पेट्रोल पंप कैसे खोलें। लाइसेंस, जमीन, खर्चा सहित पूरी जानकारी।

पेट्रोल पंप नामक यह बिजनेस एक ऐसा व्यवसाय है जिसको शुरू करने का सपना लगभग हर उस आँख में होता है जो अपने सपनों को नई उड़ान देना चाहता है। क्योंकि यह एक ऐसा व्यवसाय है जिसे शुरू करने में अच्छा खासा पैसा तो खर्च होता है लेकिन इसमें उद्यमी को कोई नुकसान नहीं होगा यह भी सुनिश्चित ही होता है। ऐसा इसलिए की सड़कों पर दौड़ने वाले अधिकतर वाहन पेट्रोल या डीजल से चलते हैं इसलिए सड़क किनारे स्थित पेट्रोल पंपों पर डीजल, पेट्रोल भराने वाले वाहनों की भीड़ देखी जा सकती है।

कहने का आशय यह है की यह एक ऐसा व्यवसाय होता है जिसमें उद्यमी को अधिक मार्केटिंग प्रयासों की आवश्यकता नहीं होती है क्योंकि जब गाड़ी चलाने वाले चालक सड़क किनारे पेट्रोल पंप देखते हैं तो वे स्वत: ही गाड़ी में ईधन डलवाने यहाँ पहुँच जाते हैं। कहने का आशय यह है की इस तरह का यह बिजनेस लाभ कमाने की दृष्टी से एक बेहद ही उपयुक्त बिजनेस है इसलिए ऐसे उद्यमियों जो इस बिजनेस में निवेश करने में सक्षम हैं वे अधिकतर यही जानने की कोशिश करते हैं की वे कैसे खुद का पेट्रोल पंप खोल सकते हैं।

हालांकि भारत में देखा गया है की इस तरह का यह बिजनेस शुरू करने के लिए उद्यमी को एक बेहद ही जटिल प्रक्रिया से होकर गुजरना पड़ता है। पेट्रोल पंप के लिए उपयुक्त लोकेशन का चुनाव से लेकर इसके निर्माण तक की सम्पूर्ण प्रक्रियाओं को सम्बंधित आयल मार्केटिंग कंपनी के दिशानिर्देशों का अनुसरण करके पूर्ण करना होता है।

पेट्रोल पंप कैसे खोलें

पेट्रोल पंप क्या है?

हालांकि इस प्रश्न का उत्तर लगभग लगभग सभी को ज्ञात होता है की एक पेट्रोल पंप क्या होता है? क्योंकि वर्तमान में ग्रामीण भारत में भी सड़कों का जाल बिछ चूका है। और जहाँ जहाँ सड़कें हैं वहां वहां लोगों के पास उनकी क्षमता के मुताबिक दुपहिया, तिपहिया या फिर चौपहिया वाहन है । इसलिए इन वाहनों में ईधन भरने के लिए लोगों को पेट्रोल पंप तक जाना होता है इसलिए कहा जा सकता है की इसके बारे में लगभग सभी भारतवासियों को ज्ञात होगा। वर्तमान में सड़कों पर बैटरी से चालित वाहन भी दौड़ने लगे हैं लेकिन अभी तक इनकी संख्या बेहद कम है इसलिए सड़कों पर अधिकतर पेट्रोल या डीजल से चालित वाहन ही अधिक देखने को मिलते हैं। किसी सड़क के किनारे एक ऐसा स्थान जहाँ से वाहन पेट्रोल, डीजल भरवाते हैं पेट्रोल पंप कहलाता है।

पेट्रोल पंप क्यों खोलें? (Why one Should Open Petrol Pump)

जैसा की हम उपर्युक्त वाक्य में भी बता चुके हैं की पेट्रोल पंप खोलना किसी भी व्यक्ति के लिए आसान बात बिलकुल नहीं है क्योंकि इस बिजनेस को शुरू करने में भारी निवेश के अलावा बेहजद जटिल प्रक्रियाओं से होकर गुजरना पड़ता है। लेकिन इसके बावजूद बड़े बड़े प्रतिभाशाली, संपन्न लोग तक चाहते हैं की उनके खुद का पेट्रोल पंप बिजनेस हो वह इसलिए क्योंकि एक बार इस तरह का यह बिजनेस स्थापित हो गया तो उसके बाद व्यक्ति का पीछे मुड़कर देखना नामुमकिन होता है।

क्योंकि भारत में फ्यूल सेक्टर हमेशा से प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों में से एक रहा है और यह अन्य औद्योगिक क्षेत्रों को भी प्रभावित करता है। भारत जैसे देश में लगातार ईधन खपत में वृद्धि होती जा रही है । भारत में ईधन की मांग एवं खपत तो हर भौगौलिक क्षेत्र में व्यापत है लेकिन मेट्रो सिटी में इसकी खपत कहीं अधिक होने के कारण यहाँ पेट्रोल पंप बिजनेस खोलना लाभकारी हो सकता है। चूँकि पेट्रोल, डीजल जैसे ईधन की आवश्यकता हर क्षेत्र में है इसलिए किसी भी क्षेत्र में पेट्रोल पंप खोलना एक लाभकारी बिजनेस हो सकता है।

पेट्रोल पंप के लिए पात्रता मापदंड (Eligibility Criteria to open Petrol Pump) :

पेट्रोल पंप खोलने के लिए आयल मार्केटिंग कम्पनियों द्वारा कुछ पात्रता मापदंड निर्धारित किये गए हैं जिनका विवरण निम्नवत है। लेकिन यहाँ पर नीचे CC1 एवं CC2 श्रेणियों का जिक्र हुआ होगा इसलिए यहाँ पर यह स्पष्ट कर देना बहुत जरुरी है की इस प्रक्रिया में ये आरक्षण की दो श्रेणियाँ हैं। जहाँ CC1 केटेगरी में पैरा मिलिट्री कर्मी, रक्षा कर्मी, केन्द्रीय राज्य सरकार के अधीनस्थ सार्वजनिक क्षेत्र के  कर्मचारी इत्यादि को रखा गया है। वहीँ CC2 श्रेणी में दिव्यांग, खेल में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले व्यक्ति और स्वतंत्रता सेनानियों को रखा गया है।    

  • आवेदन करने वाला व्यक्ति भारतीय नागरिक होना चाहिए और भारत में निवासित होना चाहिए।
  • यदि आवेदनकर्ता CC2 श्रेणी के तहत आवेदन करता है तो आवेदन करने वाले व्यक्ति की उम्र 21 वर्ष से 55 वर्ष के बीच होनी चाहिए। स्वंत्रता सेनानियों के लिए छूट का प्रावधान है।
  • यदि आवेदनकर्ता ग्रामीण रिटेल आउटलेट के लिए आवेदन करता है तो सामान्य आवेदनकर्ता के लिए शैक्षणिक योग्यता बारहवीं पास निर्धारित की गई है। जबकि CC1 एवं CC2 श्रेणियों से सम्बंधित व्यक्तियों के लिए यह दसवीं पास निर्धारित की गई है।
  • यदि आवेदनकर्ता रेगुलर रिटेल आउटलेट के लिए आवेदन करता है तो सामान्य श्रेणी के आवेदनकर्ता की शैक्षणिक योग्यता स्नातक पास होनी चाहिए। जबकि CC1 एवं CC2 श्रेणियों से सम्बंधित व्यक्तियों के लिए यह बारहवीं पास है।
  • इसके अलावा यदि आवेदनकर्ता कोई स्वतन्त्रता सेनानी हो तो उस पर कम से कम शैक्षणिक योग्यता वाला पात्रता मापदंड लागू नहीं होता है।

पेट्रोल पम्प खोलने के लिए निवेश की आवश्यकता

जैसा की हम पहले भो बता चुके हैं की पेट्रोल पंप खोलने के लिए एक अच्छे खासे निवेश की आवश्यकता होती है। हालांकि ग्रामीण रिटेल आउटलेट की तुलना में रेगुलर रिटेल आउटलेट खोलने में अधिक पैसों की आवश्यकता हो सकती है जहाँ ग्रामीण रिटेल आउटलेट शुरू करने के लिए 35 से 60 लाख रुपयों की आवश्यकता हो सकती है वहीँ रेगुलर रिटेल के लिए यह 75 लाख या इससे भी अधिक हो सकता है।

यद्यपि आयल मार्केटिंग कम्पनियां आवेदन करता के बैंक स्टेटमेंट इत्यादि की जांच करते हैं क्योंकि यदि आवेदनकर्ता रेगुलर रिटेल आउटलेट के लिए आवेदन कर रहा हो तो उसके पास कम से कम 25 लाख रूपये मौजूद होने चाहिए जबकि ग्रामीण रिटेल आउटलेट के लिए यह 12 लाख निर्धारित है । इस फण्ड की गणना जिन जिन स्वरूपों में स्वीकृत की जा सकती है उसका विवरण निम्न है।

  • आवेदनकर्ता अपने बचत खाते में मौजूद फण्ड को उपर्युक्त फण्ड सम्बन्धी शर्त पूरी करने के लिए उपयोग में ला सकता है ।
  • आवेदनकर्ता ने कहीं भी किसी डाकघर, बैंक, वित्तीय संस्थान या कम्पनियों में कोई फण्ड जमा किया हुआ तो वह इसकी गणना भी कर सकता है बशर्ते उसके पास पास बुक, जमा की गई रसीद या अकाउंट स्टेटमेंट मौजूद हो।
  • यदि आवेदनकर्ता ने एनएससी में निवेश किया है तो उसे भी इस गणना में शामिल किया जा सकता है ।
  • किसी लिमिटेड कंपनी के बांड या डीमैट अकाउंट में पड़े शेयरों का मूल्य भी गणना में शामिल किया जा सकता है।
  • म्यूच्यूअल फण्ड में किया गया निवेश। लेकिन ध्यान रहे बांड, म्यूच्यूअल फण्ड एवं शेयरों की कुल प्रमाणित मूल्य का केवल 60% ही इस गणना में शामिल किया जा सकता है।
  • इसके अलावा चालू खाते में उपलब्ध धनराशि एवं बिना स्वामित्व सबूत के कैश, ज्वेलरी इत्यादि को इस गणना में शामिल नहीं किया जायेगा। 

उपर्युक्त बातों से स्पष्ट है की केवल वही व्यक्ति जिसके खाते इत्यादि में कम से कम 25 लाख (रेगुलर रिटेल आउटलेट की स्थिति में) और कम से कम 12 लाख (ग्रामीण रिटेल आउटलेट की स्थिति में) मौजूद हों वही पेट्रोल पंप खोलने के लिए आवेदन कर सकता है। ध्यान रहे यह राशि तो केवल पात्रता सम्बन्धी निर्णय लेने के लिए है इस बिजनेस को शुरू करने में आने वाली लागत 50-90 लाख या इससे भी अधिक हो सकती है।

पेट्रोल पंप के लिए जमीन की आवश्यकता

पेट्रोल पंप बिजनेस शुरू करने के लिए जमीन एक बेहद ही महत्वपूर्ण कारक है आयल मार्केटिंग कम्पनियां भी पहले उन्हीं लोगों से आवेदन मांगती हैं जिनकी किसी हाईवे से जुड़ी अपनी जमीन हो। लेकिन यदि व्यक्ति की अपनी जमीन न भी हो और उसने जमीन लीज पर भी ली हो तो भी वह पेट्रोल पंप खोलने के लिए आवेदन कर सकता है। कहने का आशय यह है की जब आयल मार्केटिंग कम्पनियों द्वारा पेट्रोल पंप देने का निर्णय लिया जाता है तो उसमें उपयुक्त लोकेशन पर उपलब्ध जमीन एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

यही कारण है की आवेदनकर्ता द्वारा आवेदन करते समय जमीन सम्बन्धी प्रमाण जैसे खसरा, खतौनी, पंजीकृत बिक्रीनामा, पंजीकृत दानविलेख, पंजीकृत पट्टा नामा एवं जमीन स्वामित्व से जुड़े अन्य प्रकार के दस्तावेजों को जमा करने की आवश्यकता हो सकती है। लेकिन ध्यान रहे इस तरह के बिजनेस के लिए एक बड़े भूमि के आकार की आवश्यकता होती है क्योंकि यहाँ पर छोटे से लेकर ट्रक, बस इत्यादि बड़े वाहनों के रुकने की उचित व्यवस्था का होना नितांत आवश्यक है।

पेट्रोल पम्प के लिए लाइसेंस एवं आवेदन शुल्क

एक सटीक जानकारी के मुताबिक पेट्रोल पंप की लाइसेंस फीस का निर्धारण के लिए आयल मार्केटिंग कम्पनियों ने आवेदन करने वाले आवेदनकर्ताओं को दो भागों में विभाजित किया है। इसमें पहला भाग निगम स्वामित्व “A” CC साईट है तो दूसरा भाग डीलर का स्वामित्व “B” DC Site है। जहाँ निगम स्वामित्व के लिए यह शुल्क मोटर स्पीड के लिए 48 रूपये प्रति किलोमीटर और हाई स्पीड डीजल के लिए यह 41 रूपये प्रति किलोमीटर है। दूसरा भाग अर्थात डीलर स्वामित्व के लिए मोटर स्पीड हेतु यह शुल्क 18 रूपये प्रति किलोमीटर एवं हाई स्पीड डीजल के लिए यह सोलह रूपये प्रति किलोमीटर है।

जहाँ तक आवेदन शुल्क का सवाल है पेट्रोल पंप लाइसेंस के लिए आवेदन करने का शुल्क रूरल रिटेल आउटलेट के लिए आयल मार्केटिंग कम्पनियों ने 100 रूपये निर्धारित किया है तो वहीँ रेगुलर रिटेल आउटलेट के लिए यह 1000 रूपये निर्धारित किया गया है हालांकि आरक्षित श्रेणियों के लिए एप्लीकेशन फीस में 50% तक की राहत देने का भी प्रावधान किया गया है। आवेदन शुल्क को ऑनलाइन या डिमांड ड्राफ्ट के माध्यम से भुगतान किया जा सकता है लेकिन यह शुल्क रिफंडेबल नहीं होता है।

नॉन रिफंडेबल निश्चित शुल्क

  • यदि पेट्रोल पंप लगने वाली साईट को व्यक्ति द्वारा पट्टे पर लिया गया हो तो यह डीलर स्वामित्व के तहत आएगी और रूरल रिटेल आउटलेट के लिए यह शुल्क 5 लाख रूपये और रेगुलर रिटेल आउटलेट के लिए यह 15 लाख रूपये हो सकता है।  
  • यहाँ पर डीलर स्वामित्व से आशय व्यक्तिगत व्यक्ति एवं निगम स्वामित्व से आशय किसी कंपनी या संस्था से लगाया गया है।   
  • यदि आवेदनकर्ता कोई निगम या कंपनी हो तो रूरल रिटेल आउटलेट के लिए यह शुल्क 10 लाख एवं रेगुलर रिटेल आउटलेट के लिए यह तीस लाख रूपये होगा।
  • यदि आवेदनकर्ता रूरल रिटेल आउटलेट के लिए आवेदन कर रहा हो तो उसे रूपये पचास हज़ार और यदि रेगुलर रिटेल आउटलेट के लिए आवेदन कर रहा हो तो रूपये पांच लाख इनिशियल डाउन पेमेंट के तौर पर देने होंगे।
  • जिन आवेदनकर्ताओं का चयन या सिलेक्शन नहीं हो पाता है उनके द्वारा जमा की गई यह फिक्स्ड नॉन रिफंडेबल शुल्क 60 दिनों के अन्दर रिफंड कर दिया जाता है। जबकि चयनित उम्मीदवारों को रिफंड नहीं दिया जाता है।      

   पेट्रोल पंप डीलरशिप के लिए आवेदन कैसे करें ?

जैसा की हम सबको ज्ञात है की पेट्रोल पंप खोलने में खर्चा तो आता है लेकिन यह बिजनेस लाभकारी बिजनेस की लिस्ट में शामिल है क्योंकि भारत में ईधन की खपत लगातार बढती जा रही है।भारत में जब किसी आयल मार्केटिंग कंपनी को अपना पेट्रोल पंप खोलना होता है तो वह उस एरिया जहाँ इसे खोलना के स्थानीय समाचार पत्रों में इसका विज्ञापन देते हैं। ताकि उस एरिया विशेष में रहने वाले लोग इसके लिए आवेदन कर सकें।

इसलिए सामान्य तौर पर कहें तो कोई भिओ व्यक्ति पेट्रोल पंप खोलने के लिए तभी आवेदन कर सकता है जब किसी आयल मार्केटिंग कंपनी द्वारा उस एरिया विशेष में पंप खोलने के लिए आवेदन माँगा हो। इसके अलावा बहुत सारी तेल मार्केटिंग कम्पनियां ऐसी भी हैं जिन्होंने अपनी अधिकारिक वेबसाइट में इस बाबत इन्क्वारी का फॉर्म दे रखा है। यदि आप भी इन्क्वारी फॉर्म के माध्यम से इनसे संपर्क करना चाहते हैं तो कुछ का लिंक हम नीचे दे रहे हैं।

 हालांकि इस लेख के माध्यम से हमने पेट्रोल पंप खोलने सम्बन्धी लगभग हर जानकारी देने का भरपूर प्रयत्न किया है। लेकिन समय, लोगों की आवश्यकताओं, पर्यावरण इत्यादि के आधार पर समय समय पर आयल मार्केटिंग कम्पनियां नियमों एवं दिशानिर्देश में बदलाव करती रहती हैं इसलिए अधिकारिक जानकारी के लिए समय समय पर अधिकारिक वेबसाइट का भ्रमण करना उचित है।

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