जिम बिजनेस कैसे शुरू करें? How to Start a Gym Business in India.

भारत जनसँख्या में दुनिया में दूसरा सबसे बड़ा देश है इसलिए Gym Business को प्रोत्साहित करने में यहाँ की जनसँख्या की बेहद अहम् भूमिका है। वह इसलिए क्योंकि यहाँ पर कुल जनसँख्या का एक बहुत बड़ा वर्ग ऐसा है जो नौजवान है अर्थात 35 साल से कम आयु की जनसँख्या यहाँ पर अधिक है। इसलिए भारत को एक युवा देश भी कहा जा सकता है और हम सब जानते हैं की जिम या अपनी फिटनेस के प्रति युवाओं का कितना रुझान होता है। वर्तमान जीवनशैली ने मनुष्य जीवन को सरल तो बनाया है लेकिन खानपान इत्यादि में मिलावट होने के कारण मनुष्य को अपने स्वास्थ्य का उचित ध्यान न रखने पर गंभीर बीमारी पैदा होने का खतरा भी बढ़ गया है। यही कारण है की वर्तमान में लोग अपने स्वास्थ्य के प्रति बेहद जागरूक हैं और उन्हें व्यायाम करना एवं जिम जाना पसंद आने लगा है। वैसे देखा जाय तो Gym Business में उद्यमी के मुख्य ग्राहक के तौर पर युवक एवं युवतियां ही सर्वाधिक होती हैं लेकिन अलग अलह परिस्थितयों में अलग अलग आयु वर्ग के लोग भी जिम जाना पसंद करते हैं। यही कारण है की भारत में भी जिम एवं फिटनेस इंडस्ट्री बड़ी तेजी के साथ बढती जा रही है। और भारत में भी इस तरह का यह व्यापार करने वाले बड़े बड़े ग्रुप से लेकर व्यक्तिगत व्यक्ति भी मौजूद हैं। कहने का आशय यह है की भारत में भी Gym Business बड़ी कम्पनियाँ यानिकी इनके एक शहर या अनेक शहरों में एक से अधिक जिम होते हैं और ये लोगों को फ्रैंचाइज़ी भी ऑफर कर रहे होते हैं। दूसरी तरफ गली मोहल्लों में इस तरह का यह व्यापार लोग व्यक्तिगत तौर पर भी करते हैं । तो कहने का आशय यह है की जिस तरह अन्य व्यापार किये जाते हैं उसी तरह इस तरह का यह व्यापार भी उद्यमीयों द्वारा संगठित एवं असंगठित दोनों सेक्टर में किया जाता है।

Gym business plan in hindi

जिम बिजनेस क्या है (What is Gym Business in Hindi):

जहाँ तक जिम की बात है इस शब्द से तो आप सभी अच्छी तरह से अवगत होंगे लेकिन फिर भी हम यहाँ पर इसे परिभाषित करने का प्रयत्न कर रहे हैं। एक ऐसी जगह या क्लब जहाँ पर लोग मशीनों की सहायता से व्यायाम करने जाते हैं जिम कहलाता है। चूँकि इस स्थान पर अलग अलग व्यायाम करने के लिए अलग अलग मशीनें लगी हुई होती हैं इसलिए उपयोगकर्ता जिम ट्रेनर की मदद से कोई भी व्यायाम अपने मन मुताबिक परिणाम पाने के लिए कर सकता है । दुसरे शब्दों में ‘’ एक जिम कोई बड़ा कमरा, बिल्डिंग या क्लब हो सकता है जहाँ शारीरिक व्यायाम करने के लिए विशेष उपकरण एवं मशीनें लगाई गई हों। और लोग यहाँ शारीरिक व्यायाम करने एवं फिट रहने के उद्देश्य से आते हों। यानिकी जब किसी उद्यमी द्वारा किसी बड़े कमरे, बिल्डिंग, क्लब इत्यादि में शारीरिक व्यायाम करने वाले उपकरण इंस्टाल कर दिए जाते हैं और लोगों को व्यायाम करने के लिए ऑफर किया जाता है तो कहा जा सकता है की उस उद्यमी द्वारा किया जाने वाला व्यापार Gym Business ही है।

जिम बिजनेस कैसे शुरू करें (How to Start a gym business in India)

यद्यपि लोगों को लगता है की Gym Business शुरू करना आसान कार्य है लेकिन सच्चाई यह है की इस तरह का यह बिजनेस शुरू करने के लिए भी उद्यमी को निवेश के अलावा भी अन्य कार्यों को निशाप्दित करने के लिए भी अच्छे खासे मेहनत की आवश्यकता होती है। हालांकि इस बिजनेस में निवेश करने की कोई सीमा नहीं है लेकिन उद्यमी कम से कम इस बिजनेस को 7-10 लाख निवेश के साथ शुरू कर सकता है। तो आइये जानते हैं की कैसे कोई व्यक्ति इस व्यापार को शुरू कर सकता है।

1. स्थानीय मार्किट का रिसर्च करें

Gym Business शुरू करने के इच्छुक उद्यमी को सर्वप्रथम स्थानीय मार्किट का रिसर्च करने की आवश्यकता हो सकती है। यह इसलिए जरुरी है ताकि उद्यमी लोगों की विचारधारा को जानकार यह पता करने में सक्षम हो पाए की लोग बॉडी बिल्डिंग के लिए जिम जाना चाहते हैं या फिर फिट रहने के उद्देश्य से जिम जाना चाहते हैं। इसके अलावा उद्यमी को उस एरिया विशेष में यह भी पता करने की आवश्यकता हो सकती है की वहां पर रहने वाले अधिकतर लोग किस आयु वर्ग हैं। ध्यान रहे अधिक आयु वर्ग के लोग जिम जाने की बजाय किसी खुले स्थान पर टहलना या व्यायाम करना पसंद करते हैं। जबकि युवा वर्ग कजे लिए जिम एक बेहद पसंदीदा जगह है। इसलिए जिस एरिया में नौजवानों की संख्या अधिक होगी वहां पर जिम के चलने की संभावना भी अधिक हो जाती है। हालांकि बार बार अस्वस्थ होने वाले एवं बुजुर्ग लोग भी जिम जाना पसंद कर सकते हैं लेकिन उनके लिए मशीनरी एवं उपकरणों की लिस्ट फिर अलग से होगी। इसलिए उद्यमी को जहाँ वह यह व्यापार शुरू करने की सोच रहा हो वहाँ पर रिसर्च करना बेहद आवश्यक है।         

2. बिजनेस मॉडल का चुनाव करें (Choose Model of Gym Business )

अब यदि Gym Business शुरू करने के इच्छुक उद्यमी द्वारा स्थानीय रिसर्च पूरी कर ली गई हो और वह यह पता करने में सक्षम हो गया हो की उस एरिया विशेष में लोग बॉडी बिल्डिंग के लिए जिम जाना पसंद करते हैं या फिर फिट एवं स्वस्थ रहे के लिए। तो अब उद्यमी का अगला कदम बिजनेस मॉडल का चुनाव करने का होना चाहिए। बिजनेस मॉडल से हमारा अभिप्राय ग्राहकों को दी जाने वाली सेवा के प्रकार से है वर्तमान में आम तौर पर देखा गया है की जिम द्वारा दो प्रकार की सेवाएं प्रदान की जाती हैं। पहली जो बॉडीबिल्डिंग वाली सेवा है उसमें Weightlifting एवं कार्डियो इक्विपमेंट का इस्तेमाल सर्वाधिक किया जाता है और आम तौर पर सेवा का यही प्रकार युवाओं में काफी प्रचलित भी है। सेवा का दूसरा प्रकार फिटनेस पर आधारित है इसमें एरोबिक्स, मार्शल आर्ट, जुम्बा, योग जैसी विद्याएँ सिखाई जाती हैं। हालांकि भारतीय नौजवानों में मार्शल आर्ट, योग जैसी विधाओं को सीखने का भी काफी जूनून है। लेकिन सेवा का पहला प्रकार काफी प्रचलित है। इसलिए उद्यमी को उस एरिया में उपलब्ध मांग के अनुरूप ही अपने बिजनेस मॉडल का चुनाव करने की आवश्यकता होती है। हालांकि उद्यमी के पास फ्रैंचाइज़ी मॉडल के तहत भी इस बिजनेस को शुरू करने का विकल्प विद्यमान है।        

3. बिजनेस लोकेशन का चुनाव

इसमें कोई दो राय नहीं की उद्यमी द्वारा पूर्व में की गई रिसर्च लोकेशन का चुनाव करने में भी काफी मददगार साबित होगी। वह इसलिए क्योंकि उद्यमी ने पूर्व रिसर्च में यह पता कर ही लिया था की उस एरिया विशेष में अधिकतर जनसँख्या की आयु ग्रुप की निवास करती है और वे एक जिम से किस प्रकार की सेवा लेना पसंद करते हैं। इसलिए इस सब जानकारी की उपलब्धता के कारण उद्यमी को यह पता लगाने में आसानी रहेगी की वहां पर उसके टारगेट ग्राहक कौन से होंगे। और क्या उन टारगेट ग्राहकों की संख्या उसके बिजनेस को लाभकारी बनाने के लिए पर्याप्त होगी। इसके अलावा Gym Business शुरू करने के इच्छुक उद्यमी को लोकेशन चुनाव करते समय इस बात कला भी ध्यान रखना बेहद आवश्यक है की उस एरिया में कोई जिम है या नहीं। यदि है तो क्या वह वहां पर उपलब्ध लोगों की जिम सम्बन्धी मांग को पूरी करने में सक्षम है। ध्यान रहे उद्यमी को जिम या फिटनेस सेण्टर शुरू करने के लिए अन्य बिजनेस से थोड़ी बड़ी जगह की आवश्यकता होती है। इसलिए चयनित लोकेशन पर जगह का चयन करते समय इस बात को भी ध्यान में रखना अति आवश्यक है।       

4. आवश्यक लाइसेंस एवं रजिस्ट्रेशन (License and registration for Gym Business)

यद्यपि देखा जाय तो हमारे देश भारत में Gym Business को रजिस्टर करना अनिवार्य नहीं है लेकिन उद्यमी चाहे तो अपने बिजनेस को कॉर्पोरेट अफेयर्स में प्रोप्राइटरशिप के तहत रजिस्टर कर सकता है। लेकिन ध्यान रहे यदि उद्यमी का सालाना टर्नओवर रजिस्ट्रेशन के लिए दी गई छूट (20 लाख) से अधिक होता है तो उसके लिए जीएसटी रजिस्ट्रेशन करना अनिवार्य हो जाएगा। इसके अलावा उद्यमी चाहे तो अपने जिम को स्थानीय प्राधिकरण जैसे नगर निगम, नगर पालिका इत्यादि में भी रजिस्टर करा सकता है। इसके अलावा स्थानीय नियमों के मुताबिक उद्यमी को नजदीकी पुलिस स्टेशन से भी क्लेअरेंस लेने की आवश्यकता हो सकती है। लेकिन ध्यान रहे क्लेअरेंस की यह प्रक्रिया राज्य एवं जिलों के आधार पर अलग अलग भी हो सकती है।      

5. जिम के लिए मशीनरी एवं उपकरण खरीदें

हालांकि Gym Business में प्रयुक्त होने वाली मशीनरी एवं उपकरणों की लिस्ट उद्यमी द्वारा ऑफर की जाने वाली सर्विस के आधार पर अंतरित हो सकती है। इसलिए उद्यमी को सबसे पहले उपकरणों एवं मशीनरी की एक ऐसी लिस्ट तैयार करनी होगी जो हर जिम में होनी बेहद जरुरी हैं। अर्थात इस लिस्ट में वे मशीनरी एवं उपकरण होने चाहिए जो किसी भी जिम के लिए बेहद उपयोगी हैं उसके बाद उद्यमी को इनमें उन उपकरणों को भी जोड़ना होगा जो उसके द्वारा ऑफर की जाने वाली सर्विस के लिए उपयुक्त हैं। यहाँ पर कुछ प्रमुख मशीनरी एवं उपकरणों की लिस्ट इस प्रकार से है।

  • ट्रेड मिल
  • स्टेयर मिल
  • स्पिन बाइक
  • स्किएर्ग
  • एयरडाईन
  • इलीपटीकल
  • रोइंग मशीन
  • बारबेल
  • डम्बल
  • प्रीचर बेंच
  • वेट प्लेट
  • लेग प्रेस मशीन
  • पेक डेक मशीन
  • वेट लिफ्टिंग इक्विपमेंट
  • केबल क्रॉस ओवर मशीन
  • एब्डोमिनल बेंच
  • ग्लव्स
  • रिस्ट स्ट्रैप्स
  • वेटलिफ्टिंग बेल्ट 

जैसा की हम पहले ही बता चुके हैं की यह उपर्युक्त लिस्ट कुछ ही मशीनरी एवं उपकरणों की लिस्ट है इसलिए वास्तविक लिस्ट उद्यमी को अपने Gym Business की योजना के मुताबिक फाइनल करने की आवश्यकता होती है।       

6. जिम ट्रेनर इत्यादि नियुक्त करें

जिम बिजनेस को सफलतापूर्वक केवल वही व्यक्ति चला सकता है जिसकी बॉडी बिल्डिंग एवं फिटनेस में खुद की भी रूचि हो। और उसकी खुद की बॉडी भी ऐसी हो की बॉडी बिल्डिंग करने के इच्छुक लोग एकदम से आकर्षित हो जाएँ और वे जिम ज्वाइन करने में कोई संकोंच न करें। यदि उद्यमी किसी ग्रामीण क्षेत्र में Gym Business कर रहा हो और उद्यमी की खुद की बॉडी से लोग आकर्षित होते हों। तो वह खुद भी जिम ट्रेनर के तौर पर कार्यरत हो सकता है लेकिन जैसे जैसे ग्राहक बढ़ते जायेंगे वैसे वैसे उसे जिम ट्रेनर की भी नियुक्ति करनी होगी। लेकिन शुराती दौर में वह खुद भी जिम ट्रेनर के तौर पर कार्यरत हो सकता है क्योंकि आम तौर पर देखा गया है की जिम ज्वाइन करने के शुरूआती दिनों में ही लोगों को ट्रेनिंग की आवश्यकता होती है। बाद में वे खुद अपने मनमुताबिक व्यायाम कर मनचाहे परिणाम पाने की ओर प्रयासरत रहते हैं। हालांकि शहरी इलाकों जहाँ पर उद्यमी को लग रहा है की कुछ दिनों या महीनों में ही बहुत सारे ग्राहक जिम ज्वाइन कर सकते हैं वहां पर उद्यमी को जिम ट्रेनर की व्यवस्था पहले ही कर लेना उचित रहता है।       

7. मार्केटिंग करें (Promote Your Gym Business)

Gym Business शुरू करने वाले उद्यमी को एक बात का विशेष ध्यान रखना होगा की जिम जाना लोगों की दिली ख्वाहिश भी हो सकती है यानिकी एक ऐसी ख्वाहिश जिसका जिक्र वे किसी और से करना पसंद नहीं करते हैं। इसलिए यह मत सोचिये की आपने किसी विशेष एरिया में जिम तो खोल दिया है लेकिन ग्राहक भी वहाँ चलकर खुद ही आयेंगे। हो सकता है की आयेंगे लेकिन इसका इंतजार मत कीजिये बल्कि अपनी तरफ से अधिक से अधिक ग्राहकों को अपने जिम ज्वाइन करने के लिए कोशिश करते रहें। इसके लिए उद्यमी विभिन्न ऑनलाइन एवं ऑफलाइन मार्केटिंग के तरीकों को आजमा सकता है ध्यान रहे लोग तभी आपके बिजनेस की ओर आकर्षित होंगे जब वे उसके बारे में जान पाएंगे । उन्हें न सिर्फ अपनी सर्विसेज के बारे में बताएं बल्कि महीने की फीस के बारे में भी पोस्टर, पम्पलेट, सोशल मीडिया इत्यादि के माध्यम से साफ़ साफ़ बताएं।

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