लांड्री एवं ड्राई क्लीनिंग बिजनेस कैसे शुरू करें? Laundry & Dry Cleaning Business.

Laundry and Dry Cleaning Business की मांग हर क्षेत्र में अलग अलग हो सकती है इसलिए यदि आप स्वयं कोई नौकरीपेशा व्यक्ति हैं। तो आप अच्छी तरह से जानते होंगे की घर में इस्तेमाल में लाये जाने वाले फैब्रिक यानिकी कपड़े जैसे पहनने वाले कपड़े, चादर, कम्बल, तकिये के कवर इत्यादि को धोने के लिए समय निकालना एवं इस तरह का यह काम करना कितना कठिन है। हालांकि इस तरह की सर्विसेज व्यक्तिगत व्यक्तियों से कहीं अधिक होटल, रेस्टोरेंट, हॉस्पिटल इत्यादि जहाँ नियमित रूप से तरह तरह के फैब्रिक की सफाई की आवश्यकता होती है उन्हें अधिक पड़ती है। हालांकि इसमें कोई दो राय नहीं की वर्तमान में कपड़े धोने की मशीन यानिकी वाशिंग मशीन को लोग घरों में भी लगाना पसंद कर रहे हैं। लेकिन घरों में लगने वाली इन वाशिंग मशीनों से सिर्फ कुछ हलके फुल्के पहनने वाले कपड़े ही साफ़ किये जा सकते हैं। और सच कहें तो वर्तमान में मनुष्य की जीवनशैली में इतना परिवर्तन हो गया है की एक नौकरीपेशा व्यक्ति कपड़े धोने उन्हें इस्त्री करने का तनाव लेना ही नहीं चाहता। ताकि वह अपना पूरा का पूरा ध्यान एवं उर्जा अपने व्यवसायिक कार्यों में लगा पाने में समर्थ हो। Laundry and Dry cleaning business दोनों अलग अलग आर्थिक प्रक्रियाएं अवश्य हो सकती हैं। वह इसलिए क्योंकि आम तौर पर ड्राईक्लीन सिर्फ कुछ विशेष पहनने वाले कपड़ों या घर, व्यवसायिक प्रतिष्ठान में इस्तेमाल में लाये जाने वाले कपड़ों में की जाती है। जबकि लांड्री की यदि हम बात करें तो इसमें कपड़ों को ढोने का काम किया जाता है और ग्राहक हर तरह के कपड़ों को धोने के लिए लांड्री में दे सकते हैं। इसलिए किसी भी उद्यमी के लिए Laundry and Dry cleaning business एक साथ शुरू करना बेहद फायदेमंद हो सकता है।

Laundry and dry cleaning business in hindi

लांड्री एवं ड्राई क्लीनिंग व्यापार क्या है (What is Laundry and Dry Cleaning Business) 

जैसा की हम पहले भी बता चुके हैं की लांड्री एवं ड्राई क्लीनिंग हैं तो दोनों कपड़ों की सफाई से सम्बंधित प्रक्रियाएं लेकिन इसके बावजूद भी ये एक दुसरे से भिन्न हैं। जी हाँ जब हम बात Dry Cleaning की करते हैं तो इस प्रकिया में कपड़ों को पानी से न धोकर उनकी सफाई एक रासायनिक विलायक से की जाती है। लेकिन इसमें ध्यान देने वाली बात यह है की इस प्रक्रिया के दौरान कपड़े सूखे नहीं रहते हैं बल्कि इन्हें एक तरल विलायक में भिगोया जाता है और उसके बाद इनकी सफाई की जाती है। और जहाँ तक लांड्री बिजनेस की बात है इसमें उद्यमी द्वारा ग्राहकों के कपड़े पानी , साबुन या डिटर्जेंट की मदद से साफ़ किये जाते हैं। यही कारण है की आम धुलाई की तुलना में कपड़ों को ड्राई क्लीनिंग कराने में अधिक खर्चा आता है। इसलिए उपर्युक्त बातों से स्पष्ट है की Laundry and Dry Cleaning Business एक साथ शुरू करना इसलिए फायदे मंद हो सकता है क्योंकि दोनों प्रक्रियाओं में उद्यमी को कपड़ों की साफ़ सफाई का ही काम करना होता है।

लांड्री एवं ड्राई क्लीनिंग बिजनेस की आवश्यकता

जहाँ कुछ दशक पहले तक चाहे ग्रामीण हो या शहर हर जगह अपने देश भारत में हाथों से कपड़े धोये जाते थे और इनको धोने के दौरान साबुन या डिटर्जेंट पाउडर का इस्तेमाल किया जाता था। लेकिन वर्तमान में ग्रामीण इलाकों में तो कपड़े धोने का पारम्परिक तरीका ही अपनाया जा रहा है लेकिन शहरों में लोगों द्वारा वाशिंग मशीन का भी काफी इस्तेमाल किया जा रहा है। लेकिन आज शहरों में बहुत सारे लोग अपनी नौकरी या व्यवसायिक कारणों के कारण अपने घर परिवार से भी दूर रहते हैं ऐसे में वे कपड़े खुद धोने की बजाय लांड्री में ही देना पसंद करते हैं। जहाँ तक पहनावे की बात है वर्तमान जीवनशैली में हर छोटे बड़े अवसर पर लोग महंगे एवं डिज़ाइनर सूट पहने हुए देखे जा सकते हैं इनके अच्छी तरह रख रखाव के लिए इन्हें ड्राई क्लीन करने की आवश्यकता होती है। इसके अलावा शहरों में ऐसे भी अनेक परिवार देखे जा सकते हैं जहाँ परिवार के सभी वयस्क सदस्यों को अपने काम पर जाना होता है। ऐसे में किसी भी सदस्य के पास इतना समय निकालना बेहद मुश्किल हो जाता है की वह घर के सभी सदस्यों के कपड़े धो सके। इसलिए ऐसे परिवार भी आम तौर पर अपने कपड़ों को लांड्री के माध्यम से ही धुलवाना पसंद करते हैं। इन सबके अलावा होटल, रेस्टोरेंट, हॉस्पिटल इत्यादि में तरह तरह के कपड़े जैसे बेड शीट, चादर, तकिये के कवर, टेबल क्लॉथ, परदे इत्यादि को नियमित तौर पर धोने की आवश्यकता हो सकती है। इसलिए Laundry and Dry Cleaning Business करने वाले उद्यमी के लिए ये बड़े ग्राहक के तौर पर कमाई का जरिया बन सकते हैं।

लांड्री एवं ड्राई क्लीनिंग बिजनेस कैसे शुरू करें (how to start Laundry and Dry Cleaning Business)

Laundry and dry cleaning business शुरू करने से पहले उद्यमी को उस एरिया विशेष का विश्लेषण करने की आवश्यकता हो सकती है जहाँ वह यह व्यापार शुरू करना चाहता है। इसका विश्लेषण करने के लिए उद्यमी को यह पता करने की कोशिश करनी चाहिए की उस एरिया विशेष में बहुमत में कौन सी जनसंख्या निवास करती है। नौकरीपेशा लोगों की अधिक संख्या और वे भी जो खुद के घर परिवार से दूर रह रहे हों इस बिजनेस से कमाई करने के स्रोत हो सकते हैं। इन सबके अलावा उद्यमी को और भी अनेकों तरह के स्टेप लेने की आवश्यकता हो सकती है। जिनमें से कुछ प्रमुख स्टेप का विवरण निम्नवत है।

1. लोकेशन का चयन करें (Location for Laundry and Dry Cleaning Business)

Laundry and Dry Cleaning Business शुरू करने के लिए सर्वप्रथम एक बेहतर लोकेशन का चयन करने की आवश्यकता होती है। हालांकि लोकेशन का महत्व तो हर तरह के व्यापार में होता है लेकिन इस व्यापार में लोकेशन का महत्व विशेष है। क्योंकि यदि उद्यमी द्वारा किसी ऐसी लोकेशन का चयन कर लिया गया जिस एरिया में लोग कपड़े स्वयं ही धोते हैं और अधिकतर फैशनेबल एवं कीमती सूट इत्यादि पहनने से भी बचते हैं तो ऐसे एरिया में उद्यमी के लिए अपने बिजनेस को सफल बनाना एक बेहद बड़ी चुनौती हो सकती है। इसलिए उद्यमी को चाहिए की वह किसी ऐसे रेजिडेंशियल एरिया को अपनी बिजनेस लोकेशन बनाये जहाँ कपड़ों को लांड्री में देने का रिवाज सा शुरू हो गया हो। हालांकि हो सकता है की कुछ लोगों जैसे नौकरीपेशा इत्यादि की लांड्री में कपड़े देना मज़बूरी हो। लेकिन ऐसे भी बहुत सारे सक्षम परिवार होते हैं जिनके पास समय होने के बावजूद भी वे यह काम बाहर से कराने में ही आनंदित महसूस करते हैं। इसके अलावा एक ऐसा एरिया जहाँ पर होटल, रेस्टोरेंट, हॉस्पिटल इत्यादि की संख्या अधिक हो को भी उद्यमी अपने Laundry and Dry Cleaning Business की लोकेशन बना सकता है।       

2. वित्त का प्रबंध करें

यद्यपि इस तरह का यह बिजनेस भी उद्यमी बेहद कम निवेश यहाँ तक की 3-5 लाख तक के निवेश में या इससे भी कम में आसानी से शुरू कर सकता है । हालांकि Laundry and Dry Cleaning Business को शुरू करने में कितना खर्चा आएगा वह इस बात पर निर्भर करेगा उद्यमी यह व्यापार किस शहर एवं एरिया में शुरू कर रहा है । क्योंकि प्रत्येक क्षेत्र एवं शहर में ली जाने वाली दुकान का किराया अलग अलग हो सकता है और ग्राहकों की मांग के अनुरूप मशीनरी एवं इस्तेमाल में लाया जाने वाला कच्चा माल भी पृथक हो सकता है। इस तरह के व्यापार को शुरू करने के लिए उद्यमी को ऋण लेने की आवश्यकता शायद ही पड़े क्योंकि इतनी राशि तो व्यक्ति अपनी बचत या दोस्तों, रिश्तेदारों से कर्जा लेकर भी प्रबंधित कर सकता है। लेकिन यदि ऐसा नहीं है तो उद्यमी वित्त का प्रबंध करने के लिए सरकारी योजनाओं के तहत बैंक या वित्तीय संस्थानों का रुख कर सकता है।     

3. दुकान किराये पर लें (Rent a Shop For Laundry and Dry Cleaning Business)

यद्यपि किसी भी बिजनेस के लिए चयनित लोकेशन पर दुकान लेना बेहद आसान कार्य है बशर्ते की उस लोकेशन पर कोई दुकान खाली मिल जाय।लेकिन अलग अलग तरह के बिजनेस के लिए दुकान की जगह भी कम या ज्यादा चाहिए हो सकती है। जहाँ तक Laundry and Dry Cleaning Business की बात है इसके लिए उद्यमी को एक ऐसी जगह की आवश्यकता होती है जिसे उद्यमी तीन या चार हिस्सों में आसानी से विभाजित कर सके। इसमें पहली जगह फ्रंट एंड वाली जहाँ से उद्यमी कस्टमर के साथ डील करेगा वो आती है। दूसरी जगह जहाँ उद्यमी कपड़ों को रासायनिक विलायक के माध्यम से साफ़ करेगा। तीसरी जगह जहाँ उद्यमी लांड्री में आये कपड़ों की धुलाई करेगा।  और चौथी जगह जहाँ कपड़ों को इस्त्री किया जायेगा। हालांकि उद्यमी को बाहर एक ऐसी जगह की भी आवश्यकता हो सकती है जहाँ पर उद्यमी कपड़ों को प्राकृतिक रूप से सूखा सके। उद्यमी को दुकान किराये पर लेते वक्त रेंट या लीज एग्रीमेंट अवश्य तैयार कर लेना चाहिए । ताकि इसे व्यापारिक पते के दस्तावेज के तौर पर इस्तेमाल में लाया जा सके।         

4. आवश्यक मशीनरी एवं सामग्री खरीदें

उद्यमी को चाहिए की वह मशीनरी एवं सामग्री खरीदने से पहले बहुत सारे सप्लायर से इसके बारे में बात करे और उन्हें अपनी अपनी कोटेशन ईमेल के माध्यम से ईमेल करने को कहे। जब सारी कोटेशन आ जाएँ तो उनका तुलनात्मक विश्लेषण करें और जो भी कीमत या सर्विस के आधार पर बेस्ट हो उसी सप्लायर को अपना आर्डर दें। जहाँ तक सप्लायर ढूँढने की बात है उद्यमी इन्हें दोनों तरीके ऑफलाइन जिसमें उसे पहले से मौजूद Laundry and dry Cleaning Business करने वाले उद्यमियों से संपर्क करके इनकी जानकारी लेनी होगी। वहीँ उद्यमी ऑनलाइन पोर्टल जैसे ट्रेडइंडिया, इंडियामार्ट इत्यादि के माध्यम से भी इनसे संपर्क कर सकता है। वैसे तो यह उद्यमी के बिजनेस के आकार प्रकार पर निर्भर करेगा की उसे किस तरह के मशीनरी एवं कच्चे माल की आवश्यकता होगी। लेकिन कुछ की लिस्ट निम्नवत है।

  • औद्योगिक वाशिंग मशीन (Industrial Washing Machine)
  • कपड़े सूखाने वाली मशीन टम्बल (Drier)
  • वोल्ट वैक्यूम फिनिशिंग टेबल के साथ प्रेस (Volt Vacuum finishing table with press)
  • कैलेंडरिंग मशीन
  • स्टीम जनरेटर
  • साबुन एवं डिटर्जेंट
  • रासायनिक विलायक       

5. रजिस्ट्रेशन एवं कर्मचारी नियुक्त करें

जहाँ तक Laundry and dry Cleaning Business की रजिस्ट्रेशन का सवाल है यह उद्यमी पर निर्भर करता है की वह इसे शुरूआती दौर में रजिस्टर कराता है या नहीं। लेकिन इतना जरुर है की यदि उद्यमी चाहता है की वह अपनी सर्विस होटल, रेस्टोरेंट, हॉस्पिटल इत्यादि में दे तो उसे स्थानीय नियमों के तहत नगर निगम, नगर पालिका में शॉप्स एंड एस्टाब्लिश्मेंट एक्ट के तहत रजिस्ट्रेशन करने की आवश्यकता हो सकती है। इसके अलावा उद्यमी को बिजनेस के नाम से बैंक अकाउंट एवं जीएसटी रजिस्ट्रेशन कराने की भी आवश्यकता हो सकती है। और इस काम को सफलतापूर्वक करने के लिए उद्यमी को दो तीन अनुभवी कर्मचारी नियुक्त करने की भी आवश्यकता हो सकती है।     

6. मार्केटिंग करें और कमाई करें

लगभग सभी बिजनेस के लिए मार्केटिंग बेहद जरुरी होती है इसलिए उद्यमी को चाहिए की उस एरिया में मार्केटिंग के ऑफलाइन तरीके जैसे लोकल न्यूज़पेपर में विज्ञापन, लोकल केबल टीवी में विज्ञापन, लोकल एरिया में पम्पलेट बंटवाना, पोस्टर लगवाना इत्यादि अपनाये जा सकते हैं। और ऑनलाइन तरीके जैसे सोशल मीडिया एड, गूगल एड इत्यादि के माध्यम से भी टार्गेटेड क्षेत्र में टार्गेटेड लोगों को विज्ञापन दिखाए जा सकते हैं। ध्यान रहे Laundry and Dry Cleaning Business में भी उद्यमी की कमाई इसी बात पर निर्भर करती है की उसकी दुकान में कपड़े ढोने एवं ड्राई क्लीन करने कितनी संख्या में ग्राहक आते हैं। हालांकि जहाँ लोग कपड़ों को ड्राई क्लीन कुछ महीनों, हफ़्तों इत्यादि में कराते हैं वहीँ कपड़े धोने का काम तो नियमित रूप से होने वाला काम है। लेकिन चूँकि उद्यमी एक एरिया जहाँ पर हजारों की संख्या में लोग निवास करते हैं उसे टारगेट करके बिजनेस कर रहा होता है। इसलिए हो सकता है की उसे अपने काम से फुर्सत ही न मिले।  

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