बॉडी लोशन निर्माण बिजनेस। Body Lotion Manufacturing Business in Hindi.

Body Lotion के इस्तेमाल से शायद सभी लोग अच्छी तरह से अवगत हैं हालांकि जहाँ पहले इस तरह के उत्पादों का चलन केवल शहरों तक ही सिमित था, वर्तमान में विभिन्न तरह के सौन्दर्य उत्पाद ग्रामीण भारत की युवक – युवतियों, महिला – पुरुष सभी के बीच खासे लोकप्रिय हैं। एफएमसीजी उत्पादों में सौन्दर्य प्रसाधनों या कॉस्मेटिक उत्पादों का भी अग्रणी स्थान है क्योंकि इन्हें भी हर घर में बड़े पैमाने पर इस्तेमाल में लाया जाता है। भले ही नैतिक शिक्षा हमें यही उपदेश देती हो की शारीरिक सुन्दरता का महत्व मन की सुन्दरता से बेहद कम है।

लेकिन वर्तमान दुनिया की हकीकत क्या है इस बात से शायद आप सभी अच्छी तरह से अवगत हैं। तन को सुन्दर बनाने के लिए मनुष्य को Body Lotion नामक इस उत्पाद की आवश्यकता पड़ती रहती है। वैसे देखा जाय तो अपने तन को सुन्दर बनाने की चाहत तो हर मनुष्य चाहे वह स्त्री हो या पुरुष दोनों में रहती है लेकिन सौन्दर्य प्रसाधनों के प्रमुख ग्राहकों में किशोर वर्ग, युवा वर्ग और महिला वर्ग शामिल है।

यही कारण है की भारत जैसे जनाधिक्य वाले देश में अनेकों मल्टीनेशनल कम्पनियां एफएमसीजी उत्पादों में बिजनेस में प्रवेश करके लाभ कमाई करने की ओर प्रयासरत हैं। Body Lotion भी एक ऐसा ही उत्पाद है जिसकी आवश्यकता आज के समय में हर किशोर, युवा वह भी खास तौर पर महिला वर्ग को सबसे अधिक है। ऐसे में बॉडी लोशन निर्माण बिजनेस भी एक लाभकारी बिजनेस हो सकता है लेकिन इससे पहले की हम इसे शुरू करने की प्रक्रिया के बारे में बात करें, आइये जानते हैं की यह होता क्या है?

Body Lotion Manufacturing Business

बॉडी लोशन क्या है? (What is Body Lotion in Hindi):

Body Lotion की यदि हम बात करें तो यह एक कम चिपचिपापन वाला एक टॉपिकल प्रिपरेशन है जिसे त्वचा को सुन्दर एवं स्वस्थ बनाने के लिए इस्तेमाल में लाया जाता है। इसके अलावा क्रीम और जैल की यदि हम बात करें तो इनमें पानी की सामग्री कम होने के कारण अधिक चिपचिपापन होता है। बॉडी लोशन को बाहरी त्वचा पर नंगे हाथों या अँगुलियों से, ब्रश के माध्यम से, साफ़ कपड़े से या फिर रुई के फाहे के माध्यम से अप्लाई किया जा सकता है। लोशन का इस्तेमाल मेडिसिन डिलीवरी सिस्टम के तौर पर भी किया जा सकता है लोशन कई प्रकार के जैसे हैण्ड लोशन, बॉडी लोशन इत्यादि हो सकते हैं जिनका उद्देश्य त्वचा को चिकना, मॉइस्चराइज करना, नरम करना और त्वचा में खुशबु या सुगंध पैदा करना होता है।

बॉडी लोशन के प्रकार

Body Lotion भी मनुष्य की त्वचा के प्रकार के आधार पर अलग अलग हो सकता है क्योंकि यदि किसी की ड्राई स्किन है तो उस पर अलग बॉडी लोशन काम करेगा जबकि ऑयली स्किन पर लग तरह का बॉडी लोशन काम करेगा। इसलिए लोगों की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए बाजार में अनेकों तरह के बॉडी लोशन उपलब्ध हैं जिनमे से कुछ प्रमुख प्रकार इस तरह से है ।

ड्राई स्किन केयर बॉडी लोशन: इस प्रकार के लोशन को वे लोग खरीदते हैं जिनकी त्वचा ड्राई हो।

सॉफ्ट स्किन केयर बॉडी लोशन : इस प्रकार के लोशन का इस्तेमाल आम तौर पर ऑयली स्किन वाले और मुलायम त्वचा वाले लोगों द्वारा किया जाता है।

जनरल पर्पज बॉडी लोशन: इस तरह के लोशन का इस्तेमाल कोई भी त्वचा वाला व्यक्ति कर सकता है इसलिए हमारा यह लेख इसी Body Lotion पर आधारित है।

लाभ और बिक्री संभावना

वर्ष 2011 की यदि हम बात करें तो उस समय Body Lotion इंडियन स्किन केयर मार्किट में थोड़ा सा ही हिस्सा रखता था। क्योंकि उस समय इंडियन स्किन केयर मार्किट में इसकी पैठ केवल 16% थी लेकिन यह तेज गति से आगे बढ़ रहा था। इसलिए उस समय उद्यमियों के पास इस उत्पाद के बाजार में कूदने का अच्छा समय था और बहुत सारे इच्छुक उद्यमियों ने यह आदर्श निर्णय लिया भी था। आज वे लोग अपने उस निर्णय से बेहद प्रसन्न नज़र आते हैं क्योंकि विभिन्न त्वचा देखभाल कारणों के चलते बॉडी लोशन की मांग में काफी वृद्धि देखी गई।

ग्राहकों या लोगों के बीच त्वचा की स्वच्छता और सुन्दरता के प्रति बढती जागरूकता के कारण वैश्विक बॉडी लोशन बाजार भी काफी विकास का अनुभव कर रहा है। चूँकि General Type Body Lotion का इस्तेमाल शुष्क, तैलीय और सामान्य त्वचा के लिए भी किया जा सकता है इसलिए इसकी बिक्री की संभावना अधिक है। एक विश्वसनीय आंकड़े के मुताबिक वित्तीय वर्ष 2020 में दक्षिण एशियाई देशों में लगभग दो सौ मीट्रिक टन से अधिक क्रीम और लोशन का निर्माण किया गया था। जो लोग बॉडी लोशन का नियमित तौर पर इस्तेमाल करते हैं उन्हें यह कई लाभ प्रदान करता है जिनमें से कुछ की लिस्ट इस प्रकार से है।

  • यह त्वचा पर उत्पन्न अतिरिक्त सूखे या खुरदुरे धब्बों को दबाने में मदद करता है।
  • यह शुष्क त्वचा को रीहाइड्रेट करता है।
  • यह शरीर के खुरदरे हिस्सों को कम करता है।
  • ठण्ड के मौसम में यह शरीर को गरम रखने में सहायक होता है।
  • इसका इस्तेमाल होंठों को फटने से बचाने, होंठों को फटने से बचाने और त्वचा को फटने से बचाने के लिए भी किया जाता है।     

बॉडी लोशन निर्माण बिजनेस कैसे शुरू करें? (How to Start a Body Lotion Manufacturing Business):

Body Lotion Manufacturing Business शुरू करने के लिए उद्यमी को ऑइंटमेंट मैन्युफैक्चरिंग प्लांट स्थापित करने की आवश्यकता होगी एक आंकड़े के मुताबिक 100 किलो जीएमपी मॉडल का ऑइंटमेंट मैन्युफैक्चरिंग प्लांट स्थापित करने में 18-20 लाख रूपये तक का खर्चा आ सकता है। हालांकि कम क्षमता वाला प्लांट स्थापित करने में खर्चा भी कम होने की संभावना है। इसके अलावा इस तरह का बिजनेस शुरू करने के लिए भी सारी प्रक्रियाएं जैसे जमीन और बिल्डिंग का प्रबंध, वित्त का प्रबंध, लाइसेंस और पंजीकरण, मशीनरी और कच्चे माल की खरीदारी, आवश्यक कर्मचारियों की नियुक्ति इत्यादि भी सभी प्रक्रियाएं पूर्ण करने की आवश्यकता होती है। आइये जानते हैं की कैसे कोई इच्छुक व्यक्ति खुद का बॉडी लोशन विनिर्माण बिजनेस शुरू कर सकता है।

1. जमीन और बिल्डिंग का प्रबंध

औद्योगिक सेटअप करने के लिए उद्यमी को विनिर्माण स्थल के लिए जगह, इन्वेंटरी रूम या स्टोर रूम बनाने के लिए जगह, बिजली आपूर्ति उपयोगकर्ताओं के लिए जगह और एक छोटा सा ऑफिस स्थापित करने के लिए भी जगह की आवश्यकता होती है। इस प्रकार से देखा जाय तो उद्यमी को 1200 से 1500 Square Feet जगह की आवश्यकता हो सकती है। हालांकि इसमें यह जरुरी नहीं है की उद्यमी किस पॉश इलाके या महंगे एरिया में ही जगह का प्रबंध करे बल्कि जहाँ भी बिजली, पानी, सड़क, कर्मचारियों की आसान उपलब्धता हो उद्यमी वहीँ पर इस कार्य के लिए जगह और बिल्डिंग का प्रबंध कर सकता है।

यदि उद्यमी के पास खुद की कोई गैर कृषि योग्य भूमि उपयुक्त लोकेशन पर उपलब्ध हो तो उद्यमी वहीँ पर कंस्ट्रक्शन कार्य शुरू करवाकर फ्लोर प्लान के मुताबिक Body Lotion Plant की स्थापना कर सकता है। अन्यथा बनी बनाई बिल्डिंग किराये पर लेना सही विकल्प है।   

2. वित्त का प्रबंध (Fund Arrangement for Body Lotion Manufacturing):

वित्त का प्रबंध करने से पहले उद्यमी को यह बात ज्ञात होनी चाहिए की उसे मशीनरी और उपकरणों को खरीदने में कितना खर्चा करने की आवश्यकता होगी, कच्चा माल खरीदने में कितना खर्चा होगा, भूमि अधिग्रहण और कंस्ट्रक्शन में कितना खर्चा होगा, ऑफिस इत्यादि के लिए फर्नीचर कंप्यूटर इत्यादि खरीदने में कितना खर्चा होगा और कर्मचारियों की तनख्वाह देने में कितना खर्चा होगा । कहने का आशय यह है की Body Lotion Manufacturing Business करने वाला उद्यमी तभी उचित मात्रा में वित्त का प्रबंध कर पायेगा जब वह यह जान पायेगा की उसके व्यवसाय को शुरू करने में आने वाली स्थिर और कार्यशील लागत को मिलाकर कुल लागत क्या है।

इसलिए उद्यमी को वित्त का प्रबंध करने से पहले प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनानी चाहिए और फिर उसी के अनुसार सरकारी योजनाओं के तहत सब्सिडी ऋण, बैंक ऋण या फिर व्यक्तिगत बचत से वित्त का प्रबंध करना चाहिए। 

3. लाइसेंस और पंजीकरण

Body Lotion Manufacturing Business शुरू करने के लिए निम्नलिखित लाइसेंस और पंजीकरणों की आवश्यकता हो सकती है।

  • रजिस्ट्रार ऑफ़ कंपनीज में रजिस्ट्रेशन
  • जीएसटी रजिस्ट्रेशन
  • फैक्ट्री लाइसेंस और ट्रेड लाइसेंस
  • कॉस्मेटिक और ड्रग कण्ट्रोल बोर्ड से लाइसेंस
  • पोल्यूशन और फायर डिपार्टमेंट से एनओसी
  • उद्यम रजिस्ट्रेशन या एमएसएमई रजिस्ट्रेशन
  • ब्रांड नाम का चयन और ट्रेडमार्क रजिस्ट्रेशन

4. मशीनरी और कच्चा माल

Body Lotion Manufacturing Business शुरू करने के लिए मशीनरी के तौर पर उद्यमी कोऑइंटमेंट मैन्युफैक्चरिंग प्लांट स्थापित करने की आवश्यकता होती है हालांकि यह उद्यमी की योजना के आधार पर अलग अलग क्षमता का हो सकता है। ऑइंटमेंट प्लांट के अलावा अन्य सह मशीन और उपकरणों की भी आवश्यकता हो सकती है इस व्यवसाय में इस्तेमाल में लायी जाने वाली कच्चे माल की लिस्ट निम्नवत है।

  • विभिन्न पानी जैसे एलोय वाटर, रोज वाटर, ग्लिसरीन इत्यादि।
  • विभिन्न प्रकार का तेल जैसे स्वीट आलमंड आयल, मिनरल आयल, ओलिव आयल, सनफ्लावर आयल, पाम आयल, एलॉय बटर इत्यादि।  
  • एम्युलीफाईजिंग वैक्स
  • स्टीयरिक एसिड
  • प्रीजरवेटिव और फ्रेग्रेन्स

5. बॉडी लोशन निर्माण (Start Body Lotion Manufacturing):   

अधिकृत विक्रेता से सभी कच्चे माल खरीद लिए जाते हैं और इन्हें स्टोर रूम में संग्रहित करके रख दिया जाता है। उसके बाद Body Lotion Manufacturing Business शुरू करने के लिए आवश्यक कच्चे माल को उत्पादन की आवश्यकता के अनुसार स्टोर रूम में निकालकर संयत्र में लाया जाता है। उसके बाद मापी गई मात्रा को फीड कण्ट्रोल सिस्टम का इस्तेमाल करके मिक्सर में डाला जाता है इस प्रक्रिया के दौरान विभिन्न सेंसर जैसे लोड सेल और फ्लो मीटर इत्यादि का भी इस्तेमाल किया जाता है। उसके बाद कच्चे माल को उनके आवश्यक अनुक्रम के अनुसार मिलाया जाता है और इन्हें पहले से निश्चित एक समय तक मिक्स्ड किया जाता है। इस प्रक्रिया के दौरान मिक्सर वेसल के वाटर जैकेट के माध्यम से तापमान को बनाये रखा जाता है जब यह उत्पाद तैयार हो जाता है तो इसे फिलिंग मशीन के होल्डिंग टैंक में पम्प किया जाता है । जहाँ इसे फिलिंग मशीन के माध्यम से खाली ट्यूबो में भरा जाता है जिनके तले को क्रिम्पिंग मशीन के माध्यम से क्रिम्प कर दिया जाता है। 

अन्य लेख भी पढ़ें

Leave a Reply

error: Content is protected !!