मास्क बनाने का बिजनेस कैसे शुरू करें. Mask Making Business.

यद्यपि Surgical Mask Making Business तो वर्ष भर लगातार चलता रहता है क्योंकि इसकी आवश्यकता स्वास्थ्यकर्मियों एवं डॉक्टरों को रोगी का ईलाज एवं सर्जरी करते समय पड़ती रहती है। लेकिन आज जैसा की हम सबको अच्छी तरह से विदित है की वर्तमान में समस्त मानवजाति एक घोर संकट से गुजर रही है । और इस घोर संकट में जीवन बचाने से महत्वपूर्ण किसी के लिए कुछ भी नहीं है। यही कारण है की दुनिया भर के देशों में लॉकडाउन करके इस बीमारी से बचने एवं बचाने का प्रयास किया जा रहा है। और इन सबके कारण आर्थिक, सामाजिक, धार्मिक सभी गतिविधियाँ लगभग रुक सी गई हैं। लेकिन मनुष्य जीवन के लिए जितना महत्वपूर्ण बीमारी से बचना है उतना ही महत्वपूर्ण स्वयं एवं स्वयं के परिवार को भूख इत्यादि से बचाने का भी है। क्योंकि जिन्दा रहने के लिए भोजन का प्रबंध होना भी अति आवश्यक है। कहने का अभिप्राय यह है की रोजगार एवं रोजी रोटी के साधन भी मनुष्य जीवन के लिए बेहद जरुरी है। चूँकि आज दुनिया में एक ऐसी महामारी का प्रादुर्भाव हुआ है जो एक व्यक्ति से दुसरे व्यक्ति में उसकी छींक, खांसी इत्यादि से फैलती है। इससे फेस मास्क की मांग पूरी दुनिया में कई गुना बढ़ गई है। यही कारण है की आज इस मुश्किल दौर में Mask Making Business ग्रामीण इलाकों में महिलाओं, गरीबों की रोजी रोटी का साधन बन रहा है। इसलिए आज हम हमारे इस लेख के माध्यम से यही जानने का प्रयत्न करेंगे की इस मुश्किल दौर में भी कैसे कोई व्यक्ति खुद का Mask Making Business शुरू कर सकता है। लेकिन उससे पहले यह समझ लेते हैं की यह व्यापार है क्या?

Mask Making Business in Hindi

मास्क बनाने का व्यापार क्या है (What is Mask Making Business)

यद्यपि मास्क की यदि हम बात करें तो यह अनेकों प्रकार जैसे सर्जिकल मास्क, N95, साधारण मास्क इत्यादि हो सकता है। Surgical Face Mask की यदि हम बात करें तो इनका इस्तेमाल डॉक्टर एवं स्वास्थ्यकर्मियों द्वारा मरीजों के ईलाज एवं सर्जरी के दौरान किया जाता है ताकि वे किसी भी हानिकारक बैक्टीरिया, संक्रामक रक्त एवं अन्य तरल पदार्थ से बचे रह सकें। क्योंकि अक्सर देखा गया है की अधिकतर बैक्टीरिया और वायरस मुहँ, नाक, कान इत्यादि के माध्यम से ही शरीर में प्रविष्ट करते हैं इसलिए इन सब से बचने के लिए मनुष्य द्वारा फेस मास्क पहना जाता है। जिस प्रकार सर्जिकल फेस मास्क का इस्तेमाल रोगियों और स्वास्थ्यकर्मियों के बीच संक्रमण को रोकने वाला एक बैरियर के तौर पर होता है वैसे ही साधारण मानव जब मास्क पहनता है तो वह वातावरण में उपलब्ध संक्रमण, वायरस से बचना चाहता है। सर्जिकल फेस मास्क डिस्पोजेबल होते हैं यानिकी इन्हें सिर्फ एक ही बार इस्तेमाल में लाया जाता है। इनका निर्माण गैर बुने हुए कपड़े से किया जाता है और आम तौर पर इनमें दो परत या फिर तीन परत होती है। जबकि आम लोगों द्वारा डिस्पोजेबल एवं धोकर दुबारा इस्तेमाल में लाये जाने वाले मास्क का भी उपयोग किया जा सकता है। जिन्हें धोकर दुबारा इस्तेमाल में लाया जा सकता है वे आम तौर पर कॉटन के कपड़े से बने होते हैं। इसलिए कहा जा सकता है की जब किसी व्यक्ति द्वारा इन्हीं सब बातों के मद्देनजर इस तरह का यह काम किया जाता है तो उसके द्वारा की जाने वाली यह व्यवसायिक गतिविधि ही Mask Making Business कहलाती है।

मास्क की बिक्री की संभाव्यता

सर्जिकल मास्क की यदि हम बात करें तो इन्हें बैक्टीरिया का प्रभावी ढंग से फ़िल्टर करने के लिए इसकी परतों को अल्ट्रासोनिक रूप से वेल्डेड किया जाता है। बैक्टीरियल फिल्ट्रेशन एफिशिएंसी (BFE) के माध्यम से जिस सामग्री से सर्जिकल मास्क बनाया जाता है उसकी बैक्टीरिया फ़िल्टर करने की प्रभावशीलता को मापा जाता है। इसके अलावा पार्टिकल फिल्ट्रेशन एफिशिएंसी (PFE) के माध्यम से उस सामग्री की कण निस्पंदन दक्षता यानिकी एरोसोल कणों को फ़िल्टर करने की प्रभावशीलता को मापा जाता है। चूँकि Surgical Mask को सारे मानकों का अनुसरण करते हुए ही बनाया जाता है इसलिए इनका इस्तेमाल ओपेरतिओन्म थिएटर इत्यादि में तो होता ही है लेकिन वर्तमान में सारे छोटे बड़े चिकित्सकीय संस्थानों में इनका इस्तेमाल बहुतायत मात्रा में किया जाता है। और भारत के कई शहरों में प्रदूषण का स्तर खतरनाक स्तर पर पहुँच जाने के कारण भी लोग फेस मास्क का इस्तेमाल करने लगे हैं। चूँकि सर्जिकल फेस मास्क हॉस्पिटल के वातावरण को ध्यान में रखकर बनाये जाते हैं इसलिए ये बाहर हवा में फैली बैक्टीरिया या वायरस से बचाने की रक्षा नहीं करते हैं। बाहर के बैक्टीरिया या वायरस से बचाने के लिए अलग तरह के मास्क जैसे कॉटन इत्यादि के कपड़ें से बनाये जा सकते हैं। वर्तमान में जब पूरी दुनियां में वायरस का महाप्रकोप जारी है इस स्थिति में बाहरी बैक्टीरिया या वायरस से बचाने वाले फेस मास्क के बिक्री होने की काफी संभावना है। उद्यमी चाहे तो स्थिति एवं मांग के आधार पर अलग अलग तरह के मास्क बना सकता है। जिससे उसका बिजनेस लगातार चलता रहेगा। Mask Making Business का रहा उद्यमी को यह बिलकुल नहीं सोचना चाहिए की आज जब वायरस का प्रकोप चल रहा है तब तो उसका व्यापार चल निकलेगा। लेकिन भविष्य में फिर से वह क्या करेगा ऐसे में उद्यमी सर्जिकल फेस मास्क का उत्पादन कर सकता है जिनकी मांग वर्ष भर बनी रहती है।

मास्क बनाने का बिजनेस कैसे शुरू करें (How to Start Mask Making Business)

यदि आप स्वयं का Mask Making Business शुरू करने का विचार कर रहे थे तो यकीन मानिये इस व्यापार को शुरू करने का इससे उपयुक्त समय कुछ नहीं हो सकता। जी हाँ दोस्तों आज समस्त मानवजाति को फेस मास्क की नितांत आवश्यकता है यही कारण है की बाज़ारों में इनकी कमी देखी जा सकती है। वैसे देखा जाय तो वर्तमान में ग्रामीण एवं शहरी इलाकों में बहुत सारे ऐसे उद्यमी हैं जो सिलाई के व्यवसाय से जुड़े हुए हैं। खास तौर पर महिलाएं जिन्हें सिलाई का काम आता है वे Mask Making के जरिये इस आपातकाल में भी अपने एवं अपने परिवार का सहारा बनने के लिए प्रयासरत हैं। कहने का आशय यह है की यदि आपको सिलाई का काम आता है और आपके पास सिलाई मशीन पड़ी हुई है तो आप इस तरह के बिजनेस को आसानी से शुरू कर सकती हैं। यद्यपि सर्जिकल मास्क के लिए उद्यमी को गैर बुना हुआ कपड़े की आवश्यकता होती है और इसका उत्पादन भी स्वास्थ्य मानकों के अनुरूप ही होना चाहिए इसलिए सर्जिकल मास्क का उत्पादन करने के लिए हो सकता है की उद्यमी को अनेकों लाइसेंस, परमिशन, रजिस्ट्रेशन इत्यादि की आवश्यकता हो। लेकिन इस महामारी के दौर में भारत एवं दुनिया को जिस तरह के मास्क की आवश्यकता है उनका उत्पादन जिन्हें सिलाई आती है वे आसानी से कर सकते हैं। आप जहाँ भी मास्क का उत्पादन कर रहे हों इन्हें बेचने के लिए आप ग्राम प्रधान, वार्ड मेम्बर, सरपंच एवं अन्य स्थानीय नेताओं का रुख कर सकते हैं। क्योंकि यही वे लोग हैं जिन्हें आम जनता के बीच मास्क इत्यादि वितरित करने होते हैं। वर्तमान में स्थानीय नेताओं के अलावा बहुत सारे एनजीओ, समितियाँ इत्यादि भी मास्क एवं सैनीटाईजर वितरित करने में लगी हैं इसलिए उद्यमी चाहे तो इनसे भी संपर्क करके काम शुरू कर सकता है। 

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