बर्तन तो मनुष्य सैकड़ों वर्षों से इस्तेमाल करते आया है, इसलिए बर्तन की दुकान नामक यह व्यवसाय काफी पुराना और पारम्परिक व्यवसायों में गिना जाता है। हाँ इतना जरुर हो सकता है की जिस धातु या अन्य वस्तु का इस्तेमाल हमारे पूर्वज बर्तन बनाने के लिए करते थे। आज उसमें कई अन्य धातुएँ, वस्तुएँ भी जुड़ गई होंगी।

जैसे जैसे लोगों की जीवनशैली और रहन सहन, खान पान में परिवर्तन होता है, वैसे वैसे उनके द्वारा इस्तेमाल में लाये जाने वाले वस्तुओं इत्यादि में भी परिवर्तन होता रहता है। लेकिन बर्तन की दुकान का सीधा सम्बन्ध भोजन और पानी से है, जो किसी भी जीव के जिन्दा रहने के लिए जरुरी है।

बर्तनों की मदद से ही हम भोजन पकाने में सक्षम हो पाते हैं, और अपनी जरुरत का पानी भी हम इन्हीं बर्तनों में भर कर रखते हैं। बर्तनों की मदद से ही हम खाना खा पाते हैं, खाने को विभाजित कर पाते हैं। बर्तन ही हैं, जो हमें भोजन पकाने से लेकर उसे खाने तक और पानी भरने से लेकर उसे पीने तक में मदद करते हैं।

यद्यपि बिना बर्तनों की मदद से भी हम खा और पी तो सकते हैं, लेकिन बर्तनों की मदद से हम आसानी और सुव्यवस्थित ढंग से खाने और पीने में सक्षम हो पाते हैं। शायद जब पहले बर्तनों की खोज नहीं हुई होगी, तब मनुष्य पत्तों पर खाना परोसकर भोजन करते थे। और पानी पीने के लिए भी प्राकृतिक रूप से जनित नारियल के खोल का इस्तेमाल करते थे।

बर्तन की दुकान
बर्तन की दुकान में रखे बर्तन

लेकिन वर्तमान जीवनशैली में इन प्रकृति प्रदत्त संसाधनों का इस्तेमाल बर्तन के तौर पर यदि कोई करते भी हैं, तो सिर्फ इसलिए ताकि वे खाने – पीने का थोड़ा अनुभव प्राप्त कर सकें। आम तौर पर आज विभिन्न धातु, चीनी मिटटी, लकड़ी, शीशा  इत्यादि से निर्मित बर्तन ही हमारे रसोईघर की शोभा बढाते हैं।

और चूँकि बर्तनों की आवश्यकता लगभग हर घर में होती है, इसलिए यदि आप कोई ऐसा बिजनेस शुरू करने के बारे में विचार कर रहे हैं। जिसके टारगेट कस्टमर के बारे में आपको बहुत कुछ सोचना नहीं है, तो बर्तन की दुकान शुरू करना आपके लिए सही हो सकता है।

बर्तन की दुकान के बिजनेस के बारे में    

आम तौर पर बाज़ार में उपलब्ध एक ऐसी जगह जहाँ से आप कई तरह के बर्तन जैसे डिनर सेट, पतीले, गिलास, कटोरी, चम्मच, स्टील के ड्रम इत्यादि खरीद सकते हैं, उसे बर्तन की दुकान कहा जाता है। इस तरह का यह व्यवसाय शुरू करने के कई फायदे तो कई चुनौतियाँ भी हो सकती हैं। इसलिए खुद की बर्तन की दुकान शुरू करने से पहले आपको इस बिजनेस की मजबूती, कमजोरी इत्यादि के बारे में पता होना चाहिए, जिनकी लिस्ट कुछ इस प्रकार से है।

  • बर्तन की दुकान शुरू करने के लिए अन्य बिजनेस की तुलना में कम निवेश की आवश्यकता होती है।
  • इस तरह का यह व्यवसाय शुरू करने के लिए उद्यमी के पास कोई विशेष शिक्षा या जानकारी की भी आवश्यकता नहीं होती।
  • चूँकि यह मनुष्य की आधारभूत आवश्यकता भोजन से जुड़ा हुआ है, इसलिए इसकी माँग बाज़ारों में हमेशा बनी रहती है।
  • यद्यपि वातावरण में होने वाले बदलावों के चलते बर्तन ख़राब हो सकते हैं, इसलिए इन्हें वातावरण में होने वाले परिवर्तनों से बचाने की आवश्यकता होती है।
  • बर्तन की दुकान को ज़माने में और बढ़ाने में समय लगता है, और इसमें लाभ की कमाई भी धीमी होती है।
  • स्टेनलेस स्टील एवं अन्य धातुओं से निर्मित बर्तनों के थोक विक्रेता के रूप में काम करके कमाने के अच्छे अवसर उपलब्ध हैं। ऑनलाइन भी बर्तनों को बेचा जा सकता है।
  • हालांकि खुदरा बर्तन की दुकानों के लिए बड़ी बड़ी कंपनियों की फ्रैंचाइज़ी घाटे का एक कारण हो सकती है।

बर्तन की दुकान कैसे शुरू करें (Bartan ki Dukan Kaise Khole)

जिस तरह से तन पर कपड़े होना जरुरी है, ठीक उसी तरह से किसी रसोईघर में बर्तनों का होना भी जरुरी है। एक रसोईघर की शोभा उस रसोईघर में उपलब्ध बर्तनों से ही बढती है। यही कारण है की लोग हमेशा बर्तन खरीदते रहते हैं । बर्तन की दुकान शुरू करना भी उतना ही आसान है, जितना कोई अन्य दुकान शुरू करना, लेकिन यदि उद्यमी पहले से ही इसे अच्छी तैयारी और योजना बनाकर शुरू करे।

तो वह इसके असफल होने के जोखिम को कम कर सकता है । तो आइये जानते हैं की कैसे कोई इच्छुक व्यक्ति खुद की बर्तन की दुकान शुरू कर सकता है।     

प्रतिस्पर्धा का आकलन करें

आजकल शायद ही कोई ऐसा बिजनेस होगा, जिसमें प्रतिस्पर्धा न हो। इसलिए आप चाहें भारत के किसी भी कोने में अपनी बर्तन की दुकान शुरू करना चाहते हों। सबसे पहले आपको यही करना है, की जहाँ आप इस तरह का यह बिजनेस शुरू करना चाहते हैं, वहाँ पर प्रतिस्पर्धा कितनी है? इस बात का आकलन करना है।

प्रतिस्पर्धा का आकलन करने का सीधा सा तरीका यह है की उस एरिया में पहले से बर्तन की कितनी दुकानें हैं। क्योंकि यह तो तथ्य है की, जहाँ पर पहले से ही माँग से अधिक बर्तन की दुकानें हों, तो वहाँ पर आपके लिए वही बिजनेस सफलतापूर्वक चलाना आसान नहीं होगा।

जब आप उस एरिया विशेष में प्रतिस्पर्धा का आकलन कर लेते हैं, तो उसके बाद आपको उस प्रतिस्पर्धा के बीच अपनी दुकान को सफलतापूर्वक चलाने की योजना भी तैयार करनी होती है। यदि आपने ऐसा नहीं किया, तो बहुत जल्दी ऐसा हो सकता है की आपको अपनी बर्तन की दुकान बंद करनी पड़ जाय।       

लोकेशन का चयन और दुकान का प्रबंध करें

बर्तन की दुकान के लिए एक अच्छी लोकेशन का चुनाव करना बेहद जरुरी है। यद्यपि किसी भी बिजनेस के लिए अच्छी लोकेशन का चुनाव करने के कई तरीके हैं। लेकिन यहाँ पर आपको इस बात का ध्यान देना है की, आप अपने बिजनेस के लिए ऐसी जगह का चयन करें जो किसी रिहायशी कॉलोनी से लगती हो।

यदि आपने किसी इंडस्ट्रियल एरिया जहाँ पर केवल फैक्ट्रीयां ही फैक्ट्रीयां हैं वहां पर अपनी बर्तनों की दुकान खोली तो वह नहीं चलेगी। इसलिए लोकेशन रिहायशी इलाके से सटी हुई होनी चाहिए, ताकि वहाँ पर रहने वाले लोग जरुरत पड़ने पर आपकी दुकान से बर्तनों की खरीदारी कर सकें।

यद्यपि एक ऐसा एरिया जहाँ पर होटल एवं अन्य भोजनालयों की भरमार हो, वहां पर भी बर्तनों की दुकान चल सकती है। लेकिन वहाँ पर आपको होटल एवं भोजनालयों की आवश्यकता के अनुरूप ही बर्तनों को अपनी दुकान का हिस्सा बनाना होगा।

क्योंकि आम तौर पर घरों में इस्तेमाल लाये जाने वाले और कमर्शियल तौर पर इस्तेमाल लाये जाने वाले बर्तनों में काफी अंतर होता है। यह अंतर गैस के चूल्हे से ही शुरू हो जाता है। शुरू में छोटी बर्तन की दुकान शुरू करने के लिए आपको काफी कम जगह की आवश्यकता होती है।

लेकिन दुकान मुख्य सड़क के किनारे होनी चाहिए, या फिर किसी ऐसी मार्किट में होनी चाहिए, जो लोगों के बीच बर्तनों की खरीदारी को लेकर प्रसिद्ध हो। और कुछ नहीं तो किसी स्थानीय मार्किट में तो होनी ही चाहिए।            

अनुमानित वित्त का प्रबंध करें

अनुमानित वित्त का प्रबंध करने से पहले, आपके लिए वित्त का व्यवहारिक अनुमान लगाना जरुरी हो जाता है। इसके लिए आप चाहें तो अपने बर्तन की दुकान की एक प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार कर सकते हैं। इसमें आप अपनी योजना के मुताबिक होने वाले खर्चों की लागत और उनसे होने वाली अनुमानित कमाई का भी विवरण दे सकते हैं।

जब आपको अपने बिजनेस में आने वाली अनुमानित लागत का पता चल जाता है, तो उसके बाद आपके लिए वित्त का प्रबंध करना आसान हो जाता है। चूँकि बर्तन की दुकान में बहुत अधिक लागत आने की संभावना नहीं होती है, जब तक की आप बड़े स्तर पर इसे शुरू न करें।

इसलिए इसके लिए आप अपनी बचत से और यदि पैसे कम पड़ रहे हों तो अपने पारिवारिक सदस्यों से, दोस्तों, सगे सम्बन्धियों से पैसे ऋण के तौर पर ले सकते है। क्योंकि यदि आप बैंक जैसे औपचारिक ऋण की ओर जाएँगे, तो आपको ज्यादा ब्याज का भुगतान करना पड़ सकता है।      

जरुरी लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन प्राप्त करें

  • सबसे पहले अपने बिजनेस को प्रोप्राइटरशिप के तहत रजिस्टर करवा लें।
  • स्थानीय प्राधिकरण जैसे नगर निगम/नगर पालिका से रजिस्ट्रेशन।
  • बिजनेस के नाम से चालू बैंक खाता खोलें।
  • दुकान के नाम से पैन कार्ड बनाएँ।
  • टैक्स रजिस्ट्रेशन जैसे जीएसटी रजिस्ट्रेशन करें।
  • और यदि आप चाहते हैं तो आप अपनी बर्तन की दुकान का बीमा भी करवा सकते हैं।      

दुकान के लिए बर्तनों का चयन करें

बर्तनों की लिस्ट इतनी लम्बी है, की शायद ही कोई ऐसी दुकान हो जहाँ सभी प्रकार के बर्तन मिलते हों। चूँकि भारत में अलग अलग खान – पान, रहन सहन को अपनाने वाले लोग रहते हैं, इसलिए इस्तेमाल होने वाले बर्तन भी इनके खान पान और जीवन शैली के हिसाब से अलग अलग हो सकते हैं।

यही कारण है की बर्तन की दुकान शुरू कर रहे उद्यमी को उस एरिया में स्थित माँग के अनुसार बर्तनों की एक लिस्ट बना लेनी चाहिए। इस लिस्ट के मुताबिक ही उसे बर्तनों को खरीदकर अपनी दुकान का हिस्सा बनाना चाहिए। लिस्ट बनाकर अपने पास रख लें, और बाद में जब आपकी दुकान का सेटअप पूरा हो जाय, तो इसी लिस्ट के मुताबिक सप्लायर से बर्तन मँगवा लें।

दुकान का सेटअप करें

आपको बिलिंग और ग्राहक को अटेंड करने के लिए एक काउंटर बनवाने की आवश्यकता होती है। छोटे बर्तनों को डिस्प्ले करने के लिए एक डिस्प्ले काउंटर भी बनवा सकते हैं। आप चाहें तो दुकान में इंटीरियर का काम कराने से पहले उस एरिया में पहले से मौजूद बर्तन की दुकानों का विजिट कर सकते हैं। जो चीज आपको उन दुकानों में अच्छी लगे, उसे अपनी दुकान के लिए भी कर सकते हैं।

इसके अलावा आप इस काम को और अधिक प्रभावी ढंग से करने के लिए किसी ऐसे इंटीरियर डिज़ाइनर की मदद ले सकते हैं। जिसे बर्तन की दुकानों का इंटीरियर डिजाइनिंग का अनुभव हो। दुकान का सेटअप आकर्षक होने के साथ सरल होना भी जरुरी है, ताकि ग्राहक को कोई भी बर्तन दिखाने और देने में आपको किसी प्रकार की परेशानी का अनुभव न हो।      

बर्तन की दुकान को प्रमोट करें

आप अपनी बर्तन की दुकान को कई तरीकों से प्रमोट कर सकते हैं। लेकिन इस तरह के बिजनेस में जो सबसे प्रभावशाली तरीका प्रमोट करने का है। वह है अपने ग्राहकों से अच्छा व्यवहार स्थापित करना, क्योंकि वे ग्राहक जो आपके द्वारा बेचीं गई चीज से संतुष्ट एवं आपके व्यवहार से खुश होते हैं। वे आपकी बर्तनों की दुकान का जिक्र अपनी जान पहचान वालों, सगे सम्बन्धियों इत्यादि से करते हैं ।

और किसी मौजूदा ग्राहक के मुहँ से की गई तारीफ आपकी बर्तन की दुकान को सफलता की बुलंदियों तक पहुँचाने का सामर्थ्य रखती है। शुरूआती दौर में आप अपने टारगेट ग्राहकों को ध्यान में रखकर होर्डिंग, बैनर भी लगा सकते हैं। और घर घर जाकर या अख़बार में पम्पलेट इत्यादि भी अपने ग्राहकों तक पहुँचा सकते हैं।    

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