जॉब कंसल्टेंसी क्या है कैसे शुरू करें? How to Start Job Consultancy Business.

कंपनियों एवं औद्योगिक इकाइयों को दक्ष एवं कुशल स्टाफ दिलाने में Job Consultancy यानिकी रिक्रूटमेंट एजेंसी का अहम् योगदान होता है । वैसे देखा जाय तो साधारण मष्तिष्क को यह बात अजीब सी लगती है की भारत जैसे जनाधिक्य वाले देश जहाँ बेरोजगार युवाओं की कोई कमी नहीं है। वहां भी कम्पनी एवं औद्योगिक इकाइयों को कर्मचारियों को नियुक्त करने के लिए भुगतानित सर्विस लेने की आवश्यकता होती है। हाँ इसमें कोई दो राय नहीं की हमारे देश भारत में नौकरी मांगने वालों की कोई कमी नहीं है, लेकिन यहाँ दक्ष एवं कुशल कर्मचारियों, श्रमिकों को ढूंढना आसान भी नहीं है। यही कारण है की सभी छोटी बड़ी कम्पनियां दक्ष, कुशल एवं पात्र उम्मीदवार ढूँढने के लिए जॉब वेबसाइट एवं Job Consultancy की मदद लेते हैं। रिक्रूटमेंट एजेंसी का यह बिजनेस आईडिया एक ऐसा आईडिया है जिसे यदि योजनाबद्ध एवं रणनीति बनाकर शुरू किया जाय, तो उद्यमी बेहद कम समय में बेहद अधिक आगे बढ़ सकता है। इसके अलावा इस तरह के बिजनेस को शुरू करने के लिए उद्यमी को बहुत अधिक पैसे खर्च करने की भी आवश्यकता नहीं होती। इसलिए आज हम इस लेख में आगे इसी विषय पर विस्तृत जानकारी देने का प्रयास कर रहे हैं और जानने की कोशिश कर रहे हैं की यदि कोई व्यक्ति खुद की रिक्रूटमेंट एजेंसी खोलना चाहता है तो वह इसे कैसे शुरू कर सकता है।

Job Consultancy Business in Hindi

जॉब कंसल्टेंसी क्या है? (What is Job Consultancy in Hindi) 

Job Consultancy को इसके अन्य नामों जैसे रिक्रूटमेंट एजेंसी, प्लेसमेंट एजेंसी इत्यादि के नाम से भी जाना जाता है। जॉब कंसलटेंट बिचौलियों के तौर पर कार्य करते हैं और किसी उम्मीदवार को सफलतापूर्वक जॉब दिलाने पर इन्हें कंपनी एवं उम्मीदवार दोनों से कमीशन के तौर पर पैसे प्राप्त हो सकते हैं। कहने का आशय यह है की इस प्रकार की कंसल्टेंसी की सर्विसेज नौकरी देने वालों एवं नौकरी तलाशने वालों दोनों द्वारा ग्रहण की जाती है। कम्पनियां पात्र एवं दक्ष स्टाफ पाने के लिए इनकी सर्विसेज लेती हैं, तो वहीँ उम्मीदवार नौकरी पाने के लिए इनकी सर्विसेज लेते हैं। यही कारण है की एक रिक्रूटमेंट एजेंसी उम्मीदवार एवं कम्पनी दोनों से अपनी कमाई कर सकती है। हालांकि अधिकतर परिस्थितयों में इस प्रकार की कंसल्टेंसी केवल कम्पनियों से ही पैसे लेती हैं। जहाँ तक कंपनियों का सवाल है, ये केवल अख़बार या नौकरी पोर्टल पर दिए गए विज्ञापनों पर ही भरोसा नहीं करते हैं, यही कारन है की नौकरी खोजने वाले उम्मीद्वारों की स्क्रीनिंग के लिए ये थर्ड पार्टी Job Consultancy से भी संपर्क करते हैं। इसलिए साधारण भाषा में एक ऐसी कंसल्टेंसी जो लोगों को उनकी दक्षता, पात्रता, कुशलता के आधार पर जॉब दिलाने में मदद करती हैं और कम्पनियों को अच्छे दक्ष, कुशल, पात्र उम्मीदवार दिलाने में मदद करती हैं। जॉब कंसल्टेंसी या रिक्रूटमेंट एजेंसी कहलाती हैं।

जॉब कंसल्टेंसी बिजनेस कैसे शुरू करें (How to Start a Job Consultancy Business )

जैसा की हम पहले भी बता चुके हैं की यदि इस तरह का यह बिजनेस शुरू करने की सोचने वाले व्यक्ति के पास मार्केटिंग इत्यादि का स्किल है। तो वह शायद इस व्यवसाय के शिखर तक पहुँच सकता है Job Consultancy Business शुरू करने के लिए बहुत अधिक पैसे खर्च करने की आवश्यकता तो नहीं होती है, लेकिन इसके लिए कम्पनियां किस तरह से काम करती हैं, इत्यादि जानकारी होना आवश्यक है। यदि उद्यमी को किसी कंपनी के एचआर डिपार्टमेंट में काम करते हुए इस तरह का यह विचार आया हो तो स्वाभाविक है की उसे इस बिजनेस में कोई न कोई बात बेहद पसंद आई होगी। लेकिन जो बात उसे पसंद आई हो उसकी पुष्टि करना भी आवश्यक होगा इसके लिए उद्यमी को रिसर्च करने की आवश्यकता होगी।

1. मार्किट रिसर्च करें

Job Consultancy Business शुरू करने के इच्छुक उद्यमी को सर्वप्रथम वह जिस शहर में यह व्यवसाय शुरू करने की सोच रहा है वहां पर मार्किट रिसर्च करनी चाहिए। इसके लिए उसे उस शहर में स्थित पहले से उपलब्ध रिक्रूटमेंट एजेंसीयों से संपर्क करना चाहिए और उनसे इस व्यवसाय को लेकर हर तरह की जानकारी लेने का प्रयास करना चाहिए। कुल मिलाकर उद्यमी को यह जानने का प्रयत्न करना चाहिए की उनकी कार्यशैली क्या है? अर्थात वे किस तरह से कार्य करते हैं? और उसे इस तरह की फर्म शुरू करने के लिए क्या क्या करना पड़ सकता है। हालांकि इसमें कोई दो राय नहीं की उद्यमी को अलग अलग लोगों से अलग अलग तरह के जवाब मिलेंगे, कुछ तो इतने नकारात्मक भी हो सकते हैं की उद्यमी सोच में पड़ सकता है की क्या वह यह व्यवसाय शुरू करके ठीक कर रहा है या नहीं। लेकिन उद्यमी को उनके हाव भाव, बॉडी लैंग्वेज इत्यादि से समझने का प्रयत्न करना चाहिए की यदि कोई नकारात्मक बात कर रहा है तो उसके पीछे क्या वजह हो सकती है। इसी रिसर्च में उद्यमी को यह भी पता लगेगा की जो लोग पहले से Job Consultancy Business कर रहे हैं वे इस काम को करने के लिए कितने कुशल, अनुभवी एवं परिपक्व हैं । और इसी दौरान इनके साथ उद्यमी को अपनी तुलना भी करनी होगी, यदि उद्यमी को लगता है की वह इनसे बेहतर है तो हो सकता है की इस प्रतिस्पर्धात्मक माहौल में वह इस व्यवसाय में इनसे बेहतर कर सके।      

2. डोमेन नाम बुक करें और उसी के आधार पर बिजनेस नाम रखें

आज के इस डिजिटल युग में किसी भी प्रकार के बिजनेस के लिए उसकी ऑनलाइन उपलब्धता यानिकी वेबसाइट होना नितांत आवश्यक है। इसलिए Job Consultancy या रिक्रूटमेंट एजेंसी के लिए भी उसकी वेबसाइट का होना नितांत आवश्यक है। जहाँ पहले लोग अपने बिजनेस का नाम डीसाइड करते थे और उसके बाद उसे रजिस्टर करते थे और फिर जाके कहीं उसी नाम से डोमेन इत्यादि सर्च करते थे। लेकिन वर्तमान में यह प्रक्रिया पूर्ण रूप से बदल गई है। अब लोग सबसे पहले डोमेन सर्च करते हैं वह इसलिए क्योंकि यदि पहले बिजनेस नाम रजिस्टर करा लिया और उस नाम का डोमेन मिला नहीं तो इसका बिजनेस पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। इसलिए सबसे पहले डोमेन नाम बुक करना बेहद जरुरी हो जाता है और उसके बाद बिजनेस नाम रजिस्टर करना।     

3. ऑफिस का प्रबंध करें (Office for Job Consultancy Business)

जहाँ तक ऑफिस का सवाल है उद्यमी को एक ऐसी जगह पर ऑफिस खोलना चाहिए जहाँ से उसे नौकरी खोजने वाले लोग एवं नौकरी देने वाले नियोक्ता तक पहुँचने में बहुत अधिक समय न लगे। किसी इंडस्ट्रियल एरिया के नज़दीक, किसी प्रसिद्ध मार्किट में इस तरह के व्यवसाय के लिए ऑफिस खोलना उचित हो सकता है। ऑफिस के अलावा उद्यमी को इस तरह का व्यवसाय शुरू करने के लिए कंप्यूटर, प्रिंटर, टेलीफोन, टेबल, कुर्सी, सोफे, एयर कंडीशनर इत्यादि की भी आवश्यकता हो सकती है। हालांकि Job Consultancy Business शुरू कर रहे उद्यमी को इस बात का ध्यान रखना चाहिए की वह केवल और केवल उन्हीं सामान पर पैसा खर्च करे, जो जरुरी हो।    

4. बिजनेस रजिस्ट्रेशन एवं टैक्स रजिस्ट्रेशन

जहाँ तक बिजनेस रजिस्ट्रेशन की बात है अधिकतर Job Consultancy खुद को प्रोप्राइटरशिप के तौर पर रजिस्टर करते हैं, वह इसलिए की इस तरह का यह बिजनेस रजिस्ट्रेशन आसानी से बिना किसी सरकारी दफ्तर के चक्कर लगाये ऑनलाइन भी रजिस्टर किया जा सकता है। प्रोप्राइटरशिप फर्मो को कम से कम सरकारी कंप्लायंस को अनुपालन करने की आवश्यकता होती है इसलिए छोटे उद्यमों के बीच यह रजिस्ट्रेशन काफी प्रचलित है। उद्यमी चाहे तो किसी प्रोफेशनल सीए की मदद लेकर खुद की प्राइवेट लिमिटेड कंपनी भी शुरू कर सकता है। बिजनेस रजिस्ट्रेशन के अलावा उद्यमी को टैक्स रजिस्ट्रेशन, बैंक में चालू खाता इत्यादि खोलने की भी आवश्यकता होती है।     

5. जॉब पोर्टल सब्सक्रिप्शन करें

अब उद्यमी का अगला कदम जॉब पोर्टल subscrption का होना चाहिए, ताकि वह क्लाइंट की मांग के अनुसार पात्र उम्मीदवार को उन तक पहुंचा सके। हालांकि Job Consultancy Business शुरू करने वाले उद्यमी को एक बात का विशेष ध्यान रखना होगा की हो सकता है की एक स्टार्टिंग फर्म के तौर पर उसे Naukri.com, Monester.com, Shine.com इत्यादि प्रसिद्ध जॉब पोर्टल की subscrption फीस अधिक लग सकती है। इसलिए उद्यमी चाहे तो शुरूआती तौर पर पहले एक महीने का सब्सक्रिप्शन फिर तीन महीने का और फिर वार्षिक सब्सक्रिप्शन खरीद सकता है। लेकिन subscrption खरीदते समय उद्यमी को जॉब पोर्टल के साथ सौदे बाजी करके कुछ पैसे कम कराना अति आवश्यक है।    

6. कर्मचारी नियुक्त करें (Appoint Staff for Job Consultancy)

हालांकि इस तरह के छोटे बिजनेस के लिए कुशल एवं अनुभवी कर्मचारियों की नियुक्ति करना सबसे बड़ा चुनौतीपूर्ण कार्य है वह इसलिए क्योंकि छोटी Job Consultancy में कोई भी कुशल एवं अनुभवी व्यक्ति काम करने से कतराता है। और उद्यमी नए एवं फ्रेशर लोगों को काम पर रख नहीं सकता, यही कारण है की इस बिजनेस में कर्मचारियों की नियुक्ति करना सबसे बड़ी सरदर्दी बन जाती है। इसलिए यदि उद्यमी चाहता है की वह कुशल एवं अनुभवी लोगों को काम पर रखे तो उसे वेतन पर ज्यादा खर्च करने के लिए तैयार रहना चाहिए। क्योंकि कोई अनुभवी व्यक्ति उसके पिछले वेतन से अधिक वेतन की ही मांग करेगा जिसे पूरा करना उद्यमी की मजबूरी हो जाती है।    

7. बिजनेस क्लाइंट प्राप्त करने की कोशिश करें   

अब Job Consultancy बिजनेस कर रहे उद्यमी का अगला कदम कम्पनियों के दरवाजे खटखटाने का होना चाहिए, कुछ कम्पनियां उसे काम देंगी तो कुछ नहीं भी देंगी लेकिन उद्यमी को एक लक्ष्य तक संभावित क्लाइंट के दरवाजे खटखटाना बंद नहीं करना चाहिए। एक निश्चित समय के बाद उद्यमी केवल फ़ोन काल, ईमेल, लिंक्ड इन मेसेज इत्यादि के माध्यम से ही उनसे संपर्क साधने का प्रयास कर सकता है। हालांकि इस तरह के व्यवसाय में क्लाइंट मिलना कोई मुश्किल काम नहीं है, क्योंकि इसमें कंपनी द्वारा कंसल्टेंसी की परफॉरमेंस के मुताबिक ही उसे भुगतान किया जाता है। अर्थात यदि रिक्रूटिंग एजेंसी एक भी उम्मीदवार को रिक्रूट कर पाने में सफल नहीं हुई तो उसे पेमेंट भी नहीं मिलेगा। यही कारण है की इस व्यवसाय में क्लाइंट बनाना कोई बेहद बड़ी चुनौती वाला कार्य नहीं है। और जैसे जैसे उद्यमी का व्यवसाय पुराना होता जाता है, वह किसी एक औद्योगिक क्षेत्र में रिक्रूट करने में विशेज्ञता हासिल कर सकता है।  जैसे आईटी सेक्टर में रिक्रूट करने में विशेज्ञता इत्यादि।

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