हमारे देश में लोगों का आभूषणों के प्रति काफी लगाव रहा है। वर्तमान में Artificial Jewellery की भी माँग तेजी से बढ़ने लगी है। वैसे देखा जाय तो सोने, चाँदी, प्लेटिनम, हीरों से जड़ित आभूषणों को पहनना हमारे देश में काफी पसंद किया जाता है । और यह आज से नहीं बल्कि सदियों से भारतीय संस्कृति का हिस्सा रहा है। खास तौर पर लोग शादी- विवाह, पार्टी, एवं अन्य पारिवारिक समारोहों में सजना –सँवरना पसंद करते हैं और इस दौरान उन्हें आभूषण पहनना बेहद पसंद होता है।

लेकिन भारत जैसे विशालकाय देश में सोने, चाँदी, हीरे इत्यादि से निर्मित आभूषणों को खरीदना एक बहुत बड़े वर्ग की पहुँच से बाहर की बात है। इसके अलावा जिसके पास सोने के एक दो आभूषण होते भी हैं उन्हें शादी –विवाह जैसे समारोहों में और अधिक आभूषणों की आवश्यकता होती है। कहने का आशय यह है की असली आभूषणों की बढती कीमत के चलते उन्हें उस मात्रा में खरीद पाना कठिन है। इसी कारण पिछले कुछ सालों से Artificial Jewellery का बाज़ार काफी तीव्र गति से आगे बढ़ रहा है।

Artificial jewellery business in hindi

असली आभूषणों के मुकाबले इन्हें खरीदने में खर्चा बेहद कम होता है और दिखने में और सँवारने में ज्यादा फर्क नहीं दिखाई देता। यही कारण है की शादी में दुल्हन तक Artificial Jewellery से लदी हुई दिखाई दे सकती हैं। एक आंकड़े के मुताबिक भारत में कृत्रिम आभूषणों का व्यवसाय इस गति से आगे बढ़ रहा है की यह कुल सकल घरेलु उत्पाद में 5.9% का योगदान दे रहा है। इसलिए यदि आप कोई बिजनेस करने का विचार कर रहे हैं तो यह समय Artificial Jewellery Business शुरू करने के लिए उचित समय है।

Artificial Jewllery महिलाओं के लिए बढ़िया बिजनेस

हालांकि हम यहाँ पर यह नहीं कह रहे हैं की पुरुष इस तरह के बिजनेस को शुरू नहीं कर सकते। लेकिन Artificial Jewellery बिजनेस को घर से भी शुरू किया जा सकता है । इसलिए यह व्यवसाय भी महिलाओं के पसंदीदा व्यवसाय की लिस्ट में शामिल है । भारतीय परिवेश में अभी भी अधिकतर महिलाओं को घर सँभालने की जिम्मेदारी मिली हुई होती है, ऐसी महिलाएँ जो घर सँभालने के साथ साथ घर से ही कुछ करना चाहती है उनके लिए यह बिजनेस आईडिया बेहतरीन साबित हो सकता है।

2019 में शुरू हुई कोरोना महामारी ने लोगों के कामकाज और व्यवसाय को काफी प्रभावित किया था। इस महामारी के कारण जिनकी आय प्रभावित हुई उन्होंने अपनी कमाई दुबारा शुरू करने के लिए कुछ ऐसे कामों को करना शुरू किया जिन्हें वे अपने घर से ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से शुरू कर सकें। Artificial Jewellery का बिजनेस भी इनमें से एक था।

भारतीय महिलाओं ने अपने घर से ही फैशन उद्योग से सम्बंधित कई बिजनेस जैसे फैंसी आभूषण बनाने और उन्हें ऑनलाइन बेचने, कॉस्मेटिक उत्पाद ऑनलाइन बेचने और कृत्रिम आभूषण बनाने और उन्हें ऑनलाइन बेचने जैसे व्यवसाय शुरू किये। और जैसा की हम पहले भी बता चुके हैं की आभूषण पहनना भारतीय संस्कृति का हिस्सा रहा है, इसलिए कई ऐसी महिला उद्यमी भी थी जिन्होंने अपने Artificial Jewellery Business को बहुत आगे तक भी बढ़ाया।

कृत्रिम आभूषणों का बिजनेस अच्छा क्यों है?

Artificial Jewellery Business शुरू करने के कई फायदे हैं जो इसे एक बेहतरीन बिजनेस आईडिया की लिस्ट में शामिल करते हैं। इनमें से कुछ फायदे इस प्रकार से हैं।

  • सबसे पहला फायदा यही है की इस व्यवसाय को आप अपने घर से भी शुरू कर सकते हैं।
  • कृत्रिम आभूषण सोने, चाँदी, हीरे से निर्मित आभूषणों की तुलना में काफी सस्ते होते हैं। इसलिए हर आर्थिक वर्ग से जुड़ा व्यक्ति आपका संभावित ग्राहक हो सकता है।
  • चाहे आप Artificial Jewellery बनाने का बिजनेस कर रहे हों या फिर सिर्फ इन्हें बेचने का बिजनेस दोनों को आप काफी कम निवेश के साथ शुरू कर सकते हैं ।
  • वर्तमान में लोग अपने पहनावे के मुताबिक यानिकी कपड़ों के रंग इत्यादि के मुताबिक ही कृत्रिम ज्वेलरी पहनना भी पसंद कर रहे हैं। इसलिए एक महिला कई जोड़े कृत्रिम आभूषण खरीद सकती है।
  • चूँकि आप इन्हें ऑनलाइन स्टोर के माध्यम से भी बेच सकते हैं इसलिए आपको कोई दुकान इत्यादि किराये पर लेने की आवश्यकता नहीं होती है।
  • भले ही इसे शुरू करने की लागत बेहद कम हो, लेकिन इसका मतलब यह बिलकुल नहीं है की यह छोटा बिजनेस है बल्कि इसे छोटे से शुरू करके किसी भी स्तर तक ले जा सकते हैं ।         

Artificial Jewellery बिजनेस कैसे शुरू करें

इस तरह के व्यवसाय को आप दो तरह से शुरू कर सकते हैं। पहला तरीका यह है की आप खुद ही Artificial Jewellery का निर्माण करें और फिर खुद ही इन्हें ऑनलाइन प्लेटफॉर्म या सम्बंधित दुकानों के माध्यम से इन्हें बेचें। दूसरा तरीका यदि आपके पास इतना पैसा इस व्यवसाय में लगाने के लिए नहीं है की आप इनका निर्माण कर सकें। तो आप इन्हें केवल बेचने का बिजनेस शुरू कर सकते हैं । तो आइये सबसे पहले पहले तरीके के बारे में ही जान लेते हैं।

कृत्रिम आभूषणों का निर्माण और इन्हें बेचना

हालांकि Artificial Jewellery बनाने का बिजनेस शुरू करने में आने वाली लागत, मशीनरी, उपकरण, कच्चा माल इत्यादि इस बात पर निर्भर करता है की उद्यमी किस प्रकार और कौन सी सामग्री को माध्यम बनाकर कृत्रिम आभूषण बनाने का सोच रहा है।

आम तौर पर प्लास्टिक के साथ इलेक्ट्रोप्लेटेड, पीतल के साथ सिल्वर प्लेटेड और सिल्वर के साथ गोल्ड प्लेटेड इत्यादि का इस्तेमाल करके कृत्रिम ज्वेलरी का निर्माण किया जाता है। लेकिन कुछ में पत्थर, तांबा, सोने का आवरण चढ़ा के और अन्य धातुओं से भी इनका निर्माण कराया जाता है।

मशीनरी और उपकरण    

Artificial Jewellery बनाने का बिजनेस शुरू करने के लिए उद्यमी को निम्नलिखित मशीनरी और उपकरणों की आवश्यकता हो सकती है।

  • मशीन OZ क्षमता के साथ
  • हैण्ड इंजेक्शन मौल्डिंग
  • मौल्डिंग डाई
  • काम करने वाली मेज
  • जिग्स और फिक्सचर
  • हीट सीलिंग मशीन  

कच्चे माल के तौर पर उद्यमी को कई रंग के HDPE/LDPE granules के अलावा पत्थर, धातु, धागा, गोंद इत्यादि की भी आवश्यकता हो सकती है।

Artificial Jewellery को बेचने का बिजनेस

इस तरह का यह बिजनेस शुरू करने का दूसरा तरीका यह है की आप Artificial Jewellery का निर्माण करके नहीं, बल्कि उसे सस्ते दामों में खरीदकर लाभकारी दामों में बेचना चाहते हैं। यह पहले तरीके की तुलना में ज्यादा प्रचलित और कम लागत वाला है। क्योंकि इसमें न तो आपको दुकान चाहिए और न ही स्टोर इसे तो आप अपने घर से भी शुरू कर सकते हैं । क्योंकि इसमें आप अपने उत्पादों को ऑनलाइन बेच रहे होते हैं। तो आइये जानते हैं की कैसे आप Artificial Jewellery Business को अपने घर से भी शुरू कर सकते हैं।

किस तरह से बेचना चाहते हैं इसका निर्णय लें  

कृत्रिम आभूषणों का बिजनेस अपने घर से शुरू करने से पहले आपको इस बात का निर्णय लेना होगा की आप इसके लिए बेचने के कौन से स्वरूप को अपनाना चाहते हैं। आप निम्नलिखित तीन स्वरूपों में से इसका चुनाव कर सकते हैं।

थोक में कृत्रिम आभूषण खरीदना फिर बेचना

यदि आप अपने घर से ही Artificial Jewellery बिजनेस शुरू करना चाहते हैं तो सबसे पहले आपको उनसे संपर्क करना होगा जो कंपनियाँ कृत्रिम आभूषणों का निर्माण करती हों। और उनसे यह पता करना होगा की वे कम से कम कितनी मात्रा उन्हें थोक भाव में दे सकते हैं । इन्हें थोक भाव में खरीदना आपके लिए बेहद जरुरी है तभी आप इन्हें बेचकर लाभ कमाने में सक्षम हो पाएँगे।

रीसेलिंग बिजनेस

इस तरह के बिजनेस मॉडल में आपको किसी और के Artificial Jewellery Item ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से बेचने होंगे और प्रत्येक बिक्री पर कमीशन के तौर पर कमाई करनी होगी। इस तरह से इस बिजनेस को शुरू करने का सबसे बड़ा फायदा यह है की इसमें आपको किसी प्रकार का स्टॉक नहीं रखना है बल्कि आपको सिर्फ दुसरे के उत्पादों को ऑनलाइन प्रमोट करना है।

कृत्रिम आभूषणों की श्रेणी तय कीजिये

यह कदम Artificial Jewellery Business शुरू करने का सबसे अहम् कदम है। वह इसलिए क्योंकि कृत्रिम आभूषणों की रेंज काफी विस्तृत है और शुरूआती दौर में आप हर तरह की Artificial Jewellery को अपने व्यवसाय का हिस्सा नहीं बना सकते। और आपको बनाना भी नहीं चाहिए। इसलिए सबसे पहले आपको इनकी श्रेणी का चुनाव करना होगा श्रेणी का चुनाव करने में आपको आपका सप्लायर या जिस विनिर्माणकर्ता से आप कृत्रिम आभूषण खरीद रहे हैं मदद कर सकते हैं।

जरुरी लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन प्राप्त करें

यदि आप चाहते हैं की भविष्य में आप खुद का इस क्षेत्र में एक ब्रांड स्थापित करने वाले हैं। तो आपका सबसे पहला कदम अपने बिजनेस के लिए कोई नया एवं यूनिक नाम रखकर उसे मिनिस्ट्री ऑफ़ कॉर्पोरेट अफेयर्स की वेबसाइट पर रजिस्टर करना होगा। आप चाहें तो शुरू में प्रोप्राइटरशिप के तहत भी अपना बिजनेस शुरू कर सकते हैं। इसमें आपको हर दस्तावेज अपना ही देना होता है, लेकिन बिजनेस के नाम से चालू खाता और पैन अवश्य बनवा सकते हैं।

यहाँ पर ध्यान देने वाली बात यह है की यदि आप विभिन्न ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से Artificial Jewellery बेचना चाहते हैं। तो आपको टैक्स रजिस्ट्रेशन यानिकी जीएसटी रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य होगा। वह इसलिए क्योंकि बिना इसके अधिकतर ऑनलाइन प्लेटफोर्म विक्रेता को बेचने की इजाजत नहीं देते हैं।

प्रभावी मार्केटिंग भी जरुरी

एक उद्यमी के तौर पर आप इस बात का इंतजार नहीं कर सकते की ग्राहक आपके पास खुद चलकर आएगा । बल्कि आपको ग्राहक तक पहुँचने के लिए और उसे अपनी तरफ आकर्षित करने के लिए योजना और मार्केटिंग रणनीति बनानी होगी। मार्केटिंग सभी व्यवसाय चाहे वे छोटे हों या बड़े सभी के लिए बेहद जरुरी होती है।

इसलिए आपको अपने Artificial Jewellery Business को सफल बनाने का हर संभव प्रयास करना चाहिए। और ग्राहकों तक पहुँचने के जितने भी माध्यम हैं सबका इस्तेमाल करना चाहिए। शुरूआती दौर में आप चाहें तो सोशल मीडिया, सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन, कंटेंट मार्केटिंग, रेफरल मार्केटिंग, ईमेल मार्केटिंग इत्यादि का इस्तेमाल कर सकते हैं।

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