एलईडी बल्ब बनाने का बिजनेस। LED Bulb Manufacturing Business.

LED Bulb की यदि हम बात करें तो इसके इस्तेमाल से शायद ही कोई अनभिज्ञ होगा क्योंकि वर्तमान में पारम्परिक बल्ब और सीएफएल की तुलना में यह बहुत अधिक प्रचलन में हैं। एक एलईडी बल्ब का इस्तेमाल प्रकाश करने के लिए किया जाता है जो एक या एक से अधिक प्रकाश उत्सर्जक डायोड का इस्तेमाल करके प्रकाश पैदा करता है।

इस तरह के ये बल्ब तापदीप्त लैंप की तुलना में काफी चलने वाले होते हैं अर्थात ये अधिक समय तक चलने वाले होते हैं और फ्लोरोसेंट लैंप की तुलना में इन्हें जलाने का खर्चा तो कम आता ही है साथ में ये प्रकाश भी अच्छा प्रदान करती हैं। क्री और कुछ अन्य LED Bulb निर्माताओं के मुताबिक कुछ एलईडी चिप्स प्रति वाट 303 लुमेन तक प्रदान करने में सक्षम हैं।

एलई डी बल्ब को मुख्य विद्युत् लाइन से संचालित होने के लिए इलेक्ट्रॉनिक एलईडी ड्राइवर सर्किट की आवश्यकता होती है इस सर्किट को नहीं लगाने का मतलब यह होगा की एलईडी बल्ब की दक्षता एलईडी चिप्स की तुलना में कम हो जाएगी। सबसे अधिक दक्षता वाले एलईडी बल्ब की यदि हम बात करें तो बाजार में 200 लुमेन प्रति वाट वाले बल्ब इनमें शामिल हैं।

कुछ बल्बों जैसे तापदीप्त बल्बों और फ्लोरोसेंट लैंप को जलने के लिए वार्मअप की आवश्यकता होती है जबकि एलईडी बल्ब बिना वार्मअप देरी के तुरंत जल जाती हैं। हालांकि एलईडी बल्ब में प्रकाश देने की क्षमता धीरे धीरे समय के साथ कम होती जाती है।

LED Bulb Manufacturing Business

करंट का प्रवाह (Flow of Current):

LED Bulb डायरेक्ट करंट (DC) पर चलते हैं जबकि मेन करंट यानिकी अल्टरनेटिग करंट (AC) उससे अधिक वोल्टेज का भी हो सकता है जितना वोल्टेजएलईडी वहन कर सकती हैं।

इसलिए एलईडी बल्ब में मुख्य वोल्टेज को सही वोल्टेज यानिकी डीसी में परिवर्तित करने के लिए एक सर्किट लगा हुआ होता है। इस  सर्किट में रेक्टिफायर्स, कैपेसिटर इत्यादि के अलावा कुछ और सक्रिय इलेक्ट्रॉनिक घटक भी लगे हुए होते हैं।

एलईडी बल्ब के अनुप्रयोग (Uses of LED Bulb)

LED Bulb के इस्तेमाल की यदि हम बात करें तो इसका इस्तेमाल सामान्य उपयोग यानिकी प्रकाश के लिए तो किया ही जाता है साथ में विशेष प्रयोजन के लिए भी किया जाता है। कहने का आशय यह है की जहाँ रंगीन प्रकाश की आवश्यकता होती है वहां भी एलईडी का इस्तेमाल किया जाता है।

एलईडी जो अपने स्वभाव के अनुसार एकल रंग के प्रकाश का उत्सर्जन करने में सक्षम है उसे उर्जा अवशोषित फ़िल्टर की आवश्यकता नहीं होती है। सफ़ेद रंग की एलईडी बल्ब में प्रकाश देने की क्षमता अधिक होती है और यह चलते भी अधिक समय तक हैं।

चूँकि ये अन्य बल्ब की तुलना में कम बिजली खर्च करते हैं इसलिए ये दिनोंदिन लोकप्रिय होते जा रहे हैं। कलर मिक्सिंग के तौर पर इस्तेमाल में लायी जाने वाली एलईडी प्रत्येक प्राथमिक रंग में उत्पन्न प्रकाश के अनुपात को बदलकर रंगों की एक विस्तृत श्रृंखला का उत्सर्जन कर सकते हैं।

उर्जा संरक्षण (Energy Conservation):

उर्जा की बढती जरूरतों के साथ उर्जा का संरक्षण करना भी जरुरी हो गया है क्योंकि उर्जा की लागतें भी बढती जा रही हैं। इसलिए सरकार द्वारा 1980 से ही इंडस्ट्रियल सेक्टर में उर्जा दक्षता बढाने की तरफ कई कदम उठाये गए हैं।

भारत में उर्जा संरक्षण अधिनियम 2001को 18 अगस्त 2001 को लागू किया गया था जिसमें उर्जा संरक्षण और क्षमता निर्माण के लिए अनेकों प्रावधान किये गए हैं । जहाँ तक विद्युत् उर्जा की बात है इसे निम्न क़दमों के माध्यम से संरक्षित किया जा सकता है।

  • विद्युत् उर्जा का संरक्षण करने के लिए ऊर्जा संरक्षण प्रौद्योगिकी, उत्पादन सहायक और परीक्षण सुविधाओं को अपनाना होगा ।
  • अधिकतम ऊर्जा संरक्षण के लिए प्रक्रिया / निर्माण मशीनों और प्रणालियों, QC और परीक्षण उपकरणों का कुशल प्रबंधन करना होगा ।
  • सोल्डरिंग की प्रक्रिया के दौरान हीटिंग के लिए विद्युत ऊर्जा का इष्टतम उपयोग कुशल तापमान नियंत्रित टांका लगाने और डीई सोल्डरिंग स्टेशनों का उपयोग करके विद्युत् उर्जा का संरक्षण किया जा सकता है।
  • मोटर कम्प्रेसर का आवधिक रखरखाव।
  • पावर फैक्टर करेक्शन कैपेसिटर, उचित चयन और प्रकाश व्यवस्था के लेआउट का समय पर उपयोग, जहाँ आवश्यकता न हो वहां पर लाइट बंद करना और जहाँ भी संभव हो LED Bulb का इस्तेमाल करना।

एलईडी बनाने के लिए आवश्यक मशीनरी और कच्चा माल (Required raw material to make LED Bulb)

LED Bulb बनाने का बिजनेस शुरू करने के लिए उद्यमी को बेहद भारी भरकम निवेश करने की आवश्यकता बिलकुल भी नहीं है। क्योंकि इस तरह का यह बिजनेस शुरू करने के लिए उद्यमी केवल 15-20 हज़ार रूपये खर्च करके मशीनरी और उपकरण खरीद सकता है। इस व्यवसाय को शुरू करने में इस्तेमाल में लायी जाने वाली मशीनरी और उपकरणों की लिस्ट कुछ इस प्रकार से है।

  • टिक्की मेकिंग मशीन
  • पंचिंग मशीन
  • कटर
  • आयरन
  • सोल्डर
  • नट्स
  • पेस्ट  

उपर्युक्त बताई गई मशीन का इस्तेमाल कच्चे माल से एलईडी बल्ब के सब्सटेंस तैयार करने के लिए किया जाता है।

इस मशीन की मदद से बहुत ही कम समय में पंचिंग, कटिंग, पेस्टिंग कार्य को पूरा किया जा सकता है। LED Bulb बनाने के लिए निम्नलिखित कच्चे माल को इस्तेमाल में लाया जा सकता है।

  • हाउसिंग
  • पीसीबी
  • कैप के साथ बी22
  • पैकेजिंग सामग्री 

एलईडी बल्ब बनाने की प्रक्रिया (Manufacturing Process of LED Bulb):

सबसे पहले बल्ब की बॉडी और डिफ्यूजर को लिया जाता है और इसे टिक्की मशीन में एडजस्ट किया जाता है। उसके बाद पीसीबी को डिफ्यूज वायर के साथ सोल्डरिंग किया जाता है पीसीबी यूनिट में अतिरिक्त वायर को काट लिया जाता है।

उसके बाद पीसीबी पर B22 कैप को रख दिया जाता है और अब इसे पंचिंग मशीन में दबाया जाता है। उसके बाद LED Bulb तैयार हो जाता है अब बल्ब की पैकेजिंग और ट्रांसपोर्टिंग की जाती है।  

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