बिंदी बनाने का बिजनेस कैसे शुरू करें? Bindi Manufacturing Business Plan in Hindi.

Bindi Manufacturing की अदि हम बात करें तो इस तरह के व्यवसाय को कोई भी वह व्यक्ति शुरू कर सकता है जो दस लाख लागत के अंतर्गत कोई विनिर्माण बिजनेस शुरू करने की इच्छा रखता हो। बिंदी से तो आप सभी अच्छी तरह से अवगत होंगे जी हाँ भारत में बिंदी महिलाओं के माथे का ताज होती हैं कहने का आशय यह है की बिंदी भी भारत में महिलाओं के साजो श्रृंगार की ही एक वस्तु है जिसका इस्तेमाल महिलाएं अपनी ज्वेलरी, कपड़े इत्यादि कलर कॉम्बिनेशन के तहत करती हैं। अर्थात महिलाओं द्वारा बिंदी के रंग का चुनाव भी अपने कपड़ों और ज्वेलरी को ध्यान में रखकर किया जाता है इसलिए इसमें कोई दो राय नहीं की किसी एक महिला के पास सिर्फ एक रंग की बिंदी के पैकेट ही नहीं, अपितु कई रंगों एवं डिजाईन के बिंदी के पैकेट देखने को मिल जायेंगे। Bindi Manufacturing Business करने वाले उद्यमी इनकी माँग के मुताबिक इन्हें अनेकों साइज़, रंग और डिजाईन में तैयार करते हैं। इस व्यवसाय को शुरू करने का एक फायदा यह भी है की महिलाएं अपने साजो श्रृंगार के सामान में खर्च करने में कोई कमी नहीं बरतती हैं और बिंदी इसी साजो श्रृंगार के सामान का हिस्सा है। इसलिए यदि कोई इच्छुक व्यक्ति खुद कम लागत के साथ कोई विनिर्माण बिजनेस शुरू करना चाहता है तो Bindi Manufacturing Business उसके लिए एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है। इससे पहले की हम इस विषय पर विस्तार से बात करें आइये जानते हैं की बिंदी विनिर्माण व्यवसाय होता क्या है?

Bindi Manufacturing Business hindi

बिंदी विनिर्माण व्यवसाय क्या है (What is Bindi Manufacturing Business):

भारतीय उपमहाद्वीप की संस्कृति में सुन्दर साड़ी, गहनों इत्यादि का बेहद अहम् स्थान है जी हाँ भारतीय महिलाओं द्वारा किये जाने वाले शारीरिक श्रृंगार में बिंदी भी एक अहम् वस्तु है जिसे माथे पर भौंहों के बीच लगाकर भारतीय नारी की सुन्दरता पर चार चाँद लग जाते हैं। बिंदी नामक यह शब्द संस्कृत के शब्द बिंदु से उत्पन्न हुआ है जिसका अर्थ कोई कण या फिर बूँद से लगाया जा सकता है। लेकिन चूँकि भारत में एक नहीं बल्कि अनेकों भाषाएँ बोली जाती हैं इसलिए बिंदी को भी यहाँ अनेकों नामों जैसे कुमकुम, सिंदूर, टीप, टिकली और बोटू इत्यादि के नाम से भी जाना जाता है। Bindi Manufacturing Process की यदि हम बात करें तो यह बेहद सरल और आसान प्रक्रिया है और चूँकि इन्हें महिलाओं द्वारा साजो श्रृंगार के सामान के तौर पर इस्तेमाल में लाया जाता है इसलिए इन्हें अधिक मार्केटिंग की भी आवश्यकता नहीं होती, और इनसे अच्छा लाभ भी प्राप्त किया जा सकता है। वर्तमान में तरह तरह की डिजाईन की हुई बिंदियाँ बाजार में उपलब्ध हैं बिंदी को यदि हम परिभाषित करने की कोशिश करें तो हम पाएंगे की बिंदी मखमल के कपड़े से बना हुआ चिपकने वाला एक छोटा सा टुकड़ा है। और इसे ग्रामीण एवं शहरी दोनों महिलाओं द्वारा इस्तेमाल में लाया जाता है ।

बिंदी निर्माण बिजनेस कैसे शुरू करें? (How to Start Bindi Manufacturing Business):  

चाहे Bindi Manufacturing Business हो या फिर कोई अन्य विनिर्माण बिजनेस जिसे उद्यमी शुरू करना चाहता है उसके प्रति उद्यमी के दिमाग में सबसे पहला प्रश्न यही आता है की उसे शुरू करने में कौन कौन सी मशीनरी इस्तेमाल में लायी जाएगी और उस मशीनरी की कीमत क्या होगी? क्योंकि कोई भी विनिर्माण बिजनेस शुरू करने के लिए मशीनरी और उपकरण प्रमुख संसाधन होते हैं और कुल लागत का एक बड़ा हिस्सा इन पर खर्च करने की आवश्यकता होती है। लेकिन जब बात बिंदी विनिर्माण बिजनेस की हो रही हो तो इस तरह के उत्पाद बनाने वाली मशीन बड़ी सस्ते दामों में बाजार में उपलब्ध हैं। इसलिए इस तरह के व्यवसाय को शुरू करने में उद्यमी को अन्य व्यवसायों की तुलना में कम खर्च करने की आवश्यकता होती है। हालांकि इस तरह के व्यवसाय को शुरू करने के लिए भी उद्यमी को जमीन और बिल्डिंग का प्रबंध, वित्त का प्रबंध, लाइसेंस और पंजीकरण का प्रबंध, कर्मचारियों का प्रबंध, मशीनरी और उपकरणों का प्रबंध करने की आवश्यकता होती है। तो आइये जानते हैं की कैसे कोई इच्छुक व्यक्ति खुद का Bindi Manufacturing Business शुरू कर सकता है।

1. जमीन और बिल्डिंग का प्रबंध करें

Bindi Manufacturing Business शुरू करने के लिए उद्यमी को बहुत अधिक जमीन की आवश्यकता तो होती नहीं है क्योंकि इस काम में इस्तेमाल में लायी जाने वाली मशीनरी और उपकरण को इंस्टाल करने के लिए और उनसे काम निकलवाने के लिए बहुत बड़ी जगह की आवश्यकता नहीं होती है। वैसे देखा जाय तो उद्यमी को विनिर्माण स्थल के अलावा, स्टोर रूम, बिजली उपयोगिताओं के लिए जगह, ऑफिस के लिए जगह इत्यादि की भी आवश्यकता हो सकती है। इस प्रकार से देखें तो इस तरह का यह व्यवसाय शुरू करने के लिए 400-500 Square Feet जगह पर्याप्त रहेगी। यदि उद्यमी के पास स्वयं की कोई गैर कृषि योग्य भूमि है तो ठीक है अन्यथा उद्यमी को कोई बनी बनाई बिल्डिंग किराये पर लेकर ही इस तरह का यह बिजनेस शुरू करना चाहिए। चूँकि इस तरह की यह इकाई किसी प्रकार के प्रदूषण का उत्सर्जन नहीं करती है इसलिए उद्यमी चाहे तो इसे किसी स्थानीय बाजार में दुकान इत्यादि किराये पर लेकर भी शुरू कर सकता है।      

2. वित्त का प्रबंध करें (Fund Arrange for Bindi Manufacturing Business):

Bindi Manufacturing Business को शुरू करने में उद्यमी को दस लाख रुपयों से कम लागत की ही आवश्यकता होगी लेकिन फिर भी उद्यमी को अपनी व्यवसायिक योजना के मुताबिक लागत का अनुमानित पता लगाने के लिए प्रोजेक्ट रिपोर्ट अवश्य तैयार करनी चाहिए। प्रोजेक्ट रिपोर्ट उद्यमी को अनुमानित लागत एवं अनुमानित कमाई के आंकड़े जानने में तो मदद करेगी ही, साथ में यदि उद्यमी को बैंक ऋण इत्यादि की आवश्यकता पड़ती है तो प्रोजेक्ट रिपोर्ट ऋण लेने में भी मददगार सिद्ध हो सकती है। वैसे इस छोटी सी व्यवसायिक योजना को शुरू करने में आने वाली लागत की पूर्ति उद्यमी अपनी व्यक्तिगत बचत के माध्यम से भी कर सकता है लेकिन यदि यह संभव न हो तो उद्यमी बैंक ऋण, सरकारी योजनाओं के तहत सब्सिडी ऋण इत्यादि विकल्पों की ओर भी जा सकता है।    

3. लाइसेंस और पंजीकरण लें

छोटे स्तर पर इस तरह का यह व्यवसाय शुरू करने के लिए शायद ही किसी लाइसेंस और पंजीकरण की अनिवार्यता होगी। लेकिन Bindi Manufacturing Business शुरू करने वाला उद्यमी चाहे तो अपने व्यवसाय को प्रोप्राइटरशिप के तौर पर रजिस्टर कर सकता है और बिलिंग और इनवॉइस के लिए जीएसटी रजिस्ट्रेशन भी करा सकता है। यदि उद्यमी स्वयं के ब्रांड के तहत बिंदी बेचने की योजना बना रहा है तो उसे ट्रेडमार्क रजिस्ट्रेशन करने की भी आवश्यकता हो सकती है।   

4. मशीनरी और उपकरण खरीदें

मशीनरी उपकरण और कच्चा माल खरीदने से पहले उद्यमी को किसी अच्छे सप्लायर का चुनाव करना चाहिए इसके लिए उद्यमी चाहे तो विभिन्न सप्लायर से कोटेशन मंगाकर उनका तुलनात्मक विश्लेषण कर सकता है। और उसके बाद इस बात का निर्णय ले सकता है की उसके व्यवसाय के लिए कौन सा सप्लायर उचित रहेगा। Bindi Manufacturing Business में इस्तेमाल में लाये जाने वाले मशीनरी की लिस्ट कुछ इस प्रकार से है।

  • बिंदी कटिंग मशीन
  • डाई
  • इलेक्ट्रिक मोटर

इस्तेमाल में लाये जाने वाले कच्चे माल की लिस्ट कुछ इस प्रकार से है।

  • वेलवेट क्लॉथ
  • चिपकाने वाला पदार्थ
  • डेकोरेटिव आइटम और अन्य सामग्री      

5. बिंदी बनाने का कार्य शुरू करें (Start Bindi Manufacturing Process):

जहाँ तक Bindi Manufacturing Business में इस्तेमाल में लाये जाने वाले कच्चे माल की बात है इसमें मुख्य कच्चा माल मखमल का कपड़ा है। इस कपड़े के अलावा अन्य कच्चा माल सजावटी सामान जैसे पत्थर, मोती, चिपकाने वाले पदार्थ इत्यादि हैं। बिंदी की बेचे जाने वाली कीमत इस बात पर निर्भर करती है की उसे बनाने के लिए कौन सी सामग्री इस्तेमाल में लायी गई है। इसके अलावा उद्यमी चाहे तो कस्टमाइज बिंदियों का भी निर्माण कर सकता है जिन्हें महिलाएं कुछ खास अवसरों जैसे अंगूठी की रस्म, शादी इत्यादि में लगाती हैं। सबसे पहले डेकोरेटिव कलर शीट को पंच कर दिया जाता है और उसके बाद उन पर ब्रश रोल के माध्यम से गोंद अप्लाई की जाती है। चिपकाने वाले पदार्थ को सुखाने के लिए इन्हें एक गरम हवा के चैम्बर से होकर गुज़ारा जाता है। उसके बाद पंचिंग मशीन का इस्तेमाल करके बिंदी के उचित आकार के लिए मखमल के कपड़े या शीट को पंच किया जाता है उसके बाद इन बिंदी को डेकोरेटिव पेपर पर अटेच कर दिया जाता है और छोटे प्रिंटेड फोल्डर में इन्हें पैक कर दिया जाता है।   

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