दियासलाई उद्योग कैसे शुरू करें? Match Box Manufacturing Business.

Match Box या दियासलाई से भला कौन व्यक्ति परिचित नहीं होगा जी हाँ इसके विभिन्न उपयोगों के चलते इसे हर घर में इस्तेमाल में लाया जाता है ।  वैसे देखा जाय तो दियासलाई यानिकी माचिस का प्रमुख कार्य अग्नि प्रज्वलित करना होता है इसलिए लोगों द्वारा इसका इस्तेमाल चूल्हा जलाने, स्मोकिंग करने और विभिन्न कार्यों जिनमें अग्नि प्रज्वलित करने की आवश्यकता होती है में प्रमुखता से किया जाता है।  

यहाँ तक की धूम्रपान करने के शौक़ीन व्यक्ति तो दियासलाई को अपनी जेब में रखना भी पसंद करते हैं ताकि वे जरुरत पड़ने पर धूम्रपान करने के लिए उसका इस्तेमाल कर सकें। हालांकि यहाँ पर हम यह स्पष्ट कर दें , की धूम्रपान करना जानलेवा होता है इसलिए हमारा उद्देश्य धूम्रपान को प्रोत्साहित करना नहीं, बल्कि माचिस या Match Box के इस्तेमाल से लोगों को अवगत कराना है।

 कहने का आशय यह है की दियासलाई हमारे दैनिक कार्यों में इस्तेमाल में लायी जाने वाली एक सामान्य और आम वस्तु है इसलिए इसकी मांग निरंतर बाज़ारों में बनी रहती है। इसलिए आज हम हमारे इस लेख के माध्यम से कोई इच्छुक एवं सक्षम व्यक्ति खुद का दियासलाई उद्योग कैसे शुरू कर सकता है के बारे में बात करने वाले हैं। लेकिन आइये उससे पहले हम यह जान लेते हैं की आखिर यह दियासलाई होती क्या है?

Match Box Manufacturing Business in Hindi

दियासलाई क्या है? (What is Match Box):  

माचिस या दियासलाई कार्डबोर्ड या पतली लकड़ी से निर्मित एक बॉक्स होती है और इसे माचिस की तीलियाँ रखने के लिए डिजाईन किया गया होता है। इस बॉक्स के दोनों किनारों की तरफ एक ऐसी सतह तैयार की गई होती है जिसमें तीलियों का अग्र हिस्सा रगड़ने पर अग्नि प्रज्वलित होती है।

ध्यान रहे एक Safety Match Box तभी अग्नि प्रज्वलित करता है जब उसके किनारों की सतह पर तीलियों के अगर भाग को रगड़ा जाता है। दियासलाई के किनारों में उपलब्ध रगड़ने योग्य सतह को सैंड, पाउडर्र्ड ग्लास और एक रसायन जिसे रेड फॉस्फोरस कहा जाता है से बनाया जाता है। 

माचिस की बिक्री संभाव्यता

जैसा की हम पहले भी बता चुके हैं की दियासलाई एक बेहद उपयोगी उपकरण है और इसका प्रमुख इस्तेमाल अग्नि प्रज्वलित करने के लिए किया जाता है। इसका प्रमुख इस्तेमाल रसोईघर में गैस जलाने, मंदिर में दिया, अगरबत्ती इत्यादि जलाने, बीड़ी, सिगरेट इत्यादि जलाने और मिटटी तेल से चलने वाले लैंप इत्यादि जलाने के लिए किया जाता है। Match Box के अन्य उपयोगों में चिमनी, औद्योगिक बर्नर, कैंप फायर या हल्की मोमबत्तियां जलाना भी शामिल है।

माचिस की तीलियाँ लकड़ी या कार्डबोर्ड स्ट्रिप्स से बनी हुई होती हैं माचिस की तीली का इस्तेमाल नियंत्रित अवस्था में अग्नि प्रज्वलित करने के लिए की जाती है उद्योगों में जब गर्मीं और उर्जा की आवश्यकता होती है तब भी इनका इस्तेमाल किया जाता है इसके अलावा औद्योगिक अपशिष्ट को जलाने या नष्ट करने के लिए भी इनका इस्तेमाल किया जाता है।

एक आंकड़े के मुताबिक भारत दुनिया में सबसे सस्ती प्रतिदिन लगभग चार करोड़ दियासलाई का निर्माण करता है शायद यही कारण है की दुनिया में इस्तेमाल में लायी जाने वाली हर तीसरी माचिस भारतीय माचिस है।

भारतीय दियासलाई उद्योग एक साल में लगभग 90 मिलियन माचिस बंडलों का उत्पादन करता है हर बण्डल में लगभग 600 माचिस होती हैं और प्रत्येक Match Box में 40-50 माचिस की तीलियाँ होती हैं। जैसा की हम सब जानते हैं की दियासलाई फ़ास्ट मूविंग कंज्यूमर वस्तु है इसलिए मार्किट शेयर प्राप्त करने के लिए ब्रांडिंग एक्टिविटी की आवश्यकता हो सकती है।

दियासलाई उद्योग कैसे शुरू करें?( How to Start Match Box Manufacturing)

दियासलाई उद्योग शुरू करने के लिए इच्छुक उद्यमी को लाखों रूपये निवेश करने की आवश्यकता होती है क्योंकि इसमें तीलियों से लेकर Match Box तक सभी का निर्माण कार्य इन हाउस ही करना होता है। जिसके लिए एक नहीं बल्कि अनेकों प्रकार की मशीनरी और उपकरणों की आवश्यकता होती है।

इसलिए इनकी कीमत लाखों रूपये में हो सकती है इसलिए इस उद्योग भी केवल वही व्यक्ति शुरू कर सकता है जिसके लिए बिजनेस शुरू करने में आने वाला निवेश कोई अधिक मायने नहीं रखता हो। अर्थात एक ऐसा इच्छुक उद्यमी जो कई लाखों रूपये निवेश करके खुद का बिजनेस शुरू करने की सोच रहा हो उसके लिए ही इस तरह का यह व्यवसाय शुरू कर पाना संभव होगा। आइये जानते हैं की कैसे कोई इच्छुक व्यक्ति खुद का दियासलाई उद्योग बिजनेस शुरू कर सकता है।

1. जमीन और बिल्डिंग

Match Box Manufacturing बिजनेस शुरू करने के लिए यह जरुरी नहीं है की उद्यमी किसी भीड़ भाड़ वाली जगह या स्थानीय बाजार में ही अपनी इकाई स्थापित करे। बल्कि इस व्यवसाय को करने के लिए उद्यमी कहीं भी किसी गैर कृषि योग्य भूमि का अधिग्रहण एवं खरीदारी कर सकता है। वैसे शुरूआती दौर में तो यही बेहतर होता है की उद्यमी कहीं बनी बनाई बिल्डिंग को किराये पर लेकर इस तरह का यह व्यवसाय शुरू करे।

चूँकि इस परिसर में उद्यमी को सिर्फ माचिस विनिर्माण के लिए जगह की आवश्यकता नहीं होती, बल्कि कच्चे माल और फिनिश्ड माल के लिए स्टोर रूम बनाने के लिए जगह, बिजली उपयोगिताओं के लिए जगह, जनरेटर इत्यादि के लिए जगह और ऑफिस स्थापित करने के लिए भी जगह की आवश्यकता हो सकती है। इस प्रकार से देखा जाय तो उद्यमी को खुद का दियासलाई उद्योग शुरू करने के लिए लगभग 1000-1200 Square Feet जगह की आवश्यकता हो सकती है।      

2. वित्त का प्रबंध (Fund Arrangement for Match Box Manufacturing):

दियासलाई उद्योग शुरू करने के लिए उद्यमी को बड़े निवेश की आवश्यकता हो सकती है इसलिए किसी आर्थिक रूप से समृद्ध व्यक्ति के लिए ही इतनी बड़ी रकम का प्रबंध अपनी व्यक्तिगत बचत से करना आसान हो सकता है ।

लेकिन भले ही व्यक्ति Match Box Manufacturing Business शुरू करने में आने वाली लागत को अपनी व्यक्तिगत बचत से प्रबंध कर पाने में सक्षम ही क्यों न हो लेकिन उसे अपनी सम्पूर्ण व्यक्तिगत बचत को इस व्यवसाय में नहीं लगाना चाहिए बल्कि व्यक्तिगत बचत का कुछ हिस्सा ही इसमें लगाना चाहिए। और बाकी बचे हुए वित्त का प्रबंध सरकारी सौब्सिद्य ऋण योजनाओं, बैंक ऋण, वेंचर कैपिटलिस्ट इत्यादि स्रोतों से करना चाहिए। 

3. लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन  (License for Match Box Manufacturing):

उद्यमी चाहे तो अपने व्यवसाय को प्राइवेट लिमिटेड कंपनी या फिर वन पर्सन कंपनी के तौर पर भी रजिस्टर करा सकता है। बिलिंग और इन्वोइकिन्ग के लिए जीएसटी रजिस्ट्रेशन करने की भी आवश्यकता हो सकती है इसके अलावा व्यवसाय के नाम से बैंक में चालू खाता इत्यादि खोलने की भी आवश्यकता हो सकती है।

चूँकि इस व्यवसाय में लकड़ी और ज्वलनशील केमिकल का भी इस्तेमाल होता है इसलिए इसके लिए फायर डिपार्टमेंट से नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट लेना अति आवश्यक हो जाता है। और हो सकता है की लकड़ी के उपयोग के चलते उद्यमी को फारेस्ट डिपार्टमेंट से भी परमिशन लेने की आवश्यकता हो। Match Box Manufacturing हेतु फैक्ट्री या ट्रेड लाइसेंस के लिए स्थानीय प्राधिकरण जैसे नगर निगम, नगर पालिका इत्यादि से संपर्क किया जा सकता है । और यदि उद्यमी चाहे तो अपने व्यवसाय का उद्योग आधार रजिस्ट्रेशन भी करा सकता है।      

4. आवश्यक मशीनरी और उपकरण

Match Box Manufacturing Business में इस्तेमाल में लाये जाने वाले प्रमुख मशीनरी उपकरणों की लिस्ट इस प्रकार से है ।

चैन सॉ (Chain Saw):

इस उद्योग में इसका इस्तेमाल लकड़ी की कटाई छंटाई इत्यादि के लिए किया जाता है।

लाग डीबार्कर (Log Debraker):

इस मशीन का इस्तेमाल लकड़ी से उसकी छाल को हटाने के लिए किया जाता है।

विनियर पीलिंग मशीन (Veneer Peeling Machine ):

इस मशीन का इस्तेमाल लकड़ी की मोटी शाखा को एक निश्चित मोटाई की चादर में तब्दील करने के लिए किया जाता है ।

विनियर चोप्पिंग मशीन (Veneer Chopping Machine ):

Match Box Manufacturing में इस मशीन का काम बनाई गई लकड़ी की चादर को आवश्यकता के अनुसार तीलियों, छड़ियों या फिर अन्य आवश्यक आयामों में बदलने का होता है।

रोटेटिंग ड्रम ड्रायर (Rotating Drum Dryer):

यह गर्म हवा फेंकने वाला एक ड्रायर है जो गर्म हवा के प्रवाह से सामग्री धीरे धीरे सूख जाती है।

वैट (Vat):

आवश्यक वस्तुओं की स्टोर करने और होल्ड करने के लिए इसका इस्तेमाल किया जाता है ।

फीड हॉपर (Feed Hopper):

इसका इस्तेमाल आवश्यक यूनिट में कच्चा माल पहुँचाने के लिए किया जाता है अर्थात कच्चे माल को इसमें डाला जाता है जिसके बाद वह जरुरी यूनिट में चले जाता है।

परफोर्टेड वेल्ट कन्वेयर (Perforated Belt Conveyor):

इस कन्वेयर बेल्ट में छेद होते है ताकि सामग्री से अवांछित तरल को अलग किया जा सके।

खुला केमिकल टैंक (Open Chemical Tank):

इस प्रकार के टैंक का इस्तेमाल केमिकल का भण्डारण करने के लिए किया जाता है।

कोटिंग यूनिट के साथ माचिस बनाने की मशीन

यह एक स्वचालित मशीन होती है जिसका इस्तेमाल Match Box बनाने के लिए किया जाता है जिनमें तीलियाँ रखी जाती हैं।   

मैचस्टिक फिलिंग मशीन (Matchstick Filling Machine):

इस मशीन का इस्तेमाल माचिस बॉक्स में माचिस की तीलियाँ भरने के लिए किया जाता है।

काउंटिंग एंड पैकेजिंग मशीन

इस मशीन का इस्तेमाल गणना और पैकेजिंग के लिए किया जाता है।

5. कच्चा माल और कर्मचारी

उपर्युक्त मशीनरी से Match Box का निर्माण करने के लिए उद्यमी को कुशल एवं अनुभवी मशीन ऑपरेटर की आवश्यकता हो सकती है। इसके अलावा सामग्री को एक वर्कस्टेशन से दुसरे वर्कस्टेशन में लाने ले जाने के लिए हेल्पर की आवश्यकता हो सकती है और ऑफिस कार्यों के लिए भी शिक्षित और कुशल कर्मचारियों को नियुक्त करने की आवश्यकता हो सकती है।

इस प्रकार से देखे तो उद्यमी को शुरूआती दौर में अपने दियासलाई उद्योग में 7-9 कर्मचारी नियुक्त करने की आवश्यकता हो सकती है। इस व्यवसाय में इस्तेमाल में लाये जाने वाले प्रमुख कच्चे माल की लिस्ट इस प्रकार से है।

  • लकड़ी (Wood)
  • कार्डबोर्ड
  • केमिकल जैसे रेड फॉस्फोरस और अन्य सामग्री
  • पेपर और पैकिंग सामग्री   

6. निर्माण कार्य शुरू करना (Start Match Box Manufacturing)

Match Box Manufacturing Process को दो भागों माचिस की डिब्बी बनाने की प्रक्रिया उअर माचिस की तीलियाँ बनाने की प्रक्रिया में विभाजित किया जा सकता है।

माचिस की तीलियों का निर्माण:

इस प्रक्रिया में सबसे पहले लकड़ी को श्रृंखला आरी की मदद से उपयुक्त लम्बाई में काट लिया जाता है उसके बाद लकड़ी की छाल को निकाल दिया जाता है । इस लकड़ी की शाखा को लकड़ी को पतला करने वाली या छिलने वाली मशीन में चादर के तौर पर परिवर्तित करने के लिए डाल दिया जाता है।

फिर इस लकड़ी की चादर को काट लिया जाता है और उसके बाद इस चादर को चोप्पिंग मशीन के माध्यम से पतले और आवश्यक छड़ों या तीलियों में विभाजित कर दिया जाता है। फिर इन तीलियों को अमोनियम फास्फेट के एक घोल में भिगो दिया जाता है और फिर इन्हें ड्रायर की मदद से सुखाया जाता है फिर इन तीलियों को फीड हॉपर में डाला जाता है जो उन्हें डिब्बियों में भरने के लिए आगे ले जाता है।

माचिस की डिब्बी का निर्माण

Match Box बनाने की इस प्रक्रिया में प्रिंटिंग हाउस से मंगाई गई मुद्रित शीटों को काटा जाता है उन्हें मोड़ा जाता है और पेपर बॉक्स बनाने की मशीन द्वारा उन्हें गोंद की मदद से जोड़ा जाता है इस प्रकार से इनका निर्माण हो जाता है।

जब माचिस की तीलियाँ और डिब्बियां बनाने का कार्य पूर्ण हो झाता है तो उसके बाद इन खाली डिब्बों में आटोमेटिक फिलिंग मशीन की मदद से तीलियाँ भरने का काम शुरू कर दिया जाता है। फिनिशिंग प्रक्रिया में केमिकल कोटिंग मशीन डिब्बियों के साइड में केमिकल को लागू करती हैं। उसके बाद ये सीधे ट्रे में गिरती हैं वहां से उठाकर Match Box की काउंटिंग और पैकेजिंग का कार्य शुरू हो जाता है।

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