कि विभिन्न टेलिकॉम कम्पनियों की सिम, मोबाइल रिचार्ज, मोबाइल रिपेयरिंग, मोबाइल एक्सेसरीज, सिम पोर्ट जैसी अनेकों सुविधाएँ अपने ग्राहकों को प्रदान कर रहा होता है। इसलिए जब किसी उद्यमी द्वारा इस तरह का यह काम शुरू किया जाता है तो उसके द्वारा किया जाने वाला यह कार्य ही Mobile Shop Business कहलाता है।

मोबाइल शॉप की चलने की संभावना

Mobile Shop एक ऐसा बिजनेस है जिसे शुरूआती दौर में स्थानीय मांग को ही ध्यान में रखकर किया जाना चाहिए। क्योंकि उद्यमी जिस भी एरिया में मोबाइल की दुकान खोलने की सोच रहा हो वह वहाँ इस छोटे से क्षेत्र में इस बात का पता आसानी से लगा सकता है की वहाँ पर उसकी दुकान कैसे चलेगी। जहाँ तक आंकड़ों की बात है एक अधिकारिक आंकडें के मुताबिक वर्ष 2016 में ही भारत में एक अरब से अधिक मोबाइल फ़ोन इस्तेमाल में लाये जा रहे थे। जिसका साफ़ एवं स्पष्ट सा मतलब है की लगभग लगभग भारत की जनसँख्या के बराबर मोबाइल फ़ोन उस समय इस्तेमाल में लाये जा रहे थे। लेकिन वर्तमान में यह संख्या और बढ़ गई होगी जनसँख्या से अधिक मोबाइल फ़ोन इस्तेमाल होने के पीछे ऐसे लोग हो सकते हैं जिनके पास एक से अधिक मोबाइल फ़ोन हैं। जी हाँ भारत में ऐसे लोगों की संख्या में भी तीव्र वृद्धि देखी गई है जो एक से अधिक फ़ोन इस्तेमाल में लाते हैं। अब जब बात यह आती है भारत की जनसँख्या के बराबर मोबाइल फ़ोन के आंकड़े हो गए हों तो फिर Mobile Shop से फ़ोन खरीदेगा कौन। उपर्युक्त स्थिति देखकर मष्तिष्क में इस तरह का यह सवाल कौंधना लाजिमी है। लेकिन हम यहाँ पर बताना चाहेंगे की भारत में प्रत्येक दिन लाखों की संख्या में फ़ोन खराब होते हैं, लाखों लोग ऐसे हैं जो नए नए फ़ोन खरीदने के शौक़ीन रहते हैं, तो बहुत सारे लोग ऐसे होते हैं जिनके फ़ोन खो जाते हैं। और लोगों को नए नए फ़ोन इसलिए भी खरीदने होते हैं क्योंकि हर नए फ़ोन में अलग अलग फीचर एवं नयी लेटेस्ट तकनिकी का इस्तेमाल होता है। इसलिए यह कहने में हमें कोई संकोच नहीं हो रहा है की मोबाइल की दुकान का यह बिजनेस एक निरंतर चलने वाला बिजनेस है। और जो उद्यमी इसे अच्छी मार्किट विश्लेषण एवं योजना के साथ शुरू करेगा और योजना में स्थिति हालात के अनुकूल परिवर्तन करता रहेगा तो वह Mobile Shop Business को सफलतापूर्वक चलाकर कमाई कर पाने में सक्षम होगा।

मोबाइल की दुकान कैसे खोलें? (How to Start Mobile Shop Business) 

जैसा की हम सब अच्छी तरह से जानते हैं की आज मोबाइल फ़ोन नामक इस उपकरण का विस्तार लगभग भारत के लगभग हर एक भौगौलिक क्षेत्र तक हो चूका है । और यह भी जरुरी नहीं है की इसे सिर्फ धनी या पैसे वाले लोग ही खरीदते हैं सच्चाई यह है की मोबाइल फ़ोन मानव जीवन में एक अहम् भूमिका अदा कर रहा है इसलिए चाहे गरीब हो या अमीर सभी इस उपकरण को इस्तेमाल में ला रहे हैं। उद्यमी चाहे तो Mobile Shop Business को कहीं से भी शुरू कर सकता है इसमें जरुरी नहीं है की सिर्फ शहरों में ही इस तरह के बिजनेस की आवश्यकता होती है बल्कि ग्रामीण इलाकों में स्थानीय बाज़ारों में भी इस तरह की यह दुकान खोलना लाभकारी हो सकता है। हालांकि उद्यमी को चाहिए की जिस एरिया में वह बिजनेस करना चाहता हो वहाँ पर निवासित लोगों की खर्च करने की क्षमता एवं तकनीक के प्रति उनकी रूचि एवं जागरूकता का विश्लेषण करने के पश्चात ही इस बात का निर्णय ले की उसे उस एरिया में यह काम करना चाहिए या फिर नहीं। क्योंकि अक्सर देखा गया है की जिन लोगों की खरीदारी एवं खर्च करने की क्षमता अधिक हो वही लोग थोड़े थोड़े अन्तराल में मोबाइल फ़ोन चेंज करते हैं जबकि जिनकी खर्च करने की क्षमता कम होती है वे लोग मज़बूरी में जैसे यदि फ़ोन ख़राब हो जाय या फिर खो जाय इत्यादि स्थितियों में ही अपना मोबाइल फ़ोन चेंज करना पसंद करते हैं। तो आइये जानते हैं की उद्यमी द्वारा Mobile Shop Business शुरू करने के लिए कौन कौन से आवश्यक कदम उठाये जा सकते हैं।

1. अच्छी लोकेशन पर दुकान किराये में लें 

यद्यपि आज यदि हम ग्राहकों की खरीदारी की आदतों की बात करें वह भी खास तौर पर इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जैसे लैपटॉप, मोबाइल इत्यादि की। तो हम पाएंगे की बड़े शहरों में अधिकतर नौकरीपेशा लोगों द्वारा ऑनलाइन शॉपिंग के माध्यम से ही मोबाइल फ़ोन ख़रीदे जाते हैं। लेकिन इन सबके बावजूद भारत में एक बहुत बड़ा वर्ग ऐसा है जो परम्परागत दुकानों से ही खरीदारी करना ही पसंद करता है। इसलिए Mobile Shop Business शुरू करने के लिए उद्यमी को सर्वप्रथम एक अच्छी लोकेशन अर्थात जहाँ पर भीड़ भाड़ रहती हो और ग्राहकों को आने जाने में किसी प्रकार की तकलीफ का सामना न करना पड़े ऐसी लोकेशन का चुनाव करने की आवश्यकता होती है। इसके अलावा चूँकि वर्तमान में ऑनलाइन शॉपिंग का चलन भी बढ़ता जा रहा है इसलिए उद्यमी को लोकेशन चयन करते समय इस बात का भी ध्यान रखने की आवश्यकता हो सकती है की किसी कार्गो या कूरियर सर्विस की उपलब्धता उस एरिया में है या नहीं। यह इसलिए जरुरी होता है क्योंकि यदि उद्यमी ऑनलाइन भी ओने उत्पादों को बेचना चाहे तो वह किसी ई कॉमर्स पोर्टल या खुद का पोर्टल बनाकर भी ऑनलाइन अपने उत्पादों को बेच सकता है।  जहाँ तक दुकान किराये पर लेने का सवाल है इसके लिए उद्यमी को कम से कम 10×15 वर्ग फुट जगह की आवश्यकता हो सकती है। लेकिन ध्यान रहे दुकान का किराया अलग अलग शहरों, नगरों में अलग अलग हो सकता है।

2. दुकान का इंफ्रास्ट्रक्चर एवं डेकोरेशन

लोकेशन एवं दुकान किराये पर ले लेने के बाद उद्यमी को दुकान की सजावट एवं मोबाइल फ़ोन रखने के लिए इंटीरियर का काम पूर्ण कराना होगा। उद्यमी चाहे तो किसी इंटीरियर डिज़ाइनर की मदद भी इस कार्य को पूर्ण करने के लिए ले सकता है। क्योंकि एक Mobile Shop Business का बेहद आकर्षक एवं सुन्दर दिखना अति आवश्यक है। इसके लिए उद्यमी को काउंटर, अलमारियाँ, शीशे की ड्रावर, कंप्यूटर कुर्सी, पंखा, प्रिंटर कम स्कैनर, एयर कंडीशनर इत्यादि खरीदने की भी आवश्यकता हो सकती है। यद्यपि काउंटर का साइज़ उद्यमी के दुकान में कितनी जगह उपलब्ध है इस पर निर्भर करेगी लेकिन कम से कम 8×3 का शीशे का काउंटर जिसके नीचे की तरफ मोबाइल फ़ोन रखने के लिए रैक भी बनी हों आदर्श माना जाता है। इस काउंटर के तीनों भाग ऊपर एवं दोनों साइड में शीशे लगाये जा सकते हैं हालांकि अन्दर की तरफ वाला हिस्सा खुला या शीशे के दरवाजों से युक्त हो तो ठीक रहता है। उद्यमी चाहे तो काउंटर की भव्यता बढाने के लिए इसके अन्दर लाइटिंग की भी व्यवस्था कर सकता है। इससे काउंटर की रैक में रखे मोबाइल एवं अन्य उपकरण नए एवं आकर्षक नज़र आयेंगे जिससे ग्राहक इनकी तरफ जल्दी आकर्षित हो सकते हैं। इसके अलावा उद्यमी द्वारा दुकान की दीवारों के तीनों तरफ जो अलमारी इनस्टॉल की जाएगी उन पर भी सामने की तरफ शीशे लगाना अति आवश्यक है। ताकि ग्राहकों को वहाँ रखी वस्तुएं साफ साफ दिखाई दें। हालांकि अधिकतर ग्राहक Mobile Shop में खड़े खड़े होकर ही कस्टमर को बैठाने के लिए उद्यमी को एक गद्दे लगे बेंच या सोफे की आवश्यकता भी हो सकती है। और समय के आधार पर ज्यों ज्यों टेक्नोलॉजी इत्यादि में परिवर्तन होंगे उसके आधार पर उद्यमी को अपने इंफ्रास्ट्रक्चर एवं उपकरणों में भी बदलाव लाना होगा।

3. सप्लायर या डिस्ट्रीब्यूटर का चुनाव करें

अब यदि उद्यमी ने अपनी Mobile Shop में इंटीरियर का काम पूर्ण रूप से करा लिया हो तो उद्यमी को चाहिए की वह स्थानीय प्राधिकरण से ट्रेड लाइसेंस प्राप्त करे। हालांकि छोटे स्तर पर इस तरह का यह लाइसेंस अनिवार्य तो नहीं होता है लेकिन उद्यमी को स्थानीय नियम एवं कानूनों की जानकारी रखना अति आवश्यक है । ताकि भविष्य में उसे किसी प्रकार की कोई परेशानी न उठानी पड़े और यदि उद्यमी को लगता है की उसका सालाना टर्नओवर जीएसटी पंजीकरण के लिए दी गई छूट से अधिक जा सकता है। तो उद्यमी को जीएसटी रजिस्ट्रेशन भी करा लेना चाहिए इसका फायदा यह होगा की उद्यमी कुछ प्रसिद्ध ई कॉमर्स वेबसाइट में अपने उत्पादों को रजिस्टर करके भी इन्हें ऑनलाइन बेच सकता है। और उसके बाद उद्यमी को उस एरिया में एक्टिव किसी सप्लायर एवं डिस्ट्रीब्यूटर से संपर्क करना होगा जो उद्यमी की दुकान में उद्यमी की आवश्यकतानुसार माल की सप्लाई कर पाने में सक्षम हो। उद्यमी चाहे तो एक से अधिक सप्लायर का चुनाव भी अपने Mobile Shop Business के लिए कर सकता है। क्योंकि हो सकता है की एक सप्लायर सभी कम्पनियों के मोबाइल की सप्लाई न करता हो । उद्यमी अपने दुकान में कौन कौन सी कंपनी के मोबाइल बेचने के लिए रखेगा यह भी इस बात पर निर्भर करेगा की उस एरिया विशेष में युवाओं एवं लोगों की पहली पसंद कौन है। स्थानीय स्तर पर मार्केटिंग के लिए उद्यमी बैनर, पोस्टर, ब्राऊचर, टेम्पलेट इत्यादि ऑफलाइन तरीकों एवं सोशल मीडिया, क्लासिफाइड, सर्च इंजन इत्यादि मार्केटिंग तरीकों का सहारा ले सकता है।  

अन्य लेख भी पढ़ें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *