कपूर की गोलियां बनाने का बिजनेस। Camphor Tablet Manufacturing Business.

Camphor Tablet की यदि हम बात करें तो इसका शाब्दिक अर्थ कपूर की गोलियां होता है जी हाँ दोस्तों आपने अक्सर देखा होगा की इन कपूर की गोलियों का इस्तेमाल कपड़ों में सुगंध फ़ैलाने के लिए लोग कपड़ों के बीच करते हैं । इसके अलावा पूजा पाठ सामग्री के तौर पर भी कपूर का इस्तेमाल बड़े पैमाने पर देखा गया है । कपूर एक सफ़ेद क्रिस्टलीय पदार्थ होता है जिसमें से तेज गंध निकलती है और इसका स्वाद तीखा होता है यह ज्वलनशील होने के साथ साथ मोमी, सुखद सुगंध प्रदान करने वाला और पारदर्शी होता है।

इसे आम तौर पर लकड़ी और कैम्फर ट्री की छाल से बनाया जाता है और ये वृक्ष मुख्य रूप से एशिया में ही पाए जाते हैं। इसकी उत्पति के प्राकृतिक स्रोत की बात तो हम कर चुके हैं लेकिन Camphor Tablet या कपूर को इसके प्राकृतिक स्रोत के अलावा तारपीन के तेल से कृत्रिम स्वरूप से भी उत्पादित किया जा सकता है।

वैश्विक स्तर पर कपूर से निर्मित मलहम का इस्तेमाल छाती या सीने में बढ़ता ब्लड सर्कुलेशन या अन्य तरल के बढ़ते प्रवाह को सामान्य करने के तौर पर किया जाता है, इसके अलावा खाद्य उद्योग के विकास और इससे जुड़ी जनसँख्या एवं दवाई उद्योगों से कपूर की बढती मांग के कारण भी Camphor Tablet का बाजार तीव्र गति से आगे बढ़ रहा है। इसलिए कोई भी उद्यमी जो स्वयं का बिजनेस शुरू करने का विचार कर रहे हैं उनके लिए इस तरह के इस बिजनेस पर भी विचार करना उचित और लाभकारी हो सकता है।

Camphor tablet manufacturing
कपूर की गोलियाँ

बिक्री की संभाव्यता

जैसा की हम सब जानते हैं की जनसँख्या की दृष्टी से भारत एक विशाल देश है और यहाँ के लोग विभिन्न धर्मों का पालन करते हैं यहाँ पर विभिन्न भाषाएँ बोली जाती हैं और लोगों द्वारा अनेकों रीती रिवाजों का यथापूर्वक पालन किया जाता है।

भले ही भारत में निवासित लोगों में कितनी भी विविधताएँ क्यों न हो, लेकिन इन सब विविधताओं के बावजूद उनके जो एक बात समान है वह यह है की सभी धर्मों को मानने वाले लोग दैनिक आधार पर अपनी परम्पराओं और मान्यता के अनुसार धार्मिक गतिविधियों का अभ्यास करते हैं।

और इन धार्मिक गतिविधियों की यदि हम बात करें तो इन्हें करते समय लगभग सभी धर्मों के लोगों द्वारा अगरबत्ती, मोमबत्ती, कपूर की गोलियों में से किसी एक या फिर एक से अधिक का इस्तेमाल किया ही जाता है। कहने का आशय यह है की अगरबत्ती, मोमबत्ती इत्यादि की तरह Camphor Tablet को भी पूजा पाठ करते समय में इस्तेमाल में लाया जाता है, इसके अलावा इसे एयर फ्रेशनर और रोशनी करने के उद्देश्य से भी इस्तेमाल में लाया जाता है।

इसके अलावा कपूर के नए अनुप्रयोगों को लेकर रिसर्च और डेवलपमेंट का कार्य निरन्तर जारी है और चीन और भारत जैसी उभरती अर्थव्यवस्थाओं में इसके नए अनुप्रयोग इसकी मांग को कई गुना तक बढ़ा सकते हैं।

एक विश्वसनीय आंकड़े के मुताबिक सन 2016 में वैश्विक स्तर पर Camphor Tablet का कुल बाजार 93.9 मिलियन अमेरिकी डॉलर था और अंदाजा लगाया गया था की 2016-2022 तक 7.6% CAGR की दर से बढ़ने के फलस्वरूप 2022 तक यह 145.6 मिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुँच जाएगा।

कपूर की गोली के लाभ और अनुप्रयोग

कपूर की गोली के कुछ प्रमुख लाभ एवं अनुप्रयोग इस प्रकार से हैं।  

  • कपूर में दर्द और सूजन को कम करने का गुण समाहित होता है इसलिए Camphor Tablet यानिकी कपूर की गोली का इस्तेमाल चिकित्सा गुणों की एक विस्तृत श्रंखला के लिए किया जाता है। यह मांसपेशियों और सीने की जकड़न को कम करने के साथ साथ खांसी को भी कम करने में सहायक होता है।
  • कपूर की गोलियों का इस्तेमाल विभिन्न दवाओं के निर्माण में होने के कारण दवा उद्योग में इसकी मांग लगातार बढती जा रही है।
  • कपूर की गोलियों के बाजार को बढ़ावा देने में इनका धार्मिक अनुष्ठानों में होने वाला उपयोग भी शामिल है धार्मिक अनुष्ठानों में इसके उपयोग के पीछे मान्यता इसकी पवित्रता है इसलिए भगवान् का धन्यवाद करने के लिए लोग इसे पूजा पाठ सामग्री के तौर पर इस्तेमाल में लाते हैं।
  • Camphor Tablet का इस्तेमाल कृषि कार्यों में भी कीट पतंगों को फसलों इत्यादि से दूर रखने के लिए भी किया जाता है। कृषि में इसका इस्तेमाल विकर्षक के तौर पर भी किया जाता है और घरेलु उपयोग के तौर पर भी इसका इस्तेमाल होता है।
  • कपूर की गोलियों का इस्तेमाल त्वचा देखभाल के उत्पादों के तौर पर भी किया जाता है क्योंकि त्वचा से मुहांसे और फुंसियों को कम करने में भी सहायक होता है। यही कारण है की केमिकल इंडस्ट्री में भी इसका इस्तेमाल होता है।
  • Camphor Tablet का इस्तेमाल खाद्य उद्योग में भी देखा गया है क्योंकि यूरोप में मीठे व्यंजनों की तैयारी के लिए कपूर का इस्तेमाल किया जाता है और अरबवासियों की रसोई में यह एक आवश्यक घटक है। जहाँ तक भारत की बात है इसका इस्तेमाल कुछ मीठे व्यंजनों में खुशबु के तौर पर इस्तेमाल में लाया जाता है। 

कपूर की गोलियां बनाने का व्यवसाय कैसे शुरू करें? (How to Start Camphor Tablet Manufacturing):

कपूर की गोलियां बनाने का व्यवसाय ऐसे इच्छुक उद्यमी के लिए शुरू करना बेहद लाभकारी एवं फायदेमंद हो सकता है। जो खुद का व्यवसाय शुरू करने के लिए जूनून रखता है लेकिन उसके पास निवेश करने के लिए बहुत अधिक पैसा नहीं है। और वह किसी ऐसे व्यवसाय की तलाश में है जिसे 2-3 लाख रुपयों का या फिर इससे भी कम निवेश करके आसानी से शुरू किया जा सके।

वह इसलिए क्योंकि Camphor Tablet Manufacturing Business शुरू करने के लिए उद्यमी को न ही बहुत महंगी मशीन खरीदने की आवश्यकता होती है और न ही बहुत अधिक जगह की आवश्यकता और शुरूआती दौर में उद्यमी अपनी क्षमतानुसार 3-4 कर्मचारियों को नियुक्त करके भी इस तरह का यह बिजनेस शुरू कर सकता है। आइये जानते हैं की कैसे कोई इच्छुक व्यक्ति खुद का कपूर की गोलियां बनाने का बिजनेस शुरू कर सकता है।

1. जगह या दुकान का प्रबंध

चूँकि यह व्यवसाय किसी वस्तु के निर्माण से जुड़ा हुआ बिजनेस है इसलिए भले ही उद्यमी को बहुत बड़ी जगह की आवश्यकता न हो लेकिन छोटे स्तर पर भी इस तरह का यह व्यवसाय शुरू करने के लिए उद्यमी को 300-400 Square Feet जगह की आवश्यकता हो ही सकती है। इसलिए यदि उद्यमी के पास स्वयं की किसी ऐसी लोकेशन पर गैर कृषि योग्य भूमि हो, जहाँ पर सड़क, बिजली, पानी और कर्मचारियों की उपलब्धता हो वह वही पर अपनी फैक्ट्री स्थापित करने के लिए निर्माण कार्य शुरू करवा सकता है।

लेकिन यदि ऐसा नहीं है तो उद्यमी को अपने बजट के मुताबिक इस कार्य के लिए जगह किराये पर लेनी चाहिए। यदि Camphor Tablet Manufacturing  इकाई शुरू करने के लिए उद्यमी सस्ते किराये की तलाश में है तो वह रिहायशी या स्थानीय बाजार के इलाके से कहीं दूर भी इस तरह के काम के लिए बिल्डिंग किराये पर ले सकता है। जगह या बिल्डिंग किराये पर लेते वक्त रेंट एग्रीमेंट या लीज एग्रीमेंट अवश्य बनवा लें क्योंकि इस दस्तावेज को व्यवसायिक पता प्रमाण के तौर पर इस्तेमाल में लाया जा सकता है ।      

2. आवश्यक लाइसेंस और पंजीकरण

उद्यमी चाहे तो अपने Camphor Tablet व्यवसाय को प्रोप्राइटरशिप के तौर पर रजिस्टर करवाकर बिलिंग और इनवॉइस जनरेट करने के लिए जीएसटी रजिस्ट्रेशन भी करवा सकता है। टैक्स रजिस्ट्रेशन के अलावा उद्यमी को अपने व्यवसाय के नाम से चालू बैंक खाता खुलवाने की भी आवश्यकता हो सकती है। हालांकि इसके इस्तेमाल को देखते हुए कॉस्मेटिक रजिस्ट्रेशन और फ़ूड रजिस्ट्रेशन की भी संभावना बनती है लेकिन यह जानकारी उद्यमी अपने नजदीकी जिला उद्योग केंद्र से भी प्राप्त कर सकता है।

इसके अलावा उद्यमी को स्थानीय प्राधिकरण जैसे नगर निगम , नगर पालिका से ट्रेड लाइसेंस की भी आवश्यकता हो सकती है एमएसएमई सेक्टर के तौर पर अपने उद्यम को पहचान दिलाने के लिए उद्यमी को उद्योग आधार रजिस्ट्रेशन की भी आवश्यकता हो सकती है।     

3. आवश्यक मशीन और कच्चा माल

Camphor Tablet Manufacturing व्यवसाय में इस्तेमाल में लायी जाने वाली वर्तमान में लगभग तीन प्रकार की मशीन उपलब्ध हैं इनकी कार्य क्षमता के आधार पर इनकी कीमतें अलग अलग हो सकती है इसलिए उद्यमी अपने खर्च करने की क्षमता और व्यवसायिक योजना के आधार पर तीनों में से कोई भी मशीन खरीद सकता है।

  1. 5 डाई कपूर मेकिंग मशीन जिसकी क्षमता एक घंटे में लगभग 6-8 किलो तक उत्पादन करने की होती है इसकी कीमत लगभग 60-70 हज़ार रूपये हो सकती है ।
  2. 10-12 डाई कपूर मेकिंग मशीन जिसकी प्रति घंटा उत्पादन क्षमता 12-15 किलो होगी इसकी कीमत 90हज़ार से 1लाख रूपये हो सकती है।
  3. 20 डाई कपूर मेकिंग मशीन जिसकी प्रति घंटा उत्पादन क्षमता 20-25 किलो होगी इसकी कीमत 1.5  लाख रूपये तक हो सकती है।    

इनमें से कोई एक मशीन के अलावा उद्यमी को एक पैकेजिंग मशीन भी खरीदने की आवश्यकता होती है शुरूआती दौर में मैन्युअल पैकिंग मशीन खरीदना ही Camphor Tablet Manufacturing Business करने वाले उद्यमी के लिए उचित रहेगा। इस व्यवसाय में इस्तेमाल में लाये जाने वाले कच्चे माल की लिस्ट कुछ इस प्रकार से है।

  • कैम्फर पाउडर
  • हेक्सामिन
  • सोडियम
  • वैक्स
  • पैकिंग सामग्री  

4. निर्माण कार्य शुरू (Start Camphor Tablet Manufacturing):

Camphor Tablet Manufacturing प्रक्रिया शुरू करने से पहले सभी आवश्यक कच्चे माल को खरीदकर स्टोर में भंडारित करने के लिए रख दिया जाता है। उसके बाद इस प्रक्रिया में आवश्यक कच्चे माल को स्टोर से निकालकर प्लांट में लाया जाता है और कैम्फर पाउडर और हेक्सामाइन को आवश्यक अनुपातिक मात्रा में लेकर मैन्युअली तौर पर मिला लिया जाता है।

उसके बाद इस मिश्रण को कैम्फर मेकिंग मशीन के हॉपर में डाला जाता है जिससे कपूर टेबलेट बनाने वाली मशीन में लगे विशिष्ट डाई की मदद से मशीन में ही Camphor Tablet यानिकी कपूर की गोलियां निर्मित हो जाती हैं। जब कपूर की गोलियों का निर्माण हो जाता है तो इन्हें पैकेजिंग मशीन की मदद से विभिन्न पैकिंग में पैक कर लिया जाता है। और पैकिंग के बाद इन्हें बाजार में बेचने के लिए भेज दिया जाता है। 

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