डिज़ायनर बुटीक कैसे शुरू करें? Designer Boutique Business Plan in Hindi.

वर्तमान में लोगों की जीवनशैली के आधार पर उनका पहनावा भी बदल रहा है ऐसे में लोग Designer Boutique का रुख डिजायनर कपड़े खरीदने के लिए करते हैं। यदि कोई इच्छुक उद्यमी इस तरह का यह बिजनेस शुरू करने के लिए किसी क्षेत्र विशेष का व्यवहारिक अध्यन करे और बुटीक व्यवसाय शुरू करने सम्बन्धी पहलुओं की जानकारी प्राप्त करके उनका बारीकी से विश्लेषण करके इस तरह का यह व्यवसाय शुरू करे, तो यह व्यवसाय एक बेहद लाभकारी व्यवसाय के तौर पर सामने आ सकता है। खास तौर पर महिलाएं, वह भी ऐसी महिलाएं जिन्हें सिलाई, बुनाई का काम कुशलतापूर्वक आता हो उनके लिए खुद का Designer Boutique शुरू करना बहुत ज्यादा कठिनाई का काम बिलकुल नहीं है। भारत में बुटीक की बढती जनसँख्या इस बात का प्रमाण है की लोग बुटीक में निर्मित फैशनेबल और डिज़ाइनर कपड़ों को बेहद पसंद करते हैं इसलिए वर्तमान में बुटीक सफल कपड़े व्यवसाय का एक प्रतीक बन चुके हैं। अधिकतर लोग आम कपड़ों के ब्रांड की तुलना में बुटीक में निर्मित कपड़ों को अधिक पसंद करते हैं इनमें प्रमुख रूप से महिलाएं शामिल हैं। पिछले एक दशक के दौरान Designer Boutique की संख्या में देश में अभूतपूर्व वृद्धि आंकी गई है वह इसलिए क्योंकि इस तरह के ये कपड़े परिष्कृत और विभिन्न डिजाईन में होते हैं। और वर्तमान परिदृश्य की यदि हम बात करें तो यह चलन केवल शहरों तक ही सिमित नहीं है बल्कि छोटे शहरों और कस्बों में भी बड़ी तीव्र गति से प्रचलन में आ रहा है। इस चलन में वृद्धि के लिए अनेकों कारण जैसे देश में मध्यमवर्गीय परिवारों की बढती जनसँख्या, मीडिया का विस्तार, मनोरंजन, फिल्म, इन्टरनेट के बढ़ते प्रचलन, और फैशन शिक्षा का बढ़ता महत्व इत्यादि भी इस तरह के डिज़ाइनर कपड़ों की बिक्री और बुटीक की बढती जनसँख्या के लिए जिम्मेदार हैं। इसलिए एक ऐसा व्यक्ति जो फैशन शिक्षा प्राप्त करके ग्रेजुएट हुआ हो, या फिर एक ऐसा व्यक्ति जिसे पहनावे और फैशन की अच्छी जानकारी हो उनके लिए Designer Boutique खोलना एक सुनहरे अवसर में परिवर्तित हो सकता है। इसके अलावा ऐसी महिलाएं जिन्हें सिलाई, कढाई, बुनाई के अलावा फैशन की भी अच्छी जानकारी हो उनके लिए भी यह व्यवसाय किसी वरदान से शायद ही कम होगा । इसलिए आज हम हमारे इस लेख के माध्यम से कोई इच्छुक महिला या पुरुष उद्यमी कैसे खुद का बुटीक शुरू कर सकते हैं? विषय पर विस्तृत वार्तालाप करने वाले हैं।

Designer Boutique Business plan hindi

मार्किट विश्लेषण   

Designer Boutique के टारगेट ग्राहकों के तौर पर मध्यम वर्गीय और उच्चतम वर्गीय परिवारों से सम्बंधित लोग हैं कहने का आशय यह है की इस तरह का यह व्यवसाय करने वाले उद्यमी के मुख्य ग्राहक के तौर पर उच्च एवं मध्यम वर्गीय परिवारों के 14 वर्ष की उम्र से अधिक सदस्य रहने वाले हैं। और यदि उद्यमी ने केवल महिलाओं के डिजाईन कपड़ों का बुटीक खोलने की योजना बनाई है तो उद्यमी के ग्राहक के तौर पर भी केवल महिलाएं ही शामिल होंगी जो आमतौर पर डिज़ाइनर कपड़े खरीदना पसंद करती हैं । हालांकि जहाँ तक अपने देश भारतवर्ष की बात है यहाँ पर उच्च और मध्यम आय समूह के लोग अधिकतर शहरी इलाकों में ही निवास करते हैं इसलिए किसी भी उद्यमी के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में Designer Boutique खोलना व्यवसाय की दृष्टी से नुकसानदेह हो सकता है। जबकि शहरी इलाकों में इस तरह के व्यवसाय के चलने की बहुत अधिक संभावना है घरेलु बाजार में तो भारतीय परिधानों की अच्छी खासी मांग है ही । लेकिन विदेशी बाज़ारों में भी भारतीय परिधानों की मांग व्यापत रहती है इसलिए इस तरह के उत्पाद के लिए निर्यात के अवसर भी विद्यमान हैं। वह इसलिए क्योंकि विदेशों में भारतीय प्रवासियों की कोई कमी नहीं है और उन्हें भारतीय परिधान बेहद पसंद आते हैं।

डिज़ाइनर बुटीक कैसे शुरू करें? (How to Start a Designer Boutique In India):    

जैसा की हम उपर्युक्त वाक्य में भी बता चुके हैं की Designer Boutique Business शुरू करना केवल और केवल शहरी इलाकों में शुरू करना ही लाभकारी हो सकता है। क्योंकि ग्रामीण इलाकों में मध्य एवं उच्च आय समूहों के लोगों की जनसँख्या कम ही होती है। कहने का आशय यह है की इस तरह का यह व्यवसाय शुरू करने का इच्छुक उद्यमी किसी पॉश या अर्ध पॉश इलाके में किराये की दुकान लेकर खुद का आउटलेट शुरू कर सकता है। तो आइये जानते हैं की कैसे कोई व्यक्ति खुद का डिज़ाइनर बुटीक बिजनेस शुरू कर सकता है।

1. दुकान किराये पर लें

Designer Boutique Business शुरू करने के इच्छुक उद्यमी को सर्वप्रथम किसी पॉश इलाके में दुकान किराये पर लेनी होगी अर्थात उद्यमी को इस बात का ध्यान रखना होगा की इस तरह का यह बिजनेस उसी इलाके में चलेगा जहाँ पर लोगों की आय और व्यय करने की क्षमता अधिक होगी।एक ऐसा इलाका जहाँ पर आर्थिक तौर पर सम्पन्न और अर्ध सम्पन्न परिवार रहते हों में इस तरह का व्यवसाय शुरू करना लाभकारी हो सकता है। शुरुआती दौरे में उद्यमी को बहुत बड़ी दुकान किराये पर लेने की आवश्यकता नहीं होती है हालांकि दुकान का किराया शहर एवं लोकेशन के आधार पर अलग अलग हो सकता है । इसके अलावा उद्यमी को दुकान किराये पर लेते वक्त रेंट एग्रीमेंट इत्यादि अवश्य बनवा लेना चाहिए क्योंकि इस दस्तावेज को व्यवसायिक पता प्रमाण के तौर पर भी इस्तेमाल में लाया जा सकता है।    

2. वित्त का प्रबंध करें  (Fund arrangement for Designer Boutique ):

वित्त का प्रबंध करने से पहले उद्यमी चाहे तो अपने व्यवसाय के लिए एक प्रोजेक्ट रिपोर्ट भी बना सकता है।यह दस्तावेज उद्यमी को उसकी परियोजना में आने वाली लागत के बारे में तो बताएगा ही साथ में जरुरत पड़ने पर बैंक इत्यादि से ऋण लेने में भी मददगार साबित हो सकता है। इसलिए यदि उद्यमी चाहे तो वित्त का प्रबंध करने से पहले प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार कर सकता है। वित्त का प्रबंध करने के लिए उद्यमी विभिन्न सरकारी योजनाओं के तहत सब्सिडी ऋण, बैंक ऋण और व्यक्तिगत बचत के माध्यमों का इस्तेमाल कर सकता है।   

3. आवश्यक मशीनरी और कच्चा माल खरीदें

आवश्यक कच्चे माल की यदि हम बात करें तो एक Designer Boutique के लिए उन सभी कच्चे माल की आवश्यकता होती है जो परिधान तैयार करने के लिए होती हैं। इनमें विभिन्न प्रकार का कपड़ा, विभिन्न रंगों के धागे, एम्ब्रायडरी का सामान, पैकिंग सामग्री इत्यादि शामिल है। आवश्यक मशीनरी की लिस्ट इस प्रकार से है।

  • स्टिचिंग मशीन
  • ओवर लॉक मशीन
  • एम्ब्रायडरी मशीन
  • विभिन्न कैंची
  • एम्ब्रायडरी फ्रेम सेट
  • चाक
  • कटिंग स्केल और मापने वाली स्केल

4. कपड़ों का निर्माण शुरू करें 

Designer Boutique के लिए अब उद्यमी को कपड़ों या परिधानों का निर्माण शुरू कर देना चाहिए इसके लिए सबसे पहले स्थानीय विक्रेताओं से कच्चा माल खरीद लिया जाता है यह कच्चा माल फैशन और ग्राहकों की पसंद के मुताबिक होता है। उसके बाद डिजाईन की जाती है डिजाईन के बाद पैटर्न तैयार कर लिए जाते हैं उसके बाद एम्ब्रायडरी प्रक्रिया को पूर्ण किया जाता है। एम्ब्रायडरी प्रक्रिया पूर्ण होने बाद कपड़े को डिजाईन के अनुसार काट लिया जाता है उसके बाद सिलाई का काम पूर्ण किया जाता है। सिलाई के बाद फिनिशिंग का काम जैसे आयरन इत्यादि की जाती है और उसके बाद बनाये गए परिधानों को बुटीक स्टोर में डिस्प्ले कर दिया जाता है।    

5. मार्केटिंग करे और बेचें  (Marketing of Designer Boutique):   

ध्यान रहे उद्यमी को अपने Designer Boutique की मार्केटिंग सिर्फ अपने टारगेट ग्राहकों के बीच ही करनी चाहिए ताकि अधिक से अधिक परिणाम अर्जित किये जा सकें। मार्केटिंग के लिए उद्यमी ऑनलाइन एवं ऑफलाइन दोनों तरह की तकनीकों का सहारा ले सकता है। स्थानीय केबल चैनल पर विज्ञापन, अख़बार में विज्ञापन, उस एरिया में घर घर जाकर पम्पलेट डिस्ट्रीब्यूट करना और गूगल, फेसबुक, यूट्यूब इत्यादि मुफ्त और भुग्तानित संसाधनों का इस्तेमाल भी मार्केटिंग के लिए किया जा सकता है।  

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