कॉटन बड्स बनाने का बिजनेस कैसे शुरू करें. Cotton Buds Making Business.

Cotton Buds की यदि हम बात करें तो इनका निर्माण मशीन एवं बिना मशीन के भी आसानी से किया जा सकता है। लेकिन चूँकि बिना मशीन के इनका निर्माण करने में बहुत अधिक समय लग सकता है इसलिए मशीन के माध्यम से ही इनका निर्माण करना किफायती होगा। लेकिन यदि उद्यमी शुरूआती दौर में प्रयोग के तौर पर इस तरह के बिजनेस को करना चाहता है तो वह बिना किसी मशीन के भी इनका निर्माण कर सकता है। और उसके बाद जब उसे इस बात का विश्वास हो जाए की उसके उत्पाद को बिक्री करने में किसी तरह की कोई परेशानी नहीं होगी उसके बाद वह अपनी योजनानुसार उत्पादन क्षमता की मशीन खरीद सकता है। चूँकि हमारा देश भारतवर्ष जनसँख्या की दृष्टी से दूसरा सबसे बड़ा देश है और यहाँ पर बेरोजगार नौजवानों की संख्या में भी कोई कमी नहीं है। और Cotton Buds Manufacturing Business एक ऐसा व्यवसाय है जिसे बेहद कम निवेश के साथ आसानी से शुरू किया जा सकता है। इसलिए इस तरह के व्यवसाय को शुरू करना किसी भी शिक्षित नौजवान के लिए बहुत अधिक चुनौती वाली बात नहीं है । वह चाहे तो खुद को तो इस व्यवसाय से रोजगारित कर ही सकता है साथ में अन्य लोगों को रोजगार देने में भी मददगार साबित हो सकता है। इसलिए आज हम हमारे इस लेख के माध्यम से कोई व्यक्ति खुद का Cotton Buds Making Business कैसे शुरू कर सकता है के बारे में बात करेंगे।

Cotton Buds Manufacturing Business hindi

कॉटन बड्स क्या होते हैं (What are cotton Buds)

साधारण शब्दों में यदि हम Cotton Buds को समझने की कोशिश करेंगे तो हम पाएंगे की एक पतली सी छड़ी चाहे वह प्लास्टिक से निर्मित हो या फिर लकड़ी से के दोनों सिरों पर रुई को लिपटाया जाता है। यानिकी इसके दोनों सिरों पर रुई की फाहें लगी होती हैं ताकि जब इनका इस्तेमाल कॉस्मेटिक उद्देश्य एवं कानों की सफाई के लिए किया जाय तो ये उन्हें नुकसान न पहुंचा सकें। कहने का आशय यह है की लकड़ी या प्लास्टिक से निर्मित एक छोटी से छड़ी जिसके दोनों सिरों पर कपास लपेटी जाती है और फिर इसे कॉस्मेटिक कामों एवं कानों की सफाई के लिए इस्तेमाल में लाया जाता है इन्हें ही Cotton Buds या Cotton Swab कहा जाता है।

कॉटन बड्स के बिकने की संभावना 

हालांकि Cotton Buds का इस्तेमाल लोगों द्वारा काफी पुराने समय से नहीं किया जा रहा है बल्कि यह भी वर्तमान जीवनशैली एवं आवश्यकता से उत्पादित एक बिजनेस है । कहने का आशय यह है की इस तरह के उत्पाद का इस्तेमाल बीते कुछ वर्षों से ही किया जा रहा है और बीतते वर्षों के साथ इसकी मांग में तेजी से वृद्धि देखी गई है। क्योंकि आज मनुष्य अपनी एवं अपने परिवार के सदस्यों की स्वच्छता को लेकर काफी जागरूक हो गया है इसलिए कॉटन बड्स का इस्तेमाल घरों में बड़े पैमाने पर कानों की सफाई के लिए किया जाता है वह भी विशेष तौर पर नहाने के बाद कानों में जो पानी चला जाता है उसे सोखने एवं कानों से बाहर निकालने में Cotton Ear Buds की अहम् भूमिका होती है। इसके अलावा हेल्थकेयर इंडस्ट्री भी इसकी बड़े ग्राहकों में से एक है और यह एक ऐसा उत्पाद है जिसे हर आयु वर्ग के लोगों द्वारा इस्तेमाल में लाया जाता है और चूँकि इसकी कीमत भी बेहद कम होती है इसलिए हर आय वर्ग के लोग इसे आसानी से खरीद भी सकते हैं। इन सबके अलावा इनका इस्तेमाल मेकअप करने के दौरान एवं इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की सफाई के दौरान भी किया जाता है। इन सब बातों से स्पष्ट हो जाता है की कॉटन बड्स के न सिर्फ घरेलू इस्तेमाल हैं बल्कि इसके औद्योगिक इस्तेमाल भी हैं इसलिए इस तरह का यह व्यवसाय शुरू करना एक लाभकारी व्यवसाय के तौर पर निरंतर आगे बढ़ सकता है।

कॉटन बड्स बनाने का बिजनेस कैसे शुरू करें (How to Start Cotton Buds Making Business)   

जैसा की हम पहले भी स्पष्ट कर चुके हैं की Cotton Buds Making Business शुरू करने के लिए उद्यमी को लाखों रूपये में निवेश करने की आवश्यकता नहीं होती है। बल्कि सच्चाई यह है की यदि उद्यमी केवल प्रायोगिक तौर पर भी पहले इस व्यवसाय को करना चाहता है तो वह बिना किसी मशीन के मदद के भी इसे शुरू कर सकता है। लेकिन यह सिर्फ प्रायोगिक तौर पर यानिकी यह पता लगाने के लिए की जहाँ वह यह व्यवसाय शुरू करने की सोच रहा है वहां इस तरह की सामग्री के बिकने की कितनी संभावना होगी। तो आइये जानते हैं की कैसे कोई इच्छुक व्यक्ति खुद का इस तरह का यह व्यवसाय शुरू कर सकता है।

1. एरिया का चुनाव करें (Select Location for Cotton Buds Business):

हालांकि इस तरह के इस व्यवसाय के लिए कितनी जगह की आवश्यकता होगी वह इस बात पर निर्भर करेगा कीउद्यमी अपने प्लांट या फैक्ट्री में प्रतिदिन कितने Cotton Buds का निर्माण करने की योजना बना रहा है। कहने का अभिप्राय यह है की यदि उद्यमी बड़े पैमाने पर उत्पादन करने की योजना बना रहा है तो इसमें कोई दो राय नहीं की उसे मशीनरी, कर्मचारी एवं अन्य संसाधनों की आवश्यकता अधिक होगी। जिसके लिए उसे एक बड़े से एरिया की भी आवश्यकता हो सकती है लेकिन उद्यमी को शुरूआती दौर में छोटे स्तर से ही इस व्यवसाय को शुरू करना उचित रहेगा। इसलिए उद्यमी चाहे तो शुरूआती दौर में यदि उद्यमी के घर का कोई कमरा खाली हो तो वह वहां से भी यह व्यवसाय शुरू कर सकता है यदि ऐसा नहीं है तो अपने घर के आसा पास कोई सस्ता सा कमरा या दुकान किराये पर लेकर भी यह बिजनेस शुरू कर सकता है। ध्यान रहे यदि उद्यमी अपने व्यवसाय के लिए जगह या दुकान किराये पर ले रहा हो तो उसका रेंट एग्रीमेंट आवश्य बनवा ले क्योंकि आगे चलकर इस दस्तावेज को पता प्रमाण के तौर पर इस्तेमाल में लाया जा सकता है।      

2. लाइसेंस एवं रजिस्ट्रेशन

शुरूआती दौर में उद्यमी अपने Cotton Buds making Business को प्रोप्राइटरशिप के तहत रजिस्टर कराकर वैधानिक रूप से व्यवसाय शुरू कर सकता है। वह इसलिए क्योंकि प्रोप्राइटरशिप के तौर पर बिजनेस रजिस्ट्रेशन के लिए बहुत अधिक औपचारिकताओं को पूर्ण करने की आवश्यकता नहीं होती और उद्यमी बिना किसी सरकारी कार्यालय के चक्कर लगाये हुए इसे ऑनलाइन भी आसानी से रजिस्टर कर सकता है। बिजनेस रजिस्ट्रेशन के अलावा उद्यमी को जीएसटी रजिस्ट्रेशन की भी आवश्यकता होती है लेकिन शुरूआती दौर में जब तक उद्यमी का टर्नओवर दी गई छूट की सीमा को पार नहीं कर जाता तब तक उद्यमी के लिए यह रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य तो नहीं होता है लेकिन उद्यमी चाहे तो अपनी मनमर्जी से यह करवा सकता है। इसके अलावा स्थानीय प्राधिकरण जैसे नगर निगम, ग्राम पंचायत इत्यादि से ट्रेड लाइसेंस लेने की भी आवश्यकता हो सकती है और यदि उद्यमी चाहता है की उसके उत्पाद को सरकारी एजेंसीयां भी खरीदें तो उसे उद्योग आधार रजिस्ट्रेशन, एमएसएमई डाटा बैंक इत्यादि भी कराना आवश्यक है। इसके अलावा अंतराष्ट्रीय बाज़ारों में अपने उत्पाद को बेचने के लिए अर्थात निर्यात करने के लिए इम्पोर्ट एक्सपोर्ट कोड की आवश्यकता होती है।     

3. आवश्यक कच्चे माल की उपलब्धता

हालांकि वैसे देखा जाय तो Cotton Buds Manufacturing Business में कच्चे माल के तौर पर मुख्य रूप से प्लास्टिक या लकड़ी से निर्मित पतली छड़ी जिसकी लम्बाई 5-7 सेंटीमीटर होती है। इस्तेमाल में लायी जाती है इसके अलावा कॉटन यानिकी रुई का इस्तेमाल कच्चे माल के तौर पर किया जाता है इसके अलावा कुछ ऐसे पदार्थ जैसे गोंद इत्यादि का भी इस्तेमाल किया जाता है जो छड़ी के साथ रुई की पकड़ को मजबूत बनाये रखता है। ताकि इस्तेमाल में लाते समय छड़ी से रुई अलग न हो जाय रुई का इस्तेमाल इसलिए किया जाता है क्योंकि यह एक बेहतरीन शोषक सामग्री है। इसलिए इस तरह का यह कच्चा माल लगभग हर स्थानीय बाजार में आसानी से मिल जाता है लेकिन यदि उद्यमी को लग रहा है की उसे यह कच्चा माल महंगे दामों में मिलेगा तो सबसे पहले उद्यमी को जिस एरिया में वह अपना यह व्यवसाय शुरू करने की सोच रहा है। उस एरिया में इसकी उपलब्धता एवं कीमत के बारे में जानकारी प्राप्त करनी होगी।  कच्चे माल का आसानी एवं उचित दामों पर मिलने का अर्थ यह है की उद्यमी प्रतिस्पर्धा के इस माहौल में अपने Cotton Buds व्यवसाय को न सिर्फ जिन्दा रखेगा बल्कि इससे लाभ भी कमा पाने में सक्षम होगा। इन सबके अलावा उद्यमी को पैकिंग सामग्री भी बाजार से खरीदने की आवश्यकता होगी।    

4. मशीन का चुनाव एवं खरीदारी

अपने Cotton Buds Manufacturing Business  के लिए मशीन का चुनाव करने से पहले उद्यमी को इस बात का निर्णय लेना होगा की जो छड़ी वह इस्तेमाल में लाने वाला है उनका निर्माण खुद करेगा या फिर बाजार में बनी बनाई छड़ियों को खरीदेगा। क्योंकि यदि छड़ियों का निर्माण उद्यमी खुद करना चाहेगा तो उसे उसी के अनुसार मशीन का चुनाव करना होगा और इसकी लागत लाखों रूपये में हो सकती है। जबकि यदि उद्यमी छड़ियाँ एवं रुई इत्यादि बाजार से खरीदकर फिर Cotton Buds का निर्माण करना चाहता है तो उसे उसी आधार पर मशीन का चुनाव करना होगा और शुरूआती दौर में उद्यमी को चाहिए की वह कम क्षमता वाली मशीन जिनकी कीमत कम हो उसी का चयन करे।      

5. कॉटन बड्स का निर्माण (Start cotton Buds Manufacturing)

मशीनरी का चयन एवं खरीदारी के बाद उद्यमी Cotton Buds का निर्माण करने के लिए आगे बढ़ सकता है। यदि उद्यमी बाजार से बने बनाये 5-7 सेंटीमीटर की छड़ियाँ कच्चे माल के तौर पर इस्तेमाल कर रहा है तो उसे इन छड़ियों के सिरे पर चिपकाने वाला पदार्थ जैसे गोंद इत्यादि अप्लाई करने की आवश्यकता होती है। उसके बाद इन छड़ियों के सिरे जहाँ पर गोंद अप्लाई की गई हो उसके चारों ओर बेलनाकार रूप में रुई लपेटी जाती है। उसके बाद रुई छड़ियों में अच्छी तरह चिपक जाए इसके लिए इनमें दबाव दिया जाता है और जब दबाव के चलते ये सही एवं बेलनाकार शेप में हो जाती हैं तो फिर इन्हें पैकिंग के लिए आगे भेज दिया जाता है। आम तौर पर इन्हें पॉलिथीन पाउच में पैक किया जाता है उसके बाद कार्टन में डालकर इन्हें बाजार तक भेजा जाता है।      

कॉटन बड्स कैसे और कहाँ बेचें

जैसा की हम पहले भी बता चुके हैं की Cotton Buds का इस्तेमाल घरों में लोग कान इत्यादि की सफाई के लिए तो करते ही हैं। लेकिन हेल्थ केयर सेण्टर द्वारा इनका बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जाता है इसलिए यदि आप अपने नज़दीकी हेल्थ सेण्टर में जाकर उन्हें थोक में कोई अच्छी डील ऑफर करें तो हो सकता है की वे इन्हें अवश्य खरीदेंगे । इसके अलावा कॉस्मेटिक एवं मेकअप में इस्तेमाल होने के कारण ब्यूटी पार्लर इत्यादि में भी इनके इस्तेमाल देखे जा सकते हैं। उद्यमी चाहे तो उस एरिया विशेष में उपलब्ध ब्यूटी, पार्लर, मेडिकल स्टोर इत्यादि में अपने इस उत्पाद को बेचने की कोशिश कर सकता है। चूँकि हम सब जानते हैं की Cotton Buds एक बेहद हलका एवं छोटा सा आइटम है जिसकी कीमत 10-15 रूपये प्रति पाउच होती है। इसलिए यदि उद्यमी चाहे तो अपने उत्पाद को बेचने के लिए कुछ ऐसे लोगों को नियुक्त कर सकता है जो लोगों के घर घर जाकर इस तरह के उत्पाद को बेचने की कोशिश करें। यह बेहद हल्का एवं छोटा आइटम होने कारण उनके बैग में भी आसानी से आ जायेगा और लोग भी जब अपने घर के द्वार पर इस तरह की आइटम बिकते देखेंगे तो वे अपने आपको 10-15 रूपये खर्च करने से रोक नहीं पाएंगे।    

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