आज के इन्टरनेट के इस युग में हो सकता है की आपका भी कोई दोस्त या जानकार Freelancing Job करके अपनी आजीविका चला रहा हो। या फिर ऐसा भी हो सकता है की आप फ्रीलांसिंग नामक इस शब्द को बार बार अपने दोस्तों, सगे सम्बन्धियों या पारिवारिक सदस्यों से काम धंधे की बात करते समय सुनते हों।

लेकिन Freelancing के बारे में उनसे डिटेल्स में जानकारी माँगने में आपको हिचकीचाहट होती हो, और कई बार ऐसा भी हो सकता है जो आपसे इस बारे में चर्चा कर रहा हो, वही खुद फ्रीलांसिंग के बारे में आधी अधूरी जानकारी रखता हो।

ऐसी परिस्थिति को ध्यान में रखते हुए ही आज हम हमारे इस लेख के माध्यम से Freelancing क्या होती है? इसके फायदे क्या हो सकते हैं? किसी कंपनी की जॉब की तुलना में इसके नुकसान या फिर चुनौती क्या क्या हो सकती हैं, और एक फ्रीलांसर बनने के लिए आपको क्या क्या कदम उठाने की आवश्यकता हो सकती है। इत्यादि प्रश्नों का सटीक एवं विस्तृत जवाब देने का प्रयत्न करेंगे।

Freelancing se paise kaise kamaye

विषय वस्तु

फ्रीलांसिंग क्या है (Freelancing kya hai):

Freelancing का हिन्दी में अर्थ स्वतंत्र रूप से काम करना होता है। इसलिए जब कोई व्यक्ति अपने कौशल का इस्तेमाल किसी कंपनी में जॉब करने की बजाय स्वतंत्र रूप से काम करने के लिए करता है, तो उसे हम फ्रीलांसिंग जॉब करने वाला व्यक्ति कह सकते हैं।

चूँकि फ्रीलांसर किसी के अधीन काम न करके खुद अपने बॉस बनकर काम कर रहे होते हैं, इसलिए ये अपने काम के घंटे, काम की जिम्मेदारी यानिकी किस प्रोजेक्ट पर काम करना है किस पर नहीं करना है, खुद ही निर्धारित करते हैं।

यद्यपि हो सकता है की फ्रीलांसर व्यक्तिगत व्यक्तियों के अलावा कंपनियों एवं अन्य संगठनों का काम भी हाथ में लें, लेकिन वे उनके स्थायी कर्मचारी नहीं होते हैं। बल्कि वे वहाँ पर एक ठेकेदार या सर्विस प्रोवाइडर की भूमिका में होते हैं, जिसके बदले कंपनी उन्हें उनके काम का भुगतान तय दरों पर करती है।

इससे स्पष्ट हो जाता है की Freelancing का मतलब किसी कंपनी के अधीन काम न करके अपने स्किल और योग्यता के आधार पर स्वतंत्र तौर पर काम करना है।

उदाहरण के लिए – यदि आप अपने ब्लॉग के लिए कोई आर्टिकल लिखवाना चाहते हैं, तो आप ऑनलाइन Freelancing Platform के माध्यम से कोई फ्रीलांसर ही ढूंढेंगे । जो आपके ब्लॉग से सम्बंधित विषय का एक्सपर्ट या जानकार हो। और वह लेखक केवल आपके लिए नहीं बल्कि कई अन्य ब्लॉगर के लिए भी लेख लिखकर पैसे कमा सकता है ।

फ्रीलांसिंग के फायदे (Benefits of Freelancing):

हालांकि ऐसा कोई भी व्यक्ति जो नौकरी छोड़कर Freelancing को अपनाना चाहता है, वह हमसे भी अच्छी तरह जानता है की उसके लिए वह सही समय कब आने वाला है।

लेकिन ऐसा कोई भी कदम उठाने से पहले किसी भी नौकरीपेशा व्यक्ति को फ्रीलांसिंग के फायदे और चुनौतियों के बारे में अवश्य जाना चाहिए। इसके कुछ प्रमुख फायदे निम्नलिखित हैं।

काम करने के लचीले घंटे

फ्रीलांसर बनने और Freelancing Job करने का सबसे बड़ा फायदा यह है की व्यक्ति अपने काम के घंटे स्वयं निर्धारित कर सकता है, जब चाहे काम कर सकता है। यह जरुरी नहीं है की व्यक्ति को ऑफिस की तरह 9 से 5 ही काम करना है।

यदि आप रात को देर से सोकर सुबह देर से उठकर काम शुरू करना चाहते हैं, तो आप ऐसा कर सकते हैं। आप चाहें तो किसी दिन चार किसी दिन पाँच या किसी दिन पूरे दिन भी काम कर सकते हैं। साप्ताहिक छुट्टी ले भी सकते हैं, नहीं भी ले सकते हैं।

ग्राहकों और काम पर नियंत्रण करना      

नौकरी में क्या होता है की आपके पास पहले से ही काम का ढेर लगा हुआ है, और बॉस ने आपको और काम दे दिया है, तो आप मना भी नहीं कर सकते। क्योंकि नौकरी में आपको न करने का विकल्प ही नहीं मिलता है। इसके अलावा आपको ऐसे ऐसे ग्राहकों से भी डील करना पड़ सकता है, जिन्हें बात करने तक की तमीज और आप उनसे डील करना न चाहते हों।

लेकिन जब आप Freelancing Job करते हैं, तो यदि आपको लगता है की आपके पास काम बहुत ज्यादा है, तो आप आगे काम लेने से रुक सकते हैं। इसके अलावा इस बात का निर्णय भी आप खुद ही कर सकते हैं की किस ग्राहक के साथ आपको काम करना है, और किस ग्राहक के साथ नहीं करना है।

कहीं से भी काम कर सकते हैं   

यद्यपि यह फायदा केवल Online Freelancing करने वाले फ्रीलांसर को होता है, कुछ फ्रीलांसर को ग्राहकों के ऑफिस में जाकर भी काम करना पड़ता है, उनके लिए यह फायदा लागू नहीं होता है।

चाहे आप किसी कॉफ़ी शॉप में बैठे हों, कहीं टूर पर गए हों, आप कहीं भी हों, बशर्ते वहाँ पर इन्टरनेट कनेक्टिविटी होनी चाहिए, आप वहीँ से अपना काम कर सकते हैं। अधिकतर फ्रीलांसर अपने घर बैठे ही काम करना पसंद करते हैं।

खुद के बॉस खुद होते हैं

खुद का बॉस खुद होने की अनुभूति कितनी सुखद हो सकती है। इस बात का एहसास आपको उन लोगों से मिलकर हो सकता है, जो अपने बॉस को या बॉस उनको फूटी आँख नहीं सुहाता। और बॉस हर छोटी बड़ी त्रुटि पर खरी खोटी सुनाने के साथ साथ जवाब माँगने लगता है।

लेकिन Freelancing में आपको खुद को अपने ग्राहकों के अलावा किसी को जवाब देने की आवश्यकता नहीं होती है। आपकी कार्यशैली, प्रबंधन इत्यादि का कोई मूल्यांकन नहीं कर रहा, अब जब चाहें जैसा चाहें काम करने के लिए स्वतंत्र हैं।

सारी कमाई आपकी होती है

जब आप नौकरी पर होते हैं, तो आपको कभी कभी ऐसा अवश्य लगता होगा। कि जितनी मेहनत आप करते हैं, उस हिसाब से आपको पैसे नहीं मिलते। या कई लोग ऐसा भी सोचते हैं की कंपनी उनकी बदौलत अच्छा लाभ कमा रही है, लेकिन उन्हें उतना नहीं मिल रहा है जितने के वे हक़दार हैं।

Freelancing में आप इस तनाव से भी एकदम मुक्त हो जाते हैं। क्योंकि इसमें आप जितना भी कमा रहे होते हैं, वह आप ही का होता है।

लोकप्रिय फ्रीलांसिंग जॉब

एक लोकप्रिय ऑनलाइन फ्रीलांसिंग वेबसाइट के मुताबिक लोग हर औदयोगिक क्षेत्र एवं प्रत्येक कौशल सेट से जुड़ी समस्याओं का हल ढूँढने के लिए योग्य एवं कौशलयुक्त फ्रीलांसरों की तलाश में हैं। कहने का आशय यह है की भले ही आपको किसी भी औदयोगिक क्षेत्र का ज्ञान क्यों न हो।

आपके पास कोई भी स्किल क्यों न हो हर तरह की स्किल की माँग दुनिया के बाज़ारों में व्याप्त है। लेकिन जैसा की सबमें होता है कोई न कोई शीर्ष काम ऐसे होते हैं जिनकी माँग अधिक होती है। Freelancing में भी ऐसे ही कुछ शीर्ष काम हैं, जिनकी डिमांड अन्य के मुकाबले अधिक है।

  • सॉफ्टवेयर डेवलपर
  • लेखक – राइटर
  • डिजिटल मार्केटर
  • वेब/ मोबाइल एप डेवलपर
  • ग्राफ़िक डिज़ाइनर      

ये उपर्युक्त पाँच शीर्ष Freelancing Job हैं जिनकी डिमांड लगभग हर ऑनलाइन प्लेटफार्म पर सबसे अधिक है। यदि आप एक सॉफ्टवेयर इंजिनियर हैं या वेब डेवलपर, मोबाइल एप डेवलपर इत्यादि हैं।  तो आप अपनी नौकरी के साथ साथ फ्रीलांसिंग के माध्यम से भी कमाई कर सकते हैं।

फ्रीलांसिंग शुरू करके पैसे कैसे कमाएँ    

अलग अलग व्यक्तियों के Freelancing शुरू करने के पीछे अलग अलग कारण और लक्ष्य हो सकते हैं। सबसे पहले आपको अपने आप से यही प्रश्न पूछना होगा की, आखिर आप एक फ्रीलांसर बनना क्यों चाहते हैं।

क्योंकि कई लोग अपनी मौजूदा नौकरी के साथ साथ कुछ अतिरिक्त आय प्राप्त करना चाहते हैं। तो कई लोग पार्ट टाइम के तौर पर Freelancing Job करना पसंद करते हैं, तो बहुत सारे लोग ऐसे भी हैं, जो अपनी मौजूदा नौकरी से उब चुके होते हैं, और अब वे फुल टाइम खुद फ्रीलांसर बनकर पैसे कमाना चाहते हैं।

कहने का आशय यह है की फ्रीलांसर बनने के लिए आपके पास कई विकल्प होते हैं, आप किस कारण से और किस लक्ष्य को लेकर फ्रीलांसिंग शुरू करते हैं। यह पूर्ण रूप से सिर्फ आप पर ही निर्भर करता है।

अपने स्किल और योग्यता को जानें

यदि आप Freelancing शुरू करके पैसे कमाना चाहते हैं। तो आपको इसकी तैयारी भी अपने मौजूदा जॉब पर रहते हुए करनी होगी। सबसे पहले आपको यही जानना होगा की आप अपने मौजूदा जॉब में किस स्किल की वजह से टिके हुए हैं, यानिकी कंपनी आपको क्या काम करने के पैसे दे रही है।

क्या आपके पास कोई ऐसा स्किल है, जो लोगों की किसी समस्या का समाधान करता हो। जैसे यदि आप सॉफ्टवेयर इंजिनियर हैं, तो आपके लिए फ्रीलांसिंग की तरफ जाना कोई जोखिम भरा काम नहीं है। बस जरुरत है तो आपको मौजूदा जॉब पर रहते हुए तैयारी करने की।

एक सॉफ्टवेयर इंजिनियर कंपनियों और व्यक्तियों की समस्याओं के समाधान के लिए अनेकों ऑनलाइन टूल्स, सॉफ्टवेयर, एप्लीकेशन इत्यादि बना सकता है।

इसलिए उसे अपने स्किल को सर्विस के तौर पर बदलने में ज्यादा परेशानी होने वाली नहीं है। इसमें भी इस बात का ध्यान रखना बेहद जरुरी है की जिस खास स्किल के बलबूते व्यक्ति Freelancing करने की सोच रहा है, उसमें उसे काम करने का अनुभव भी होना चाहिए।         

संभावित ग्राहकों के बारे में जानें

भले ही आप कोई भी बिजनेस कर रहे हों, हर बिजनेस में ग्राहक को जानना बेहद जरुरी हो जाता है। सबसे पहले यह की किस आर्थिक, सामाजिक, या पेशे से सम्बंधित लोग आपके संभावित ग्राहकों में शामिल होंगे?

या वे कौन से लोग होंगे जो आपकी सेवा के लिए आपको भुगतान करेंगे? उनके निर्णय लेने की क्षमता, खर्चा करने की क्षमता, किस भौगौलिक, आर्थिक या सामाजिक परिवेश में उनकी अधिकता होगी। इत्यादि के बारे में जानना आवश्यक है।

इसके लिए Freelancing शुरू करने का इच्छुक व्यक्ति विभिन्न फ्रीलांसिंग ऑनलाइन प्लेटफोर्म, अपनी जान पहचान और नेटवर्क में शामिल लोगों, विज्ञापन, मार्केटिंग इत्यादि का भी सहारा ले सकता है। ताकि उसे पता चल सके की जिस कौशल के बलबूते वह सेवा प्रदान करने की सोच रहा है, उसकी बाज़ार में माँग क्या है और उसके लक्षित ग्राहक के तौर पर कौन रहने वाले हैं।    

Freelancing प्लेटफोर्म पर पोर्टफोलियो बनाएँ

यदि आप चाहते हैं की Freelancing Job आपको वह सब कुछ दे, जो आपकी मौजूदा जॉब आपको नहीं दे पा रही है। तो इसके लिए आपको एक बेहद आकर्षक पोर्टफोलियो बनाना होगा। 

इस पोर्टफोलियो में आपकी शैक्षणिक योग्यता से लेकर, आपके द्वारा प्राप्त किये गए स्किल की डिटेल्स, आपने अपनी मौजूदा जॉब के दौरान किन किन परियोजनाओं में काम किया है एवं आपके काम की गुणवत्ता इत्यादि सभी कुछ उल्लेखित होना आवश्यक है।

पोर्टफोलियो के माध्यम से आप अपने ग्राहकों को आसानी से यह समझा सकते हैं की आप क्या कर सकते हैं। ध्यान रहे क पोर्टफोलियो में सिर्फ उत्कृष्ट प्रदर्शन और काम का ही उल्लेखन होना चाहिए, जिससे ग्राहक आपके पोर्टफोलियो से आकर्षित होकर आपको काम देने में कोई संकोच न करें। आप एक बढ़िया से पोर्टफोलियो बनाकर उसे कई फ्रीलांसिंग वेबसाइट में पोस्ट कर सकते हैं।     

बढ़िया प्रपोजल तैयार करें

प्रपोजल का अर्थ है अपने संभावित ग्राहकों के लिए एक प्रस्ताव तैयार करना। ध्यान रहे जो सेवा आप अपने प्रस्ताव में उल्लेखित कर रहे हैं वह आपके पोर्टफोलियो में पूरी तरह से मेल खानी चाहिए। ऐसा नहीं होना चाहिए की आप पोर्टफोलियो में खुद को सॉफ्टवेयर इंजिनियर दिखा रहे हैं, और प्रपोजल Logo बनाने, फोटो एडिटिंग करने या अन्य कोई ग्राफ़िक डिजाइनिंग से सम्बंधित कार्य का प्रपोजल दे रहे हैं।

कहने का आशय यह है की यदि आप पोर्टफोलियो में खुद को एक अनुभवी ग्राफ़िक डिज़ाइनर दिखा रहे हैं, तो प्रपोजल भी उसी से मेल खाता हुआ होना चाहिए। इसको और अधिक स्पष्ट करने के लिए आप चाहें तो उस काम की कीमत और समय भी उल्लेखित कर सकते हैं । जैसे $5 में Logo बनाने का ऑफर, और अधिक से अधिक 1 घंटे में काम पूर्ण ऐसा कुछ उल्लेखित कर सकते हैं।    

काम मिलने पर अच्छा काम करें

हालांकि हम यहाँ पर यह नहीं कहेंगे की आपको पोर्टफोलियो और प्रपोजल बनाते ही काम तुरंत मिल जाएगा और अगले ही दिन से आप Freelancing से पैसे कमाने लगोगे। बल्कि ऑनलाइन फ्रीलांसिंग प्लातेफ़ोर्म के जरिये काम मिलने में थोडा समय लग सकता है, इसलिए धैर्य बनाना बेहद जरुरी है।

और इस दौरान अपनी मौजूदा नौकरी को भी छोड़ने की जल्दबाजी न करें। बल्कि जब आपको काम मिलना शुरू हो जाता है, तो उसे पूरी प्रतिबद्धता के साथ समय पर पूरा करें। और अपने ग्राहकों को अपने काम के बारे में सम्बंधित Freelancing Platform पर लिखित रिव्यु छोड़ने के लिए अवश्य कहें।

क्योंकि जब एक आपकी सेवा से प्रसन्न हुआ ग्राहक आपके काम के बारे में सकारात्मक रिव्यु देता है। तो इसका प्रभाव उस वेबसाइट विशेष में आपकी रैंकिंग पर तो पड़ता ही है, इसके अलावा अन्य ग्राहक भी आपकी तरफ आसानी से आकर्षित होते हैं।

Freelancing में आने वाली चुनौतियाँ

इसमें कोई दो राय नहीं की Freelancing करने के बहुत सारे फायदे हैं, लेकिन इसमें कुछ चुनौतियाँ भी हैं । जिनका सामना किसी भी फ्रीलांसर को करना पड़ सकता है, तो आइये जानते हैं की ऐसी कौन कौन सी चुनौतियाँ हैं।

काम में स्थिरता नहीं होती है

Freelancing में सबसे बड़ी चुनौती यही है की, इसमें काम की स्थिरता नहीं होती है। हो सकता है किसी दिन आपके पास बहुत ज्यादा काम हो, और किसी दिन जरां सा भी न हो। काम का सीधा असर आपकी कमाई पर पड़ता है, इसलिए काम अस्थिर होने से आपकी कमाई भी अस्थिर हो जाती है।

काम का समय और व्यक्तिगत समय निर्धारित करने में कठिनाई

चूँकि Freelancing में व्यक्ति स्वयं का मालिक खुद होता है। इसलिए लाख जतन करने के बावजूद भी उसके स्वभाव में थोड़ी लापरवाही आ ही जाती है। इसका असर यह होता है की वह काम के समय और व्यक्तिगत समय का निर्धारण नहीं कर पाता है, यह इसलिए भी होता है क्योंकि अधिकतर फ्रीलांसर अपने घर से ही काम करते हैं।

सारे जिम्मेदारी एक व्यक्ति पर आ जाती है

जब आप नौकरी करते हैं तो आपको आपकी कुशलता और डिपार्टमेंट के आधार पर कोई एक काम आपको सौंप दिया जाता है । और नौकरी में आपको वही करना होता है, लेकिन जब आप Freelancing कर रहे होते हैं, तो आपको सभी प्रकार की जिम्मेदारी जैसे मार्केटिंग, विज्ञापन, विक्री इत्यादि खुद ही उठानी पड़ती हैं ।

भुगतान न मिलने का डर     

जब व्यक्ति नौकरी कर रहा होता है, तो महीने में एक निश्चित आय उसे मिलती है। लेकिन Freelancing में कभी कभी आपको ऐसे ग्राहक भी टकरा सकते हैं, जो काम होने के बाद आपके काम में गलतियाँ निकालकर आपको भुगतान करने से मना कर दें।

कंपनी द्वारा दिए जाने वाले लाभों से वंचित

जब आप किसी कंपनी के लिए नौकरी कर रहे होते हैं, तो कंपनी द्वारा विभिन्न प्रकार के लाभ जैसे स्वास्थ्य बीमा, ईपीएफ, पेंशन, समय समय पर ईनाम इत्यादि दिए जाते हैं। लेकिन Freelancing में आप इन सब लाभों से वंचित रहते हैं।   

यह भी पढ़ें  

error: Content is protected !!